कमीना--अध्याय 5

 कमीना--अध्याय 5


writer-RAM




को रवि पर प्यार आ रहा था और वह उसके सर को सहलाती हुई उसके गालो को सहलाने लगी, और धीरे से रवि सो गया क्या, रवि जाग रहा था लेकिन उसने अपनी आँखे बंद रखी और कोई रिप्लाइ नही किया, पायल ने एक बार और उसे थोडा हिला कर रवि सो गया क्या, रवि चुपचाप पड़ा रहा, पायल रवि को थोड़ी देर देखती रही फिर जब उससे रहा नही गया तो उसने धीरे से अपने चेहरे को आगे ले जाकर रवि के माथे पर किस कर दिया, और फिर रवि को देखने लगी लेकिन उसका मन नही भरा और इस बार पायल जो करने का सोच रही थी उसकी वजह से


उसका दिल तेज-तेज धड़कने लगा, वह अपने चेहरे को आगे ले जाती है और फिर अपने होंठो को धीरे से रवि के होंठो पर


रख कर एक गहरा चुंबन लेती है, जब पायल रवि के होंठो पर अपने होंठ रख देती है तो उसकी चूत पूरी गीली हो जाती है


और उसे एक अजीब से आनंद की अनुभूति होती है,


पायल अपने आप को रोक नही पाती है और उसके जिस्म से अपने गदराए जिस्म को पूरी तरह चिपका कर रवि के होंठो पर फिर से अपने रसीले होंठो को रख देती है और उसका गरम जिस्म पूरी तरह रवि से सटा लेती है उसकी चूत की नसे कूदने लगती है


और उसकी चूत का खड़ा हुआ दाना और ज़्यादा तन कर फड़काने लगता है, पायल के दूध के मोटे-मोटे निप्पल बिल्कुल कड़े


होकर तन जाते है, पायल धीरे-धीरे रवि के होंठो को अपने होंठो से बार-बार दबाती है फिर हटती है और फिर अपने


होंठो से दबा लेती है, रवि की नाक मे उसकी दीदी के गदराए जिस्म की मादक खुसबू बहुत उत्तेजना पेदा कर देती है और


उसे अपनी दीदी द्वारा की गई हरकत से बहुत ज़्यादा सुकून मिलता है वह चुपचाप सोने की आक्टिंग करते हुए लेटा रहता है,


कुछ देर बाद पायल से रहा नही जाता है और वह डरते हुए लेकिन हिम्मत करके रवि के हाथ को पकड़ कर अपनी मोटी-मोटी तनी हुई गदराई चुचियो पर धीरे से रख देती है और फिर रवि के हाथ के पीछे अपना हाथ ले जाकर उसके हाथ को अपने दूध पर धीरे-धीरे दबाने लगती है और फिर से रवि के होंठो पर अपने रसीले होंठ रख कर दबाने लगती है, रवि


उसकी इस हरकत से पागल हो जाता है और सोने की आक्टिंग करते हुए अपनी एक टांग को उठा कर पायल की कमर मे डाल कर उससे


कस कर चिपक जाता है और पायल अपने भाई की बाँहो मे कस जाती है और अब उससे रहा नही जाता है और वह अपने भाई से ज़ोर से चिपक जाती है और उसके होंठो को चूमने लगती है, उसके दोनो मोटे-मोटे दूध रवि की छाती से कस कर दबे हुए थे और रवि ने उसकी कमर मे हाथ डाले हुए उसकी जाँघो और मोटी गान्ड को अपने पेर को डाल कर कस रखा था, पायल पूरी गीली हो चुकी थी और रवि उसकी स्थिति को समझ गया था और उसने मोके का फयडा उठाते हुए पायल को कस कर अपने सीने से लगाते हुए उसके रसीले होंठो को अपने मुँह मे भर कर चूसना चालू कर दिया, पायल यह जान कर की रवि जाग गया है उससे छूटने की कोशिश करने लगी लेकिन रवि ने अपनी दीदी के गदराए कसे हुए दूध को बड़ी बेरहमी से मसलना शुरू कर दिया और पायल उसकी इस हरकत से तड़प गई, आह रवि छोड़ ये क्या कर रहा है


रवि- दीदी अब मुझे मत रोको आज मे तुम्हारी गदराई जवानी का सारा रस पी लेना चाहता हू


पायल- आह, आह रवि ये ग़लत है प्लीज़ छोड़ दे मुझे


रवि- अब क्या ग़लत है और क्या सही मे कुछ नही जानता और पायल की स्कर्ट उठा कर सीधे उसकी गान्ड के उपर हाथ ले जाकर उसकी पेंटी के अंदर हाथ डाल कर उसकी गदराई गान्ड के छेद मे हाथ की उंगलिया कस कर उसे अपनी ओर खीच लेता है, उसकी इस हरकत से पायल सिहर जाती है, रवि पायल के मोटे-मोटे गदराए चुतडो को अपने हाथ से बेरहमी से दबाने लगता है और दूसरे हाथ से पायल की कसी हुई चुचियो को ज़ोर-ज़ोर से मसल्ने लगता है, पायल उससे छूटने की कोशिश करती है लेकिन रवि


की पकड़ काफ़ी मजबूत होती है और पायल के हाथ पेर ढीले पड़ जाते है, रवि अचानक पायल के उपर चढ़ जाता है और


उसके गदराए तने हुए दूध को अपने दोनो हाथो मे भर कर बुरी तरह दबाते हुए मसल्ने लगता है और अपने


होंठो से पायल के रसीले होंठो को चूसने लगता है, पायल तड़प कर रह जाती है और उसका विरोध ख़तम हो जाता है और


उसकी चूत पानी-पानी हो जाती है, उसका चेहरा पूरा लाल हो जाता है और उसकी आँखे बंद हो जाती है, तभी रवि अचानक अपना एक हाथ नीचे ले जाकर पायल की पेंटी मे हाथ डाल कर उसकी फूली हुई गदराई चूत को अपनी हथेली के पंजो से पकड़ कर बुरी तरह कस लेता है और पायल आह करते हुए बेकाबू हो जाती है, पायल कुछ समझ पाती उससे पहले ही रवि उठ कर अपनी दीदी की दोनो जाँघो को पकड़ कर फैला देता है और अपने मुँह को सीधे उसकी चूत मे पेंटी के उपर से ही रख कर दबा लेता है, पायल अपनी जाँघो को चिपकाने की कोशिश करती है लेकिन रवि उसकी पेंटी मे कसी फूली हुई चूत की मादक खुसबू लेता हुआ उसकी चूत को पागलो की तरह अपने मुँह से दबाने लगता है,


रवि अचानक पायल की चूत से अपना मुँह हटा कर उसे छोड़ता हुआ बैठ कर उसको देखने लगता है, उसकी इस हरकत पर पायल एक दम से रवि की ओर देखती है और रवि को मुस्कुराता हुआ देख कर अपने चेहरे को अपने हाथो से छुपा लेती है, रवि बिल्कुल शांत बैठा हुआ पायल को मुस्कुराता हुआ देखता रहता है और जब वह कुछ नही करता तो पायल अपने चेहरे से अपना हाथ हटाकर रवि को एक बार फिर देखती है और जब उसकी नज़र अपने भाई से मिलती है तो वह मुस्कुरा कर करवट ले कर अपने मुँह को तकिये से छुपा लेती है, रवि के सामने पायल की पेंटी मे कसी गदराई गान्ड आ जाती है और रवि एक दम से पायल की पेंटी के एलास्टिक मे अपनी उंगलिया फसा कर उसकी पेंटी को उसकी मोटी गान्ड से नीचे खिसका देता है और पायल क़ी


गान्ड पूरी उसके सामने नंगी हो जाती है, रवि अपनी दीदी के मस्त भरे हुए गदराए चुतडो को देख कर सीधे अपना मुँह


उसके चुतडो मे भर देता है और पागलो की तरह अपनी दीदी के भारी-भारी फैले हुए चुतडो को अपने मुँह से चूमने


लगता है, रवि अपनी दीदी की नंगी गान्ड के पास बैठ कर उसकी गदराई गान्ड को देख कर पागल हो जाता है और अपनी दीदी के मोटे चुतडो को अपने हाथ से फैलाकर उसके चुतडो की दरार मे अपना मुँह डाल कर उसकी गुदा को पागलो की तरह चूमने और चाटने लगता है पायल अपनी मुत्ठियो से चादर को पकड़े हुए बुरी तरह सीसियाती हुई अपनी मोटी गान्ड अपने भाई से चटवाने लगती है,


तभी रवि पायल की पेंटी को पूरी उसके परो से अलग कर देता है और अपनी दीदी को पूरी नंगी कर देता है और पायल को सीधा लिटा देता है तो पायल अपने मुँह को अपने हाथो से छुपा लेती है, रवि अपनी दीदी की चिकनी फूली हुई गदराई चूत को देखते ही अपना मुँह उसमे भर कर उसकी चूत को चूमने लगता है और पायल सीसीयाने लगती है,


रवि- हाय दीदी तुम्हारी चूत कितनी खूबसूरत है, उसकी बात सुनकर पायल मुस्कुरा कर उसकी छाती मे लात मारती है और रवि उसकी टॅंगो को पकड़ कर उपर की ओर मोड़ कर जब अपनी दीदी की फटी हुई गुलाबी चूत और गदराई फूली हुई चूत की फांको को देखता है तो अपने होंठ खोल कर अपना मुँह सीधा अपनी दीदी की चूत मे भर कर उसे खूब कस-कस कर चाटने लगता है


और पायल आह, आह, आह रवि प्लीज़ छोड़ दे आह रवि आह आह करने लगती है, रवि अपनी दीदी की रसीली बुर को उपर से लेकर नीचे तक चाटने लगता है और उसके रस को उसकी चूत के गुलाबी छेद मे जीभ डाल-डाल कर चूसने लगता है, रवि की इस भयानक चुसाइ से पायल जल बिन मछली की तरह तड़पने लगती है, और उसकी मोटी गान्ड हरकत मे आकर हिलने लग जाती है


रवि अपनी दीदी की रसीली बुर को चाट-चाट कर लाल करने लगता है, जब पायल ज़ोर-ज़ोर से सीसीयाने लगती है और कहने लगती है


आह रवि आह, रवि प्लीज़ रवि आह रवि मे मर जाउन्गि आह,आह प्लीज़ रवि और ज़ोर से आह आह ओह ओह रवि प्लीज़ आह,


पायल की ऐसी स्थिति देख कर रवि मुस्कुरा देता है और एक दम से पायल को छोड़ कर बेड से नीचे उतरने लगता है, पायल उसको इस तरह अचानक उतरते देख कर उसका हाथ पकड़ते हुए


पायल- कहाँ जा रहा है, पायल का चेहरा उस समय वासना की आग मे लाल हो रहा था


रवि- नही दीदी यह ग़लत है


पायल- उसको मुक्का मारती हुई, कुछ ग़लत नही है और उसको अपनी ओर खीच कर अपनी चूत की ओर धकेलने की कोशिश करती है,


रवि वापस खड़ा होता हुआ, नही दीदी मे तुम्हारे साथ ऐसा नही कर सकता


पायल- गुस्से से लाल होती हुई उसको उठ कर मारते हुए, कमिने यह सब पहले सोचना था अब तू मुझे छोड़ कर नही जा


सकता और उठ कर उससे कस कर चिपक जाती है, और रवि को पागलो की तरह चूमने लगती है, रवि खड़ा-खड़ा ही अपनी दीदी को अपने सीने से चिपका लेता है और


रवि- मुस्कुराता हुआ उसको अपनी बाँहो मे भर कर, क्या तुम अपने भाई से अपनी चूत मर्वओगि


पायल- हाँ


रवि- उसके मोटे-मोटे पके आमो को दबाता हुआ, क्या तुम्हे बहुत अच्छा लग रहा है


पायल- हाँ


रवि- अपने हाथ को उसकी चूत के उपर ले जाकर उसकी चूत की फांको मे अपनी उंगली को रगड़ते हुए, क्या तुम मुझसे अपनी चूत चटवाना चाहती हो


पायल- हू


रवि- उसका चेहरा अपने हाथो से थाम कर उपर उठाता है और पायल अपनी आँखे खोल कर उसको देखती है, रवि उसकी बुर


को अपने हाथो से सहलाता हुआ उसके रसीले होंठो को जैसे ही चूमने के लिए अपने होंठ आगे बढ़ाता है पायल अपनी


आँखे बंद कर लेती है और रवि उसके होंठो को चूम कर अपने मुँह को उसके कान के पास ले जाकर,


रवि-दीदी मेरे मुँह के उपर बैठोगी, पायल उसकी बात सुन कर उससे खूब कस कर चिपक जाती है और रवि उसके शर्ट के बटन खोल कर उसको पूरी नंगी कर देता है तब पायल भी रवि की शर्ट को उतार देती है और जब रवि अपनी दीदी के नंगे गदराए दूध को अपनी नंगी छाती से चिपकता है तो उसे ऐसा लगता है जैसे यह पल यही ठहर जाए, वह एहसास दोनो को इतना मज़ा देता है कि दो मिनिट तक दोनो अपने नंगे जिस्म को एक दूसरे से चिपकाए खड़े रहते है, उसके बाद रवि बेड पर बैठ कर सीधा लेट जाता है और पायल की एक टांग पकड़ कर अपने उपर चढ़ा लेता है और पायल की मोटी गदराई गान्ड को पकड़ कर अपनी ओर खींच कर उसकी फूली हुई चूत को अपने मुँह मे रख कर उसकी चूत को कस-कस कर चूसने लगता है


और पायल पागलो की तरह अपने भाई के मुँह के उपर अपनी चूत धर कर रगड़ने लगती है


रवि अपनी दीदी की चूत की फांको को खूब फैला-फैला कर चाटने लगता है, अपने हाथ अपनी दीदी की मोटी चुचियो पर ले


जाकर उसे दबाने लगता है लगभग 20 मिनिट तक रवि अपनी दीदी की चूत को चाट-चाट कर लाल कर देता है और पायल उसके मुँह पर ही झाड़ जाती है, और फिर पायल हाँफती हुई रवि के साइड मे आकर लेट जाती है और रवि भी उसकी ओर मुस्कुरा कर देखने लगता है, दो मिनिट बाद रवि पायल से फिर से चिपक कर उसके दूध को कस कर दबाते हुए उसके रसीले होंठो को चूम लेता है तो पायल अपनी आँखे खोल देती है.



रवि- पायल की फूली हुई चूत मे हाथ फेरता हुआ, दीदी मुझसे अपनी चूत मर्वओगि, मुझे आपकी चूत बहुत अच्छी लगती


है


पायल- उसे प्यार से देखती हुई, झूठ मत बोल तुझे तो हर औरत की चूत अच्छी लगती है, तू तो हर औरत को चोदने की नज़र से देखता है, बोल मे सही कह रही हू ना


रवि- पायल के मुँह को चूमते हुए, माइ स्वीट दीदी तुम अपने भाई के बारे मे कितना जानती हो


पायल- अच्छा सच-सच बता तू और किसकी चूत मारना चाहता है


रवि- उसकी चूत को अपने हाथो से दबोचता हुआ, सबसे पहले तो तुम्हारी ही चूत मारना चाहता हू


पायल- और सोनिया को भी चोदना चाहता है ना


रवि- पायल का मुँह चूमते हुए हाँ


पायल- और तू भाभी को भी नंगी देखने के लिए मरा जा रहा है ना


रवि- पायल को खीच कर उसके मोटे-मोटे दूध को कस कर दबोचता हुआ, हाँ दीदी भाभी की गदराई जवानी जब से देखी है


मेरा लंड उसके नाम पर बहुत खड़ा होने लगा है


पायल- उसके तने लंड को पेंट के उपर से मसल्ते हुए जब छूती है तो उसके मुँह से बाप रे निकल जाता है


रवि- दीदी खोल कर देखो ना और रवि अपनी पेंट उतार देता है और जब अपने लंड को बाहर निकालता है तो पायल अपनी आँखे फाडे हुए उसके मोटे लंड को देखने लगती है


रवि- पायल का हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख देता है और उसे अपनी बाँहो मे भर कर उसके रसीले होंठो को


बेतहाशा चूमने लगता है, पायल रवि के मोटे लंड को अपने हाथो से दबा-दबा कर उसकी लंबाई और चौड़ाई का जयजा


लेने लगती है और उसकी चूत मे पानी आ जाता है और वह रवि के लंड को अपने हाथो से कस कर भींच लेती है


रवि- दीदी कैसा है मेरा लंड


पायल- बहुत मोटा है


रवि- अपनी दीदी की चूत को कस कर अपनी हथेलियो मे दबोचते हुए, दीदी तुम बहुत दिनो से मेरा लंड अपनी चूत मे लेने


के लिए तड़प रही हो ना


पायल- उसके मोटे लंड को भिचते हुए तू भी मेरी चूत मारने के लिए मरा जा रहा है ना


रवि- हाँ दीदी मे तो तुम्हे ना जाने कब से नंगी करके चोदने के लिए तड़प रहा हू


पायल- तू बड़ा कमीना है, तू भाभी को भी चोदना चाहता है ना,


रवि- हाँ दीदी पर भाभी को तो मेने अभी तक नंगी नही देखा लेकिन जब से तुम्हारी इस गदराई गान्ड को नंगी देखा है मे


इसके लिए पागल हू और रवि पायल की मस्तानी गदराई गान्ड को अपने हाथो से कस-कस कर मसल्ने लगता है


पायल रवि के आंड को अपने हाथो से सहलाने लगती है तभी रवि उठ कर पायल की जाँघो को फैला कर उसकी चूत मे अपना मुँह रख देता है और पायल सीसियाते हुए अपने भाई के मोटे लंड को अपने हाथो मे जाकड़ कर उसको अपने मुँह मे भर लेती है और दोनो एक दूसरे की चूत और लंड को पागलो की तरह चाटने लगते है, रवि अपनी दीदी की फूली हुई चूत की फांको को अपने हाथो से खूब फैला-फैला कर चाटने लगता है और उसकी चूत के गुलाबी छेद मे अपनी जीभ डाल देता है पायल उसके आंड्को को अपने हाथो मे भरती हुई उसके लंड के टोपे को अपने मुँह मे भर कर कस कर चूसने लगती है, कुछ देर बाद दोनो उठ कर एक दूसरे की आँखो मे देखते है और रवि पायल को खीच कर अपने गोद मे चढ़ा लेता है और पायल पूरी नंगी अपने भाई से कस कर चिपक जाती है, रवि पायल के गालो को अपने हाथो से सहलाता हुआ उसके रसीले होंठो को चूस्ता है और पायल की चूत की फांको के बीच रवि का लंड हरकत करता रहता है


रवि- दीदी आज हमारे घर मे दो-दो सुहागरात एक साथ मनाई जा रही है, आज दो-दो कुवरीयो की सील एक साथ टूटेगी


पायल- सीसियाती हुई, रवि अब मुझसे सहा नही जा रहा है मुझे चोद ना


रवि- पायल की बात सुन कर मुस्कुराता हुआ क्या दीदी


पायल- उसको मुक्का मारती हुई, उसको मुस्कुरा कर देखती है, तुझे एक बार मे समझ नही आता क्या


रवि- एक बार और कहो ना क्या कह रही थी


पायल- मुस्कुरा कर रवि के होंठो को चूमते हुए, अपनी दीदी को कस कर चोद दे भैया, फाड़ दे अपनी दीदी की चूत को


रवि- पायल के मुँह से यह सुन कर उसे अपनी बाँहो मे भर कर कस कर उसके मोटे-मोटे दूध को मसलता हुआ उसके रसीले होंठो को चूमने लगता है और पायल उसके लंड को अपनी मोटी गदराई गान्ड उठा कर अड्जस्ट करने लगती है


रवि पायल को नंगी ही अपनी गोद मे उठा कर खड़ा हो जाता है और पायल उसके दोनो ओर अपनी टाँगे करे उससे चिपक जाती है रवि का मोटा लंड पायल की गान्ड के छेद से सटा रहता है, रवि पायल को बेड पर लेटा देता है और उसके मुँह के पास आकर उसके होंठो को चूमता हुआ


रवि- दीदी मेरे लंड को देखो सह लोगि ना तुम


पायल- उसके मोटे लंड को अपने हाथ मे कस कर दबाते हुए, तू मेरी फिकर मत कर तेरा पूरा लंड एक ही बार मे खा जाउन्गि मे, अब देर मत कर रवि देख मेरी चूत का क्या हाल है और रवि को अपनी चूत फैला कर दोनो जाँघो को हवा मे उठा कर अपना मस्ताना भोसड़ा दिखाती है, रवि अपनी दीदी की चिकनी फूली हुई बुर को देख कर उसको अपने मुँह मे भर लेता है और एक बार खूब ज़ोर से उसको पूरी बुर को अपनी जीभ से गीला करता हुआ अपने लंड को अपनी दीदी की गुलाबी फूली हुई चूत मे लगा कर उसकी केले के समान तनी हुई जाँघो को फोल्ड करते हुए पायल की गदराई गान्ड को दबोच कर एक तगड़ा धक्का अपनी दीदी की चूत मे मार देता है और उसका आधा लंड पायल की रसीली चूत को फाड़ता हुआ अंदर फस जाता है और पायल आह मर गई रे कह कर ज़ोर से चिल्लाति है और रवि जल्दी से उसके मुँह पर हाथ रख कर उसकी आवाज़ को बंद करता हुआ, अभी तो कह रही


थी एक ही बार मे पूरा लंड खा जाओगी अब क्या हुआ,


पायल अपने पेरो को इधर उधर मारती हुई आह रवि बहुत दर्द हो रहा है प्लीज़ एक बार निकाल ले, रवि ठीक है और रवि उसकी जाँघो को अपने हाथ मे कस कर पकड़ता हुआ दूसरा धक्का कुछ ज़्यादा ही तेज अपनी दीदी की चूत मे मार देता है और पायल एक दम अकड़ जाती है और उसकी आँखे पलट कर बंद हो जाती है और रवि उसके उपर आकर लेट जाता है और पायल उसको अपने


उपर से धकेल्ति हुई रवि मर जाउन्गि प्लीज़ रवि निकाल ले आह आ. रवि पायल के मोटे-मोटे दूध को अपने हाथो मे भर


कर कस-कस कर दबाता हुआ उसकी चूत मे धीरे-धीरे लंड अंदर बाहर करना शुरू कर देता है और पायल गहरी-गहरी


साँसे लेती हुई कराहने लगती है, रवि अपनी दीदी को धीरे-धीरे चोदता हुआ


रवि- दीदी तुम्हारी चूत बहुत मस्त है कितना कसा हुआ मेरा लंड अंदर जा रहा है


पायल- सीसियाते हुए, तेरे लंड ने मेरी चूत फाड़ दी है रवि, आह क्या धीरे-धीरे छू रहा है थोड़ा कस-कस कर मार ना


मेरी चूत, बहुत खुजली हो रही है आह आहह, रवि अपनी दीदी की बात सुन कर उसकी चूत मे अपने लंड के तगड़े धक्के मारने लगता है और पायल अपनी मोटी गान्ड को उठा-उठा के रवि के लंड के धक्को का जवाब देने लगती है,


पायल- आह,आह हाय रवि मुझे क्या मालूम था कि चूत मराने मे इतना मज़ा आता है नही तो मे कब की तुझसे चुद गई


होती और चोद, खूब चोद, कस के चोद मेरे भैया, आज अपनी दीदी की चूत को चोद-चोद के फाड़ दे आ,आ,आ


रवि पायल के होंठो को चूमता हुआ उसके गदराए दूध को कस कर दबाते हुए अपने लंड की करारी ठोकर अपनी प्यारी दीदी


की मस्तानी चूत मे मारने लगता है और उसका मोटा लंड उसकी बहन की चूत मे सतसट अंदर बाहर होने लगता है, पायल


पागलो की तरह रवि को चूमने लगती है और उसके हर धक्के के साथ अपनी गदराई मोटी गान्ड को उपर उठा कर अपनी चूत को रवि के लंड पर मारने लगती है, पायल की चूत उसके चूत रस से पानी-पानी हो जाती है और वह आसमान मे उड़ने लगती है,


रवि अपनी दीदी को कस-कस कर चोदना शुरू कर देता है उनकी चुदाई की फ़च-फ़च की आवाज़ पूरे कमरे मे गुजने लगती


है, पायल आह आह ओह ओह का स्वर निकालते हुए रवि को पूरी तरह कस लेती है और अपनी चूत को रवि के लंड मे कस कर अपनी गान्ड को और उपर उठा लेती है, रवि अपनी बहन की गदराई गान्ड के नीचे अपने हाथ को लगा कर उसके भारी चुतडो को दबोच लेता है और अपनी दीदी को कस-कस कर ठोकने लगता है और पायल एक दम आहह करते हुए अकड़ जाती है और रवि सतसट अपने लंड को अपनी दीदी की चूत मे मारता हुआ उसकी चूत की गहराई मे जाकर अपने लंड को पूरा फसा कर अपने लंड से रुक-रुक कर लंबी पिचकारी मारने लगता है और उसकी पिचकारी की मार पायल के गर्भ तक महसूस होने लगती है और पायल भी रवि के साथ कस कर चिपकती हुई बह जाती है,


दोनो भाई बहन लंबी-लंबी साँसे लेते हुए हफ्ते रहते है और दोनो की आँखे बंद रहती है, करीब दो मिनिट तक रवि


अपनी बहन पर चढ़ा हांफता रहता है उसके बाद रवि जैसे ही उठने लगता है पायल उसको अपनी बाँहो मे जाकड़ लेती है और फिर से अपनी कमर हिलाने लगती है, पायल तब तक रवि के लंड को अपनी चूत मे दबोचे हिलती रहती है जब तक कि रवि का लंड उसकी चूत से खुद ही बाहर नही आ जाता है, उसके बाद रवि अपनी दीदी के उपर से उठ कर अपने लंड को चादर से पोछता है और फिर अपनी दीदी की ओर देखता है तो पायल उसको देख कर मुस्कुराती है तब रवि उसको देख कर मुस्कुराते हुए अपनी आँख मार देता है, पायल उसकी हरकत पर मुस्कुरा कर उसके बाजू मे एक हाथ कस कर मारती हुई, कमीना कही का, और फिर पायल नंगी ही उठ कर खड़ी हो जाती है और अपनी गदराई मोटी गान्ड को मतकाती हुई बाथरूम की ओर जाने लगती है, रवि अपनी


दीदी की गदराई मस्तानी गान्ड की थिरकन को ललचाई नज़रो से देखता है तभी पायल पलट कर रवि को देखती है और जब उसे अपने मोटे-मोटे फैले हुए गदराए चुतडो को देखता पाती है तो हस कर वही झुक कर अपने हाथो से अपनी गान्ड को फैला कर अपनी मोटी गान्ड के छेद को रवि को दिखा देती है, रवि उसकी इस हरकत से पागल हो जाता है और उठ कर पायल की और जाने लगता है और पायल मुस्कुरा कर भाग कर बाथरूम मे घुस जाती है और जैसे ही दरवाजा बंद करने लगती है


रवि हाथ अदा कर रोक देता है और खुद भी बाथरूम मे घुस जाता है,



यल- रवि क्या कर रहा है मे आती हू ना बाहर मुझे पेशाब तो कर लेने दे


रवि - मे भी देखुगा तुम कैसे मुतती हो


पायल- रवि तू बाहर जा मुझे तेरे सामने नही मुतना है


रवि- ओफ्फ हो दीदी मेरे सामने नंगी खड़ी हो फिर भी शर्मा रही हो


पायल- लेकिन रवि,


रवि- लेकिन-वेकीन कुछ नही अब जल्दी करो


पायल- रवि को देख कर मुस्कुराते हुए, अच्छा करती हू


और बैठने लगती है तो रवि उसका हाथ पकड़ कर, नही दीदी बैठ कर नही खड़ी होकर करो


पायल- तू पागल है क्या खड़ी होकर मुझसे नही बनता है


रवि - सब बन जाएगा तुम करो तो सही और पायल को पीछे से हाथ डाल कर एक हाथ से उसकी गुदा और दूसरे हाथ से उसके दूध को मसलता हुआ, मेरा मुँह क्या देख रही हो करो ना


पायल- खड़ी-खड़ी ही रुक-रुक कर मूतने लगती है और रवि उसकी चूत को सहलाने लगता है, पायल की आँखो मे कुछ शर्म


सी आ जाती है और वह रवि से चिपक जाती है रवि उसको वही बैठा कर उसकी चूत मेपानी डाल कर उसको रगड़-रगड़ कर


धोने लगता है, रवि पायल की चूत के छेद मे उंगली डाल-डाल कर उसकी चूत पर ठंडा पानी डाल-डाल कर उसकी चूत को धो देता है उसके बाद रवि पायल को लेकर बाहर आ जाता है और बाथरूम के गेट पर रुक जाता है पायल दो कदम आगे चल कर पलट कर


पायल- क्या हुआ तू रुक क्यो गया


रवि- उसके भारी चुतडो को देखता हुआ कुछ नही तुम चलो तो


पायल- मुस्कुरा कर मे जानती हू तू क्यो रुक गया, तू मेरी गदराई मोटी गान्ड की थिरकन देखना चाहता है ना


रवि- मुस्कुरा कर, दीदी तुम बहुत समझदार हो, तुम्हे तो मेरी बीबी होना चाहिए था


पायल- तो कौन सा तू मेरे साथ भाई बहन वाले काम करता है, चोदता तो अपनी बीबी की तरह ही है


रवि- नही दीदी, जितना मज़ा अपनी जवान दीदी को चोदने मे आता है उतना मज़ा शायद अपनी बीबी को भी चोदने मे नही


आता होगा, और जब तुम्हारी शादी होगी तो तुम्हे भी उतना मज़ा अपने पति से चुदवाने मे नही आएगा जितना मज़ा तुम्हे


अपने भाई से चुदवाने मे आया होगा


पायल- मुस्कुरा कर तूने कहाँ से सीखा यह सब, इसीलिए तू अपनी दीदी को चोदने के लिए तड़प रहा था


रवि- पायल के पास आकर उसके रसीले होंठो को अपने मुँह मे भर कर चूमता हुआ, क्या तुम मेरे लंड को अपनी चूत मे


लेने के लिए नही तड़प रही थी,


पायल- मे तो बहुत तड़प रही थी लेकिन तुझे तो मुझसे अच्छी लड़किया भी चोदने को मिल जाती फिर तू मेरे ही पीछे हाथ


धोकर क्यो पड़ा हुआ था,


रवि- दीदी मुझे लड़किया तो बहुत पसंद आई लेकिन जब मे तुम्हे नंगी करके चोदने की कल्पना करता हू ना तो मुझे एक


