कमीना--अध्याय 4
writer-RAM
सोनिया- अपना चेहरा गुस्से से लाल करते हुए अपनी आँखे निकाल कर, रवि छोड़ो मेरा हाथ
रवि- सोनिया को मुस्कुरा कर देखते हुए, मेरी जान तुम नही जानती कि जब तुम गुस्से मे होती हो तो कितनी खूबसूरत लगती हो,
सोनिया- अपनी आँखे दिखाते हुए, रवि मे कहती हू मेरा हाथ छोड़ो,
रवि- एक शर्त पर
सोनिया- अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश करती हुई मुझे तुम्हारी कोई शर्त नही सुनना है,
रवि- ठीक है तो जब तक मेरी शर्त नही सुनोगी मे हाथ नही छोड़ूँगा
सोनिया- कसमसा कर अच्छा बोलो क्या शर्त है
रवि- कल मेरे साथ मूवी देखने चलना होगा
सोनिया- मे नही जाउन्गि
रवि- तो ठीक है मे जब तक हाथ नही छोड़ूँगा जब तक तुम हाँ नही कहोगी
सोनिया- अपने हाथ को छुड़ाने की कोशिश करती हुई, प्लीज़ रवि छोड़ दो सब देख रहे है,
रवि- पहले हाँ कहो
सोनिया- अच्छा बाबा चलूगी अब तो छोड़ो
रवि- देखो अपनी बात से पलटना नही वरना, उसके सामने उसके मोटे-मोटे दूध को देखता हुआ, अगली बार मे कुछ और
पाकडूँगा और फिर छोड़ूँगा नही
सोनिया- अपना हाथ छुड़ा कर, रवि तुम बहुत कमिने हो
रवि- थॅंक्स फॉर कॉंप्लिमेंट और फिर अब चलो एक-एक कॉफी हो जाए और सोनिया उसके साथ चल देती है
कॉलेज छूटने के बाद रवि, पायल को लेकर घर आ जाता है और घर आकर अपनी दीदी का हाथ पकड़ते हुए,
रवि- दीदी क्या बात है तुम मेरे साथ ऐसा बिहेव क्यो कर रही हो,
पायल- रवि मुझे अकेला छोड़ दे मे तुझसे कोई बात नही करना चाहती और अपना हाथ छुड़ा कर अपने रूम की ओर जाने लगती
है, रवि दौड़ कर उसके पीछे जाकर उसका हाथ फिर से पकड़ता हुआ,
रवि- दीदी आख़िर बात क्या है, कल तक तो तुम बिल्कुल ठीक थी फिर आज अचानक क्या हो गया
पायल- कल तूने मेरे साथ जो किया वह ठीक नही किया और अब तू मुझसे दूर रह, मुझे तुझसे कोई बात नही करनी
रवि- दीदी पर उस बात के लिए मे अकेला ज़िम्मेदार नही हू उसके लिए तुम भी उतनी ही कसूर वार हो जितना कि मे
पायल- हाँ मुझसे ग़लती हुई है, लेकिन अब मे उस बात को याद नही करना चाहती और प्लीज़ रवि अब मुझे परेशान मत कर मुझे अकेला छोड़ दे,
रवि- पायल को अपनी और खिचता हुआ, दीदी अब मे तुमसे दूर नही रह सकता
पायल- रवि छोड़ मुझे, और उसे दूर धकेल देती है
रवि- पायल को अपनी और खिच कर उसके रसीले होंठो को चूम लेता है, और पायल का मुँह जैसे ही चूम कर छोड़ता है
पायल- सटाक से एक तगड़ा तमाचा रवि के मुँह पर मारती हुई गुस्से से रवि को देख कर एनफ, बहुत हो गया, और रवि को उंगली दिखाती हुई अगर आगे से तूने ऐसी हरकत की तो मुझे भैया से कहने मे ज़रा भी देर नही लगेगी, और उसे धक्कादेती हुई निकल जा मेरे रूम से,
रवि- अपना सा मुँह लेकर बाहर आकर सोफे पर बैठ जाता है और पायल अपने बेड पर लेट कर रोने लगती है,
रवि- बाहर बैठ कर अपने आप से बाते करता हुआ, जाने क्या समझती है अपने आप को, हिम्मत है तो भैया से बता कर