अलग ही मज़ा आता है, तुम्हारी नशीली गदराई जवानी की बात ही अलग है, उपर से जब मे सोचता हू कि तुम मेरी दीदी हो तो


मेरे लंड मे एक अलग ही तनाव आता है और मे तुम्हे पूरी नंगी करके अपनी बाँहो मे भर लेना चाहता हू,


पायल- रवि के मोटे लंड को अपने हाथो मे भर कर उससे चिपकती हुई, रवि अब तुझे मुझको रोज चोदना पड़ेगा मे तेरे


बिना नही रह सकती हू


रवि- दीदी तुम फिकर क्यो करती हो आज से तुम रोज अपने भाई के साथ नंगी ही सोऑगी और तुम्हारा भाई अपनी दीदी को रोज कस कर चोदेगा, मे भी तुम्हारे बिना नही रह सकता हू,


पायल- लेकिन रवि अब भाभी हमारे घर मे आगाई है इसलिए तू अपनी हर्कतो पर कंट्रोल रखेगा और हमे बहुत


सावधानी से काम करना होगा उन्हे अगर ज़रा भी भनक लगी तो भैया हमारी जान ले लेंगे,


रवि- पायल को अपने गोद मे उठा कर अपने सीने से चिपका लेता है और पायल नंगी ही उसकी कमर के आसपास अपने पेरो को लपेट कर उससे चुपक जाती है और रवि अपने लंड को पायल की चूत मे सेट करके उसे सॅट से अपने लंड पर बैठा लेता है और उसका लंड उसकी दीदी की चूत फाड़ता हुआ अंदर समा जाता है और पायल रवि का मुँह चूमते हुए उससे चिपक जाती है



रवि आराम-आराम से पायल की मोटी गदराई गान्ड को अपने हाथो से थामे उपर नीचे करने लगता है और पायल अपने भाई के उपर चढ़ि अपनी चूत मारती रहती है,


रवि- दीदी यह तो तुम सच कह रही हो की भाभी के आने से हमे सावधानी रखनी होगी लेकिन अगर मे भाभी को भी चोद


दू तो फिर तो हमारी सारी टेन्षन ख़तम हो जाएगी


पायल- बड़ा आया भाभी को चोदने वाला, तूने सब को अपनी दीदी की तरह समझ रखा है क्या, भाभी से कोई उल्टी बात कर


भी मत देना नही तो इतने जूते खाएगा की गिनना भी मुश्किल हो जाएगा,


रवि- दीदी अच्छा ये बताओ तुम एक तेज नेचर की लड़की थी ना,


पायल- हाँ तो


रवि- दीदी जब मे तुम्हे फसा कर चोद सकता हू तो फिर भाभी क्या चीज़ है


पायल- देख रवि हर चीज़ को मज़ाक मे मत लिया कर तू ज़रूरत से ज़्यादा कॉन्फिडेंट मत हुआ कर किसी दिन तेरा ओवरकॉन्फिडेंट तुझ पर भारी पड़ेगा


रवि- पायल के दूध को अपने हाथो मे भर कर दबाता हुआ उसके रसीले होंठो को चूम कर, अच्छा दीदी मेरे एक सवाल


का जवाब दो


पायल- आह क्या


रवि- दीदी मान लो तुम्हारी शादी हो गई होती और तुम्हारा देवेर किसी दिन तुम्हारे पास खड़ा हुआ बाते करते-करते अचानक


तुम्हारी मोटी गान्ड को अपने हाथो से सहला देता तब तुम यह बात अपने पति को बताती कि नही,


पायल- कुछ सोच कर नही


रवि- पर क्यो नही बताती


पायल- इसलिए कि ऐसी बात अगर मे अपने पति से करती तो हो सकता है उल्टे वो मुझे ही ग़लत समझ लेते और अपने भाई पर उन्हे पूरा विश्वास होता, तब मे सही होते हुए भी उनकी नज़र मे बिना कारण ही ग़लत हो जाती


रवि- बिल्कुल सही कहा तुमने आंड दिस ईज़ फॅक्ट, यही होता भी है हमरे कल्चर मे औरत अक्सर ऐसी बाते किसी से शेर नही करती जिनमे उन्हे अपनी ही इज़्ज़त का ख़तरा हो, मेरे ख्याल से तुम समझ गई होगी कि मे क्या कहना चाहता हू


पायल- पर रवि कुछ औरते ऐसी भी होती है जो यह सब नही सोचती और सीधे आदमी को मरवा देती है


रवि- दीदी तुम अपने कमिने भाई को जानती नही हो, भाभी को तो मे चोद कर ही रहुगा उसके लिए मुझे चाहे जो करना


पड़े, उसकी गदराई जवानी देख कर तो मे उसे फोटो देख कर ही चोद चुका हू, पर दीदी तुम्हे मेरा थोड़ा साथ देना


होगा,


पायल- रवि के उपर से उतरती हुई, मे तेरा साथ क्यो दू


रवि- दीदी तुम समझती नही हो यह हम दोनो के लिए बहुत ज़रूरी है कि भाभी को भी हम अपने खेल मे शामिल कर ले


वरना किसी दिन हम पकड़े गये तो ज़्यादा बड़ी बात हो जाएगी या फिर आज के बाद हम दोनो यह सब बंद कर्दे, अब फ़ैसला तुम्हारे हाथ मे है तुम अपने भाई के लंड से रोज चुदना चाहती हो या आज आख़िरी चुदाई समझ कर भूल जाना चाहती हो.


पायल- रवि से चिपकते हुए उसके लंड को पकड़ कर, रवि यह भी कोई भूलने वाली चीज़ है क्या इसके बिना तो मे एक दिन नही रह सकती, लेकिन रवि तू जो कह रहा है वह बहुत रिसकी काम है कही कुछ गड़बड़ हो गई तो,


रवि- दीदी पहले हम भाभी को अच्छे से आजमाएगे यदि हमे लगा कि वह अपनी चूत मरवाने के लिए मर रही है तब


हम आगे कदम बढ़ाएगे,


पायल- ठीक है लेकिन जो भी करना सोच समझ कर करना वह तेरी भाभी है दीदी नही


रवि- पायल के होंठो को चूमते हुए, दीदी यू आर वेरी स्वीट, काश उपर वाला हर किसी को तुम जैसी मस्तानी बहन दे, और


रवि पायल को अपने सीने से लगा कर अपने हाथ नीचे ले जाकर उसकी गदराई गान्ड को अपने हाथो से दबोचते हुए


रवि- दीदी


पायल- हू


रवि- दीदी मुझे तुम्हारी ये गदराई मोटी गान्ड बहुत अच्छी लगती है


पायल- मे जानती हू, देखेगा अपनी दीदी की मोटी गान्ड को


रवि- दिखाओ ना, देखूँगा भी और चाटूँगा भी


पायल- अच्छा जा बेड पर जाकर बैठ जा


रवि बेड पर जाकर बैठ जाता है और पायल उसके करीब आकर घूम जाती है और फिर रवि को मूड कर देखती हुई अपनी मस्ताने गदराए फैले हुए चुतडो को मटकाने वाले अंदाज मे चलने लगती है और फिर पलट कर मुस्कुराते हुए रवि की ओर


देखती है और अपनी गान्ड को बाहर की ओर उभार कर अपने दोनो हाथो से अपनी गान्ड के भारी-भारी पाटो को विपरीत दिशा मे फैला कर अपनी गुदा को अपने भाई को दिखाती हुई ले देख जी भर के कैसी है



रवि धीरे से उठ कर अपनी दीदी के पास जाता है और अपने घुटनो के बल बैठ कर


रवि- दीदी थोड़ा और फैलाओ ना


पायल- अपने हाथो से पानी मोटी गान्ड के छेद को खूब फैला लेती है और रवि अपनी जीभ निकाल कर अपनी दीदी की गान्ड के मोटे कसे हुए छेद को चाटने लगता है और पायल मुस्कुराते हुए अपनी आँखे बंद करके आह आह ऐसे ही रवि साथ मे चूत को भी चाट और पायल थोड़ा और झुक जाती है,


पायल- हाँ रवि ऐसे ही चूत के तने हुए दाने से अपनी जीभ को फेरते हुए मेरी चूत के रसीले छेद को चाटते हुए मेरी


गान्ड तक अपनी जीभ लाकर चाट रवि हाँ सी ऐसे ही हाँ, हाँ ऐसे ही रवि तू बहुत अच्छा चाटता है चूत और गान्ड को एक साथ चाट उपर से नीचे तक अपनी जीभ को थोड़ा दबा कर फेर रवि हाँ, हाँ सी आह, आह, हाँ रवि ऐसे ही हाँ , आह आह


रवि अपनी दीदी की बात सुन कर पूरे जोश मे आकर उसकी चूत और मोटी गान्ड को खूब कस-कस कर चाटने लगता है और पायल के पेर कुछ ही देर मे काँपने लगते है और


पायल- रवि मुझसे खड़ा नही रहा जाएगा चल बेड के पास करते है और फिर पायल अपने भारी-भारी गोरे-गोरे चुतडो को


मतकाती हुई बेड से पेट के बल लेट जाती है और अपनी गान्ड को रवि को दिखाती हुई


पायल- आ रवि अब अच्छे से जी भर कर चाट तू बहुत अच्छा चाटता है जो भी औरत तुझसे अपनी गान्ड और चूत चाताएगी वह बहुत खुस हो जाएगी, तू एक दम एक्सपर्ट है पता नही तुझे और कौन-कौन से हुनर आते है,


रवि अपनी दीदी की गान्ड के पास आकर ज़मीन पर बैठता हुआ अपने मुँह को उसकी गान्ड के छेद से लगा देता है और पायल अपने हाथो से अपने भारी-भारी चुतडो को और फैला देती है


पायल- रवि मेरी चूत और गान्ड को उपर से चीभ फेरते हुए नीचे तक लेजा कर खूब कस कर कर चाटना


रवि- ओके दीदी आज मे तुम्हे पूरी मस्त कर दूँगा और रवि अपनी दीदी की गान्ड और चूत को पागलो की तरह कस-कस कर चाटने लगता है पायल आह आह करती हुई सीसीयाने लगती है रवि पायल की चूत और गान्ड के छेद को चाट-चाट कर पूरी लाल कर देता है और पायल की चूत से पानी बह-बह कर उसकी गदराई जाँघो से रिसने लगता है, पायल अपनी गान्ड को रवि के मुँह मे मारने लगती है और रवि उसकी गदराई गान्ड को दबोचे हुए कस-कस कर उसकी चूत का रस पीने लगता है बीच-बीच मे रवि अपनी


दीदी की गुदा मे अपनी उंगली भी डाल देता है कभी-कभी अपनी दीदी की गुदा मे अपनी पूरी उंगली फसा कर उसकी चूत को


चाटता है तो पायल पागल हो कर अपनी गान्ड को रवि के मुँह पर मारने लगती है, जब उससे बर्दास्त करना मुश्किल हो जाता है तो


पायल- रवि अब अपना लंड डाल दे अब मुझसे नही सहा जा रहा है


रवि- दीदी मुझे तुम्हारी गान्ड मारना है


पायल- नही रवि अभी नही मेरी गान्ड और कभी मार लेना आज तो तू मेरी चूत को ही जम कर चोद दे मुझे बहुत खुजली हो रही है, आज मेरी चूत पीछे से ही खूब कस-कस कर मार, मेरी गान्ड तू और कभी मार लेना


रवि- ठीक है दीदी जैसी तुम्हारी मर्ज़ी और रवि अपने मोटे लंड को अपनी दीदी की चूत फैला कर पीछे से एक तगड़े धक्के के साथ उसकी चूत मे भर देता है, और पायल अपनी हाथो की कोहनी को बेड से टिकाए उसके लंड के तगड़े शॉट अपनी चूत मे लेने लगती है, रवि सतसट अपने लंड को अपनी दीदी की उठी हुई गदराई चूत मे मारने लगता है और पायल की चूत की फांके चौड़ी होकर रवि का लंड अपने अंदर समाए रहती है, रवि अपनी दीदी की चूत मे अपने लंड को इतना तेज ठोकता है कि उसका लंड उसकी दीदी की चूत मे जड़ तक जाकर ठोकर मारता है, पायल उसके हर धक्के के साथ आह आह करते हुए सीसीयाने लगतीहै,


लगभग 20 मिनिट तक रवि अपनी दीदी की चूत को पीछे से चोद-चोद कर लाल कर देता है और जब एक जबरदस्त धक्का अपनी दीदी की चूत मे मारता है तो पायल एक दम से खड़ी होकर रवि को खड़ा करके उसके सीने से बुरी तरह चिपक जाती है और उसे पागलो की तरह चूमने लगती है रवि अपनी दीदी को फिर से घुमा कर झुका देता है और फिर से उसकी चूत मे सॅट से अपने लंड को अंदर तक भर देता है और फिर उसकी चूत को कस-कस कर चोदने लगता है, दो मिनिट बाद ही पायल फिर से वापस मूड कर रवि से चिपकते हुए


पायल- बस रवि अब नही सहा जाता मेरा निकल जाएगा


रवि- पायल के होंठो को चूमता हुआ आइ लव यू दीदी और उसे बेड पर सीधे लिटा कर उसकी उसकी चूत मे अपने लंड को पेल कर उसके उपर चिपक कर लेट जाता है और अपने हाथ को अपनी दीदी की गान्ड के नीचे ले जाकर उसकी गान्ड को थोड़ा उपर उठा कर अपने लंड से अपनी दीदी को सतसट चोदने लगता है और पायल हवा मे उड़ने लगती है, रवि सतसट 8-10 धक्के कस-कस कर अपनी दीदी की चूत मे मारता है और पायल अकड़ कर उससे बुरी तरह चिपक जाती है और उसकी चूत की नसे फड़कते हुए अपने अंदर भरे रस को छोड़ने लगती है और रवि भी अपनी दीदी की चूत की जड़ मे अपने लंड को पूरा फसा कर अपने लंड का रस रुक-रुक कर अपनी दीदी की चूत मे छोड़ता हुआ उसे कस कर अपने से चिपका लेता है, दोनो की साँसे पूरी रफ़्तार से चलने लगती है और दोनो अपनी आँखे बंद किए हुए एक दूसरे की चूत और लंड को कस कर एक दूसरे से चिपकाए हान्फ्ते रहते है, लगभग 2 मिनिट तक उसी स्थिति मे पड़े रहने के बाद रवि अपना चेहरा उपर उठा कर आँखे खोल कर पायल को देखता है तब पायल भी अपनी आँखे खोल कर रवि को देखती है रवि उसकी और एक स्माइल देता है और पायल भी मुस्कुरा कर उसके मुँह को अपने दूध मे भर कर चिपका लेती है, कुछ देर बाद रवि पायल के उपर से हट कर साइड मे लेट जाता है और दोनो करवट लेकर एक दूसरे को देखते हुए मुस्कुराने लगते है, फिर रवि अपनी दीदी के चेहरे को चूमता हुआ उसे अपने से चिपका लेता है और अपनी दीदी के सर पर प्यार से हाथ फेरते हुए उसे प्यार करने लगता है और पायल अपने भाई के सीने मे अपना हाथ फेरती हुई उससे चिपक जाती है, कुछ देर तक दोनो एक दूसरे को सहलाते रहते है फिर नंगे ही एक दूसरे से


चिपक कर नींद के आगोश मे समा जाते है







सुबह-सुबह पायल जाकर अपने भैया के रूम का दरवाजा बजा कर भाग कर किचन मे आ जाती है थोड़ी देर बाद निशा


अपनी मोटी गान्ड हिलाती हुई किचन मे आती है,


पायल- मुस्कुराते हुए हेलो भाभी कैसी हो


निशा- मे तो ठीक हू पर तुम कुछ ज़्यादा ही खुस दिख रही हो क्या बात है


निशा की बात सुन कर पायल के चेहरे का रंग उड़ जाता है उसे ऐसा लगता है जैसे उसकी चोरी किसी ने पकड़ ली हो


पायल- नही भाभी ऐसी कोई बात नही है मे तो इसलिए खुस हो रही हू कि मे भैया का टिफिन रोज तैयार करके थक गई थी अब तुम जो आ गई हो, मेरी ड्यूटी ख़त्म हुई


निशा- मुस्कुरा कर अरे अब तुम्हे कुछ करने की ज़रूरत नही है मे आ गई हू ना मे सब संभाल लूँगी और पायल के सर


पर प्यार से हाथ फेरने लगती है,


पायल- भाभी मे तो मज़ाक कर रही थी, आप आराम से सोफे पर बैठो मे अभी आपके लिए कॉफी बना कर लाती हू


निशा- नही पायल तुम्हे कुछ करने की ज़रूरत नही है मे हू ना, अब मे ही तुम सब का ख्याल रखुगी


पायल- नही भाभी आप अभी नई-नई आई हो और आते ही कम मे जुट जाओ मुझे अच्छा नही लगेगा


निशा- अरे इसमे कोई प्राब्लम नही है पगली,


पायल- अच्छा ठीक है हम दोनो मिल कर ही सब काम करते है


निशा- पहले तू जाकर नहा ले तुझे कॉलेज भी जाना होगा मे कॉफी बनाती हू


पायल- ओके भाभी


पायल जाकर बाथरूम मे घुस जाती है तभी रवि बाहर आता है और किचन मे घुसता हुआ दीदी


निशा- मुस्कुरा कर रवि की ओर देख कर, रवि आज से तुम्हारी भाभी ने किचन संभाल लिया है, तुम बैठो मे कॉफी


लेकर आती हू


रवि- अपने मन मे सोचता हुआ, क्या बात है रात को लगता है इसकी तबीयत से ठुकाई नही हुई वरना यह इतने जोश मे सुबह से किचन मे नही आ जाती, आने दो बाहर इसकी चाल देखता हू रात को यह चुदी भी है या नही


रवि- ओके भाभी और अपनी भाभी को उसी के सामने एक बार उपर से नीचे तक देखता हुआ मुस्कुरा कर बाहर निकल जाता है


निशा अपने मन मे, इसकी नज़रे मुझे बहुत कमिनि लगती है क्या मालूम क्या सोचता है यह मेरे बारे मे


थोड़ी देर बाद निशा कॉफी लेकर आती है और रवि उसको देखने लगता है, निशा उसकी नज़रो को देखती हुई थोड़ा झेप कर


उसको कॉफी देने के लिए जैसे ही झुकती है रवि उसके बड़े-बड़े गदराए थनो को देखने लगता है और निशा उसकी नज़रो


को अपने मोटे दूध पर पड़ते देखती है तो उसे कॉफी देती हुई अपने मन मे कमीना कही का अपनी भाभी को भी नही


छोड़ रहा है, पता नही अपनी बहन को छोड़ता होगा कि नही, और जब कॉफी देकर निशा वापस किचन की ओर जाने लगती है तो उसके भारी-भारी गदराए चुतडो को देख कर रवि मस्त हो जाता है और उसके दिल से आवाज़ आती है हाई भाभी क्या


चुतड पाए है आपने,


तभी निशा किचन मे घुसने के पहले एक दम से रवि को पलट कर देखती है और उसे अपने गदराए चुतडो को देखते


हुए पाती है, रवि की नज़र अचानक अपनी भाभी से मिल जाती है और निशा को रवि के उपर बहुत गुस्सा आता है लेकिन फिर अचानक उसके होंठो पर एक स्माइल आ जाती है और वह किचन के अंदर चली जाती है, उसे इस तरह मुस्कुराता हुआ देख रवि की कुछ हिम्मत बढ़ जाती है,


थोड़ी देर बाद निशा वापस आकर रवि के सामने बैठ जाती है, रवि अपनी नज़रो से निशा के मोटे-मोटे दूध को देखने लगता


है लेकिन जब निशा उसकी ओर देखती है तो वह इधर उधर देखने लगता है, निशा उसकी नज़रो को समझ जाती है


निशा- रवि क्या बात है तुम मुझे बहुत देख रहे हो


रवि- एक दम सकपका कर फिर बात बनाता हुआ, भाभी आप बहुत खूबसूरत हो ना इसलिए मेरी नज़र आप के उपर बार-बार चली जाती है


निशा- लगता है देवेर जी तुम्हारी भी शादी की उमर हो गई है अब तुम औरतो को देखने लगे हो


रवि- निशा के सामने ही उसके मोटे खरबूजो को देखता हुआ कहा भाभी अभी तो मे बच्चा हू


निशा- मुस्कुरा कर बच्चे हो या दूध पीते बच्चे


रवि- निशा की बात से थोड़ा झेप्ते हुए, फिर थोडा कॉन्फिडेन्स लाते हुए, निशा की आँखो के सामने उसके मोटे दूध को


देख कर भाभी बच्चा हो या बड़ा दूध तो सभी को पसंद होता है सभी दूध पीना पसंद करते है



रवि की बात सुन कर इस बार निशा झेप जाती है और अपने मन मे यह कितना बड़ा कमीना है इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल है पर है कमीना मेरी टक्कर का इसका भाई तो इसके कामीने पन के आगे कुछ भी नही, वह तो औरत को सामने नंगी पाकर भी कस कर नही चोदता है और यह तो इतना बड़ा कमीना है की अपनी आँखो से ही औरत को चोद दे इससे बच के रहना पड़ेगा


रवि- क्या हुआ भाभी क्या सोचने लगी


निशा- कुछ नही बस यह सोच रही थी कि तुम दोनो भाइयो मे कितना अंतर है


रवि- वो कैसे


निशा- मुस्कुराते हुए वो तो मे तुम्हे बाद मे बताउन्गि


रवि- अपने मन मे जानम जब मेरा मोटा लंड अपनी कसी हुई फूली चूत मे ले लोगि तब बताओगि क्या, ज़रूर तुम मेरा कमीना पन देख कर मुझे लेकर चोदने तक पहुच गई होगी अक्सर औरते मुझसे मिलते ही चोदने की स्टेज पर पहुच जाती है


तभी पायल नाहकार केवल टॉवेल लपेट कर अपने रूम की ओर जाने लगती है तो रवि पायल की थिरकति मोटी गान्ड को उसके टॉवेल मे से देखने लगता है और निशा रवि को देखने लगती है,


निशा रवि को इस तरह अपनी बहन को देखते हुए चौक जाती है और अपने मन मे सोचने लगती है, यह तो बहुत बड़ा


कमीना है यह तो अपनी बहन को भी उसी नज़र से देखता है,


रवि- निशा को देखता हुआ, लगता है भाभी आप मेरे बारे मे सोच कर काफ़ी कन्फ्यूज़ हो रही हो


निशा- उसको घूर कर देखती हुई, मे भला तेरे बारे मे क्यो सोचने लगी


उसकी बात से रवि अपने मन मे मेरी जान तुम कितना ही सख़्त रवैया अपना लो पर एक दिन तुम्हारी चूत मे मार कर ही रहुगा


तभी रोहित तैयार होकर बाहर आ जाता है और उन लोगो के पास बैठता हुआ अरे पायल कहाँ है


रवि- दीदी तो तैयार हो रही है भैया


रोहित- निशा को मुस्कुरा कर देखते हुए, क्यो रवि कैसी लगी तुम्हे तुम्हारी भाभी


रवि- निशा की आँखो के सामने उसके मोटे गदराए दूध को घूर कर निशा की ओर एक कमिनि मुस्कान मार कर भैया मे


जैसी भाभी चाहता था आप बिल्कुल वैसी ही भाभी लाए हो, और निशा को आँख मारते हुए भैया मुझे भाभी बहुत


पसंद है, पर पता नही भैया भाभी मेरे जैसा देवेर पाकर खुस है कि नही


रोहित- अरे खुस क्यो नही होगी तुमसे अच्छा देवेर निशा को कहाँ मिलेगा, क्यो निशा मे ठीक कह रहा हू ना


निशा- रवि को खा जाने वाली नज़रो से देखती हुई, यह तो मेरी सोच से भी ज़्यादा अच्छा है


रोहित- रवि तुमने अपनी भाभी को आते ही परेशान करना शुरू तो नही कर दिया ना


रवि- निशा को देख कर मुस्कुराता हुआ, क्या बात कर रहे हो भैया मेरी टन्निंग तो भाभी से बिल्कुल दीदी जैसी हो गई है,


सच भैया अब इस घर मे मेरी दीदी की और भाभी की खूब जमने वाली है मज़ा आ जाएगा


रोहित- मुस्कुराता हुआ, होना भी ऐसा ही चाहिए सब मिलजुल कर प्यार से रहो और एक दूसरे की हेल्प करो


निशा उठ कर किचन मे चली जाती है और रोहित अपने जूते पहन कर तैयार हो जाता है कुछ देर बाद निशा उसका टिफिन


लाकर दे देती है और रोहित उनको बाइ करता हुआ बाहर निकल जाता है, रोहित के जाते ही निशा रवि के पास आती है


निशा- रवि मुझे तुम्हारा अटिट्यूट बिकुल पसंद नही है तुम मेरे साथ तमीज़ से पेश आया करो वरना मुझ से बुरा कोई


नही होगा


रवि- उसकी बात सुन कर एक दम से घबरा जाता है, मेने ऐसा क्या कर दिया भाभी


निशा- ज़्यादा बनने की कोशिश मत करो मे बच्ची नही हू जो तुम्हारी हर्कतो को ना समझू


रवि- देखो भाभी अगर मुझसे अंजाने मे कोई ग़लती हुई है तो उसके लिए सॉरी लेकिन मे ऐसा कुछ नही करना चाहता था


जिससे आपको बुरा लगे


निशा- अच्छा तो तुम मुझे ग़लती से अपने भैया के सामने आँख मार रहे थे


रवि- मेने कब आँख मारी हो सकता है वह आपका भ्रम हो


निशा- और तुम्हारा इस तरह से मुझे देखना वो क्या है


रवि- किस तरह से


निशा- ज़्यादा स्मार्ट मत बनो


रवि- भाभी आपको कुछ ग़लतफहमी हुई है, मेरे दिल मे आपके लिए बहुत सम्मान है आप बेवजह नाराज़ हो रही हो


निशा- कुछ सोचती हुई, ठीक है अब जाने दे उन बातो को पायल आ रही है वह सुनेगी तो उसे अच्छा नही लगेगा


निशा वापस किचन मे जाने लगती है और रवि की नज़रे फिर से उसके गदराए मटकते चुतडो पर लग जाती है, निशा चलते


हुए फिर से एक दम पलट कर रवि की ओर देखती है और रवि को अपने मोटे-मोटे चुतडो को घूरता हुआ पाकर, कमीना


कही का कह कर अंदर चली जाती है,



पायल- रवि तू अभी तक रेडी नही हुआ, कॉलेज नही जाना क्या


रवि- होता हू और उठ कर अपने रूम मे चला जाता है


पायल- भाभी मुझे भी कॉफी दो ना


निशा- मुस्कुरा कर उसको कॉफी देती है और फिर कुछ देर बाद रवि जब पायल को लेकर बाइक के पास जाता है तो निशा भी पायल को बाहर तक छोड़ने आती है निशा खड़ी रहती है और रवि अपनी भाभी को देखता हुआ अपनी बाइक स्टार्ट करता है पायल बाइक पर बैठ जाती है तो रवि अपनी भाभी को देखता हुआ दीदी थोड़ा आगे सरक कर बैठो ना पायल थोड़ा आगे सरक जाती है, रवि पायल का हाथ पकड़ कर अपनी भाभी के सामने अपनी कमर पर रख लेता है, निशा और पायल मुस्कुरा कर एक दूसरे से बाइ कहती है तभी रवि भी अपनी भाभी को बाइ भाभी कहता हुआ आँख मार देता है और अपनी गाड़ी बढ़ा देता है,


निशा रवि की इस हरकत को देखती ही रह जाती है और फिर अचानक उसका कामीनेपन देख कर उसे थोड़ी हसी आ जाती है और वह अंदर चली जाती है,


घर से निकलते ही पायल रवि से बाइक मे बैठे हुए चिपक जाती है और अपना हाथ आगे ले जाकर रवि के लंड को पकड़ कर


पायल- भाभी की गदराई जवानी देख कर तेरा लंड खड़ा तो नही हो रहा था,


रवि- दीदी खड़ा तो बहुत हो रहा था लेकिन भाभी को फसाना इतना आसान नही लग रहा है


पायल- मे तो पहले ही कहती थी कि वह तेरे हाथ नही आने वाली अब लगता है तुझे बस मुझसे ही काम चलाना पड़ेगा और पायल खिलखिला कर हस्ने लगती है, रवि उसकी बात पर थोड़ा गुस्सा होते हुए अपना हाथ पीछे लेजा कर उसके मोटे दूध को एक दम से दबा देता है ओए पायल एक दम से बिचक जाती है और वह बदला लेने के अंदाज मे रवि के आंड्को को पकड़ कर मसलने लगती है


रवि- दीदी प्लीज़ छोड़ दो हम गिर जाएगे,


पायल- उसके आंड्को को छोड़ती हुई, बेटा जिसके घर खुद शीशे के होते है वह दूसरो के घरो मे पत्थर नही फेक्ते,


रवि- दीदी तुम रात को मिलो तो सही फिर मे बताता हू किसके घर शीशे के है और किसके पत्थर के,


दोनो बाइक पर मस्ती मारते हुए कॉलेज पहुच जाते है और फिर दोनो एक दूसरे को बाइ कहते हुए अपनी-अपनी क्लास मे


चले जाते है, क्लास मे जाते ही रवि की नज़रे सोनिया को तलाश करती है और सोनिया के उपर जाकर टिक जाती है, सोनिया उसको देख कर स्माइल मारती है और रवि मुस्कुराता हुआ उसके पास जाकर बैठ जाता है,



रवि- क्या हो रहा है डार्लिंग

सोनिया- कुछ नही बस बैठी-बैठी बोर हो रही थी

रवि- चलो आज से मे तुम्हारे पास ही बैठा करूगा

सोनिया- मुस्कुरा कर कोई ज़रूरत नही है, मेरे पास यहा बैठोगे और फिर तुम्हारी हरकत सिनिमा हॉल जैसी फिर शुरू हो

जाएगी,

रवि- मुस्कुराता हुआ क्यो सिनिमा हॉल मे मेने क्या किया था

सोनिया- मुस्कुरा कर ज़्यादा स्मार्ट बनने की कोशिश ना करो

रवि- अच्छा चलो आज सिर्फ़ हम दोनो पिक्चर देखने चलते है

सोनिया- हस कर नही

रवि- क्यो

सोनिया- तुम तो पागल हो किसी ने तुम्हारी हर्कतो को देख लिया तो तुम्हारा तो कुछ नही मे बदनाम हो जाउन्गि

रवि- अच्छा तो चलो ऐसी जगह चलते है जहा हमे कोई नही देखेगा

सोनिया- क्यो ऐसी जगह ले जाकर क्या करोगे

रवि- मुस्कुरा कर वही जो तुम कब से चाहती हो

सोनिया- मुस्कुराते हुए तुम्हे क्या पता मे क्या चाहती हू

रवि- यही बता दू

सोनिया- मुस्कुरा कर नही

रवि- तो फिर चलो जल्दी से नही तो क्लास शुरू हो जाएगी

सोनिया- नही रवि प्लीज़ ये सब ठीक नही है

रवि- ओफ्फ हो तुम भी ना मे तुम्हारे लिए दिन रात पागल रहता हू और तुम्हे मेरी कोई फिकर ही नही है

सोनिया- पर रवि

रवि- पर-वर कुछ नही अब चलो और सोनिया का हाथ पकड़ कर उठा देता है

सोनिया- उससे अपना हाथ छुड़ाते हुए इधर उधर देखती हुई उसके पीछे चल देती है

रवि बाहर जाकर अपनी बाइक पर सोनिया को बैठाता है और फिर दोनो बाइक पर सवार होकर चल देते है

सोनिया- हम कहाँ जा रहे है

रवि- अरे अब शांति से बैठी रहो मे तुम्हे कही भगा कर तो नही ले जाउन्गा

रवि अपनी बाइक दौड़ाता हुआ अपने दोस्त करण के ऑफीस के सामने जाकर अपनी बाइक रोक देता है और सोनिया को वही रुकने का कह कर 5 मिनिट मे आने का कहता है और फिर करण के ऑफीस मे पहुच जाता है

कारण- अरे रवि तू, यहाँ कैसे

रवि- अबे तेरे ऑफीस मे आया हू तो तुझसे ही मिलने आया हू ना

कारण- पर अचानक क्या बात है

रवि- तू ऑफीस से कब छूटेगा

कारण- शाम को 6 बजे

रवि- ठीक है तो मुझे अपने फ्लॅट की चाभी दे आज मे दिन भर तेरे फ्लॅट मे आराम करूँगा

कारण- क्या बात है आज तू फ़ुर्सत है क्या जो आराम करने मेरे फ्लॅट मे जाना चाहता है या और कोई बात है, कही कोई

लोंड़िया तो नही ले आया

रवि- अरे वो सब मे तुझे बाद मे बताउन्गा पहले मुझे जल्दी से चाभी दे शाम को मे 5 बजे तक तुझसे यही मिलने आता

हू,

कारण- उसे चाभी देता हुआ, देखना भाई मेरी बेड शीट गंदी नही होनी चाहिए

रवि- मुस्कुरा कर अबे अपने दोस्त के लिए ढूलवा लेना

कारण- मुस्कुरा कर मे भी चलु क्या

रवि- अबे वो तेरी बीबी नही तेरी भाभी है

कारण- अरे तो भाभी से मिलवा तो दे

रवि- अभी नही जब समय आएगा तो तू खुद ही मिल लेना

कारण- चल ठीक है और फिर रवि उसे बाइ कहता हुआ वापस सोनिया के पास आकर उसे अपनी बाइक पर बैठा कर करण के फ्लॅट मे पहुच जाता है


सोनिया- रवि ये किसका फ्लॅट है

रवि- मेरे दोस्त का

सोनिया- तुम्हारा दोस्त

रवि- हाँ मे बाद मे तुम्हे उससे मिलवाउँगा और फिर रवि उसके फ्लॅट का लॉक खोल कर सोनिया को लेकर अंदर आ जाता है

सोनिया आ कर बेड पर बैठ जाती है और रवि फ्लॅट का डोर लॉक कर के उसके पास आकर बैठ जाता है

सोनिया- रवि मुझे बहुत अजीब लग रहा है

रवि- मुस्कुराते हुए पर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है, मालूम है सोनिया जब तुम मेरे साथ होती हो तो मुझे यह

दुनिया बहुत खूबसूरत लगने लगती है, लगता है यह सब तुम्हारे प्यार का असर है

सोनिया- थोडा मुस्कुरा कर क्या तुम मुझसे सचमुच इतना प्यार करते हो

रवि- तुम्हे कोई शक हो तो आजमा कर देख लो

सोनिया- नही मुझे तुम पर पूरा यकीन है और सब से ज़्यादा तो मुझे तुम्हारी हरकते अच्छी लगती है

रवि- सोनिया के सामने उसके दूध को देखते हुए, कौन सी वाली हरकत

सोनिया- शरमाते हुए तुम बहुत कमिने हो

रवि- पर यह कमीना सिर्फ़ तुम्हे प्यार करता है और सोनिया के गले मे हाथ डाल कर उसे अपने पास खीच लेता है सोनिया

उसके हाथ लगाने भर से सिहर जाती है और उसकी चूत मे पानी आ जाता है, रवि सोनिया के भरे हुए गालो को सहलाते हुए उसकी पीठ पर हाथ फेरने लगता है

रवि- सोनिया का चेहरा अपने हाथो से उठा कर उसकी आँखो मे देखते हुए, तुम पूछ रही थी ना कि तुम क्या चाहती हो

यह मे कैसे जानता हू

सोनिया- मुस्कुरा कर कैसे जानते हो

रवि- जब मे तुम्हारी आँखो मे देखता हू ना तो मुझे यह पता चल जाता है कि तुम क्या चाहती हो

सोनिया- मुस्कुरा कर अच्छा, तो बताओ अभी मे क्या चाहता हू

रवि - उसकी आँखो मे देख कर उसके गदराए मोटे-मोटे दूध को देखता हुआ, तुम यह चाहती हो कि मे तुम्हे अपनी

बाँहो मे भर कर तुम्हारे इन रसीले होंठो को चूम लू. बोलो यही चाहती हो ना,

सोनिया- रवि की बात सुन कर मुस्कुराते हुए अपनी नज़रे नीचे कर लेती है

रवि- उसके चेहरे को उपर उठाता है और सोनिया अपनी आँखे खोल कर उसकी आँखो मे देखती है, रवि बोलो यही चाहती हो

ना, सोनिया रवि का मतलब तो पहले से ही समझ गई थी लेकिन रवि के स्पर्श से उसकी चूत खूब ज़ोर-ज़ोर से पानी छोड़ रही थी और वह रवि की बात सुन कर एक दम से उसके सीने से चिपक जाती है और रवि उसे अपनी बाँहो मे भर कर उसके मोटे-मोटे दूध को कस-कस कर दबाने लगता है और सोनिया तड़पने लगती है, रवि उसके रसीले होंठो को चूसने लगता है और सोनिया रवि की पीठ को अपने नखुनो से दबाने लगती है, रवि अपने मन मे सोचता है यह बहुत ही चुदास माल है केवल छूने भर से ही पिघलने लगा है आज इसकी फूली हुई चूत मारने मे मज़ा आ जाएगा,

रवि सोनिया को बेड पर लिटा देता है और उसके साइड मे लेट कर सोनिया के रस भरे होंठो का रस पीते हुए हुए मोटे-मोटे

दूध को अपने दोनो हाथो मे भर कर खूब कस-कस कर दबाने लगता है और सोनिया अपने हाथ पेर फेकने लगती है,

रवि सोनिया की टीशर्ट को उपर करके उसके गदराए नंगे पेट और उसकी गहरी नाभि को अपने होंठो से चूमने लगता है और

सोनिया अपनी जंघे जो की ब्लू कलर की जीन्स मे फसि हुई थी को फैला लेती है और रवि सोनिया की जीन्स के उपर से ही उसकी चूत और गान्ड को दबोचने लगता है और सोनिया पागलो की तरह रवि के सर के बाल नोचने लगती है, रवि सोनिया को उठा कर उसकी टीशर्ट को उतार देता है और सोनिया पिंक कलर की ब्रा मे अप्सरा सी नज़र आने लगती है रवि उसके मोटे-मोटे दूध मे अपने मुँह को भर देता है और उसके दूध को दबाते हुए उसकी बाँहो उसके गले उसके गाल और उसकी बाँहे उठा कर उसकी चिकनी बगल को चूमने लगता है, सोनिया रवि का मुँह पकड़ कर उसके होंठो को अपने होंठो से चूमने लगती है




रवि सोनिया की ब्रा का हुक खोल कर उसकी ब्रा को उसके बदन से अलग कर देता है और सोनिया ब्लू जीन्स मे नज़र आती है और उसके मोटे नंगे दूध और गदराया पेट बहुत ही खूबसूरत लगने लगता है रवि सोनिया को अपनी गोद मे चढ़ा लेता है और सोनिया के दूध को दबोचता हुआ उसके एक दूध को अपने मुँह मे भर कर उसके गुलाबी खड़े हुए निप्पल का रस चूसने लगता है और सोनिया तड़प जाती है रवि उसके दोनो मोटे-मोटे दूध को दबा-दबा कर उनका रस चूसने लगता है

रवि- सोनिया तुम कितनी खूबसूरत हो

सोनिया- आह धीरे रवि तुम बहुत ज़ोर से मेरे दूध मसल रहे हो

रवि- अरे डार्लिंग जब तक लोंदियो के दूध को पूरी ताक़त से ना मसलो उन्हे मज़ा नही आता है, तुम्हे अच्छा लग रहा है

ना

सोनिया- हाँ

रवि- और ज़ोर से दबाऊ

सोनिया- हाँ

रवि उसके दूध को कस कर दबाने लगता है और सोनिया आह आह करने लगती है

रवि- अब कैसा लग रहा है

सोनिया- बहुत अच्छा

रवि सोनिया को लिटा कर उसके पास लेट जाता है और उसके दूध को अपने हाथो से मसलता हुआ,

रवि- सोनिया सिनिमा मे ज़्यादा अच्छा लग रहा था या फिर यहाँ

सोनिया- सिनिमा मे तो तुम कपड़े के उपर से कर रहे थे ना, और यहाँ तो तुम

रवि- क्या यहाँ तो तुम

रवि की बात सुन कर सोनिया मुस्कुरा कर मुझे नही मालूम

रवि- यह कहना चाहती हो ना कि यहाँ तो मे तुम्हे नंगी करके मसल रहा हू और उसके दूध को अपने हाथो मे पकड़

कर कस कर मसल देता है, सोनिया आह आह करके सीसीयाने लगती है


रवि -सोनिया मे तुम्हारा रस पीना चाहता हू

सोनिया- सीसियाते हुए कौन सा रस

रवि- उसके जीन्स के उपर से उसकी चूत को दबाता हुआ यहाँ का जहाँ से इस समय सब से ज़्यादा रस निकल रहा है

सोनिया- नही रवि वहाँ मत हाथ लगाओ प्लीज़

रवि- अरे डार्लिंग जब मे वहाँ का रस अपने होंठो से पीऊंगा ना तब तुम्हे सब से ज़्यादा मज़ा आएगा

सोनिया- पर रवि

रवि- उसके होंठो को चूस्ता हुआ उसकी फूली हुई चूत को दबा कर बोलो पिलाओगी ना

सोनिया- सीसियाते हुए हा

रवि- उसके दूध को चूम कर पूरी नंगी कर दू तुम्हे

सोनिया- रवि मुझे शरम आती है

रवि- अच्छा तो तुम अपनी आँखे बंद कर लो

सोनिया- रवि को देख कर मुस्कुराते हुए क्या तुम सचमुच वहाँ का रस पियोगे

रवि- हाँ तुम नही जानती लड़को को लड़कियो की चूत का रस पीने मे बहुत अच्छा लगता है मे तो कब से तुम्हारी इस चूत का सारा रस पीने के लिए तड़प रहा हू अब जल्दी से आँखे बंद करो

सोनिया रवि की बात सुन कर मुस्कुराते हुए अपनी आँखे बंद कर लेती है और रवि उसकी जींस का बटन खोल कर उसकी जीप को नीचे सरका कर उसकी जीन्स को उसके पेरो से अलग कर देता है रवि उसकी गदराई मोटी जंघे और पिंक कलर की पेंटी मे कसी हुई उसकी फूली चूत को देख कर पागल हो जाता है और सोनिया अपनी आँखे खोल कर रवि को देख कर मंद-मंद मुस्कुराने लगती है, रवि सीधे अपने मुँह को सोनिया की गदराई मोटी जाँघो को दबाते हुए उसकी फूली हुई चूत मे अपना मुँह रख कर अपने मुँह से उसकी गदराई चूत को दबाने लगता है और सोनिया एक लंबी सिसकारी लेते हुए अपनी आँखे फिर से बंद कर लेती है, रवि सोनिया की गदराई मोटी और बिल्कुल गोरे रंग की मसल जाँघो को खूब कस-कस कर दबोचते हुए सोनिया की पेंटी के उपर से ही उसकी फूली हुई चूत की खुसबू लेने लगता है रवि सोनिया की पेंटी के उपर से अपने मुँह को ज़ोर से उसकी फूली हुई चूत पर दबाता है और सोनिया आह,आह करती हुई मस्ताने लगती है,

रवि सोनिया की जाँघो को थाम कर उसकी पेंटी को उसकी गान्ड से उतारते हुए उसे पूरी नंगी कर देता है और जब सोनिया की चिकनी चूत को देखता है तो पागल हो जाता है और सोनिया की चूत को अपने होंठो से दबाते हुए उसकी चूत की फूली हुई फांको को फैला कर उसकी चूत के तने हुए दाने को अपनेमुंह मे भर कर उसका रस चूसने लगता है और सोनिया आह आहआह रवि प्लीज़ रवि आह ओह रवि ये क्या कर रहे हो रवि मे मर जाउन्गि रवि प्लीज़,


रवि- उसकी चूत से अपना मुँह हटा कर क्या हुआ सोनिया दर्द कर रहा है क्या नही करू

सोनिया उसका सर पकड़ कर नही रवि कुछ दर्द नही हो रहा है प्लीज़ और करो ना

रवि- सोनिया की बात सुन कर मुस्कुराते हुए नही सोनिया मुझे लगता है तुम्हे दर्द हो रहा है

सोनिया- उसके सर को पकड़ कर अपनी चूत से लगाती हुई नही रवि प्लीज़ चूसो और चूसो मुझे तो बहुत अच्छा लग रहा है

मुझे बिल्कुल दर्द नही हो रहा है रवि सोनिया की बात सुन कर मुस्कुराते हुए उसकी दोनो जाँघो को कस कर फैलाते हुए

उसकी फटी हुई गुलाबी चूत को पूरा अपने हाथो से खोल कर खूब ज़ोर-ज़ोर से चाटने लगता है और सोनिया आह आह करती हुई

हाँ रवि ऐसे ही हाँ रवि और ज़ोर से, बहुत अच्छा लग रहा है रवि खूब कस के चूसो मेरी चूत को,

रवि सोनिया की चूत को चाट-चाट कर गुलाबी से लाल कर देता है और सोनिया ढेर सारा पानी छोड़ने लगती है, रवि सोनिया को उल्टा करके जब उसकी गदराई गान्ड को देखता है तो वह पागल हो जाता है और सोनिया की गान्ड के पाटो को अपने हाथो से चीरता हुआ उसकी कसी हुई गुदा मे अपनी जीभ रख देता है और फिर सोनिया की गुदा और चूत को पीछे से उसकी गान्ड फैला -फैला कर चाटने लगता है, रवि सोनिया के मोटे-मोटे चुतडो को खूब ज़ोर-ज़ोर से मसलता हुआ उसकी गान्ड के छेद को अपनी जीभ से सहलाते हुए अपनी जीभ को उसकी चूत के छेद तक ले जाता है और फिर अपनी जीभ को उसकी चूत के छेद मे भर देता है

और सोनिया आह आह करती हुई अपने ही हाथो से अपने मोटे-मोटे दूध को दबाने लगती है, लगभग 1 घंटे तक रवि

सोनिया की चूत और गान्ड को चाट-चाट कर लाल कर देता है और सोनिया उस दोरान ना जाने कितनी बार अपनी चूत से पानी छोड़ती है


जब रवि उसकी चूत को छोड़ता है तो सोनिया अधमरी सी लेटी-लेटी लंबी-लंबी साँसे लेती रहती है करीब दो मिनिट बाद सोनिया रवि को अपनी आँखे खोल कर देखती है तो उसके होश उड़ जाते है रवि उसकी साइड मे पूरा नंगा लेटा हुआ था जब उसकी नज़र रवि के मोटे लंड पर पड़ती है तो सोनिया की आँखे फटी की फटी रह जाती है और वह घबरा जाती है, रवि उसके चेहरे के एक्सप्रेशन को देख कर

रवि- क्या हुआ सोनिया

सोनिया- रवि तुम्हारा तो बहुत बड़ा है

रवि- उसकी चूत को अपने हाथो के पंजो मे भर कर दबोचता हुआ, मेरी रानी तुम्हारे मस्त भोस्डे को इतना ही बड़ा लंड

लगेगा इससे छोटे से तुम्हारा मन नही भर पाएगा

सोनिया- रवि की हर्कतो से सिहर जाती है और रवि को अपनी बाँहो मे भरते हुए, रवि मुझे डर लग रहा है

रवि- तुम्हे मेरे लंड से डर लग रहा है ना

सोनिया- उसकी छाती मे अपना मुँह छुपाए हाँ

रवि- उसके पीछे अपना हाथ ले जाकर उसके मोटे-मोटे गदराए चुतडो को अपने हाथो मे भर कर दबाता हुआ, अरे मेरी

जान तुम तो मेरी उमर की हो जबकि तुम से छोटी-छोटी लड़किया इससे भी मोटा लंड लेने के लिए मरी जा रही है, आजकल तो 16- 17 साल की लोंड़िया भी 30 साल के आदमी के लंड की कल्पना करने लगी है, जब लड़किया गरम होती है तो अपनी चूत को सहलाते हुए खूब मोटे लंड की ही कल्पना करती है और फिर तुम तो अच्छी ख़ासी जवान हो गई हो, तुम्हारे इस मस्त भोस्डे को तो यह लंड कुछ भी नही लगेगा चाहो तो पकड़ कर देख लो और सोनिया का हाथ अपने लंड पर रख देता है,


सोनिया उसके लंड को धीरे-धीरे सहलाती है और जब रवि उसकी फूली हुई बुर को अपने हाथो मे भर कर कस कर मसल्ने

लगता है तो सोनिया भी रवि के मोटे लंड को अपने हाथो मे कस कर दबाने लगती है, कुछ देर तक दोनो एक दूसरे के चूत

और लंड को कस -कस कर दबाते है उसके बाद रवि उसके होंठो को चूमता हुआ

रवि- सोनिया

सोनिया- क्या

रवि- मेरा लंड चुसोगी

सोनिया- नही

रवि- क्यो

सोनिया- मुझे नही पता कैसे चूस्ते है

रवि- कभी आइस्क्रीम खाई है

सोनिया- हाँ

रवि - बस तो फिर आइस्क्रीम को जैसे चाटते है ना उसी तरह लंड को चटा जाता है एक बार चूस कर देखो तुम्हे बहुत

अच्छा लगेगा

सोनिया- उसके लंड को दबोचते हुए, मुझे शरम आती है

रवि- अच्छा एक काम करो मे तुम्हारी चूत चूस्ता हू तुम मेरा लंड चूसो और रवि सोनिया की ओर अपनी टाँगे करके उसके

पेरो की ओर आकर उसकी जाँघो को फैला कर 69 की पोज़िशन मे आ जाता है, सोनिया रवि के लंड को खोल कर अपनी आँखे फाडे हुए देखती रहती है और जैसे ही रवि अपनी जीभ उसकी चूत मे रख कर चाटना शुरू करता है सोनिया एक दम से रवि के लंड के सूपदे को अपने मुँह मे भर कर पागलो की तरह चूसने लगती है, दोनो एक दूसरे के लंड और चूत को एक दूसरे की गान्ड को दबा-दबा कर चाटने लगते है, लगभग 20 मिनिट तक दोनो एक दूसरे की चूत और लंड को चाट-चाट कर चिकना कर देते है,


रवि सोनिया को अलग करता है लेकिन सोनिया उसके लंड को छोड़ने को तैयार नही होती है और वह उसके मस्ताने लंड को खूब कस-कस कर चूसने लगती है, रवि सोनिया को अलग करके उसके पूरे नंगे बदन को अपने मुँह से चूमता हुआ उसे अपने नंगे बदन से चिपका लेता है सोनिया रवि के पूरे जिस्म को पागलो की तरह अपने मुँह से चूमने लगती है, रवि अब समझ जाता है कि लोहा गरम है हथोदा मार देना चाहिए और रवि सोनिया को लेटा कर उसकी दोनो जाँघो को अच्छी तरह फोल्ड करके उसके कंधे से लगा देता है और फिर सोनिया की कसी हुई कुँवारी चूत मे अपने लंड को सटा कर एक तगड़ा धक्का मारता है और सोनिया इतना ज़ोर से चीखती है जैसे उसकी जान निकल गई हो और रवि का मोटा लंड उसकी चूत मे आधे से ज़्यादा फस जाता है और उसकी चूत का छेद किसी छल्ले की तरह फेल जाता है,


सोनिया अपने पेरो को इधर उधर पागलो की तरह

फेकने लगती है और उसकी आँखे छलक आती है रवि उसकी यह हालत देख कर उसको अपनी बाँहो मे भर कर उसके होंठो कोचूमने लगता है और सोनिया उसकी छाती मे मुक्के मारने लगती है, रवि जब उसके दूध को कस कर दबाता है तो सोनिया अपने नखुनो से उसकी पीठ नोचने लगती है और रवि की पीठ उसके नखुनो से छिल जाती है और रवि को थोड़ा गुस्सा आ जाता है और वह कचकचा कर अपने खड़े लंड को थोड़ा सा बाहर खीच कर एक तगड़ा धक्का जब सोनिया की चूत मे मारता है तो सोनिया एक दम अकड़ जाती है और उसकी साँसे एक पल के लिए रुक जाती है और उसके हाथ ढीले पड़ जाते है और रवि उसकी

गान्ड के नीचे अपना हाथ ले जाकर उसको अपनी और दबोच कर उसकी चूत मे कस-कस कर अपना लंड पेलने लगता है सोनिया की चूत रवि के लंड से पूरी फॅट जाती है और वह आह आह करती हुई तड़पने लगती है रवि उसके चुतडो को कस कर पकड़े हुए कस-कस कर उसकी चूत मारने लगता है उसका लंड सोनिया की चूत मे बहुत कसा-कसा अंदर बाहर होने लगता है,



करीब 30-40 धक्को के बाद सोनिया की चूत मे कुछ चिकनाहट आती है और उसकी गान्ड भी रवि की गान्ड के साथ हिलने लगती है, फिर रवि जब कस कर धक्का लगाता तो सोनिया भी अपनी चूत को उसके लंड पर मारने लगती है, अब दोनो ओर से पूरी ताक़त से शॉट पर शॉट पड़ने लगते है और सोनिया रवि को चूमना शुरू कर देती है और रवि भी सोनिया को चूमते हुए उसकी चूत मारने लगता है,

रवि- सोनिया की चूत को चोदता हुआ, सोनिया कैसा लग रहा है

सोनिया- आह आह बहुत अच्छा और तेज करो ना

रवि- क्या मेरा लंड बहुत बड़ा है

सोनिया- नही बहुत अच्छा है

रवि सोनिया की बात सुन कर मुस्कुराता हुआ उसके होंठो को अपने मुँह मे भर कर उसकी चूत मे सतसट अपने लंड को

पेलने लगता है और सोनिया अपनी मोटी गान्ड उठा-उठा कर रवि के हर धक्के का जवाब देने लगती है. लगभग आधे

घंटे तक दोनो एक दूसरे की चूत और लंड को एक दूसरे पर मारते रहते है उसके बाद सोनिया रवि को पागलो की तरह चूमते हुए ज़ोर-ज़ोर से सीसीयाने लगती है और उसकी चूत बहुत ज़्यादा चिकनी होकर रवि के मोटे लंड को सतसट अपनी चूत मे लेने लगती है और फिर अचानक सोनिया रवि को अपनी बाँहो मे कस कर जाकड़ लेती है और उसकी चूत रवि के लंड को कस कर जाकड़ लेती है और वह पानी छोड़ने लगती है, रवि भी सोनिया की चूत मे सतसट 8-10 धक्के मारता है फिर उसकी चूत मे एक आख़िरी जबरदस्त धक्का मार कर अपने लंड को पूरा सोनिया की चूत की गहराई मे फसा कर रुक-रुक कर अपना पानी सोनिया की चूत के अंदर छोड़ने लगता है और फिर दोनो एक दूसरे को कस कर चिपक जाते है और गहरी-गहरी साँसे लेने लगते है,

करीब 2 मिनिट तक दोनो एक दूसरे के उपर नंगे पड़े चिपके रहते है और फिर रवि सोनिया के गालो को चूमने लगता है तो

सोनिया अपनी आँखे खोल कर रवि की ओर देखती है और फिर दोनो एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा देते है और फिर एक दूसरे को अपनी बाँहो मे कस कर चिपक जाते है, थोड़ी देर बाद सोनिया रवि को अपने उपर से अलग हटती है और फिर दोनो उठ कर बैठ जाते है सोनिया जल्दी से अपनी टीशर्ट उठा कर अपने दूध मे ढक लेती है और रवि उसको देख कर मुस्कुराते हुए देखने लगता है.

रवि- सोनिया को मुस्कुरा कर देखता हुआ, सोनिया तुम खुस तो हो ना

सोनिया- मुस्कुराते हुए अपनी नज़रे नीचे करती हुई हाँ मे अपनी गर्दन हिला देती है,

रवि- अब चलना है कि और खेलने का इरादा है

सोनिया- रवि को मारती हुई जल्दी से अपनी ब्रा उठा कर पहन लेती है और फिर अपनी टीशर्ट पहन कर जैसे ही अपनी पेंटी उठाने को अपना हाथ बढ़ाती है रवि जल्दी से उसकी पेंटी उठा लेता है और अपने मुँह पर लगा कर उसकी पेंटी सूंघने लगता है सोनिया उसकी पीठ मे एक मुक्का मारती हुई उससे अपनी पेंटी छुड़ा लेती है और फिर रवि को नीचे धकेल कर बेड से उतार देती है और जल्दी से अपनी पेंटी पहन कर अपने जीन्स को अपने मोटे-मोटे चुतडो पर चढ़ा कर रेडी हो जाती है, रवि भी अपने कपड़े पहन कर फ्लॅट को लॉक करके फिर से बाइक पर सवार होकर करण के ऑफीस पहुच जाते है और रवि सोनिया को वही खड़ी करके करण के पास जाकर उसे चाभी देकर वापस सोनिया को लेकर सीधे कॉलेज पहुच जाता है, जैसे ही रवि कॉलेज के कॅंपस मे घुसता है पायल इसको देख लेती है और रवि पायल को देख कर मुस्कुराता हुआ बाइक पार्क करके सोनिया के साथ पायल के पास आ जाता है,


पायल- कहाँ से आ रही है जुगल जोड़ी

पायल को देख कर सोनिया का चेहरा फीका पड़ जाता है पर रवि कुछ नही दीदी बस ऐसे ही घूमने चले गये थे

रवि- अच्छा सोनिया तुम जाओ मे अब दीदी को लेकर घर जा रहा हू

रवि की बात सुन कर सोनिया पायल को बाइ कहती हुई चली जाती है और फिर पायल रवि को घूर कर देखती हुई

पायल- कहाँ गया था उसको लेकर

रवि- दीदी मे सब बता दूँगा पर पहले वादा करो तुम नाराज़ नही होगी

पायल- कही तूने उसे चोद तो नही दिया

रवि- मुस्कुराते हुए, ओफ्फ हो दीदी मेने कहा ना मे सब बता दूँगा पहले मुझसे वादा करो तुम नाराज़ नही होगी

पायल- अच्छा ठीक है मे वादा करती हू अब बता, रवि चलो हम कॉफी हाउस मे चल कर बैठ कर बाते करते है

और दोनो कॉफी हाउस की ओर चल देते है,

पायल- चेर पर बैठते हुए हा अब बोल कहाँ गया था तू उस कुतिया के साथ

रवि- मुस्कुराते हुए दीदी तमीज़ से बोलो उसे वह तुम्हारी होने वाली भाभी है

पायल- क्यो तू उससे शादी करेगा क्या

रवि- हाँ दीदी, मेरी बीबी वही बनेगी यह मेने सोच लिया है

पायल- उसको खा जाने वाली नज़रो से घूर कर देखती हुई और मेरा क्या होगा

रवि- मेरा क्या होगा का क्या मतलब, तुम मेरी बहन हो और बहन ही रहोगी, तुम अपने आपको मेरी बीबी के साथ कंपेर

क्यो कर रही हो

पायल- तो फिर वह सब क्या था जो हमारे बीच हुआ

रवि- मुस्कुरा कर मुझे क्या पता हमारे बीच क्या हुआ है

पायल- उसको घूर कर देखती हुई, रवि मे नही जानती थी कि तू इतना बड़ा कमीना है

रवि- ओफ्फ हो दीदी, आख़िर तुम चाहती क्या हो क्या मे कभी शादी ना करू

पायल- मेने ये तो नही कहा

रवि - तो फिर क्या कहना चाहती हो

पायल- यही कि तू जब शादी कर लेगा तो मेरा क्या होगा

रवि- पायल का हाथ पकड़ कर सहलाते हुए तुम फिकर क्यो करती हो तुम्हे तो मे बिना शादी किए ही दिन रात चोदुन्गा और अपनी बीबी की तरह ही दिन रात तुम्हे नंगी करके अपने से चिपकाए रहुगा


पायल- मुस्कुरा कर अच्छा-अच्छा ठीक है वैसे भी तू मुझसे ज़्यादा होशियारी कर नही सकता नही तो तेरी बीबी को मे सब

बता दूँगी

रवि -मुस्कुरा कर क्या बता दोगि

पायल- मुस्कुराते हुए यही कि तू अपनी दीदी को चोदता है

रवि- पायल की नशीली आँखो मे देखता हुआ, पायल तुम इतनी खूबसूरत और मस्तानी हो कि अगर तुम मेरी दीदी ना होती तो मे तुम्हे ही अपनी बीबी बनाता

पायल- क्या मे सोनिया से भी ज़्यादा खूबसूरत हू

रवि- हाँ दीदी गॉड कसम तुम मुझे दुनिया मे सबसे जयदा खूबसूरत और सेक्सी लगती हो, पता नही तुम्हारी शादी के बाद

मे तुम्हारे बिना कैसे रह पाउन्गा

पायल- तू फिकर क्यो करता है हम दोनो मिलकर कुछ ऐसा चक्कर चलाएगे कि हमारी शादी एक ही शहर मे हो और हम

दोनो रोज एक दूसरे से मिल सके, फिर तो तू मुझे रोज चोदेगा ना

रवि -पायल का हाथ पकड़ कर सहलाता हुआ, हाँ दीदी मे तुम्हे चोदे बिना रह नही सकता, तुम तो मेरा पहला प्यार हो

मेने जिंदगी मे पहली बार अपनी दीदी को ही चोदा है इस हिसाब से तुम मेरी बीबी ही हुई ना

पायल -मुस्कुरा कर चल अब ज़्यादा तेल लगाना बंद कर और सच-सच बता सोनिया को लेकर कहाँ गया था,

रवि- दीदी आज सोनिया को मेने खूब कस कर चोदा है, आज तो उसकी ऐसी चुदाई की है कि कम से कम 3 दिन तक उसकी चूत मे दर्द रहेगा

पायल- रवि को आश्चर्या से देखती हुई, झूठ मत बोल रवि सोनिया तुझसे इतनी जल्दी अपनी चूत नही मरवा सकती है

रवि- नही दीदी मे सच कह रहा हू और फिर रवि ने सोनिया और उसके बीच हुई चुदाई की बात अपनी दीदी को बता दी

पायल- उसकी बात सुन कर कुछ अपसेट हो जाती है और रवि उसकी भावनाओ को समझ जाता है और पायल के हाथ को पकड़ कर दीदी तुम यह मत समझना कि सोनिया के आ जाने से हम दोनो के बीच के प्यार मे कोई कमी आ जाएगी, बल्कि मे तो यह कहना चाहूगा कि जो जगह मेरे दिल मे तुम्हारे लिए है वह जगह कभी भी कोई लड़की नही ले पाएगी.



पायल- अपना मुँह बना कर चल रहने दे कुछ ही दिन मे अपनी दीदी को भूल जाएगा, मे तो बेकार ही तेरे साथ पूरी जिंदगी के सपने बुनने मे लगी थी लेकिन मुझे क्या पता था कि जिसके लिए मे यह सब सोच रही हू वह तो एक नंबर. का कमीना है

रवि- पायल का हाथ पकड़ने की कोशिश करता है और पायल उससे अपना हाथ छुड़ा कर चल देती है

रवि- दीदी मेरी बात तो सुनो

पायल- मुझे तेरी कोई बकवास नही सुननी

रवि -पायल के आगे जाकर उसे रोकता हुआ, दीदी क्या तुम्हे मेरे प्यार पर यकीन नही है कि मे तुमसे कितना प्यार करता हू

पायल- गुस्से से उसको देखती हुई बिल्कुल नही

रवि- दीदी अगर ऐसी बात है तो तुम बस एक बार मुझसे कह दो कि रवि आज से तू सोनिया का मुँह जिंदगी भर नही देखेगा तो मे तुम्हारे लिए उसका भी त्याग कर दूँगा, इससे बढ़ कर और क्या सबूत दू मे तुम्हे अपने प्यार की सच्चाई साबित करने के लिए कि मे तुमसे कितना प्यार करता हू

पायल- रवि की बात सुन कर, क्या तू सच मुच ऐसा कर सकता है मेरे लिए

रवि- दीदी एक बार बस कह कर देख लो

पायल- मुस्कुराते हुए तो ठीक है आज के बाद तू इस दुनिया मे किसी को भी मुझसे बिना पूछे नही चोदेगा

रवि- पायल को देखते हुए कुछ सोच कर मे वादा करता हू दीदी तुम जैसा चाहती हो वैसा ही होगा

पायल -मुस्कुराते हुए, एक बार और सोच ले अगर तूने अपना वादा तोड़ा तो अपनी दीदी का मरा हुआ

रवि- पायल के शब्दो को अपने हाथो से दबाता हुआ, दीदी मरे तुम्हारे दुश्मन, तुम्हे तो जीना होगा और वह भी अपने

भाई के लिए

रवि की बात सुनते ही पायल रवि की बाँहो मे समा जाती है और रवि अपनी दीदी को चूमते हुए उसे अपनी बाँहो मे भर लेता है और फिर दोनो बाइक पर सवार होकर अपने घर आ जाते है,

घर पहुचने पर पायल सीधे अपनी भाभी के रूम मे जाती है जहा निशा बेड पर उल्टी लेटी हुई कोई बुक पढ़ रही थी,

पायल- अरे भाभी जी क्या पढ़ रही है आप

निशा- कुछ नही ननद रानी बस मे तो ऐसे ही टाइम पास कर रही थी पर तू बता बड़ी खुस लग रही है किसी लड़के से फस तो नही गई

पायल- अरे भाभी तुम्हारी ननद कोई ऐसी वासी लड़की है क्या जो किसी भी लड़के से इतनी आसनी से फस जाए

निशा-क्यो तुझे लड़को मे कोई दिलचस्पी नही है क्या

पायल- नही भाभी मे तो लड़को से दूर ही रहती हू,

निशा- क्यो

पायल- लड़को की जात का क्या भरोशा कब क्या कर दे

निशा- अच्छा रवि कहाँ है

पायल- अपने रूम मे गया है

निशा- वह तो दिन भर लड़कियो के पीछे ही रहता होगा

पायल- पता नही भाभी वह तो मुझे क्लास मे छोड़ कर ऐसा गायब होता है कि फिर कॉलेज के बाद ही मिलता है

निशा- अच्छा कभी तूने अपने भाई की नज़रो को पढ़ने करने की कोशिश की है

पायल- अपने मन मे लगता है कमिने ने भाभी के सामने ही उसँके दूध और गान्ड को घूरा होगा तभी भाभी ऐसी बात

कर रही है

निशा- क्या हुआ क्या सोचने लगी

पायल- कुछ नही मुझे कॉफी पीने का मन कर रहा है, मे जाकर कॉफी बनाती हू आप भी पियोगी क्या,

निशा- उसका हाथ पकड़ कर तू बैठ मे बना कर लाती हू और फिर निशा अपनी गदराई गान्ड को मतकती हुई जाने लगती है और पायल उसकी मटकती मोटी गान्ड को देखती हुई सोचने लगती है, बेचारे रवि की क्या ग़लती साली के चुतड है ही इतने जबरदस्त कि किसी का भी मन इसकी गान्ड मारने का करने लगे,


निशा सोचती है कि कही रवि बाद मे कॉफी के लिए ना कहने लगे इसलिए उससे भी पूछ लेती हू और वह रवि के रूम की ओर जाती है, रवि अपने कपड़े उतार कर पाजामा पहनने की तैयारी मे था तभी उसका मन अपने लंड को खोल कर देखने का होता है और वह अपने मोटे लंड को अंडरवेर से बाहर निकाल कर उसके टोपे को बाहर निकाल कर देखने लगता है और थोड़ा सहलाने पर ही उसका मोटा लोडा तन कर विकराल रूप धारण कर लेता है और वह अपने लंड को सहलाते हुए देखने लगता है तभी निशा रवि के रूम मे झाँक कर देखती है और जैसे ही उसकी नज़र रवि के मोटे लोड पर पड़ती है उसकी आँखे फटी की फटी रह जाती है और वह रवि के मोटे लंड को घूर कर देखने लगती है रवि का ध्यान दरवाजे की ओर नही होता है और वह आराम से अपने लंड को मसलता रहता है, निशा का गला उसके मोटे लंड को देख कर सूखने लगता है और वह बड़ी मुस्किल मे अपना थूक गले के नीचे उतार पाती है, निशा का दिल जोरो से धड़कता है और वह चुपचाप दबे पाँव लोटने लगती है तभी रवि को ऐसा लगता है जैसे कोई झाँक रहा था और वह अपने लंड को अंडरवेार मे डाल कर दौड़ कर दरवाजे से बाहर झाँक कर देखता है तो उसे उसकी भाभी अपने गदराए चुतड मटका कर जाते हुए दिखाई देती है,

रवि यह सोच कर खुस हो जाता है कि शायद भाभी उसके रूम के दरवाजे पर खड़ी उसके तगड़े लंड को देख रही थी वह

सोचने लगता है यह तो बहुत ही अच्छा काम हुआ है, और वह जल्दी से अपने पाजामे को पहन कर सीधा किचन मे जाता

है जहा निशा अपने भारी चुतडो को उठाए गॅस स्टॅंड के पास खड़ी कॉफी बनाती रहती है रवि जल्दी से किचन मे जाकर

अपनी भाभी के सामने मुस्कुराता हुआ जाता है और निशा उसे देख कर सीधे उसके पाजामे के तने हुए भाग की ओर

देखती है और फिर रवि की आँखो मे देखती है तो रवि मुस्कुरा देता है, और निशा अपना मुँह सामने की ओर कर लेती है

रवि- मुस्कुराता हुआ, भाभी अभी आप मेरे रूम मे आई थी क्या

निशा- उसकी बात सुन कर चौंक जाती है और एक दम हकलाते हुए नही तो मे कहाँ आई मे तो चाइ मेरा मतलब है कॉफी

बना रही हू,

रवि अपनी भाभी के पीछे जाकर उसकी मोटी गान्ड से अपने लंड को सटाता हुआ गॅस की ओर देखने का बहाना करता हुआ भाभी मेरे लिए भी बना रही हो ना

निशा- थोड़ा घबरा कर हाँ

रवि का लंड अपनी भाभी की जबरदस्त गदराई हुई मोटी गान्ड को देख कर तन जाता है और जब उसका लंड अपनी भाभी की गान्ड से सॅट जाता है तो उसका मोटा लोडा झटके मारने लगता है और निशा को उसके लंड की चुभन अपनी मोटी गान्ड मे महसूस होने लगती है,


रवि- अपने लंड का दबाव उसके भारी गदराए हुए चुतडो पर देता हुआ, भाभी लगता है आप कॉफी बहुत अच्छी बनाती

हो क्या कलर आया है आपकी कॉफी मे, और अपने मोटे लंड को अपनी भाभी के फैले हुए चुतडो के पाटो की दरार मे

लगा कर थोड़ा कस कर दबा देता है और निशा एक दम उसके लंड की चुभन अपनी गान्ड के छेद मे महसूस करके सिहर

जाती है लेकिन तभी उसको होश आता है और वह रवि को अपने पीछे से धकेलते हुए,

निशा- रवि ठीक से नही खड़ा रह सकता क्या,

रवि- निशा के सामने आकर क्या भाभी मे ठीक से तो खड़ा हू

निशा- अपने सूखे होंठो को अपनी जीभ से गीला करती हुई जाओ बाहर जाकर बैठो मे कॉफी लेकर आती हू

रवि - निशा के सामने ही उसके दूध को देखता हुआ मुस्कुराकर क्या भाभी कुछ देर तो अपने पास खड़ा रहने दो मे कब

से आपको देखने के लिए तरस रहा था

निशा- क्यो मेरे मुँह मे हीरे मोती जड़े है क्या जो तू मुझे देखने के लिए तरस रहा है

रवि- अपनी भाभी के गदराए दूध को देखता हुआ, भाभी तुम्हारे मुँह मे तो नही पर

निशा- उसको घूर कर देखती हुई पर क्या

रवि- मुस्कुराते हुए रहने दो भाभी तुम बुरा मान जाओगी

निशा- अपनी आँखे रवि को दिखाती हुई, देख रवि मुझे तेरी यह सब हरकते बिल्कुल अच्छी नही लगती है तू मेरे साथ

तमीज़ से पेश आया कर,

रवि- भाभी कभी तो मुझसे प्यार से बोल लिया करो मे कौन सी हरकत आपके साथ करता हू

निशा- ज़्यादा स्मार्ट मत बन, पहली बात तो तेरी आँख मे कचरा गिर गया था और फिर कॉलेज जाते टाइम भी कचरा गिर गया था क्या

रवि- भाभी आप तो हर बात को सीरियस्ली ले लेती हो आप को इन सब बातो को माइंड नही करना चाहिए,

निशा- तू मुझे ऐसी नज़रो से देखे और मे माइंड ना करू वा

रवि- भाभी आप खूबसूरत इतनी हो कि मे अपने आपको रोक नही पाता हू इसमे मेरी कोई ग़लती नही है बल्कि इसमे आपके इस खूबसूरत हुस्न की ग़लती है जो मुझे परेशान करता रहता है

निशा- खूबसूरत तो तेरी बहन भी है तो क्या उसे भी ऐसे ही देखता है,

रवि- मुस्कुराता हुआ, अच्छा बाबा आप नाराज़ क्यो होती है मे यहाँ से चला जाता हू, बोलो अब तो खुस

निशा- उसे देख कर अपनी आँखे दिखा कर हाँ तो जाता क्यो नही

रवि- पहले बोलो अब तो खुस हो ना अब ज़रा एक बार मुस्कुरा दो तो मे चला जाता हू

निशा- मुझे नही मुस्कुराना

रवि- प्लीज़ भाभी एक बार बस

निशा- उसकी हर्कतो से थोड़ा सा मुस्कुराती हुई उसे मारते हुए कमीना कही का और रवि वहाँ से भाग कर बाहर आ जाता है

निशा किचन मे खड़ी-खड़ी बाप रे इस कमिने का कितना बड़ा लंड है, पर रोहित तो इससे इतना बड़ा है उसके बाद भी इसका लंड तो रोहित से भी मोटा और लंबा नज़र आ रहा था, इतना मोटा लंड कैसे चूत मे घुसता होगा, चूत को तो फाड़ ही देता होगा, क्या पता इसने कभी किसी की चूत मे घुसाया है कि नही, पर कमीना पता नही क्यो मेरी गान्ड के पीछे पड़ा हुआ है लगता है यह मुझे फसा कर चोदने के फिराक मे है, तभी तो मेरी गान्ड मे अपना लंड सटा कर खड़ा था, और तो और डरता भी नही है चाहे कितना ही डराओ, जब मेरे सख़्त रवैये से इसकी इतनी हिम्मत है तो अगर इसे मे ज़रा सी ढील दू तो यह मेरी गान्ड ज़रूर मार देगा, इसकी नज़रे दिन रात मेरे दूध और चुतडो पर लगी रहती है यह ज़रूर मुझे फसा कर मुझे चोदने की फिराक मे है, वाकई बहुत ही बड़ा कमीना है यह,



तभी पायल किचन मे आकर क्या हुआ भाभी बड़ी देर लगा दी, कही रवि आपको परेशान तो नही करने लगा था,

निशा- मुस्कुरा कर नही-नही वह भला मुझे क्यो परेशान करने लगा

पायल- अपने मन मे उस कमिने के लिए इतना प्यार, ज़रूर कुछ ना कुछ हुआ है, क्यो कि जब कोई लड़की या औरत रवि से चुदवाने के बारे मे सोचती है तभी उसकी साइड मे बोलती है नही तो पहले तो सब रवि को कमीना ही कहती है, ज़रूर कमिने ने कुछ दाव खेल लिया है या फिर हो ना हो भाभी ने इस कमिने का लंड देख लिया है, कुछ तो है, अब क्या है वह तो मेरे प्यारे कमिने भाई से ही पता चलेगा, और सोनिया को चोद कर उसने यह भी साबित कर दिया है कि वह भाभी की चूत भी जल्दी ही मार देगा, वाकई बहुत ही बड़ा कमीना है मेरा भाई.

रवि- अपने मन मे सोचता हुआ, आज भाभी तुमने मेरे लंड के दर्शन कर के बहुत बड़ी ग़लती कर दी है अब तुम्हे इस

ग़लती की सज़ा अपनी मोटी गान्ड मे मेरा लंड लेकर ही करनी होगी, मुझे उम्मीद है कि मेरे लंड की चुभन तुम्हे बहुत

दिनो तक सताती रहेगी और यही चुभन तुम्हारे चुदवाने का कारण होगी, आख़िर तुमने पाया भी तो दुनिया का सब से बड़ा

कमीना देवेर जो है,

गतान्क से आगे.............................

तीनो आमने सामने बैठ कर कॉफी पीते हुए अपनी नज़रो से एक दूसरे को देख रहे थे लेकिन उनके दिमाग़ मे बस चुदाई

की ही बाते चल रही थी और तीनो की सोच उनकी नज़रो से बया भी हो रही थी बस उनकी नज़रो को पहचानने वाला चाहिए था,


रवि अपनी कमिनि नज़रे अपनी भाभी पर चला रहा था और पायल रवि को आँखे निकाल कर उसे ऐसी हरकत ना कहने के लिए मना कर रही थी, रवि जब पायल को मुस्कुरा कर आँख मार देता है तो निशा एक दम से रवि की नज़रो को देख लेती है लेकिन ऐसा शो करती है जैसे उसने कुछ ध्यान नही दिया हो, निशा अपने मन मे इस कमिने की हर्कतो से तो लगता है कि यह अपनी बहन को भी नही चोदता होगा, कही पायल अपने भाई से तो नही फसि है, नही-नही ऐसा कैसे हो सकता है, मुझे यह सब नही सोचना चाहिए,

तभी पायल उठ कर रवि की ओर मुस्कुरा कर देखती हुई अपने रूम मे जाने लगती है,

निशा- अरे पायल बैठ ना कहाँ जा रही है

पायल- अभी आई भाभी अपने कपड़े चेंज करके

निशा- ओके

पायल के जाने के बाद निशा अपनी नज़रे रवि की ओर करती है और रवि को मुस्कुराता हुआ अपनी ओर ही देखता पाती है

निशा- क्यो रवि क्या बात है तुम्हारे चेहरे पर हर समय मुस्कान रहती है

रवि- क्या करू भाभी जब से आप इस घर मे आई हो मेरी खुशी का ठिकाना ही नही है

निशा- क्यो क्या मे इतनी अच्छी हू

रवि- आपकी तारीफ के लिए मेरे पास शब्द नही है

निशा- और क्या पायल तुझे अच्छी नही लगती है

रवि- मुस्कुराते हुए नही भाभी ऐसी बात नही है दीदी भी अच्छी लगती है लेकिन आपकी तो बात ही कुछ और है और निशा के गदराए मोटे-मोटे चुचो को देखने लगता है निशा अपने पल्लू को अपनी छाती मे ठीक से रखते हुए झल्ला कर

निशा- रवि ऐसे घूर कर क्यो देखा करता है क्या खा जाएगा

रवि- मुस्कुरा कर उसके रसीले होंठो को देखता हुआ अरे भाभी आप भी कैसी बाते करती है आप क्या खाने की चीज़ है

आप तो पीने.....

निशा- अपनी आँखो को निकाल कर उसको घूर कर गुस्से से देखती हुई, क्या बोला

रवि- मुस्कुरा कर कुछ नही भाभी

निशा- मे जानती हू तू क्या कहना चाहता है

रवि- मुस्कुराते हुए, क्या

निशा- रवि तू क्या सोचता है कि मे कोई ऐसी वैसी औरत हू

रवि- निशा के सीरीयस चेहरे को देख कर सीरीयस होता हुआ, भाभी मेने ऐसा कब कहा कि आप ऐसी वैसी औरत है

निशा- तो फिर तू मेरे साथ इस तरह क्यो पेश आता है

रवि- देखो भाभी मे तो आप से थोड़ी मज़ाक कर लेता हू यदि आपको मेरी किसी बात का बुरा लगता है तो मुझे आप साफ-साफ कह दिया करो तो मे आगे से ऐसी हरकत नही किया करूँगा

निशा- ठीक है तो फिर आगे से मेरे.... और फिर कुछ कहती हुई चुप हो जाती है और अपनी नज़रे इधर उधर करने लगती है

रवि- आगे से क्या भाभी

निशा- उसको घूर कर देखती हुई कुछ नही

रवि- नही भाभी कुछ तो है जो तुम्हे पसंद नही है मुझे खुल कर बता दो मे आगे से वह हरकत नही करूँगा जो

आपको पसंद ना हो

निशा- उसको गौर से देखती हुई, थोड़ा मुस्कुरा कर रवि तू बहुत बड़ा कमीना है,

रवि- अपनी भाभी की बात सुन कर मुस्कुराता हुआ, वाह भाभी क्या खूब पहचाना है आपने अपने देवेर को

निशा- मुस्कुराते हुए बेटा मे तुझे आज नही उसी दिन पहचान गई थी जिस दिन तूने मुझे पहली बार अपनी इन कामिनी नज़रो से देखा था

रवि- मुस्कुराते हुए, भाभी मुझ मे यह विशेषता है कि कोई भी औरत मुझसे ज़्यादा समय तक नाराज़ नही रह पाती

है, अब अपने आप को ही देख लो मुझसे बाते करते हुए कितना खुस नज़र आ रही हो जबकि थोड़ी देर पहले आप मुझसे कितना नाराज़ हो रही थी,

निशा- उसकी बात सुन कर मुस्कुराते हुए वेरी स्मार्ट

रवि- अरे भाभी यह तो कुछ भी नही है जब आप मुझसे बिल्कुल फ्रॅंक हो जाओगी तब देखना आप मुझसे कितना खुस रहने

लगोगी और तो और आपका मन करेगा कि आप दिन भर मेरे पास ही रहो और मुझसे बाते करती रहो,


तभी अंदर से पायल की आवाज़ आती है रवि ज़रा यहाँ आना

निशा- मुस्कुराते हुए हाँ तू सच कहता है तभी तो पायल भी तेरे बिना ज़्यादा देर तक नही रह पाती है

रवि- निशा की बात को समझ कर मुस्कुराता हुआ, भाभी थोड़ा सा आप भी ट्राई करोगी तो आप भी मुझे हर पल अपने पास ही रखना चाहोगी बस थोड़ा सा मेरे बारे मे अपनी राय बदल लो फिर देखना आप मुझसे कितना खुस रहोगी, समझी, और फिर निशा के सामने ही उसको आँख मार कर मुस्कुराते हुए अपनी दीदी के रूम की ओर बढ़ जाता है और निशा उसको अपना मुँह फाडे देखती रह जाती है और फिर कुछ देर बाद थोड़ा सा मुस्कुरा कर कमीना कही का कह कर टीवी ऑन कर लेती है.

रवि पायल को पीछे से जाकर उसके गदराए मोटे-मोटे दूध को अपने हाथो मे भर कर दबोचता हुआ हे दीदी कब से

तुम्हे छुआ नही था, कितना तड़प रहा हू मे तुम्हारे बिना, ना जाने यह रात कब होगी,

पायल- उसको दूर धकेल्टी हुई, क्यो रे तू अपनी हरकत से बाज नही आएगा, इतनी जल्दी गरम-गरम खाने की कोशिश मत कर अपना हाथ और मुँह दोनो जला लेगा

रवि- पायल को वापस से पकड़ कर अपनी बाँहो मे भरते हुए दीदी तुम फिकर क्यो करती हो तुम्हारा भाई हर औरत की

कमज़ोरी को जल्दी ही पकड़ लेता है, अब भाभी की बात छोड़ो और अपने इन मस्ताने दूध को पिलाने की बात करो और पायल के दूध को अपने हाथो से कस-कस कर मसल्ने लगता है,

पायल- आह थोड़ा धीरे दबा रवि तू तो एक दम जान निकालने पर उतारू हो जाता है

रवि- उसके दूध को कस कर दबाते हुए, हे दीदी मे क्या करू तुम्हारे ये मस्ताने दूध है ही इतने कठोर कि जब मे

इन्हे दबाता हू तो यह खुद मुझसे कहने लगते है कि बेटा रवि थोड़ा ज़ोर लगा कर दबाना तभी तो तेरी प्यारी दीदी की चूत

मे पानी आएगा,

पायल- आह तू बहुत कमीना है तुझे औरतो के हर सुख की नब्ज़ का अंदाज़ा रहता है, तभी तो औरते जल्दी ही तुझे अपनी चूत दे देती है,

रवि- अपनी दीदी की चूत को अपने हाथो मे भर कर दबोचता हुआ, दीदी तुम्हारी इस फूली हुई चूत की तो बात ही अलग है

पायल- चल झूठा कही का तेरे मन मे तो ना जाने किस-किस की चूत बसी हुई है अपनी दीदी को तो तू टाइम पास समझने लगा है

रवि- नही दीदी सच मुच तुम्हारी चूत के मुक़ाबले किसी की चूत नही है,

पायल- मुस्कुरा कर अच्छा, तो मुझे यह बता कि तुझे सोनिया को चोदने मे ज़्यादा मज़ा आया था या मुझे

रवि- सच कहु दीदी जितना मज़ा तुम्हारी मस्तानी चूत को फाड़ने मे आया था ना उतना मज़ा शायद ही किसी को चोदने मे

आएगा, तुम तो उपर से लेकर इतनी सेक्सी और खूबसूरत हो की मे तुम्हे चोदे बिना अब जी ही नही सकता हू, और पायल के रसीले होंठो को अपने मुँह मे भर कर उसके मोटे-मोटे चुतडो को अपने हाथो मे कस कर खूब ज़ोर-ज़ोर से दबोचने

लगता है, पायल उसके लंड को उसकी पेंट के उपर से दबाते हुए,

पायल- अपनी दीदी को चोदने के लिए तेरा यह मोटा डंडा कितना जल्दी खड़ा हो जाता है

रवि- पायल की चूत को अपने हाथो से दबोचते हुए, दीदी तुम्हारी चूत भी तो अपने भाई के मोटे डंडे को खाने के लिए

कितनी जल्दी फूल जाती है,

पायल- रवि क्या कर रहा है अभी चोद देगा क्या अपनी दीदी को

रवि- हाँ दीदी मे तो कब से तुम्हे चोदने के लिए तड़प रहा हू

पायल- पगले अभी मुझे छोड़ कही भाभी ना देख ले, यह सब रात को करेगे

रवि- पायल के होंठो को चूमता हुआ, ठीक है दीदी जैसा तुम कहो और फिर रवि बाहर आ जाता है, जब रवि बाहर आता है

तो निशा उसके चेहरे को गौर से देखती है और रवि उसको देख कर मुस्कुराता हुआ उसके सामने आकर बैठ जाता है




रवि- क्या देख रही हो भाभी

निशा- मुस्कुराते हुए देख रही हू कि अपनी दीदी की एक आवाज़ मे कैसा भागा-भागा जाता है

रवि- मुस्कुराते हुए, कभी आप भी आवाज़ देकर देखो आपके लिए तो इससे भी तेज दौड़ कर आ जाउन्गा

निशा- मुझे तो तेरी किसी भी हेल्प की ज़रूरत ही नही है

रवि- अपना कोई काम करवा कर तो देखो भाभी फिर आपको हमेशा मेरी ही हेल्प की ज़रूरत पड़ेगी

निशा- क्यो तू इतना एक्सपर्ट है क्या

रवि- मुस्कुराता हुआ भैया से भी ज़्यादा एक्सपर्ट हू मे कभी आजमा कर देखो आप भी याद करोगी

निशा- अच्छा इतना विश्वास है अपने आप पर

रवि- अपने आप पर नही अपने काम करने के तरीके पर

निशा- मुस्कुराते हुए ऐसा क्या तरीका यूज़ करता है तू

रवि- भाभी वह तो मे कर के ही दिखा सकता हू कभी मोका दो तो बताउन्गा

निशा- मुस्कुराते हुए सोचूँगी

रवि- अरे भाभी इसमे सोचना क्या, बस एक बार इशारा करो बंदा हाजिर हो जाएगा

निशा- और अगर तेरे भैया ने कहा कि रवि से कोई भी काम क्यो करवाती हो तो फिर

रवि- अरे भाभी भैया को बताने की ज़रूरत ही क्या है

निशा- और अगर उन्हे फिर भी पता चल गया तो

रवि- भाभी आप इतनी तो समझदार है ही कि भैया को क्या पता लगना चाहिए और क्या नही यह तय कर ले

निशा- मुस्कुरा कर तुझे मेरी हेल्प करने मे बड़ी दिलचस्पी है

रवि- अपने मन मे भाभी तुम्हारे जैसा गदराया माल जब सामने हो तो किसकी दिलचस्पी नही होगी तुम्हे चोदने मे,

रवि- क्या करू भाभी मुझे अपने घर की औरतो की हेल्प करने मे बड़ा मज़ा आता है

निशा- अपनी दीदी की भी हेल्प करता है क्या

रवि- मुस्कुरा कर आपको क्या लगता है

निशा- अपने मन मे सोचती हुई मुझे तो लगता है कमिने तू अपनी दीदी को ज़रूर चोदता होगा, तेरे होंठो पर लगी लिपस्टिक

इस बात का सबूत है, पायल दिखने मे तो बड़ी भोली बनती है पर मुझे अब यकीन हो गया है कि तू ज़रूर उसे चोदता है और वह भी खूब कस कर तुझसे अपनी चूत मरवाती है,

रवि- क्या हुआ भाभी क्या सोचने लगी

निशा- कुछ नही मे तो यह सोच रही थी कि पायल क्या तेरी हेल्प लेने को तैयार हो जाती होगी

रवि- क्यो क्या बुराई है मुझमे

निशा- वही तो मे सोच रही हू

रवि- भाभी अब ज़्यादा सोचो मत जल्दी से कोई फ़ैसला लो

निशा- क्यो तुझे बड़ी जल्दी है मेरी हेल्प करने की मुझे तो अभी तेरी हेल्प की ज़रूरत नही है हाँ पायल को ज़रूर तेरी हेल्प की ज़रूरत पड़ती होगी


रवि- निशा की गदराई जवानी को उपर से नीचे तक खा जाने वाली नज़रो से देखता हुआ, भाभी आपको देख कर तो ऐसा लगताहै कि आप को बहुत ज़्यादा मेरी हेल्प की ज़रूरत है

निशा- रवि की बात सुन कर उसकी आँखो मे घुरती हुई मुझे तेरी हेल्प की अभी कोई ज़रूरत नही है

रवि- निशा के मोटे-मोटे दूध को देखता हुआ लगता है भाभी आप मेरी हेल्प लेने मे डर रही है

निशा- भला मे क्यो डरने लगी तुझसे

रवि- नही भाभी आप ज़रूर डर रही है नही तो आपका अंदाज तो यही साबित करता है कि आप भी मेरी हेल्प लेने के लिए मरी जा रही है

निशा- तुझे क्या मालूम मे मरी जा रही हू या नही

रवि- अगर आप मरी नही जा रही है तो फिर मे आपको इतना अच्छा क्यो लगता हू

निशा- उसको घूर कर देखती हुई किसने कहा कि तू मुझे अच्छा लगता है

रवि- दीदी ही कह रही थी

निशा- आश्चर्या से रवि को देखती हुई क्या कह रही थी पायल

रवि- यही कि रवि बहुत ही अच्छा लड़का है अपने भैया से बिल्कुल अलग है और मे ऐसा ही देवेर चाहती थी जो दिन भर

मेरा ख्याल रखे

निशा- मेने ऐसा कब कहा पायल से

रवि- अच्छा तो क्या मे झूठ बोल रहा हू, अभी मे दीदी को बुला कर पुछवा देता हू कि उसने ऐसा कहा था कि नही मुझसे

निशा- नही-नही रहने दे हो सकता है मेने कहा हो, मुझे ठीक से याद नही है

रवि- मुस्कराता हुआ, तो अब सच-सच बताओ मे आपको अच्छा लगता हू ना

निशा- रवि की बात सुन कर मुस्कुराते हुए अपने मुँह से ही अपनी तारीफ करवा रहा है मुझसे

रवि- प्लीज़ भाभी एक बार तो बता दो

निशा- मुस्कुरा कर क्या बता दू

रवि -यही कि आप मेरे बारे मे क्या सोचती हो

निशा- मुस्कुरा कर "तू बहुत बड़ा कमीना है"

रवि -मुस्कुराते हुए तो फिर भाभी अब ये भी बता दो कि इस कामीने को कब मोका दोगि अपनी हेल्प करने का मे बहुत तड़प रहा हू आपके लिए, मेरा मतलब है आपकी हेल्प के लिए

निशा- मुस्कुरा कर रवि तू ऐसा सोच भी कैसे लेता है कि मे तुझसे....

रवि- भाभी मे तो आपके लिए बहुत कुछ सोचता हू

निशा- उसको देखती हुई क्या सोचता है

रवि- मुस्कुरा कर उसके सामने ही उसके मोटे-मोटे दूध को खा जाने वाली नज़रो से घूरता हुआ, बता दू

निशा- अपनी नज़रे चुराते हुए, क्या

रवि- यही कि मे आपके बारे मे क्या सोचता हू

निशा- उसको घूर कर देखती हुई, नही कोई ज़रूरत नही है, मे सब जानती हू तू क्या सोचता है

रवि- मुस्कुराते हुए तो फिर आप ही बता दो मे क्या सोचता हू

निशा- मुझे नही मालूम

रवि- मुस्कुराता हुआ, ठीक है भाभी आप तो मुझे कुछ नही बताओगि पर मे भी सब जानता हू कि आप मेरे लिए क्या सोचती है, और मे यह भी जानता हू कि आप मेरे रूम के दरवाजे पर खड़ी -खड़ी क्या देख रही थी

निशा- उसकी बात सुन कर एक दम से सकपका जाती है और क्या-क्या देख रही थी मे, मेने कब देखा, मे थोड़े ही वहाँ थी

रवि- भाभी आप कितना ही छुपा लो मेने तो आपकी उस बात को दीदी को भी बता दिया है


निशा- एक दम घबराकर क्या बता दिया है तूने पायल से

रवि- अपनी भाभी का घबराया हुआ चेहरा देख कर अरे भाभी इतना घबरा क्यो रही हो मे तो मज़ाक कर रहा हू, मेने

दीदी को कुछ नही बताया है कि आप उस वक़्त क्या देख रही थी छुप कर

रविकी बात सुन कर निशा कुछ शर्मा जाती है और अपनी गर्दन नीचे करती हुई अपनी नज़रे झुका लेती है

रवि बैठा-बैठा निशा को देखता रहता है और फिर निशा जब अपनी नज़रे उठा कर रवि को देखती है तो रवि एक दम से

निशा को आँख मार देता है और निशा शर्म से पानी-पानी हो जाती है, रवि उठ कर निशा के पास जाकर बैठ जाता है और

निशा अपनी नज़रे ज़मीन से गढ़ाए रहती है

रवि- भाभी, और निशा अपनी नज़रे उठा कर रवि को देखती है उसका चेहरा ऐसा दिखाई दे रहा था जैसे उसको किसी ने रंगे

हाथो चोरी करते हुए पकड़ लिया था,

रवि- निशा की आँखो मे देखते हुए, भाभी आप बहुत खूबसूरत हो, निशा उसकी बात सुन कर अपनी नज़रे नीचे करती है

तो रवि उसकी थोड़ी को अपने हाथो से पकड़ कर उसके चेहरे को उपर उठता है और भाभी आइ लव यू

रवि की बात सुन कर निशा उठ कर जाने लगती है तो रवि उसका हाथ पकड़ लेता है और

रवि- भाभी कहाँ जा रही हो

निशा- अपने हाथ को छुड़ाने की कोशिश करती हुई मुझे जाने दे रवि

रवि- खड़ा होकर निशा के हाथो को कस कर पकड़ता हुआ उसकी मोटी गान्ड से अपने लंड को सताता हुआ, भाभी फिर मुझसे कब अपनी हेल्प कर्वओगि

निशा- अपने हाथ को छुड़ा कर उसको सोफे पर धकेल्टी हुई मुस्कुरा कर कभी नही और अपने मोटे-मोटे चुतडो को

मतकती हुई पायल के रूम की ओर जाने लगती है,

रवि- पीछे से आवाज़ लगता हुआ, भाभी अगर आपने मुझसे हेल्प नही करवाई तो मे आप वाली बात दीदी को बता दूँगा

निशा रवि को कुछ कहती उससे पहले ही पायल रूम से बाहर आती हुई

पायल- क्या बता देगा रवि

पायल की बात सुन कर निशा के होश उड़ जाते है और वह रवि को ना मे गर्दन हिलाते हुए उसे इशारे से चुप रहने को

कहती है

रवि- निशा को मुस्कुराते हुए देख कर कुछ नही दीदी मे तुम्हे बाद मे बताउन्गा

पायल- क्या बात है अभी बता ना

रवि- नही दीदी अभी नही पहले भाभी से तो पूछ लू कि मे तुम्हे बताऊ कि नही

पायल- ओफ्फ हो पहेलिया क्यो बुझा रहा है बताना है तो बता नही तो मत बता और भाभी के पास आकर भाभी आप ही

बताओ क्या बात है

निशा- घबराते हुए कुछ नही, रवि तो मज़ाक कर रहा है, और रवि को घूर कर देखती हुई , है ना रवि

रवि- भाभी पहले बोलो हेल्प का जवाब यस है या नो

निशा- उसको घूर कर देखती हुई हाँ, हाँ यस है अब तो खुस

रवि- अरे दीदी मे तो मज़ाक कर रहा था दरअसल मेने भाभी से एक पहेली पूछी थी और भाभी उसका जवाब नही दे पाई

और शर्त के मुताबिक मे अब जो भी भाभी से मागुंगा भाभी को मुझे देना पड़ेगा






रवि- निशा को देख कर क्यो भाभी मे जो भी मांगूगा आप दोगि ना


निशा- रवि की ओर देख कर मुस्कुराते हुए, हाँ, हाँ जो तुझे चाहिए ले लेना


रवि- निशा की गदराई जवानी पर उसकी आँखो के सामने ही नज़र मारते हुए, भाभी तुम जानती हो मुझे क्या चाहिए, अब


बाद मे जब मे मांगूगा तो मुकरना नही, नही तो और पायल को बता देने का इशारा करता है और निशा की ओर मुस्कुरा


कर आँख मारता हुआ अपने रूम मे चला जाता है


उसके जाने के बाद निशा गहरी सांस लेती हुई पायल बड़ा ही कमीना है तेरा भाई


पायल- क्यो क्या हो गया भाभी, सच पूछो तो मे आप दोनो की गोल मोल बात को समझ ही नही पाई


निशा- पायल को देख कर मुस्कुराते हुए यह सब तेरा ही किया धरा है तू क्या-क्या कहती रहती है रवि से मेरे बारे मे


पायल- निशा को आश्चर्या से देखते हुए मेने क्या कहा है


निशा- अब जाने दे, मुझे तो तूने फसा ही दिया है


पायल- अरे भाभी मुझे सच मे कुछ नही मालूम आख़िर हुआ क्या है


निशा- वो सब छोड़ मे तुझे बाद मे बताउन्गि पहले यह बता कि रवि को क्यो बुलाया था अपने कमरे मे


निशा की बात सुन कर पायल एक दम से झेप जाती है और उसके चेहरे के बदलते एक्सप्रेशन को देख कर निशा मुस्कुराने


लगती है,


निशा- क्या हुआ मेने कुछ ग़लत पूछ लिया क्या


पायल- सकपका कर नही वो ऐसा है भाभी


निशा- मुस्कुरा कर कैसा है, बड़ा कमीना है ना


पायल- कौन


निशा- अरे वही अपना रवि


पायल- थोड़ा मुस्कुरा कर हाँ वो तो है


निशा- तुझे कैसे पता कि वह बहुत कमीना है


पायल- फिर से झेप्ते हुए मुझे क्या पता मे तो आपकी हाँ मे हाँ मिला रही हू


निशा- बिना सोचे समझे


पायल- ओफ्फ हो भाभी अब कोड वर्ड मे बाते करना बंद भी करो और साफ-साफ कहो आप क्या कहना चाहती हो


निशा- पायल के गाल को खिचती हुई, साफ-साफ कह दू


पायल- घबरा कर, बात पलटती हुई भाभी आज खाने मे क्या बनाना है,


निशा- मुस्कुरा कर अरे अभी तो बहुत समय है आ थोड़ी देर बैठ कर बाते करते है


पायल- घबराती हुई वो भाभी मुझे ज़रा बाथरूम जाना है


निशा- मुस्कुराते हुए, अच्छा जा मे तेरा यही वेट करती हू


पायल जल्दी से बाथरूम मे जाकर घुस जाती है और लंबी-लंबी साँसे लेती हुई, भाभी कैसी बाते कर रही है कही इन्हे


शक तो नही हो गया, ज़रूर उस कमिने ने कुछ किया है तभी तो भाभी मुझसे ऐसी बाते कर रही है कही रवि ने उन्हे


कुछ बता तो नही दिया, उसका कोई भरोशा नही है, अब क्या करू मे बाहर कैसे जाउ, भाभी फिर से कुछ पूछने लगी तो


मे क्या जवाब दूँगी, तभी बाहर से निशा की आवाज़ आती है पायल कितना देर लगाएगी, पायल घबराती हुई आई भाभी, हे


भगवान आज तो बचा ले मुझे, कहा फसा दिया इस कमिने ने, तभी निशा का फोन बजता है और दूसरी ओर रोहित उससे


बाते करने लगता है,


पायल धीरे से दरवाजा खोल कर बाहर आती है और भाभी को दूसरी ओर मुँह करके बात करते देखती है और चुपचाप दबे


पाँव अपने रूम मे भाग जाती है. निशा फोन कट करने के बाद बाथरूम का दरवाजा खोल कर अंदर देखती है और फिर


मुस्कुराती हुई, सोचती है हो ना हो इन दोनो के बीच ज़रूर कोई ना कोई लेफ्डा चल रहा है लेकिन मे कैसे मालूम करू पायल तो मुझे बताने से रही, अब तो मुझे इन सब बातो की सच्चाई सिर्फ़ रवि से ही पता चल सकती है पर यह भी सच है कि अगर


मे यह सब बाते जानना चाहती हू तो मुझे रवि से अपनी चूत मर्वानी पड़ेगी, वह कमीना भी तो मेरी चूत के पीछे हाथ


धो कर पड़ा है, वैसे उसका लंड बहुत ही बड़ा है जो भी उसके लंड से चुदेगि उसे तो मज़ा आ जाएगा, अरे यह क्या मेरी


चूत क्यो गीली हो गई और मुस्कुराते हुए रवि के मोटे लंड के बारे मे सोचेगी तो चूत तो गीली होगी ही ना,


................................


उधर सोनिया को देखने के लिए लड़के वाले आ जाते है और सोनिया काफ़ी दुखी मन से अपने मा-बाप के सामने लड़के वालो के सामने जाती है, लड़के वाले सोनिया को देखते ही रिश्ता पक्का कर देते है और यह कह कर चले जाते है की एक आख़िरी बार वह सोनिया का फोटो अपने बेटे के पास भेज रहे है अगर उसे भी लड़की पसंद आ गई तो जल्द ही शादी की डेट तय कर दी जाएगी, सोनिया यह सब सुन कर काफ़ी उदास हो जाती है और रोने लगती है, और रवि को फोन करके सब बाते उसे बताने लगती है, और रवि से कहती है वह उसे आकर ले जाए नही तो वह जहर खा कर अपनी जान दे देगी,


रवि- ओफ्फ हो सोनिया पागलो जैसी बात क्यो करती हो तुम फिकर मत करो मे कुछ ना कुछ रास्ता निकाल लूँगा और अगर कुछ नही हुआ तो तुम्हारे मरने से पहले मे उसे मार दूँगा जो तुमसे शादी करने चला है, और सोनिया को कॉन्फिडेन्स मे लेकर चुप करा देता है और फोन रख देता है, तभी उसके पास करण का फोन आता है और


कारण- हेलो रवि कहाँ है


रवि- घर पर बोल क्या बात है


कारण- अबे एक खुशी की बात है


रवि- अच्छा वह क्या


कारण- अरे मेरे मम्मी-पापा ने मेरे लिए एक लड़की पसंद कर ली है और उसकी तस्वीर कल तक मेरे पास आ जाएगी तू एक काम कर कल सनडे भी है तू कल मेरे फ्लॅट मे आ जा हम कल इंजोय करते है,


रवि- ओके डियर मे सुबह ही पहुच जाउन्गा पर साले कल भी तू मुझे दिन मे ही वोड्का पिलाएगा क्या,


कारण- अबे जब मस्ती मारना हो तो दिन क्या और रात क्या आजा मज़ा आ जाएगा


रवि- चल ठीक है मे आता हू बाइ


रात को रोहित और निशा अपने रूम मे घुस कर चुदाई शुरू कर देते है और दूसरी तरफ रवि अपनी दीदी के रूम मे जाकर


उसके साइड मे लेट जाता है और फिर दोनो भाई बहन एक दूसरे का चेहरा देखते हुए एक दूसरे की आँखो मे देखने लगते


है और दोनो बिना एक दूसरे को छुए ही गरम होने लगते है,


रवि- पायल की आँखो मे देखता हुआ धीरे से अपने हाथ को अपनी दीदी के गदराए दूध पर रख कर हल्के-हल्के दबाते


हुए, मेरी जान तुम कितनी सेक्सी और खूबसूरत लगती हो, काश तुम मेरी बीबी होती,


पायल- रवि के मोटे लंड को उसके पाजामे के उपर से ही दबाती हुई, दीदी समझ कर हो चोद रवि तुझे ज़्यादा मज़ा आएगा


बीबी को तो हर कोई चोद लेता है पर अपनी दीदी को तो नसीब वाले ही चोद पाते है,


रवि - पायल के मस्ताने दूध को कस कर मसलता हुआ, दीदी अगर तुम्हारे जैसी गदराई दीदी जिसकी भी होगी वह उसे ज़रूर चोदने के लिए मरा जाएगा,


पायल- उसके मोटे लंड को दबाती हुई, बेटे तेरे जैसा लंड भी जिस लड़की के भाई का होगा वह ज़रूर उसे अपनी फूली हुई चूत मे लेने के लिए मचल जाएगी


रवि अपनी दीदी से बाते भी करता जा रहा था और बीच-बीच मे कभी उसके मोटे गदराए दूध को मसलता कभी उसके


रसीले होंठो को चूस्ता और कभी अपना हाथ पीछे ले जाकर उसकी मोटी गान्ड को दबाता,


रवि- दीदी तुम्हारे चुतड कितने भारी हो गये है ऐसा लगता है जैसे तुम खूब कस कर अपनी गान्ड मरवाती हो


पायल- मुझे लगता है आज तू मेरी गान्ड मरने के मूड मे है,


रवि- दीदी तुम कहो तो आज मे तुम्हारी गान्ड को खूब कस कर चोद दू,


पायल- मुस्कुरा कर पर मुझे ज़्यादा दर्द होगा तो


रवि- नही दीदी मे इस तरह से तुम्हारी गान्ड मारूँगा कि तुम्हे ज़्यादा दर्द नही होगा


पायल- और मेरी चूत जो सुबह से रस छोड़ रही है उसका क्या होगा


रवि- दीदी तुम फिकर क्यो करती हो मे तुम्हारी चूत का सारा रस अपने मुँह से पी जाउन्गा, और तुम मेरे मुँह मे ही अपना सारा रस छोड़ देना


पायल- नही तू थोड़ी देर मेरी गान्ड मार ले लेकिन फिर मुझे अपनी चूत मे तेरा मोटा लंड चाहिए


रवि- अच्छा ठीक है और पायल की गदराई गान्ड को दबोचते हुए, लेकिन दीदी तुम्हारी गान्ड मे ज़्यादा दर्द ना हो इसके लिए


मुझे तेल लगा कर तुम्हारी गान्ड को चिकना बनाना पड़ेगा, पायल अपनी स्कर्ट और टीशर्ट उतार कर तुरंत नंगी हो जाती है और फिर अपनी ब्रा और पेंटी उतार कर खड़ी हो जाती है और रवि की ओर मुस्कुरा कर देखती हुई मे कैसी लग रही हू


रवि- अपनी दीदी की नंगी गदराई जवानी उसके मोटे-मोटे कसे हुए दूध और फूली हुई चूत को देख कर मस्त हो जाता है


और खुद भी अपने सारे कपड़े उतार कर पूरा नंगा हो जाता है उसका मोटा लंड सर उठाए खड़ा रहता है और वह अपनी


दीदी के पास जाकर उसकी नंगी गदराई जवानी को अपनी बाँहो मे भर कर पागलो की तरह चूमने लगता है, दोनो भाई बहन


एक दूसरे से पूरे नंगे खड़े होकर चिपके हुए एक दूसरे की गान्ड और पीठ को सहलाते हुए एक दूसरे के मुँह, होंठ को


चूमने लगते है


रवि- दीदी चलो ड्रेसिंग टेबल के शीशे मे एक दूसरे को नंगा देखते है


पायल- उसके लंड को अपने हाथो से पकड़ कर अपनी गान्ड मतकती हुई धीरे-धीरे रवि के लंड को अपने हाथो से खिचते


हुए ड्रेसिंग टेबल की ओर जाने लगती है और रवि अपनी दीदी के गदराए चुतडो की मस्तानी थिरकन को देखता हुआचल देता


है, ड्रेसिंग टेबल के शीशे के सामने जाकर दोनो एक दूसरे से नंगे ही चिपक जाते है और शीशे मे एक दूसरे का चेहरा


देख कर मुस्कुराते हुए एक दूसरे के नंगे बदन को सहलाने लगते है, पायल अपनी मोटी गदराई गान्ड को शीशे के सामने


करके थोड़ा अपनी गान्ड को बाहर निकाल कर रवि को दिखाती है और रवि अपनी दीदी की मस्तानी गान्ड को शीशे मे देखते हुए


उसकी गदराई गान्ड के मोटे-मोटे पाटो को सहलाता हुआ अपनी दीदी की गहरी गुदा मे अपने हाथ की उंगलिया फेर-फेर कर


सहलाने लगता है और पायल अपने भाई के मोटे लंड के टोपे को खोल कर उसके टोपे को सहलाने लगती है,


तभी रवि द्रीसिंग टेबल के उपर रखी ऑमंड ड्रॉप्स की शीशी को उठा कर उससे तेल निकाल कर अपनी दीदी की मोटी गान्ड की दरार मे तेल लगा कर उसकी गदराई मोटी गान्ड के छेद मे अपनी उंगली घुसा-घुसा कर तेल लगाने लगता है तभी पायल अपनी हथेली को आगे करके रवि को अपने हाथ मे तेल डालने का इशारा करती है और रवि उसके हाथो मे तेल डाल देता है और पायल अपने हाथो मे तेल लेकर रवि के मोटे लंड मे तेल लगा-लगा कर उसे सहलाने लगती है, रवि अपनी दीदी के मोटे गदराए चुतडो को पूरा तेल से भिगो देता है और खूब कस-कस कर अपनी दीदी के मस्ताने चुतडो की मालिश करने लगता है, वह जितनी ज़ोर से अपनी उंगलियो को अपनी दीदी की गान्ड की दरार मे भरता है पायल भी उतनी ही तेज तरीके से अपने हाथो को अपने भाई के लंड पर कस-कस कर तेल मलने लगती है,


करीब 10 मिनिट तक दोनो एक दूसरे की गान्ड और लंड मे तेल लगा-लगा कर पूरी तरह चिकना कर देते है उसके बाद रवि अपनी दीदी को बेड से सटा कर पेट के बल बेड के नीचे टाँगे झुला कर लिटा देता है और फिर अपनी दीदी की मोटी गान्ड के छेद को अपने हाथो से फैलता है तो पायल उसके हाथ को हटाते हुए अपने हाथो से अपनी गदराई मोटी गान्ड को खूब कस कर फैलाती है और अपने भाई को अपनी गान्ड का कसा हुआ छेद दिखा कर ले रवि अब डाल अपने लंड को अपनी दीदी की गदराई गान्ड मे, रवि पायल की बात सुन कर अपने लंड को अपनी दीदी की गान्ड के छेद मे लगा कर एक तगड़ा धक्का मारता है और उसका


लंड अपनी दीदी की गान्ड के छेद को फैलता हुआ लगभग आधा अंदर धस जाता है और पायल की गान्ड फॅट जाती है और वह ज़ोर से सीसियाते हुए आह रवि बहुत मोटा है तेरा लंड आ रवि प्लीज़ मे मर जाउन्गि, रवि रुक जा रवि आ, रवि अपने आधे लंड को फसाए हुए अपनी दीदी की गान्ड के मोटे-मोटे पाटो को दबोच-दबोच कर सहलाते हुए अपने लंड को धीरे-धीरे


अपनी दीदी की मोटी गान्ड मे गाढ़ने लगता है,









पायल आह-आह करती हुई अपनी गान्ड के छेद को कभी सिकोडती है कभी फैलाती है, रवि लगातार अपनी दीदी की गान्ड के मोटे- मोटे पाटो को मसल-मसल कर सहलाता रहता है जब पायल कुछ शांत दिखाई देती है तो रवि अपने लंड को एक दम से कस कर अपनी दीदी की मोटी गान्ड मे पेल देता है और उसका मोटा लंड उसकी दीदी की मोटी गान्ड को फाड़ता हुआ पूरा अंदर फिट हो जाता है और पायल की गान्ड फॅट जाती है और वह ज़ोर-ज़ोर से सीसियाते हुए अपनी गान्ड के छेद को सिकोड़ने लगती है, रवि अपनी


दीदी की गान्ड को बड़े प्यार से सहलाता हुआ धीरे-धीरे अपने लंड को अंदर बाहर करने लगता है और पायल आह-आह रवि सी आह-आह ओह रवि बहुत दर्द हो रहा है रवि प्लीज़ रुक जा आह-आह, रवि अपनी दीदी के मोटे चुतडो को कस-कस कर अपने हाथो से भिचता हुआ उसकी गान्ड मारने लगता है और पायल अपने हाथो के पंजो से चादर को पकड़े हुए अपने भाई का मोटा लंड अपनी गदराई गान्ड मे लेने लगती है,


रवि करीब 10 मिनिट तक अपनी दीदी को धीरे-धीरे लेकिन गहरे धक्के मारता हुआ उसकी मोटी गान्ड चोदता रहता है, उसके बाद रवि अपनी दीदी की गान्ड को उमच-हुमच कर चोदना शुरू कर देता है और पायल आह-आह ओह रवि बहुत खुजली हो रही है आह रवि बहुत अच्छा लग रहा है थोड़ा तेज चोद आह-आह ओह रवि तू कितना अच्छा है थोड़ा कस कर मार रवि आह-आह, चोद ना रवि थोड़ा तेज चोद रवि प्लीज़ आह-आह ओह मे मर जाउन्गि रवि और तेज मार और तेज, रवि अपनी दीदी की गान्ड को सतसट चोदने लगता है और उसके चुतडो पर हल्के-हल्के थप्पड़ मारते हुए उसकी गान्ड मे सतसट लंड पेलने लगता है, करीब 20 मिनिट तक अपनी दीदी की गान्ड को मारते हुए रवि का लंड उसकी कसी हुई गान्ड मे पानी छोड़ देता है और हान्फता हुआ उसकी कमर के उपर झुक जाता है और पायल बेड पर पेट के बल पसर जाती है, रवि सीधा अपनी दीदी की गान्ड मे लंड फसाए उसके


उपर लेट जाता है और करीब 2 मिनिट बाद उसका लंड उसकी दीदी की गान्ड से बाहर निकल आता है, पायल अधमरी सी गहरी-गहरी साँसे लेती हुई पड़ी रहती है और रवि उसकी गोरी-गोरी पीठ को सहलाता रहता है करीब 2 मिनिट तक रवि उसके उपर लेटा रहता है उसके बाद उठ कर अपनी दीदी की गान्ड मे एक थप्पड़ मारते हुए


रवि- दीदी अब उठो भी कब तक पड़ी रहोगी


पायल- पलट कर पीठ के बल लेटती हुई, कामीने कितना ज़ोर से चोद रहा था तू


रवि- लो कर लो बात खुद ही तो कह रही थी कि रवि और ज़ोर से चोद खूब कस कर चोद और अब कह रही हो कितना ज़ोर से चोद रहा था,


पायल- मुस्कुरकर अरे उस समय होश रहता है क्या, पर तुझे तो सोचना चाहिए था कि तेरी दीदी की क्या हालत होगी, मेरा तो सारा बदन दर्द करने लगा है अब मुझसे उठा भी नही जा रहा है,


रवि- अरे दीदी तुम फिकर क्यो करती हो मे तुम्हे अपनी गोद मे उठा लेता हू और रवि अपनी दीदी को अपनी गोद मे उठा लेता है और पायल उसके सीने से चिपक जाती है, रवि अपनी दीदी के होंठो को चूमता हुआ,


रवि- दीदी तुम्हारी गान्ड बहुत मस्त है


पायल- मुस्कुरा कर अपनी दीदी को नंगी करके अपनी गोद मे उठाते हुए तुझे शरम नही आती है


रवि- तुम्हारे जैसी दीदी को पूरी नंगी करके गोद मे उठाने और अपने लंड मे चढ़ने मे बहुत मज़ा आता है और


अपनी दीदी की चूत की फांको को फैलाकर देखते हुए देखो तो दीदी तुम्हारी चूत कितना पानी छोड़ रही है, जानती हो यह क्या कह रही है


पायल- मुस्कुरा कर क्या कह रही है


रवि- दीदी यह कह रही है की रवि अपने मोटे लंड को मेरे अंदर फसा कर खूब कर कर मेरी चूत मार दे


पायल- तो फिर देख क्या रहा है जैसा वह कह रही है वैसा करता क्यो नही


रवि- क्यो नही अभी कर देता हू और रवि पायल की दोनो टाँगो को अपनी कमर से लपेट कर उसकी चूत के छेद मे अपने लंड को जैसे ही सेट करता है पायल अपनी चूत का धक्का उसके लंड पर मार देती है और रवि का लंड अपनी दीदी की फटी हुई चूत मे सॅट से अंदर घुस जाता है और पायल अपने भाई के सीने से चिपक जाती है और रवि खड़े-खड़े ही अपनी दीदी को चोदने लगता है,


पायल रवि के होंठो को चूसने लगती है और रवि अपनी दीदी की गान्ड को दबोचे हुए उसकी चूत को मारने लगता है, पायल


अपने भाई के खड़े लंड पर झूलते हुए अपनी चूत को रगड़ने लगती है, थोड़ी देर बाद रवि पायल को सीधा बेड पर लेटा


देता है और पायल अपनी मोटी-मोटी गदराई जाँघो को पूरा खोल कर अपने पेरो को उपर कर लेती है और उसकी फूली हुई चूत पूरी खुल कर फैल जाती है, रवि अपनी दीदी की गुलाबी रस से भीगी चूत को देख कर अपने लंड को अपनी दीदी की चूत मे रख कर एक तगड़ा शॉट मारता है और उसकी चूत मे उसका लंड पूरा जड़ तक समा जाता है और फिर रवि अपने पेरो के पंजो के बल बैठा-बैठा अपनी दीदी की चूत को कस-कस कर चोदने लगता है, पायल आह-आह करते हुए अपनी चूत को अपने भाई के लंड पर मारने लगती है, दोनो और से डचा डच ठुकाई चालू हो जाती है एक धक्का रवि अपनी दीदी की चूत मे मारता है तो दूसरा धक्का पायल अपने भाई के लंड पर मार देती है इस तरह टू वे कम्यूनिकेशन शुरू हो जाता है और फिर रवि अपनी स्पीट को पूरी रफ़्तार पर लाकर अपनी दीदी की चूत को कस-कस कर ठोकने लगता है, और फिर रवि अपनी दीदी के नंगे बदन पर सो जाता है और उसके दूध को दबोचता हुआ उसके होंठो को पीने लगता है और उसका लंड सतसट अपनी दीदी की चूत को चोदने लगता है, करीब 20 मिनिट तक दोनो और से तगड़े धक्के पड़ते है और फिर पायल की चूत पूरी तरह चिकनी होकर सिकुड़ने और फैलने लगती है और वह एक दम से आह-आह रवि आ रवि कहते हुए रवि को कस कर अपने सीने से चिपका लेती है और उसकी चूत पानी छोड़ देती है और रवि भी अपनी दीदी की कसी हुई चूत मे अपने लंड को जड़ तक फसा कर रुक-रुक कर पिचकारी मारने लगता है, और दोनो एक दूसरे के साथ कस कर चिपक जाते है,


करीब 2 मिनिट तक दोनो गहरी साँसे लेते हुए एक दूसरे से चिपके रहते है उसके बाद रवि साइड मे लेट जाता है और पायल उसके सीने से चिपक कर सो जाती है, रवि अपनी दीदी के सर के बालो को सहलाता हुआ उसे प्यार करने लगता है


सुबह-सुबह रवि नहा धोकर तैयार होकर पायल को कहता है कि वह अपने एक दोस्त से मिलने जा रहा है और शाम तक


लोटेगा, पायल अपना मुँह बनाते हुए,


पायल- रवि दिन भर तो मे तेरे बिना बोर हो जाउन्गि और भाभी से तूने क्या कहा है जो वह हाथ धोकर मेरे पीछे पड़ी हुई


है और फिर तू नही रहेगा तो वह ना जाने क्या-क्या सवाल करेगी, मे कैसे क्या कहुगी उनसे,


रवि- दीदी उन्हे कुछ भी नही बताना और उल्टे उनसे ही सवाल पूछना, ध्यान रहे उनकी बातो मे आने की बजाय तुम्हे उन्ही


से कुछ ना कुछ उगलवाना होगा, बाकी मे तुम्हे बाद मे बताउन्गा, अपना ख्याल रखना मे शाम तक आ जाउन्गा और पायल


के होंठो को चूम कर अपने घर से निकल जाता है और अपनी बाइक को करण के फ्लॅट की ओर दौड़ा देता है.




रवि, करण के फ्लॅट पर पहुच कर उसकी डोर बेल बजाता है और करण आकर गेट खोल देता है


कारण- आ गया तू


रवि- हा यार बड़ी मुस्किल मे आने दिया


कारण- किसने


अरे मेरी जानेमन ने और किसने


कारण- यार कभी हमे भी अपनी जानेमन से मिलवा दे ना


रवि- अरे वाह बड़ा आया मेरी जानेमन से मिलने वाला जिस दिन तुझे पता चलेगा कि मेरी जान कौन है उस दिन तेरे होश उड़ जाएगे समझे


कारण- अरे ऐसी कौन सी हूर की परी है जिसे देख कर मेरे होश उड़ जाएगे


रवि- अरे डियर वह सब तो मे तुझे बाद मे बताउन्गा पहले मुझे यह तो बता तुझ जैसे गधे से कौन ब्याह रचाने को राज़ी हो गई, कमिने साले चले है शादी करने


करण- आबे मुझसे भी बड़ा कमीना तो तू है ना जाने कब किसे चोदने का सोचने लग जाए कोई ईमान धरम तो है नही


रवि- हाँ यार यह तो तू सच कह रहा है एक बार तो मेने सपने मे तेरे फ्लॅट मे आकर ही अपना लंड खूब तबीयत से हिलाया था


कारण- किसको सोच कर


रवि- तेरी मम्मी को और किसको


करण- लगता है आज तू सुबह से ही किसी की चूत के दर्शन करके आया है जो सुबह से ही तुझे चूत दिखाई दे रही है


रवि- सॉरी यार बुरा मत मानना मे तो मज़ाक कर रहा था


करण- अबे तेरी बात का बुरा मान कर मे कर भी क्या लूँगा, तेरा कोई भरोशा नही है मेरी मम्मी को देख लेगा तो उसे


भी चोदने के बारे मे सोचने लग जाएगा, आख़िर कमीना जो ठहरा


रवि- करण की बात पर मुस्कुराता हुआ, नही यार तेरी मम्मी तो बूढ़ी हो गई होगी उसकी चूत मे क्या मारूँगा


करण- अबे साले तूने अगर मेरी मम्मी को देखा होता तो ऐसी बात नही करता


रवि- अच्छा तो क्या तेरी मम्मी अभी तक जवान है


करण- तू बैठ मे पहले तेरी चाय्स लेकर आता हू फिर आराम से बैठ कर बाते करेगे आज मेरा लंड भी सुबह से


परेशान कर रहा है


रवि- क्यो तुझे तेरी मम्मी की गदराई फूली हुई चूत याद आ गई क्या


करण- अबे तू मेरी मम्मी की चूत और मोटी गान्ड देख लेगा तो पागल हो जाएगा


रवि- अबे दिखा चाहे ना दिखा अपने मुँह से ही बता दे मुझे तो उसमे ही मज़ा आ जाएगा


करण वोड्का की बोतल उसके सामने रख कर बैठ जाता है और फिर दो लार्ग पॅक बनाता है और दोनो एक ही सांस मे पूरा


ग्लास खाली कर देते है और फिर दूसरा लार्ग पॅक ख़तम करते हुए,


रवि- हा तो करण तू क्या कह रहा था तेरी मम्मी के बारे मे


करण- अरे यार क्या बताऊ, तूने आते ही मेरी मम्मी की फूली हुई चूत की बात करके मेरा लंड खड़ा कर दिया है


रवि- क्या तेरी मम्मी की चूत इतनी ज़्यादा मस्त और फूली हुई है


करण- अरे मेरी मम्मी की चूत देख कर तो बुड्ढे का लंड भी झटके मारने लगे क्या गदराई चूत है उसकी और उसकी मोटी


गान्ड देख कर तो तू खड़े-खड़े ही उसकी गान्ड मे अपना लंड फासने को तैयार हो जाए,


रवि- क्या खूब मोटी और गदराई गान्ड है तेरी मम्मी की


करण- अरे अगर तू मेरी मम्मी को पूरी नंगी देख ले तो तेरे लंड से खड़े-खड़े ही पानी निकल जाएगा, मेरी मम्मी की


गदराई जवानी उसकी मोटी गान्ड और उसकी मोटी-मोटी चिकनी जंघे हाय मे तो अपने लंड को अपनी मम्मी को पूरी नंगी सोच कर ही हिलाता हू, ऐसी जबरदस्त गान्ड और ऐसी फूली हुई चूत मेने आज तक नही देखी,


रवि- अच्छा ये बता देखने मे कैसी लगती है तेरी मम्मी, कितनी उमर होगी उसकी


करण- अपना ग्लास ख़तम करता हुआ, अरे यार कम से कम 45 की होगी पर उसकी गदराई जवानी आज भी इतनी कसी हुई है उसके भारी-भारी चुतड तो तेरे दोनो हाथो मे भी नही समा सकते और एक दम गोरी गान्ड है उसकी और उसकी छूट अफ क्या बतौ


आज भी अपनी छूट के बाल जब साफ कर लेती है तो उसकी छूट इनटी गोरी और इतनी फूली हुई नज़र आती है कि दिल करता है की अपनी मम्मी की चूत मे अपना मुँह रख कर अपने मुँह से उसकी फूली हुई चूत को दबाता ही रहू, उसकी गदराई जंघे देख कर तो मे पागल हो जाता हू इतनी चिकनी और इतनी मोटी-मोटी गदराई जंघे है की अपने दोनो हाथो मे भर-भर कर दबोचने मे मज़ा आ जाए, उसके दूध इतने मोटे-मोटे और कसे हुए है कि क्या बताऊ,


रवि -अच्छा करण तेरी मम्मी आज भी पेंटी पहनती है कि नही


करण- अरे वह तो अपनी भारी गान्ड के उपर इतनी छोटी सी पेंटी पहनती है कि उसकी पेंटी तो उसकी मोटी गदराई गान्ड की दरार मे ही फस जाती है और उसके भारी-भारी चुतडो के पाट पूरे नंगे ही नज़र आते है, और तो और रवि जब मेरी मम्मी की चूत जब उसकी गुलाबी पेंटी मे कस जाती है तब भी मेरी मम्मी की चूत पेंटी के उपर से भी इतनी फूली हुई नज़र आती है कि अपने हाथो के पूरे पंजो से पकड़ कर दबोचने पर भी मेरी मम्मी की फूली हुई चूत पकड़ मे ना आए,


रवि- अपने ग्लास को खाली करता हुआ, अच्छा करण जब तेरी मम्मी अपनी मोटी गदराई जाँघो को फैला लेती है तब उसकी चूतकैसी नज़र आती है,


करण- सबसे बड़ी बात तो यह है कि मेरी मम्मी हमेशा अपनी चूत के बाल साफ करके उसे एक दम चिकना रखती है और जब वह अपनी मोटी-मोटी गदराई जाँघो को फैला लेती है तो उसका चूत पूरा भोसड़ा नज़र आने लगती है उसकी चूत की फूली हुई मोटी-मोटी फांके बहुत ही गदराई हुई लगती है और जब वह घोड़ी बन कर खड़ी होती है तो उसका एक बीते से भी ज़्यादा बड़ा भोसड़ा और सूकी फूली हुई गदराई फांके बहुत ही खूबसूरत लगती है ऐसा लगता है जैसे पीछे से उसकी मस्तानी फूली हुई चूत की मोटी-मोटी फांको को फैलाकर अपनी मम्मी की चूत को खूब कस-कस कर चाट लू, मेरी मम्मी की चूत और मोटी गान्ड को जब से देखा है मे तो पागल हो गया हू मेरा लंड दिन रत अपनी मम्मी की चूत और गान्ड चोदने के लिए तड़प्ता रहता है, मे तो दिन रात अपनी मम्मी को अपनी कल्पना मे नंगी करके खूब कस-कस कर चोदता हू और यह फील करता हू


कि कैसे मेरी मम्मी अपने नंगे बदन को मुझसे चिपका-चिपका कर मुझसे अपनी चूत और गान्ड मराती है, जब मे अपनी


मम्मी को अपने सपनो मे पूरी नंगी करके खूब कस-कस कर चोदता हू तो मुझे बहुत मज़ा आता है और मे तबीयत से


झाड़ता हू.


रवि- करण क्या तेरी मम्मी थोड़ी मोटी है


करण- तू उसे मोटी नही गदराई कह उसका गुदाज उभरा हुआ पेट उसकी गहरी नाभि, उसके भारी-भारी मोटे-मोटे चुतड, उसकी गदराई चिकनी और खूब मोटी जंघे और सबसे खूबसूरत चिकनी फूली हुई एक बीते से भी लंबी फूली चूत, उफ्फ रवि


मेरी मम्मी थोड़ी भारी बदन की है लेकिन उसे चोदने मे मज़ा आ जाए, उसे जब पूरी नंगी करके उसके नंगे गदराए


बदन पर चढ़ कर उसे चोदो तो मज़ा आ जाए, तू पिछली बार कह रहा था ना कि करण तेरी फॅंटेसी क्या है तू किसको नंगी


सोच कर अपने लंड को सहलाता है, तू किसकी चूत को अपनी कल्पना मे चोद-चोद कर झाड़ता है, तो दोस्त वह मेरी मम्मी


है जिसको अपने कल्पना मे मे कई बार चोद चुका हू,


रवि- यार करण जब तू अपनी मम्मी की मोटी-मोटी गदराई गान्ड देखता है तो तुझे कैसा फील होता है


करण- मुझे लगता है की पीछे से जाकर उसकी मोटी गान्ड मे अपना लंड फसा कर इस कदर अपनी मम्मी की मोटी और गदराई गान्ड मारू की वह मस्त हो जाए, मेरी मम्मी की गान्ड है भी इतनी मोटी और गदराई हुई की उसे खूब कस-कस कर अपने मोटे लंड से चोदना पड़े तब जाकर उसे कुछ मज़ा आएगा, तू सोच रवि मेरी उस समय क्या हालत होती होगी जब मे अपने घर जाता हू और मेरी मम्मी दिन भर मेरे सामने अपनी मोटी-मोटी गान्ड मतकती हुई घूमती है, तब तो दोस्त ऐसा लगता है कि अभी अपनी मम्मी की साडी उठा कर उसकी मोटी गान्ड मे अपना लंड फसा कर खूब कस-कस कर अपनी मम्मी की मोटे-मोटे चुतडो को चोद दू, मेरा तो लंड दिन भर उसकी गदराई जवानी, मोटे-मोटे फैले हुए चुतड और फूली हुई चूत को


देख-देख कर खड़ा रहता है, उपर से अपनी छोटी सी पेंटी भी मेरे सामने ही बाथरूम मे टांग देती है तब बस यही


कल्पना करता हू कि यह छोटी सी पेंटी मेरी मम्मी की मोटी गान्ड और फूली हुई चूत से कैसे कसी रहती होगी,


रवि- फिर तो करण तेरा मन अपनी मम्मी को पूरी नंगी करके खूब कस-कस कर चोदने का करता होगा


करण- हा यार ऐसा लगता है कि दिन रात अपनी मम्मी को नंगी करके चोदता ही रहू


रवि- पर तूने अपनी मम्मी को पूरी नंगी कब देख लिया


कारण- अरे एक बार मे जब अपने घर गया था तब एक दिन मेरे घर पर मम्मी और मेरे अलावा कोई नही था, मे अपने


रूम मे लेटा हुआ था तभी मुझे प्यास लगी और मे किचन की ओर पानी लेने गया तो देखा की मम्मी का रूम अंदर से


बंद था मे सोचने लगा कि मम्मी दिन मे ही रूम लॉक करके क्या कर रही तब मेने देखा घर के दरवाजे पुराने


जमाने के लकड़ी के बने हुए थे और उनके बीच काफ़ी दरार थी मेने जैसे ही अंदर झाँक कर देखा मेरे तो होश उड़


गये,



रवि- क्यो ऐसा क्या देख लिया तूने


करण- अरे मेने देखा मेरी मम्मी पूरी नंगी खड़ी होकर अपनी चूत के बाल साफ कर रही थी, उसकी मोटी और गदराई जवानी


फूली हुई चूत और मोटी-मोटी गान्ड देख कर मे तो पागल हो गया और मेरा लंड अपनी मम्मी की नंगी मदमस्त जवानी को


देख कर खड़ा हो गया, वह अपनी चूत के एक-एक बाल को बड़े प्यार से साफ कर रही थी और उसकी चूत से जैसे-जैसे बाल साफ हो


रहे थे उसकी गोरी चूत और ज़्यादा फूली हुई नज़र आने लगी, उसकी फूली हुई चूत के मोटी-मोटी फूली हुई फांके और उसकी


चूत का कटाव साफ नज़र आ रहा था और उसके पेडू और गदराए पेट के उठाव ने मुझे पागल कर दिया था, जब वह थोड़ा


घूम गई तो उसकी गदराई मोटी गान्ड देख कर तो मेरा दिल करने लगा कि अभी जाकर अपनी मम्मी की गदराई उठी हुई मोटी गान्ड मे अपने लंड को कस कर पेल दू, जब मेरी मम्मी के चूत के बाल पूरे साफ हो गये तो वह अपनी फूली हुई गदराई चूत को अपने हाथ से सहलाते हुए बचे हुए बालो कॉधूढ़ने लगी, उसकी चूत के फूले हुए हिस्से को देख कर मेरे मुँह मे पानी आ गया और मुझे ऐसा लगने लगा कि काश ऐसी फूली हुई चूत को चूमने का मोका मिल जाए तो ऐसी रसीली चूत को रात भर नंगी करके चातू,


रवि- करण को एक और ग्लास देता हुआ ले करण आज तेरी बातो से वोड्का का नशा डबल लगने लगा है, आगे बता फिर क्या हुआ,


करण- रवि से ग्लास ले कर अपने मुँह मे लगा कर एक ही घुट मे ग्लास खाली करते हुए, फिर उस दिन मेने अपनी मम्मी की नंगी गदराई जवानी को ध्यान करते हुए, उसकी फूली हुई चूत और मोटी गान्ड को कस-कस कर चोदने की कल्पना करते हुए तबीयत से मूठ मारी और तू यकीन नही करेगा अपनी मम्मी को पूरी नंगी करके चोदने की कल्पना करके जब मेने अपना लंड हिलाया तो मुझे उस दिन सबसे ज़्यादा मज़ा आया, उस दिन के बाद मे अपनी मम्मी को पूरी नंगी देखने के मोके ढूढ़ने लगा और मेने फिर उसे कभी बाथरूम मे कभी उसके रूम मे कई बार नंगी देखा और अपनी मम्मी को पूरी नंगी करके चोदने का सोच-सोच के खूब लंड हिलाया,


रवि- कभी तूने अपनी मम्मी को चोदने की कोशिश नही की


कारण- नही यार मेरी मम्मी बहुत सख़्त है इसलिए मेरी कभी हिम्मत ही नही पड़ी, हा किसी ना किसी बहाने से कभी अपनी मम्मी की मोटी गान्ड कभी उसके मोटे-मोटे दूध, और कभी उसकी गदराई जाँघो को ज़रूर छू कर मज़ा लिया है पर


चोदने का कभी मोका नही मिला और ना ही मेरी कभी हिम्मत ही पड़ी,


रवि- अबे यह बात तू मुझे पहले बता देता तो मे कुछ ना कुछ आइडिया तो तुझे ज़रूर दे देता,


करण- रहने दे यार तेरे आइडिया मुझे किसी भी दिन मरवा देंगे, मे तो अपनी मम्मी को चोदने की कल्पना करके लंड हिला


कर ही खुस हो लेता हू, मुझे कोई रिस्क नही लेना है,


रवि- खेर जैसी तेरी मर्ज़ी पर तूने अपनी मम्मी की चूत और गान्ड को जब से देखा होगा तब से तुझे भारी बदन वाली औरतो को ही चोदने का मन करता होगा,


करण- अरे मुझे तो अपनी मम्मी को ही चोदने का मन करता है लेकिन क्या करू, अपनी मम्मी की चूत मारने के लिए गान्ड मे दम भी तो होना चाहिए, अपनी मम्मी को फसा कर चोदना कोई मज़ाक तो नही है,


रवि- तू ठीक कहता है, लेकिन अगर तो कोशिश करता तो शायद सफल भी हो जाता, क्यो की औरतो को भी मोटे-मोटे लंड की बहुत चाह होती है, तूने अपना मोटा लोडा अपनी मम्मी को दिखा दिया होता तो शायद वह भी तेरी और ध्यान देने लगती,


करण- तू कहता तो ठीक है पर ऐसी स्थिति भी तो बनना चाहिए कि मे यह सब कर सकता


रवि- अरे यार ज़यादा कुछ नही तो अपनी मम्मी की फूली हुई चूत को एक बार सोते हुए ही अपनी मुट्ठी मे भर के तो देखता तुझे नही मालूम ऐसी गदराई औरतो की चूत को अपनी मुट्ठी मे भर कर मसल्ने मे कितना मज़ा आता है,


करण- अरे डियर अपनी मम्मी की चूत को तो मे कई बार जब वह गहरी नींद मे होती थी तब अपनी मुट्ठी मे भर कर


दबोचने क्या, एक बार तो उसकी साडी सोते हुए पूरी उपर हो गई थी और उसने पेंटी भी नही पहनी हुई थी और शायद झाँत के बाल भी उसने एक दिन पहले ही बनाए थे तब तू बात नही मानेगा मेने अपनी मम्मी की फूली हुई चूत पर अपने मुँह को रख कर जब उसकी गदराई मुलायम चूत को चूमा तो मेरा लंड अपना पेंट फाड़ कर बाहर आने को तड़प उठा, अपनी


मम्मी की फूली हुई चूत की मादक गान्ड ने मुझको पागल कर दिया था, मुझसे रहा नही गया और जब मेने हिम्मत


करके अपनी मम्मी की फूली हुई चूत की मोटी-मोटी गदराई फांको को अलग करने की कोशिश की वह एक दम से करवट ले कर लेट गई और मेरी तो गान्ड ही फॅट गई लेकिन किस्मत से मे बच गया तब से ज़्यादा कुछ नही करता हू, जब भी देखता हू कि वह गहरी नींद मे है तब कभी उसकी मोटी गान्ड को सहला लेता हू या फिर उसकी गदराई फूली हुई चूत पर अपना हाथ फेर लेता हू और फिर जाकर मूठ मार लेता हू


रवि- हाय तुझे तो बड़ा मज़ा आया होगा अपनी मम्मी की फूली हुई छूट को अपने हाथो मे भर कर दबोचने मे


करण- हा यार ऐसा मज़ा तो आदमी को पागल कर देता है


रवि- अपने मन मे सोचता हुआ, बेटे करण मेरा आधा सपना तो सच निकला पर तूने तेरी मम्मी को चोदा नही और मेरे


ख्वाबो मे तो तूने अपनी मम्मी को खूब कस-कस कर चोदा था, कही ऐसा तो नही कि तू पूरी बात मुझे बता नही रहा


है, खेर कोई बात नही, अगर तूने अपनी मम्मी को चोदा होगा तो एक ना एक दिन तू मुझे ज़रूर बताएगा,


रवि- करण तू मुझे अपनी होनेवाली बीबी की फोटो दिखाने वाला था ना


कारण- हाँ यार दिखाने वाला तो था लेकिन अभी तक तो फोटो मेरे पास नही आया है अब मेने ही नही देखा तो तुझे कहा


से दिखाऊ, लेकिन आज कल मे आ जाएगा फिट तुझे ज़रूर दिखाउँगा


रवि- चल ठीक है लेकिन शादी कब कर रहा है,


कारण- बस फोटो देख कर हाँ कहना है और फिर शादी की तैयारी शुरू


रवि- मतलब चट मँगनी और पट ब्याह


करण- हा यार अब चूत के बिना नही रहा जाता है, पर तूने यह नही बताया कि तू उस दिन किस लड़की को यहाँ लाया था, तूने


ज़रूर उसे मेरे बेड पर पूरी नंगी करके चोदा होगा,


रवि- तू ठीक कह रहा है, मेने उसकी उस दिन खूब कस कर चूत मारी थी, तू उसे नही जानता है, वह मेरी जान है और मे


उसी से शादी करने का सोच रहा हू पर


करण- पर क्या


रवि- अरे यार अब क्या बताऊ ना जाने किस मदर्चोद का रिश्ता उसके लिए आया है तब से वह बहुत रो रही है और मे भी


उसके लिए परेशान हू


करण- तो फिर अब क्या करेगा


रवि- सोचता हू जिस भोसड़ी वाले का रिश्ता उसके लिए आया है जाकर उसकी मा चोद दू


करण- हस्ते हुए, अबे तो जाकर चोद दे ना तुझे किसने रोका है


रवि- यार तुझे मज़ाक लग रहा है पर यह मेरे प्यार का सवाल है, मुझे कुछ समझ नही आ रहा है मे क्या करू


करण- एक कम क्यो नही करता, लड़की के मा-बाप से जाकर तू ही रिश्ता माँग ले


रवि- देखते है दोस्त क्या होता है, कुछ ना कुछ तो करना ही पड़ेगा,


दोनो दोस्त दिन भर आपस मे डिसकस करते हुए बिता देते है उसके बाद खाना खाकर रवि वही सो जाता है और जब शाम


होती है तो वह करण को बाइ करके अपने घर की ओर चल देता है,


रास्ते भर उसके दिमाग़ मे करण की बाते घूमती रहती है और वह करण की मम्मी की मस्तानी गान्ड और फूली हुई चूत को सोच-सोच कर उसका लोडा भनभनया रहता है, जब वह घर पहुचता है तो निशा और पायल बैठी हुई बाते करती रहती


है, और पायल रवि को देख कर


पायल- आ गये भाई साहब, कहाँ थे दिन भर


निशा- लगता है अपनी किसी गर्लफ्रेंड से मिल कर आ रहे है


रवि- उन दोनो को देख कर मुस्कुराता है और अपने रूम की ओर जाने लगता है, पायल का मन रवि से चिपकने के लिए सुबह से बेचैन रहता है और वह रवि को बड़ी हसरत भरी निगाहो से देखती है लेकिन अपनी भाभी के सामने कुछ नही कर पाती है, निशा पायल के चेहरे को पढ़ने की कोशिश करती है और फिर कुछ सोच कर,


निशा- पायल मे तो बैठे-बैठे थक गई हू, मैं थोड़ा अपने रूम मे जाकर आराम कर लू


पायल- अपनी भाभी की बात सुन कर खुस होते हुए, हाँ-हाँ क्यो नही भाभी मे भी थोड़ी देर अपने रूम मे जाकर लेट जाती


हू,


निशा- पायल को देख कर मुस्कुराते हुए, अरे अगर तुझे भी लेटने का मन कर रहा है तो चल मेरे साथ मेरे रूम मे


ही लेट जाना


पायल- एक दम घबरा कर नही-नही भाभी आप आराम से लेट जाओ मे तो थोड़ी देर बाद जाउन्गि,


निशा- मुस्कुराते हुए अपने रूम की ओर जाने लगती है और पायल अपनी भाभी को देखने लगती है, तभी निशा एक दम से


अपनी गर्दन घुमा कर पायल को देखती है और पायल एक दम से अपनी नज़रे चुराने लगती है, और निशा उसकी इस हरकत पर मंद-मंद मुस्कुराती हुई अपने रूम मे चली जाती है,


निशा के अपने रूम मे जाते ही पायल जल्दी से उठ कर रवि के रूम मे पहुच जाती है और रवि अपनी पेंट उतार कर पाजामा पहनने की तैयारी मे था तभी पायल मुस्कुराते हुए रवि के पास जाकर उसके अंडरवेार के उपर से ही उसका मोटा लंड पकड़ लेती है और


पायल- हाय क्या मस्त लंड है रे तेरा, दिन रात मे तेरे इस लंड के लिए बेचैन रहने लगी हू, और तू है कि अपनी दीदी की ओर ध्यान ही नही देता है


रवि- मुस्कुराता हुआ पायल के होंठो को चूमता हुआ, मेरी जान तुम्हारे लिए तो मे भी बहुत बेचैन रहता हू पर क्या


करू थोड़ा ज़रूरी काम था नही तो मे अपनी स्वीट दीदी को छोड़ कर कही जा सकता हू क्या, और पायल के मोटे-मोटे कसे


हुए गदराए दूध को अपने हाथो मे भर कर कस कर दबाने लगता है और उसका लंड अपनी दीदी के मोटे-मोटे दूध को


दबाते ही खड़ा हो जाता है, पायल से बर्दास्त नही होता है और वह रवि के अंडरवेार को थोड़ा नीचे सरका कर बैठ जाती


है और रवि के मोटे लंड को अपने मुँह मे भर कर लोलीपोप की तरह चूसने लगती है, लेकिन उन दोनो मे से किसी को भी इस बात का ध्यान नही रहता है कि दूसरी ओर निशा उन दोनो की उस हरकत को छुप कर देख रही है और निशा जब पायल को अपने भाई के तगड़े मोटे लंड को इतने प्यार से सहला-सहला कर चूस्ते देखती है तो उसकी चूत पूरी गीली हो जाती है, और वह रवि के मोटे लंड को बड़ी प्यासी निगाहो से देखने लगती है,


रवि- दीदी अब बस भी करो कही भाभी ना देख.... रवि के शब्द उसके मुँह मे ही रह जाते है क्योकि उसकी नज़र निशा के


उपर पड़ जाती है और वह देखता है कि निशा उसके मोटे लंड को बड़े गौर से देख रही है, तभी निशा की नज़र भी रवि की


नज़र से मिल जाती है और निशा के होश उड़ जाते है, और रवि अपनी भाभी के कामुक चेहरे को देख कर एक कमिनी मुस्कान अपनी भाभी की ओर मारता है और निशा तुरंत वहाँ से भाग जाती है,










निशा के जाने के बाद.........


रवि- दीदी अभी छोड़ दो रात को कर लेना


पायल- उसके लंड से अपना मुँह हटाते हुए, अरे भाभी तो सोने चली गई है


रवि- मुस्कुरा कर अरे वह तो ठीक है पर अभी ठीक नही होगा हम रात को आराम से चोदेगे ना और पायल उसके मुँह से


चोदने की बात सुन कर उससे कस कर चिपक जाती है और रवि भी अपनी दीदी को अपनी बाँहो मे भर कर चूम लेता है लेकिन रवि के दिमाग़ मे निशा ही चलती रहती है और वह सोचता है कि अब भाभी का क्या रिक्षन होगा, कही भाभी भैया से, नही-नही भाभी मे इतनी हिम्मत नही है, और फिर वह मेरे लंड को भी तो घूर-घूर कर देख रही थी, मेरे थोड़े से


प्रयास से भाभी मुझसे अपनी फूली हुई चूत मराने के लिए ज़रूर राज़ी हो जाएगी और अगर साली ने नखरा किया तो, अब तो भाभी के पास जाकर ही कुछ समझ मे आएगा लेकिन दीदी का क्या करू,


पायल- रवि किस सोच मे डूबा है तू


रवि- कुछ सोच कर, दीदी लगता है भाभी ने हमे देख लिया है


पायल- उसकी बात सुन कर अपना मुँह फाडे यह तू क्या कह रहा है रवि


रवि- हाँ दीदी मे सच कह रहा हू


पायल- घबरा कर अब क्या होगा रवि


रवि- अरे दीदी तुम घबराती क्यो हो, तुम जाकर भाभी के पास बैठो मे थोड़ी देर मे आता हू


पायल- डरते हुए नही-नही मे नही जाउन्गि, रवि मुझे बहुत डर लग रहा है कही भाभी ने भैया को..


रवि- पायल के सर पर हाथ फेरता हुआ, अरे दीदी अपने भाई के होते हुए तुम डरती क्यो हो, मे जैसा कहता हू तुम वैसा


करो,


पायल- क्या करू


रवि- देखो दीदी अब भाभी पर हमारा राज खुल चुका है, अब उनसे बचने का बस एक ही रास्ता है मुझे भाभी को कैसे


भी करके चोदना होगा, और इसके लिए तुम्हे एक काम करना पड़ेगा


पायल- क्या करना पड़ेगा


रवि- दीदी तुम भाभी के पास जाकर बैठो और उनसे बिना डरे जितना हो सके सेक्स की बाते करो बाकी सब मे देख लूँगा


पायल- नही रवि मुझसे यह सब नही होगा मेरी तो गान्ड .....


रवि- अरे तुम तो पागल हो, भाभी की गान्ड मे इतना दम नही है कि वह यह सब बाते भैया से बता दे, तुम ऐसा शो


करना जैसे तुम्हे कुछ पता ही नही है और निडर होकर उनसे उनकी सेक्स लाइफ की बात जितना ज़्यादा हो सके करो और मुझे बताओ उनका क्या रिक्षन होता है, उसके बाद ही मे कुछ कर पाउन्गा


पायल- लेकिन रवि


रवि- डॉन'ट वरी दीदी मे हू ना, अगर कुछ गड़बड़ हुई तो सारी बात मे अपने उपर ले लूँगा तुम बिल्कुल फिकर मत करो


रवि पायल को समझा कर बाहर भेज देता है और पायल डरते हुए अपनी भाभी के रूम मे जाती है जहा निशा गंभीर


सोच मे डूबी हुई लेटी रहती है,


पायल- अपने चेहरे पर जबरन मुस्कुराहट लाते हुए,


पायल- क्या सोच रही हो भाभी मे तो समझी आप सो गई होगी


निशा- थोडा मुस्कुरा कर पायल के चेहरे को देख कर अपने मन मे देखो तो साली अपने भाई के मोटे लंड को चूस कर


कितना खुस दिख रही है, कितनी चुदासी है तू पायल मे तो तुझे बहुत सीधी समझती थी और तू क्या निकली


निशा- आ पायल बैठ


पायल- अपनी भाभी के रिप्लाइ पर कुछ राहत महसूस करती हुई, भाभी आपको भैया की बहुत याद आती होगी ना


निशा-मुस्कुरा कर हाँ वो तो है अपने पति की याद नही आएगी तो किसकी याद आएगी


निशा- अच्छा ये बता तू भी किसी को याद करती है कि नही


पायल- मुस्कुरकर अरे भाभी मे किसे याद करू, मेरी लाइफ तो वीरान है पर आपकी लाइफ तो शादी के बाद काफ़ी रंगीन हो


गई होगी ना


निशा- मुस्कुराते हुए, अरे यह ज़रूरी तो नही कि शादी के बाद ही लाइफ रंगीन होती है, कुछ लोग तो शादी के पहले भी अपनीलाइफ को रंगीन बना लेते है


निशा की बात सुन कर पायल थोड़ा झेप्ते हुए, अच्छा भाभी एक बात बताओ जब से आप यहाँ आई हो रात को ठीक से सो तो नही पाती होगी ना,


निशा- क्यो


पायल- इसलिए की भैया आपको सोने ही नही देते होंगे


निशा- अरे कहाँ, तेरे भैया को अपने काम से ही इतनी थकान हो जाती है की एक घंटे मे ही खर्राटे मारने लगते है, और


अपनी नई नवेली बीबी को भूल ही जाते है,


पायल- मुस्कुरा कर पर भाभी ये भी तो हो सकता है कि भैया सारी रात की कसर एक घंटे मे ही पूरी कर देते हो


निशा- तुझे लगता है कि कोई मर्द सारी रात की कसर एक घंटे मे पूरी कर सकता है


पायल- शरमाने का नाटक करती हुई, अब मुझे क्या पता भाभी मेरी तो अभी तक शादी भी नही हुई है


निशा- मुस्कुरा कर पर तुझे देख कर तो ऐसा लगता है जैसे तेरे पास कितना एक्सपीरियेन्स हो, कही किसी से टांका तो नही


भिड़ा लिया है तूने


पायल- तुम भी क्या बात करती हो भाभी, क्या मे ऐसी दिखती हू


निशा- पायल के मोटे-मोटे दूध को उसकी आँखो के सामने देख कर उसके दूध को अचानक अपने हाथो मे भर कर


दबाती हुई, पर तेरे ये तने हुए आम तो ऐसे ही लगते है जैसे इन्हे किसी ने कस-कस कर दबाया हो


पायल अपनी भाभी की इस हरकत के लिए बिल्कुल भी तैयार नही थी और निशा के द्वारा अपने मोटे-मोटे दूध मसले जाने से वह एक दम से सिहर जाती है और अपनी भाभी का हाथ अपने दूध से हटाती हुई,


पायल- अपनी भाभी को कामुक नज़रो से देखती हुई, आप भी ना भाभी, ऐसा मज़ाक करती हो


निशा -मुस्कुरा कर अच्छा, चल नही करती पर यह तो बता कि तूने कभी किसी का लंड देखा है


पायल- शर्मा कर, क्या भाभी आप भी ना


निशा- अरे मुझ से क्या शरमाती है जो तेरे पास है वही मेरे पास है, सच-सच बता दे मुझे देखा है कि नही


पायल- भाभी प्लीज़ आप कैसे सवाल कर रही हो, अगर यही सवाल मे आप से पुछु तो


निशा- हाँ तो पूछ ना क्या पूछना चाहती है तू


पायल- क्या आपने भैया के अलावा किसी का देखा है


निशा- हाँ


पायल- अपना मुँह फाडे अपनी भाभी को देखती हुई, किसका


निशा- अरे मेने तो इतना मोटा लंड देखा है कि तेरे भैया का भी उसके सामने कुछ नही है


पायल- मुस्कुरकर क्यो आपको भैया से मज़ा नही आता है क्या


निशा- आता है लेकिन मोटे लंड की बात ही कुछ और होती है जब तू अपनी चूत मे कोई मोटा लंड लेगी तब तुझे पता चलेगा


पायल- सच बताओ भाभी आपने किसका देखा है


निशा- मुस्कुरा अरे मेने जिसका लंड देखा है उसे तू नही जानती है वह ग़लती से मुझे नज़र आ गया था, पर तूने क्या


सचमुच किसी का नही देखा


पायल- अपने गले को अपनी उंगलियो से पकड़ती हुई सच्ची भाभी क्या मे आप से झूठ बोलूँगी


निशा- अपने मन मे इतना मोटा लंड चूस के आ रही है और मेरे सामने नौटंकी छोड़ रही है, अपने भाई का ही लंड


चुस्ती है और बड़ी भोली बन रही है


पायल- मे जानती हू भाभी तुमने किसी और का नही रवि का ही मोटा लंड देखा है और इसे लिए उससे चुदवाने की चाह मे अब तुम्हे भैया का लंड भी फीका लगने लगा है, वाकई भाभी तुम भी बड़ी चुदासी हो, चुदवा लो रवि से वह तो तुम्हे


चोदना ही चाहता है, फिर इतना नखरे क्यो चोद्ती हो उसके सामने, अब दे भी दो अपनी चूत मेरे दूसरे भाई को


दोनो अपनी-अपनी बाते सोच कर एक दूसरे को देख कर मुस्कुराती है, तभी रवि बाहर से आवाज़ लगाता हुआ अरे कोई कॉफी पिलाने का कष्ट करेगा इस घर मे,


निशा- मुस्कुरा कर जा तुझे बुला रहा है, जाकर अपने भाई के लिए कॉफी बना दे


पायल- मुस्कुरा कर नही भाभी वह मुझे नही आपको बुला रहा है आजकल उसे आपकी बनाई हुई कॉफी अच्छी लगती है


निशा- मुस्कुरा कर पायल को उठाते हुए, मुझे तो लगता है उसे हम दोनो की बनाई हुई कॉफी अच्छी लगती है और दोनो


मुस्कुराते हुए बाहर आ जाते है, पायल रवि के पास से मुस्कुराती हुई गुजरती है और रवि की ओर आँख मारते हुए


किचन मे चली जाती है और निशा आकर रवि के सामने बैठ जाती है,


रवि मुस्कुराता हुआ निशा की गदराई जवानी को घूर कर देखने लगता है और निशा से अपनी नज़रे मिला कर मुस्कुराते हुए


रवि- आज फिर से आप वही हरकत कर रही थी


निशा- उसको घूर कर देखती हुई, मेने जो किया वो किया पर तू तो बहुत ही बड़ा कमीना है रवि


रवि- क्यो मेने क्या किया है


निशा- मेने सब देखा है


रवि- मुस्कुरा कर तो अब आपकी क्या मर्ज़ी है


निशा- मुझे भी पायल समझा है क्या


रवि- भाभी एक चान्स तो दो मस्त कर दूँगा तुम्हे


निशा- अपनी नज़रे इधर उधर करती हुई मुझे नही होना मस्त


रवि- भाभी आप झूठ बोलती हुई अच्छी नही लगती


निशा- मे कोई झूठ नही बोल रही हू


रवि- निशा के तने हुए मस्ताने चुचो को देखता हुआ, तो फिर तुम्हारी दिल की धड़कन इतनी तेज क्यो चल रही है


निशा- अपने दूध को अपनी साडी मे छुपाती हुई, उठ कर जाने लगती है और रवि उसका हाथ पकड़ कर अपनी ओर खीच कर उसे पीछे से अपनी बाँहो मे भर लेता है और जैसे ही वह अपनी भाभी के गदराए जिस्म को अपनी बाँहो मे भरता है उसके मुलायम बदन के एहसास से उसका लंड खड़ा हो जाता है,



निशा- रवि छोड़ मुझे


रवि- उसके गालो पर अपना मुँह लगते हुए, भाभी एक बार दे दो ना


निशा- धीमी आवाज़ मे, रवि छोड़ पायल देख लेगी


रवि- पहले बोलो दोगि कि नही


निशा- मुस्कुरा कर नही


रवि- अपनी भाभी के दूध को अपना हाथ आगे ले जाकर कस कर दबोचते हुए, नही दोगि


निशा- आह रवि प्लीज़ छोड़ दे पायल आ जाएगी


रवि- पहले बताओ दोगि कि नही


निशा- आह क्या


रवि- अपनी भाभी के गालो को चूमता हुआ वही जो मे चाहता हू


निशा- मुझे क्या पता तू क्या चाहता है


रवि- तुम नही जानती


निशा- मुस्कुरा कर नही


रवि- अपनी भाभी के गदराए पेट पर अपने हाथ फेरता हुआ, मे बताऊ


निशा- नही


रवि- भाभी तुम जानती हो मे तुमसे क्या चाहता हू


निशा- क्या चाहता है


रवि- निशा की मोटी गान्ड से अपना लंड सटा कर उसकी गान्ड मे दबाता हुआ, भाभी मे तुम्हे खूब कस-कस कर चोदना


चाहता हू


निशा- रवि को एक दम से दूर धकेल कर किचन की ओर भागती हुई पलट कर उसको अपना अगुठा दिखाती हुई, सपने देख,


सपने


रवि- मुस्कुराता हुआ उसके पीछे जाता है और निशा किचन मे घुस जाती है, रवि किचन मे आता है और निशा पायल के


दूसरी ओर जाकर मुस्कुराते हुए रवि को देखती है और रवि अपनी भाभी को देख कर मुस्कुराता है


पायल- क्या हुआ आप दोनो इस तरह मुस्कुरा क्यो रहे है


निशा- कुछ नही पायल तेरा भाई पागल हो गया है


पायल- क्यो क्या हुआ


रवि- अरे दीदी मे तो बस भाभी से इतना ही कह रहा था कि मुझे तुम्हारी बनाई हुई कॉफी ही पीना है


निशा- मुस्कुरा कर अच्छा मे ही बना देती हू अब तू बाहर जाकर बैठ,


रवि बाहर आकर बैठ जाता है और फिर तीनो कॉफी पीते हुए अपनी नज़रो से मुस्कुरा कर एक दूसरे को देखने लगते है


उधर करण के मम्मी और पापा उससे मिलने आते है और करण की मम्मी उसको एक लिफ़ाफ़ा देती हुई बेटे यह फोटो देख ले और हमे जल्दी से बता देना की तुझे यह लड़की कैसी लगी तो फिर हम बात आगे बढ़ाते है और रिश्ता पक्का कर देते है, कारण के मम्मी पापा जब वापस चले जाते है तब करण उस लिफाफे को खोल कर जैसे ही सोनिया की फोटो देखता है उसकी याद ताज़ा हो जाती है और उसके मुँह से एक दम निकलता है हाय रब्बा यह तो वही लड़की है जो मुझे एक नज़र मे ही घायल कर गई थी, वाह मेरे रब्बा उस दिन मे तुझसे कुछ और भी माँगता तो शायद तू मुझे दे देता, करण सोनिया को देख कर खुस हो जाता है और तुरंत अपने मम्मी पापा को हाँ कह देता है और फिर वो लोग करण का रिश्ता सोनिया से पक्का कर देते है, सोनिया को जब पता चलता है कि उसकी शादी पक्की हो गई है तो वह बहुत दुखी हो जाती है और रवि को तुरंत फोन करके सब बात बता देती है और रवि अपने रूम मे बैठा-बैठा उदास हो जाता है, पायल उसकी उदासी देख कर उससे पूछती है तो रवि उसे सब बात बता देता है और पायल कुछ देर के लिए सोच मे पड़ जाती है,


पायल- क्या तू सचमुच सोनिया से शादी करना चाहता है


रवि- हाँ दीदी मे सच मच उससे प्यार करता हू, लेकिन मेरी समझ मे नही आ रहा है कि मे अब क्या करू, अगर मेने


कोई कदम नही उठाया तो सोनिया अपनी जान दे देगी और उसके लिए मे ही ज़िम्मेदार होऊँगा,


पायल- रवि के सर पर अपना हाथ फेरते हुए, रवि तू फिकर मत कर मे कुछ ना कुछ रास्ता निकालती हू,


शाम को रोहित जब घर वापस आता है तब निशा और पायल उसके पास बैठ कर बाते करती रहती है,


पायल- अच्छा भैया एक बात बताओ आप रवि की शादी कब करोगे,


रोहित- क्या बात है ये अचानक रवि की शादी की बात कहाँ से आ गई


पायल- वो बस ऐसे ही पूछ रही हू भैया


रोहित- देख पायल पहले मे तेरी शादी करूँगा क्यो कि तू रवि से बड़ी है उसके बाद ही रवि की शादी होगी


पायल- पर भैया मान लीजिए रवि मेरी शादी होने के पहले ही शादी करना चाहे तो


रोहित- अरे रवि क्या अपनी मर्ज़ी का मालिक है, जब तक तेरी शादी नही हो जाती रवि की शादी के बारे मे मे सोच भी नही सकता, हाँ अगर तुझे कोई लड़का पसंद हो तो बता दे मे तेरी शादी कर देता हू उसके बाद फिर जब रवि कहेगा उसकी शादी हो जाएगी,


पायल- रोहित की बात सुन कर कुछ सोचते हुए, ठीक है भैया


निशा- मुस्कुरा कर ठीक है का क्या मतलब है पायल क्या तूने कोई लड़का देख रखा है


पायल- मुस्कुराते हुए नही भाभी ऐसी कोई बात नही है


निशा- अगर कुछ हो तो भले अपने भैया को मत बता मुझे तो बता दे


पायल- मुस्कुराते हुए, नही भाभी ऐसी कोई बात नही है अगर होगी तो सबसे पहले आप को ही बताउन्गि


पायल कुछ सोचते हुए अपने रूम की ओर आ जाती है फिर अचानक उसके मन मे कुछ ख्याल आता है और वह सोनिया को फोन करती है और उससे कल उसके मम्मी-पापा से मिलने की बात कहती है, सोनिया उसे बताती है कि उसके मम्मी पापा कल शाम की गाड़ी से वापस जाएगे अगर वह मिलना चाहती है तो सुबह ही उसके घर आ जाए,


पायल सुबह-सुबह रवि को लेकर सोनिया के घर पहुच जाती है और रवि को आधे घंटे बाद घूम फिर कर आने को कहती


है और फिर सोनिया अपने मम्मी-पापा से पायल को मिल्वाती है, पायल सोनिया को इशारे से वहाँ से जाने को कहती है और


पायल- आंटी-अंकल आपने तो सोनिया की शादी बड़ी जल्दी तय कर दी


आंटी- हाँ बेटे अब क्या करे जवान लड़की की फिकर तो हर मा-बाप को लगी रहती है इसलिए हमने जल्दी ही उसकी शादी का फ़ैसला ले लिया,


पायल- आंटी-अंकल मेरे मन मे एक बात थी अगर आप बुरा ना माने तो मे कुछ कहु


अंकल- क्या बात है बेटी साफ-साफ कहो


पायल- अंकल दरअसल बात यह है कि सोनिया और मे बहुत समय से एक अच्छे दोस्त है और मे सोनिया को इतना पसंद करती थी कि मेने कुछ समय पहले सोनिया को लेकर यह सोचा था कि अगर सोनिया की शादी मेरे भाई से हो जाए तो मेरी सहेली मेरी भाभी बन कर मेरे घर आ जाएगी तो कितना अच्छा होगा,


अंकल- पायल बेटे तुमने सोचा तो बहुत अच्छा था लेकिन बेटी तुमने हमे यह बात बताने मे बहुत देर कर दी है अब


हम लड़के वालो को अपनी ज़बान दे चुके है और अब हम चाह कर भी उन्हे मना नही कर सकते है,


पायल- लेकिन अंकल


अंकल- बेटी हमारे यहा ज़बान की ही तो कीमत होती है अगर अब हम यह रिश्ता तोड़ देंगे तो हमारी समाज मे बदनामी होगी और लोग सोचेगे की लड़के वालो को हमारी बेटी मे ही कोई खोट नज़र आ गई होगी, बेटी मे तुम्हारे ज़ज्बात की कदर करता हू लेकिन अब रिश्ता तोड़ना हमारे बस मे नही है,


पायल सोनिया के घर से सोनिया को मुस्कुराकर हिम्मत दिलाते हुए रवि को लेकर आ जाती है, घर पहुच कर पायल रवि को लेकर अपने रूम मे आ जाती है और बेड पर बैठ कर कुछ सोचने लगती है,


रवि- क्या हुआ दीदी, क्या सोनिया के मम्मी-पापा नही माने,


पायल- अरे वह नही माने तो क्या हुआ, हमारे पास और भी रास्ते है तू फिकर क्यो करता है और रवि के गालो पर अपना हाथ फेरते हुए, अपने कमिने भाई की शादी का बीड़ा अगर उसकी बहन ने उठा लिया है तो फिर उसकी शादी उसी लड़की से होगी जिसे वह चाहता है, और यह तेरी दीदी का तुझसे वादा है फिर चाहे इसके लिए मुझे कोई भी कुर्बानी क्यो ना देनी पड़े,


रवि- पायल की बात सुन कर उसे अपने गले से लगा लेता है और ओह दीदी आइ लव यू, इस पूरी दुनिया मे एक तुम ही हो जो मेरे दिल के सबसे करीब है,


पायल- सोनिया से भी करीब


रवि- पायल के सर पर हाथ रखता हुआ, हा दीदी सोनिया से भी करीब, एक बार मे सोनिया के बिना जी सकता हू पर तुम्हारे बिना नही, आइ लव यू दीदी,


पायल- रवि को चूम कर आइ लव यू टू माइ रास्कल ब्रदर


रवि और पायल एक दूसरे को चूमते हुए एक दूसरे को अपनी बाँहो मे भर लेते है और फिर एक दूसरे को प्यार करते हुए एक दूसरे मे समा जाते है,


पायल- रवि मे तेरी शादी सोनिया से करवा तो दूँगी लेकिन फिर तू अपनी दीदी को मत भूल जाना


रवि- दीदी मे एक बार सोनिया को भूल सकता हू पर तुम्हे नही और रवि अपनी दीदी को चूमता हुआ उसके सीने से चिपक जाता है पायल रवि को अपने सीने से चिपकाए हुए रहती है लेकिन उसके दिमाग़ मे उसकी और सोनिया की शादी कैसे हो इसी बात की टेन्षन रहती है और वह अपने मन मे सोचती है कि मेने रवि को तसल्ली तो दे दी लेकिन अब मे क्या करू कि बात बन जाए,


दूसरे दिन पायल और रवि कॉलेज जाते है और ब्रेक पर पायल सोनिया से मिलती है और सोनिया को कहती है कि वह अपने होने वाले हॅज़्बंड का पता कही से भी हासिल करके उससे मिलने को कह, मे तेरे साथ चल कर तेरे होने वाले पति से मिलना चाहती हू, सोनिया यह बात अपनी मम्मी को बताती है कि वह एक बार उस लड़के से मिलना चाहती है, उसकी मम्मी उसके पापा से और उसके पापा अपने होने वाले समधी से बात करते है और वह करण का नंबर. उन्हे दे देते है और फिर सोनिया के हाथ करण का नंबर. आ जाता है. सोनिया यह बात पायल को बताती है और पायल करण के साथ सोनिया और उसकी मीटिंग फिक्स करने को कहती है,


इधर पायल सोनिया को लेकर करण से मिलने जाती है और उधर रवि अपने घर मे अपनी भाभी पर डोरे डालने लगता है और अपनी भाभी को घर मे अकेला पाकर आज उसे किसी भी कीमत पर चोदना चाहता है और घर के बाहर का गेट लगा कर निशा के बेडरूम मे पहुच जाता है और निशा उसे देख कर उठ कर बैठती हुई,


निशा- ऐसे क्या देख रहा है आज तेरी नज़रे कुछ ठीक नही लग रही है


रवि- भाभी आज मे आपको अपनी एक चीज़ दिखाना चाहता हू


निशा- थोड़ा घबरा कर देख रवि यह सब ठीक नही है


रवि- भाभी तुम कहती हो ना कि मे बहुत बड़ा कमीना हू, आज मे तुम्हे अपना कमीना पन दिखाना चाहता हू


निशा- घबरा कर नही रवि वो तो मे मज़ाक मे कहती थी तू तो बहुत अच्छा लड़का है


रवि- नही भाभी आप ग़लत कह रही हो, मे वाकई मे बहुत बड़ा कमीना हू, और यह बात दीदी भी अच्छी तरह से जानती


है और आज मे तुम्हे भी बता देना चाहता हू,


निशा रवि की बात सुन कर डर जाती है और रूम के बाहर जाने लगती है और रवि एक दम से उसका हाथ पकड़ लेता है और निशा एक दम से चिल्ला कर छोड़ मेरा हाथ कमीना कही का और रवि..............


रवि अपनी भाभी को खीच कर अपने सीने से लगा लेता है और उसके सर को अपने हाथ से पीछे से पकड़ कर उसके रसीले होंठो को चूमने लगता है निशा गु-गु की आवाज़ निकालते हुए उससे छूटने की कोशिश करती है, रवि का मोटा लंड अपनी गदराई भाभी की मदमस्त जवानी को छूने से खड़ा होकर झटके मारने लगता है, रवि देखता है कि निशा ज़्यादा ही नखरा कर रही है तो रवि अचानक अपने हाथ के पंजो से अपनी भाभी की फूली हुई चूत को उसकी साडी के उपर से पकड़ लेता है और उसकी इस हरकत पर निशा सीसीया जाती है, रवि उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रखने की कोशिश करता है तो निशा अपनी मुट्ठी बाँध लेती है,


रवि अपनी भाभी की चूत को बुरी तरह अपने हाथो मे दबोचे हुए ओह कम ओन भाभी अब बहुत नाटक मत दिखाओ मे


जानता हू की तुम भी मेरा लंड पकड़ने के लिए तड़प रही हो,


निशा - रवि को खा जाने वालो नज़रो से देखते हुए उससे अपनी चूत को छुड़ा कर उसे धकेल कर बेड पर गिरा देती है और


अपने चेहरे पर गुस्सा दिखाते हुए रवि तुझे शरम नही आती अपनी भाभी के साथ ऐसा करते हुए, मे तेरी शिकायत


तेरे भैया से करूँगी,


रवि मुस्कुराता हुआ अपने पेंट की जीप खोलता हुआ, ठीक है कर देना पर जो तुम देखना चाहती हो वह तो पहले देख लो


निशा- जब रवि को अपना लंड बाहर निकालते देखती है तो उस रूम से जाती नही है बल्कि उसकी और अपनी पीठ करके मुझे नही देखना तू चला जा यहा से नही तो अच्छा नही होगा


रवि तब तक अपनी पेंट उतार कर अपनी अंडरवेर नीचे सरका कर अपनी बनियान भी उतार देता है और पूरा नंगा हो जाता है और धीरे से जाकर अपनी भाभी के पीछे से आराम से चिपकता हुआ, सॉरी भाभी मुझे ऐसी हरकत नही करना चाहिए थी


मुझे माफ़ कर दीजिए


निशा- रवि को एक दम बदलते देख चकित हो जाती है और जैसे ही रवि को पलट कर देखती है उसके होश उड़ जाते है और वह रवि को पूरा नंगा खड़ा देख कर अपनी मुस्कुराहट को रोक नही पाती है, रवि झट से अपनी भाभी के हाथ को पकड़


कर अपने खड़े मोटे लंड पर रख देता है और निशा उसका बड़े ही ढीले अंदाज मे विरोध करती हुई उसके लंड को हल्के


हाथो से पकड़ कर अपनी नज़रे लंड पर जमाए हुए रही यह सब मत कर यह सब ठीक नही है कही तेरे भैया को पता


चल गया तो तेरा तो कुछ नही पर मेरी तो जान ही ले लेंगे, और धीरे-धीरे उसके मोटे लंड को सहलाने लगती है,


रवि धीरे से अपनी भाभी से चिपक कर उसे अपने सीने से लगा लेता है और उसके गले को चूमता हुआ, नही भाभी तुम फिकर क्यो करती हो और फिर जब से मेने तुम्हे देखा है मे तब से ही तुम्हे चोदने के लिए तड़प रहा हू, एक बार मुझे चोद लेने दो उसके बाद मे तुम से कुछ नही मंगूगा,


निशा- की पकड़ रवि के मोटे लंड पर धीरे-धीरे बढ़ जाती है और वह भी अपने मोटे-मोटे गदराए दूध को रवि की छाती


से दबाती हुई, लेकिन रवि यह सब ठीक नही है मे तेरी भाभी हू,


रवि- निशा के पीछे अपना हाथ लेजा कर उसकी गदराई मोटी गान्ड को अपने हाथ मे भरता हुआ, अरे भाभी तुम नही जानती अपनी भाभी को चोदने मे कितना मज़ा आता है तुम एक बार मुझसे कस कर चुदवा लोगि ना फिर देखना तुम रोज मुझसे चुदवाने के लिए तड़पोगी, और वैसे भी तुम्हारी इस गदराई गान्ड को देख कर मेरा लंड हमेशा ही खड़ा रहता है, एक बार मुझे पूरी नंगी होकर दिखाओ ना


निशा- भी रवि के रंग मे रंग चुकी थी और, रवि के मोटे लंड को अब कस-कस कर अपने हाथो से दबोचते हुए, मंद-


मंद मुस्कुरकर तुझे शर्म नही आएगी अपनी भाभी को नंगी देखने मे,


रवि- निशा के मोटे-मोटे भारी चुतडो को अपने हाथो मे भर -भर कर कस कर दबाता हुआ, अरे भाभी तुम शरम की


बात कर रही हो मे तो आपको नंगी देखने के लिए मरा जा रहा हू


निशा- रवि के लंड को दबाती हुई, क्या करेगा अपनी भाभी को नंगी देख कर


रवि- अपना हाथ आगे लेजाकार निशा के पेट की ओर से अपना हाथ उसकी साडी से अंदर लेजाकार सीधे पेंटी के अंदर भर कर उसकी फूली हुई चिकनी चूत को अपने हाथ मे पकड़ कर दबोचते हुए, अपनी भाभी को पूरी नंगी करके सबसे पहले उसकी फूली हुई इस चूत को खूब चातुगा और फिर अपनी प्यारी भाभी को पूरी नंगी करके उसकी खूब कस्के चूत और मोटी गदराई गान्ड को चुसूंगा,


निशा- पर तूने मुझमे ऐसा क्या देखा की तू मुझे चोदने के लिए मरा जा रहा है


रवि- अरे भाभी तुम्हारी जैसी गदराई अगर मेरी मम्मी भी होती तो मे उसको भी चोद देता


निशा- मुस्कुरकर तू बड़ा ही कमीना है रवि, इसीलिए तो अपनी दीदी को भी चोदता है ना


रवि- हाँ भाभी मेने दीदी को पूरी नंगी करके खूब कस-कस कर चोदा है, दीदी तो अब रात को मुझसे चुदे बिना सोती ही


नही है


निशा- मुस्कुरकर तूने तो अपनी दीदी को अपनी बीबी बना लिया है


रवि निशा के मोटे-मोटे दूध को दबोचते हुए उसके रसीले होंठो को अपने मुँह मे भर कर, भाभी बीबी तो मे तुम्हे


भी चोद कर बनाना चाहता हू, बोलो बनोगी मेरी बीबी


निशा- एक औरत की चूत को इतनी बुरी तरह से मसल रहा है और फिर उससे पूछता है कि वह तेरा लंड लेगी कि नही


रवि- अपनी भाभी की बात सुन कर उसकी साडी को उसके बदन से अलग कर देता है और फिर जैसे ही उसके पेटिकोट का नाडा खोल कर अलग करता है अपनी भाभी को लाल रंग की पेंटी मे देख कर वह पागल हो जाता है उसे यह नही पता था कि उसकी भाभी इतनी जयदा गदराई हुई है, अपनी भाभी की मोटी-मोटी दूधिया जंघे, देख कर वह पागल हो जाता है जब वह अपनी भाभी की फूली हुई पेंटी मे कसी चूत को देखता है तो तुरंत उसकी चूत को अपनी मुट्ठी भर कर दबोच लेता है और निशा रवि के सीने से चिपक जाती है और उसका खड़ा लंड अपने हाथो मे पकड़ कर कस-कस कर दबाने लगती है


रवि जल्दी से अपनी भाभी का ब्लौज उतार कर उसे सिर्फ़ ब्रा और पेंटी मे बेड पर लिटा देता है और फिर अपनी भाभी को खड़ा होकर उपर से नीचे तक निहारने लगता है, उसकी भाभी की फूली हुई चूत की फांके पेंटी से बाहर फूल कर दिखाई देती है , रवि सीधे अपनी भाभी के पेरो की तरफ आता है और उसकी फूली


हुई चूत पर अपना मुँह रख कर उसकी चूत को अपने मुँह से दबाने लगता है और निशा मदहोश होने लगती है, रवि अपनी


भाभी की पेंटी को साइड मे करके उसकी चूत को फैला-फैला कर चाटने लगता है और निशा पागलो की तरह सीसीयाने लगती है, रवि अपनी भाभी की चूत की खुश्बू सूंघ कर पागल हो जाता है और फिर उसकी चूत मे अपनी जीभ डाल कर पागलो की तरह उसकी चूत को चाटने लगता है, निशा पड़ी-पड़ी अपने हाथ पेर फेंकती हुई कराहने लगती है,


रवि- भाभी कैसा लग रहा है


निशा- आह बहुत अच्छा लग रहा है रवि तेरे भैया ने तो आज तक मेरी चूत को इस तरह नही चटा हाय तू कितना अच्छा


चाटता है, आह-आह


रवि अपनी भाभी की फूली हुई चूत को दबोच-दबोच कर चाटने लगता है और फिर रवि अपनी भाभी की पेंटी को उसके पेरो


से निकाल देता है और निशा को उल्टा लेटा कर उसके गदराए मोटे-मोटे चुतडो को अपने हाथो से फैला-फैला कर चाटने


लगता है और निशा उसकी इस हरकत से पागल हो जाती है और खूब ज़ोर-ज़ोर से हा-ह करने लगती है रवि अपनी भाभी की मोटी गान्ड को अपने हाथो से खूब दबोच-दबोच कर उसकी मोटी गान्ड को खूब फैला-फैला कर चूसने लगता है,


लगभग 20 मिनिट तक रवि अपनी भाभी के मोटे चुतडो को दबोच-दबोच कर लाल कर देता है, और निशा ना जाने कितना


पानी छोड़ती है, रवि उसके सारे रस को चाट-चाट कर उसकी चूत को साफ कर देता है उसके बाद रवि अपनी भाभी को उठा कर बैठा देता है और उसके मोटे-मोटे दूध को कस-कस कर दबोचते हुए मसल्ने लगता है और


निशा- एक दम से रवि के मोटे लंड को पकड़ कर झुक कर अपने मुँह मे भर लेती है और उसके लंड को खूब कस-कस कर चूसने लगती है, रवि अपनी भाभी जो कि अपनी जंघे फैलाए रवि का लंड चुस्ती रहती है क़ी चूत मे अपनी उंगली डाल देता है और उसकी चूत मे तब तक उंगली पेलता है जब तक की उसकी उंगली उसकी चूत मे जड़ तक नही पहुच जाती है, निशा की आँखे काम वासना से पूरी नशीली हो जाती है और वह उसके मोटे लंड को चूस-चूस कर लाल करने लगती है,


रवि- बस भाभी अब रुक जाओ नही तो तुम्हारे मुँह मे निकल जाएगा


निशा- हाय जब से पायल को तेरा मोटा लंड चूस्ते देखा है तब से तेरे मोटे लंड को अपने मुँह मे भरने के लिए तड़प


रही थी आज तो मे इस मोटे डंडे का सारा रस पी जाउन्गि मेरे मुँह मे ही अपना रस निकाल दे, और फिर निशा उसके लंड को पागलो की तरह कस-कस कर चूस्ते हुए उसके रस को अपने मुँह के अंदर पूरी ताक़त से खिचने की कोशिश करने लगती है और रवि से रहा नही जाता है और वह रुक -रुक कर अपनी भाभी के मुँह मे अपना रस निकालने लगता है और निशा उसके सारे रस को चूस-चूस कर पीने लगती है, रवि के लंड से जब तक उसका रस निकलता है निशा तब तक उसके रस को खिच -खींच कर चुस्ती रहती है और फिर रवि मस्त होकर अपनी भाभी को ले कर बेड पर लेट जाता है,


रवि पूरा नंगा अपनी भाभी के नंगे बदन से चिपका हुआ उसके मस्ताने भोस्डे पर अपना हाथ फेरता हुआ उसके रसीले


होंठो को चूस्ता रहता है और निशा फिर से उसके लंड को सहलाने लगती है,


रवि- भाभी अब क्या करना है


निशा- मुस्कुरा कर अब मेरी चूत को कस-कस कर चोद और क्या करना है, आज तो मे दिन भर तुझसे अपनी चूत मराउन्गि


रवि- अपनी भाभी को अपने सीने से कस कर दबाते हुए उसकी मोटी गान्ड की गहरी दरार मे अपने हाथ को फेरते हुए उसके होंठो को चूमने लगता है और उसका मोटा लंड उसकी भाभी की चूत के उपर रगड़ खाने लगता है,


रवि- भाभी और चुसू तुम्हारी इस चूत को


निशा- रुक जा मे चुसती हू तुझे और फिर निशा रवि के आस पास अपने पेरो को करके उसके मुँह मे अपनी फूली हुई चूत को रख कर बैठ जाती है और रवि उसकी चूत को अपने हाथो से और फैला-फैला कर चूसने लगता है, जब निशा की चूत खूब रसीली हो जाती है तो उससे बर्दास्त करना मुस्किल हो जाता है और वाहपीछे सरक कर रवि के लंड को अपने हाथो से पकड़ कर सरर से उसके लंड पर बैठ जाती है और रवि का लंड अपनी भाभी की रसीली चूत को भेदता हुआ उसकी चूत की गहराई मे उतर जाता है और फिर निशा कूद-कूद कर रवि के मोटे लंड को अपनी चूत के अंदर बाहर करने लगती है, रवि भी अपनी भाभी के मोटे-मोटे दूध को अपने हाथो मे कस कर पकड़ता हुआ मसल्ने लगता है और अपनी कमर उठा-उठा कर अपनी भाभी की चूत मे अपने लंड को भरने लगता है,










निशा अपनी मोटी गान्ड को उठा-उठा कर रवि के लंड मे मारने लगती है और जब उससे बर्दास्त करना मुस्किल हो जाता है तो निशा नीचे लुढ़क जाती है और रवि को पकड़ कर अपने उपर चढ़ाने लगती है, रवि झट से अपनी भाभी की गदराई मोटी


जाँघो को फैला कर उसकी फूली हुई चूत मे अपने लंड को लगा कर एक तगड़ा शॉट मारता है और उसका लंड उसकी भाभी की चूत मे जड़ तक समा जाता है, रवि अपनी भाभी की मोटी-मोटी जाँघो को कस कर दबोचता हुआ उसकी चूत मे अपने लंड के धक्के मारने लगता है और निशा आह-आह करते हुए सीसियती हुई उसके लंड पर अपनी चूत उठा-उठा कर मारने लगती है,


रवि सतसट अपनी भाभी की चूत को कस-कस कर चोदने लगता है और निशा की चूत पानी-पानी हो जाती है,


कुछ देर बाद रवि अपनी भाभी को बेड पर घोड़ी बना देता है और उसकी चूत मे अपने लंड को पीछे से लगा कर एक कस कर धक्का मारता है और उसका पूरा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ अंदर समा जाता है और रवि अपनी भाभी की मोटी गदराई गान्ड को मसलते हुए उसकी फूली हुई चूत मे अपने लंड को पेलने लगता है, निशा रवि के लंड के धक्को का जवाब अपनी अपनी चूत को उसके लंड पर मारती हुई देने लगती है जब निशा से सहना मुश्किल हो जाता है तो वह एक दम से लुढ़क जाती है और रवि अपनी भाभी की मोटी जाँघो को पूरा फोल्ड करके अपने पेर के पंजो पर बैठ कर अपनी भाभी की चूत को अपने लंड से कस-कस कर ठोकने लगता है और निशा खूब कस-कस कर उसके लंड पर अपनी चूत के धक्के मारने लगती है,


लगभग 20 मिनिट तक उसी पोज़ मे रवि अपनी भाभी को चोदता है और उसके बाद निशा की चूत की चिकनाहट खूब बढ़ जाती है और वह रवि को अपने हाथो से कस लेती है और रवि लगभग 20-25 तगड़े धक्के अपनी भाभी की चूत मे सतसट मारता हुआ उसकी चूत के अंदर अपने पानी को छोड़ देता है और निशा सीसियती हुई रवि को अपनी बाँहो मे कस कर पानी छोड़ती हुई गहरी-गहरी साँसे लाने लगती है, कुछ देर तक दोनो एक दूसरे से चिपके पड़े रहते है उसके बाद रवि अपनी भाभी को मुस्कुरा कर देखता हुआ उसके उपर से हट जाता है, निशा अपनी आँखे बंद किए हुए गहरी-गहरी साँसे लेती रहती है और फिर रवि जब उसके गालो को अपने दन्तो मे भर कर काटता है तब निशा अपनी आँखे खोल कर रवि को देखती है और फिर दोनो देवेर भाभी एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा देते है,


रवि- मुस्कुरा कर अपनी भाभी के मोटे-मोटे दूध के निप्पल को मसलता हुआ, भाभी आख़िर मेने आपको भी चोद ही


दिया,


निशा- मुस्कुरा कर उसके गाल को अपने हाथो से खिचती हुई, तू बहुत बड़ा कमीना है रवि, और दोनो एक दूसरे की बाँहो


मे चिपक जाते है,


उधर पायल और सोनिया करण से मिलने के लिए उसे फोन करके एक रेस्टौरेंट मे बुलाते है और करण वहाँ पहुच जाता


है, करण उन दोनो के पास पहुच कर दोनो को गौर से देखता है जैसे पहचानने की कोशिश कर रहा हो कि इनमे से उसकी


होने वाली बीबी कौन है और फिर मुस्कुरा कर सोनिया को देख कर


करण- लगता है आपने मुझे पहचाना नही


सोनिया- कुछ शरमाती हुई अपनी नज़रे उठा कर करण को देखती है और फिर उसको पहचानने की कोशिश करती है लेकिन उसे कुछ याद नही आ पता है,


करण- रहने दीजिए ज़्यादा अपने दिमाग़ पर ज़ोर मत लगाइए मे बता देता हू कि हमारी पहली मुलाकात कहाँ हुई थी और फिर करण उससे हुई उस टक्कर के बारे मे याद दिलाता है और सोनिया ना चाहते हुए भी उसकी और देख कर थोडा सा मुस्कुरा देती है,


करण- पायल की ओर देख कर, मगर मेने आपको नही पहचाना


पायल- दरअसल मे सोनिया को दोस्त हू और सोनिया के कहने पर आपसे मिलने आ गई


करण- यह तो आपने बहुत ही अच्छा किया इसी बहाने आप से भी मुलाकात हो गई,


पायल- दरअसल करण मे आपसे कुछ बात करना चाहती थी


करण- अरे इसमे इतना सोचने की क्या ज़रूरत है आप बिंदास कहिए आप क्या कहना चाहती है,


पायल- सोनिया की ओर देखती है और सोनिया,


सोनिया- मे दो मिनिट मे आती हू आप लोग बाते कीजिए


सोनिया वहाँ से उठ कर चली जाती है और करण हाँ तो मिस ?


पायल- पायल नाम है मेरा


करण- हाँ तो पायल जी अब बताइए क्या कहना चाहती है आप


पायल- देखो करण मे कुछ भी घुमा फिरा कर नही कहना चाहती, मे बस तुमसे यह कहना चाहती हू कि मेरी सहेली


अभी शादी नही करना चाहती है लेकिन उसके मम्मी-पापा उसे फोर्स करके उसकी शादी कर रहे है जिसके करण वह काफ़ी


दुखी है,


करण- वो सब तो ठीक है लेकिन आप मुझसे क्या चाहती है


पायल- अपनी नज़रे इधर उधर घूमाते हुए, करण मे यह चाहती हू कि तुम इस रिश्ते से इनकार कर दो


करण पायल की बात सुन कर उसका मुँह देखने लगता है और पायल उसका मुँह देखते हुए उसके जवाब का इंतजार करने लगती है,


करण- लेकिन पायल जी यह कैसे हो सकता है, मुझे सोनिया पसंद है और मे उससे शादी करने को रेडी हू और यह बात


मे अपने मा-बाप को भी बता चुका हू,


पायल- पर करण तुम सोनिया के ज़ज्बात को समझो और तुम्हारे लिए ना कहना कौन सा मुश्किल है


करण- देखिए पायल जी, केवल रिश्ता तोड़ने की बात होती तो मुझे कोई प्राब्लम नही थी पर सच तो यह है कि सोनिया को मे बहुत ज़्यादा पसंद करता हू और अब मे उसके मॅटर पर कोई कॉंप्रमाइज़ नही कर सकता हू, मे सोनिया से किसी भी कीमत पर शादी करूँगा,


पायल- करण की बात सुन कर अपनी नज़रे नीची करके उदास हो जाती है और करण उसके खूबसूरत चेहरे को गौर से देखने लगता है,


पायल- कुछ सोच कर करण क्या कोई रास्ता नही है कि तुम सोनिया से शादी ना करो


करण- पायल की खूबसूरती को देखता हुआ, कुछ सोच कर, एक रास्ता है पायल जी, लेकिन वह आपको शायद पसंद ना आए


पायल- उसकी और हसरत भरी निगाहो से देखती हुई, तो बताइए ना क्या रास्ता है


करण- पायल जी मे सोनिया को एक ही शर्त पर छोडने के लिए तैयार हू, यदि आप मुझसे शादी करने को रेडी हो जाए तो,


पायल- करण की बात सुन कर एक दम सुन्न रह जाती है और करण का मुँह देखने लगती है


करण- मुस्कुराता हुआ, मेने कहा था ना कि आपको शायद मेरी बात पसंद ना आए, लेकिन सच कहु पायल जी बुरा मत


मानीएगा, सोनिया के बदले अगर कोई लड़की इस दुनिया मे होगी तो वह आप ही है आप के अलावा मे दुनिया की किसी भी लड़की के लिए सोनिया को छोडने को तैयार नही हू, इसे आप मेरी शर्त मानिए या मेरा फ़ैसला,


करण की बात सुन कर पायल करण को गौर से देखती हुई अपने मन मे सोचती है, कमीना बड़ा होशियार बनता है जब की


यह नही जानता कि इससे भी बड़े-बड़े कमिने इस दुनिया मे पड़े है, साले मुझसे शादी करके तू घाटे मे ही रहेगा क्यो


की तुझे चुदी-चुदाई बीबी मिलने वाली है, लगता है तेरी किस्मत मे किसी कुँवारी की चूत को फाड़ना लिखा ही नही है, इसीलिए या तो तेरी शादी सोनिया से होती या फिर अब तू मुझसे शादी करने को मरा जा रहा है,


करण- मुस्कुरकर क्यो पायल जी है ना दिमाग़ की बात अब फ़ैसला ना मेरे हाथ मे है और ना ही सोनिया के हाथ मे, अब जो भी फ़ैसला करना है वह आपको करना है,


पायल- अपने मन मे, अरे कामीने तू दिमाग़ वाला नही एक नंबर. का गधा है, तू कर मुझसे शादी पर याद रखना तेरे ही


घर मे तेरे ही बेड पर तेरी ही बीबी को मेरा भाई आकर ना चोदे तो मेरा भाई इस दुनिया का सबसे बड़ा कमीना नही,


पायल- करण मुझसे सोचने का थोड़ा वक़्त चाहिए


कारण- मुस्कुरा कर जितना वक़्क चाहिए आप ले लीजिए मे आपका और आपके फ़ैसले का इंतजार करूँगा


कुछ देर बाद सोनिया वापस आ जाती है और पायल उसे अपने साथ लेकर चल देती है,


सोनिया- क्या हुआ पायल क्या कहा उसने


पायल- क्या तुझे करण पसंद नही आया


सोनिया- पायल मुझे रवि के सिवा दुनिया का कोई भी लड़का अब पसंद नही आएगा, मे उसके बिना मर जाउन्गि और सोनिया रोने लगती है और पायल उसको देख कर खुद भी दुखी हो जाती है और अपने मन मे तू बहुत किस्मत वाली है सोनिया रवि को चाह कर उसे हासिल भी कर लेगी और एक मे हू जो रवि के सबसे करीब होकर भी उसकी कभी नही हो सकती हू, इस दुनिया ने ना जाने क्यो इंसान को रिश्तो के बंधन मे बाँध दिया है जब की दिल किसी के लिए धड़कना शुरू हो जाए तो उसे कोई रिश्ता नज़र नही आता है उसे तो बस प्यार करना आता है और वह उस प्यार के लिए अपना सब कुछ लूटा देना चाहता है,


खेर मे रवि की बीबी नही बन सकती लेकिन उसकी बीबी बने बिना उससे जिंदगी भर प्यार तो कर ही सकती हू और मेरे और रवि के दिलो के प्यार को तो कोई रिश्ते की दीवार रोक नही सकती है,


पायल अपने घर आकर सीधे रवि के रूम मे जाती है और उस समय रवि बाथरूम मे रहता है तब पायल अपनी भाभी के


रूम मे झाँक कर देखती है तो निशा उसे अपने बेड पर सोई हुई नज़र आती है, पयल वापस रवि के रूम मे आ जाती है


तभी पायल की नज़र रवि के मोबाइल पर पड़ती है और वह उसका मोबाइल उठा कर जैसे ही बटन प्रेस करती है उसे एक मिस्कल्ल नज़र आता है और वह जब उस मिस्कल्ल को देखती है तो उस पर करण लिखा होता है पायल उस नाम को देख कर कुछ सोचने लगती है फिर जल्दी से उस मिस्स्कल्ल को एडिट करके उस नंबर. को देखती है और फिर अपने मोबाइल से सोनिया को कॉल करती है और सोनिया से करण का नंबर. मांगती है और जैसे ही सोनिया उसे कारण का नंबर. बताती है पायल के होश उड़ जाते है और वह सोचने


लगती है कि करण का नंबर. रवि के मोबाइल मे कैसे आया, तभी रवि बाथरूम का गेट खोल कर बाहर आता है और


रवि- मुस्कुराते हुए अरे दीदी आ गई तुम कितनी देर लगा दी मे कब से तुम्हारा वेट कर रहा था


पायल- हाँ वो सोनिया के घर पर ही रुक गई थी


रवि- पायल का चेहरा देखते हुए क्या बात है दीदी कुछ प्राब्लम है क्या,


पायल- नही रवि ऐसी कोई बात नही है


रवि- दीदी तुम्हारे दिल मे दर्द हो और मुझे पता ना चले यह कभी हो सकता है क्या, सच बोलो क्या बात है


पायल- मुस्कुराने की कोशिश करती हुई नही रवि ऐसी कोई बात नही है


रवि- उसका हाथ पकड़ कर अपने सर पर रखता हुआ, अगर अभी के अभी नही बताया कि क्या बात है तो मेरी जान...


पायल- अपने हाथ को रवि के मुँह पर रखती हुई उसके शब्दो को उसके मुँह मे ही रोक देती है और फिर रवि को सारी बात बता देती है,


रवि- पायल की बात सुन कर, दीदी कौन है वह लड़का मुझे एक बार उससे मिलवा दो मे उसे वही जिंदा गढ़ दूँगा, उसकी हिम्मत कैसे हुई तुमसे इतनी बात करने की, तुम मुझे अभी उसके पास लेकर चलो


पायल- अरे तू तो बिल्कुल पागल है, पहले यह तो पूछ कि दीदी तुम्हे वह लड़का पसंद है की नही तुम उससे शादी करोगी की नही उसके बाद उसे मारने की बात करना


रवि- नही दीदी मे सोनिया को पाने के लिए तुम्हारी लाइफ खराब नही कर सकता हू, तुम्हारी शादी उसी से होगी जिसे तुम


पसंद करोगी, इस तरह मेरे लिए किसी भी ऐरे गैरे से तुम शादी नही करोगी और यह मेरा आख़िरी फ़ैसला है फिर चाहे


मुझे सोनिया को ही क्यो ना भूलना पड़े, सोनिया की खातिर मे तुम्हारी कुर्बानी नही दे सकता हू,


पायल- रवि की बात सुन कर मुस्कुराते हुए उसे अपने सीने से लगती है और इतना प्यार करता है अपनी दीदी से की उसके लिए अपनी प्रमिका को भी भूलने को रेडी है


रवि- दीदी इस दुनिया मे जितना मे तुम्हे चाहता हू उतना मे ना किसी को चाहता हू और ना ही कभी किसी को चाह पाउन्गा, और अगर तुम्हारे और मेरे बीच कभी तुम्हारा पति भी आ गया तो फिर समझ लो उसका भी गेम बजा दूँगा,


पायल- अरे पागल कही के मे इतनी भी पागल नही हू कि किसी भी ऐरे गैरे से शादी कर लूँगी, उस लड़के से मे मिल चुकी हू और देखने मे कोई बुरा नही है बस उसके बॅकग्राउंड का पता लगाना है उसके बाद फिर मे कोई फ़ैसला लूँगी, क्योकि मेरे


फेसले पर ही तेरी लव स्टोरी का क्लाइमॅक्स लिखा जाएगा, इसलिए तू फिकर मत कर तेरी दीदी तुझसे ज़्यादा समझदार है, वह आगे और पीछे दोनो तरफ का सोच कर चलती है और फिर हमे ऐसा फ़ैसला भी तो लेना होगा जिससे हम दोनो जब चाहे एक दूसरे की बाँहो मे समा सके और हमे रोकने वाला कोई ना हो,


रवि- पायल की बात सुन कर मुस्कुराते हुए, ठीक है दीदी लेकिन पहले मे उस लड़के से मिलूँगा अगर मुझे ठीक लगा तो ही


मे तुम्हे एस कहने दूँगा वरना नही


पायल- उसके गालो को चूमती हुई ओके बाबा ओके, अच्छा रवि एक बात तो बता यह करण कौन है, तेरे मोबाइल पर उसका मिस्स्कल्ल पड़ा हुआ था,


रवि- अरे दीदी करण के बारे मे मेने कभी तुम्हे बताया नही, दरअसल वह मेरा सबसे पक्का दोस्त है और हम दोनो


बहुत छोटे से ही एक दूसरे के दोस्त रहे है और जैसे-जैसे हम दोनो बड़े हुए हमारे विचार मिलते गये और हमारी


दोस्ती बढ़ती गई, आज तो यह हालत है कि करण मेरी एक आवाज़ पर अपनी जान दे सकता है,


पायल- मुस्कुराते हुए, अच्छा पर यह तेरा दोस्त करता क्या है


रवि- दीदी वह जॉब करता है और उसके मा-बाप गाँव मे रहते है वह यहा अकेला रहता है, और हाँ वह जॉब सिर्फ़ शौकिया


तौर पर करता है, जबकि उसके पास उसके बाप-दादा की काफ़ी ज़मीन और संपत्ति है वह अगर नौकरी ना भी करे तो अपनी


सारी लाइफ आराम से बैठ कर खा सकता है,


पायल- मुस्कुरा कर, रवि एक बात पुच्छू


रवि- पूछो


पायल- रवि तू बुरा तो नही मानेगा ना


रवि- ऑफ हो दीदी तुम पूछो ना, मेने कभी तुम्हारी किसी बात का बुरा माना है क्या


पायल- रवि अगर मे तेरे इस दोस्त से शादी करना चाहू तो


रवि- पायल की बात सुन कर ज़ोर-ज़ोर से हस्ने लगता है और पायल उसका मुँह आश्चर्या से देखने लगती है


पायल- रवि क्या हुआ क्यो हस रहा है, क्या मेने कोई जोक सुनाया है तुझे


रवि- अरे दीदी तुम्हारी बात किसी जोक से कम थोड़े ही है,


पायल- क्यो ऐसा क्या कह दिया मेने


रवि- अरे दीदी तुम शादी करोगी और वह भी इस गधे से


पायल- क्यो तेरा दोस्त अच्छा नही लगता है क्या


रवि- नही दीदी ऐसी बात नही है, वो तो क्या है ना, इस बेचारे से कभी कोई लड़की फसि ही नही और यह कुछ भोला किस्म का बंदा है इस लिए मे इसे गधा ही कहता रहता हू,


पायल- मुस्कुरा कर, तो फिर इस गधे से अगर मे शादी कर लेती हू तो तेरा ही फयडा है ना


रवि- एक दम से पायल के खूबसूरत मुस्कुराते हुए चेहरे को देख कर उसकी बात सुनता है और फिर पायल के शातिर दिमाग़ के बारे मे सोचते हुए पायल के खिलखिलाते चेहरे को घूरते हुए देखने लगता है,


पायल- रवि को इस तरह अपनी ओर देख कर थोड़ा शांत होती है और उसकी हसी कुछ गायब होने लगती है, पायल ऐसे क्या देख रहा है


रवि- दीदी मेरे करीब . ना


पायल- कुछ शर्मा कर लेकिन मुस्कुरा कर उसके पास आती है और रवि उसे अपनी गोद मे बैठा लेता है और उसके रसीले


होंठो को अपने मुँह मे भर कर चूसने लगता है और लगभग 2 मिनिट तक अपनी दीदी के होंठो को चूस्ता हुआ अपनी दीदी


के कसे हुए कठोर दूध को दबाता रहता है,



रवि- दीदी तुम मुझे बहुत चाहती हो ना


पायल- मुस्कुरा कर हाँ


रवि- इसी लिए तुम अपनी शादी के बाद मुझसे कैसे मिलोगि यह सोच-सोच कर बेचैन रहती हो ना


पायल- हाँ


रवि- और तुम यह चाहती हो ना कि तुम्हारी शादी कही ऐसी जगह किसी ऐसे बंदे से हो जाए जहा तुम और मे हमेशा


आज़ाद होकर एक दूसरे की बाँहो मे पड़े रहे


पायल- हाँ


रवि- इसी लिए तुम अपनी खुद की शादी को लेकर परेशान हो ना


पायल- हाँ रवि, मे तुझसे जुड़ा होके कैसे रह पवँगी,


रवि- कुछ सोच कर, दीदी फिर तुम्हे करण से ही शादी कर लेनी चाहिए, यही एक रास्ता है हम दोनो का रोज एक दूसरे से


मिलने का, और फिर करण मेरा सबसे अच्छा दोस्त भी है इसलिए वह कभी तुम्हे चाह कर भी दुख नही पहुचा पाएगा


पायल- मुस्कुराते हुए, वो तो ठीक है लेकिन फिर सोनिया और तेरा क्या होगा,


रवि- दीदी हमे हमारी किस्मत पर छोड़ दीजिए


पायल- मुस्कुराते हुए, अच्छा ठीक है, लेकिन एक बार उस साले को फोन लगा के गाली तो दे दे कि तू साले मेरी बहन से


शादी करना चाहता है


रवि- हाँ-हाँ क्यो नही लाओ दो मुझे उसका नंबर.


पायल- रुक मे फोन लगा कर देती हू और पायल अपने मोबाइल से करण का नंबर. मुस्कुराती हुई डाइयल करके रवि को दे देती है


करण- हेलो


रवि- हाँ मे बोल रहा हू


करण- कौन मे


रवि- अच्छा, पायल को तो जानता होगा तू,


करण- कौन पायल


रवि- अबे वही जिससे तूने शादी की बात की थी, भोसड़ी के तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरी बहन से ऐसा कहने की


करण- देखिए भाई साहब वो तो मे इसलिए कह गया क्यो कि वह मेरी होने वाली मंगेतर की सहेली है


रवि- मे तेरी टाँगे तोड़ दूँगा एक बार तू मुझे मिल तो सही


तभी पायल रवि के हाथ से फोन लेकर हेलो करण मे पायल बोल रही हू और ज़ोर-ज़ोर से मुस्कुराने लगती है उधर करण


हैरान रह जाता है और इधर रवि हैरान रह जाता है और पायल हेलो करण मे तुमसे मिलने तुम्हारे घर आ रही हू और


फोन कट कर देती है


रवि- को सारा माजरा समझते देर नही लगती है और वह अपनी दीदी को देख कर दीदी यह सोनिया का मंगेतर और मेरा दोस्त करण एक ही है ना


पायल- मुस्कुरा कर हाँ


रवि- मुस्कुराते हुए, मे इस साले करण की बाजा बजा दूँगा


पायल- अरे रवि अपना मुँह बंद रख वह मुझसे शादी करने के लिए मरा जा रहा है अब तू उसे डराने की कोशिश मत


करना, दोनो लोग कारण के फ्लॅट की ओर उड़ जाते है


उधर करण अपने फ्लॅट मे बैठा-बैठा काफ़ी मुश्किल मे नज़र आ रहा था, और अपने आप से बाते करते हुए उसकी गान्ड


भी फॅट रही थी, पता नही पायल इतना हस क्यो रही थी और उसके भाई साहेब कितने नाराज़ लग रहे थे पर पता नही क्यो उनकी आवाज़ मुझे काफ़ी जानी पहचानी सी लग रही थी, कही मेने पायल को इस तारह बोल कर कोई बड़ी ग़लती तो नही कर दी उपर से पायल यहाँ आने का भी कह रही थी, अब मे क्या करू, तभी उसके दरवाजे की डोर बेल बजती है और जब वह डरता हुआ दरवाजा खोलता है तो सामने रवि को देख कर उसे कुछ राहत महसूस होती है और वह


करण-ओह रवि अच्छा हुआ तू आ गया, मे तो बहुत परेशान था


रवि- उसके ग़रेबान मे हाथ डाल कर तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरी दीदी से ऐसी बात करने की


करण- कौन दीदी,


रवि- दीदी ज़रा यहा आओ और पायल रूम के अंदर मुस्कुराती हुई आ जाती है


कारण- पायल को देख कर चौक्ते हुए, यह तेरी दीदी है


रवि -अपने चेहरे पर झूठा गुस्सा दिखाते हुए हाँ


कारण- यार मुझे माफ़ कर्दे मुझे पता नही था कि यह तेरी दीदी है, दीदी आप भी मुझे माफ़ कर दो मे नही जानता था कि


आप रवि की दीदी है,


करण की बात सुन कर रवि और पायल ज़ोर-ज़ोर से हस्ने लगते है और करण उन दोनो का चेहरा देखने लगता है


रवि- कुछ सीरियस होता हुआ, करण क्या मेरी दीदी से शादी करेगा


करण- अपना मुँह फाडे रवि को देखता हुआ, अब बस भी कर यार और कितने मज़े लेगा मेरे, अब मुझे माफ़ भी कर दे


रवि- अबे मे मज़ाक नही कर रहा हू, मेरी दीदी सच मुच तुझसे शादी करना चाहती है, अब बोल करेगा शादी मेरी दीदी से


करण- रवि मुझे मेरी ग़लती का एहसास है यार अब बस भी कर


रवि- अबे मे मज़ाक नही कर रहा हू, मे सच कह रहा हू, बोल तुझे मेरी दीदी पसंद है कि नही


पायल- करण तुम रवि के अच्छे दोस्त हो और मे तुमसे सच मुच शादी करने के लिए तैयार हू, क्या तुम रेडी हो


करण- रवि क्या तू सच कह रहा है


रवि- हाँ यार बिल्कुल सीरियस नो मस्ती नो मज़ाक


करण- अपना सर झुकाते हुए ठीक है आप लोगो की जैसी मर्ज़ी


करण की बात सुन कर रवि और पायल दोनो एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा देते है और करण को अपने मा-बाप को अपने घर बुलाने की बात कह कर लोट आते है,


पायल- अपने भैया से अपनी पसंद के बारे मे बताती है और फिर रोहित करण के मा-बाप से मिल कर उन दोनो का रिश्ता तय कर देता है, इधर पायल रवि और सोनिया के बारे मे भी अपने भैया से बात कर लेती है और रोहित सोनिया के मा-बाप से मिल कर उन दोनो का भी रिश्ता पक्का कर देता है,


रवि और पायल की शादी तय हो जाती है और फिर रवि और पायल उस दिन काफ़ी खुस होकर अपनी जीत का जश्न मनाते हुए एक दूसरे की बाँहो मे समा जाते है और रात भर एक दूसरे को दिल से प्यार करते हुए एक दूसरे को अपनी बाँहो मे भर कर आने वाले कल की सुनहरी ख्वाहिशो को लेकर एक दूसरे मे समा जाते है, एक लंबी चुदाई के बाद रवि पायल को निशा की चुदाई के बारे मे सब कुछ बता देता है और पायल उसका गाल मुस्कुरा कर खिचती हुई


पायल- रवि तूने अपने कामीनेपन से अपनी दीदी को चोद दिया, फिर सोनिया जैसी कुँवारी लड़की को भी चोद दिया, अपनी भाभी को भी चोद दिया और यहा तक कि अपने दोस्त की बीबी को उसकी बीबी बनने से पहले ही चोद चुका है, अब और किसको चोदने का मूड है तेरा


रवि- कुछ सोच कर, अपने दोस्त करण की मम्मी को


पायल- उसकी बात सुन कर मुस्कुराते हुए, रवि तू वाकई मे बहुत बड़ा कमीना(दा रास्कल) है.


और दोनो एक दूसरे को मुस्कुरा कर देखते हुए एक दूसरे को अपनी बाँहो मे भर लेते है.


दोस्तो कैसी लगी ये कहानी


दा एंड




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