देख, नही-नही उसका कोई भरोसा नही है बता भी सकती है, पर अचानक इसको हुआ क्या, कल तो कितने प्यार से मुस्कुरा कर मुझसे चिपक रही थी, लेकिन अब इसे क्या हो गया, रवि वही बैठ कर टीवी चालू कर लेता है और अपने गाल को सहलाते हुए अपनी दीदी के मारे गये थप्पड़ का अफ़सोस करता रहता है,
करीब आधे घंटे बाद पायल बाहर आती है और सीधे किचन मे जाकर कॉफी बनाने लगती है और थोड़ी देर बाद दो कप
कॉफी लेकर आती है, रवि अपने मुँह को टीवी की ओर लगा देता है और पायल की ओर नही देखता है, पायल भी रवि के पास एक कप कॉफी रख कर उसके सामने सोफे पर बैठ जाती है और कॉफी पीने लगती है, पायल भी रवि को सिर्फ़ एक बार देख कर अपने नज़रे नीचे किए हुए कॉफी पीने लगती है, रवि उसकी दी हुई कॉफी की तरफ देखता भी नही है और टीवी देखता रहता है, पायल जब आधी कॉफी पी लेती है तब अपनी नज़र उठा कर रवि की ओर देखती है तो रवि टीवी को देख रहा था, पायल अपनी आँखे निकाल कर
पायल- कॉफी क्यो नही पीता है ठंडी हो रही है
रवि- उसकी बात का कोई जवाब नही देता है और अपनी नज़रे टीवी की ओर ही लगाए रहता है
पायल- फिर से अपनी कॉफी पीने लगती है और कॉफी ख़तम करके उठ कर उसके भरे हुए कप को उठा कर किचन मे ले
जाती है, पर रवि उसकी और कोई ध्यान नही देता है,
रात को खाने की टेबल पर रोहित और पायल बैठे होते है
रोहित- रवि कहाँ है वह खाना नही खाएगा क्या
पायल- मे देखती हू और उठ कर रवि के रूम मे जाती है और रवि अपने बेड पर उल्टा लेटा हुआ था, पायल दरवाजे के पास से ही आवाज़ लगा कर रवि खाना खा ले भैया तेरा वेट कर रहे है,
रवि- मुझे भूख नही है
पायल- थोड़ा करीब जाकर उसके सामने खड़ी होकर, ज़्यादा नाटक मत कर और चल के खाना खा ले,
रवि- पायल को गुस्से से देखता हुआ, मेने कहा ना मुझे भूख नही है, और अगर होती भी तो मे नही ख़ाता,
पायल- को थोड़ी हसी आ जाती है और वह, तू उठता है की मे जाकर भैया को बता दू
रवि- उठ कर पायल को गुस्से से देखता हुआ, हाँ जाओ बता दो मे किसी से नही डरता,
पायल- देख रवि मे आख़िरी बार पूछ रही हू, खाना खाएगा कि नही
रवि- नही
पायल- जा मत खा मुझे क्या, और तुनक कर वापस आ जाती है,
रोहित- क्या हुआ उसकी तबीयत तो ठीक है ना
पायल- लगता है उसका पेट गड़बड़ है कह रहा है उसे आज खाने का मन नही है
रोहित- चलो कोई बात नही, लाओ मुझे खाना दो और फिर रोहित खाना खाने लगता है पर पायल का मन दुखी हो जाता है और वह रवि को भूखा सोच कर परेशन होने लगती है और उससे भी खाना ठीक से खाया नही जाता है,
रोहित- क्या बात है तेरा भी पेट गड़बड़ है क्या
पायल- एक दम सकपका कर नही तो
रोहित- तो फिर एक ही रोटी को 10 मिनिट से चिड़िया की तरह चुग-चुग कर क्यो खा रही है
पायल- अपनी नज़रे नचाते हुए जल्दी से एक बड़ा सा कौल तोड़ कर खाने लगती है
खाना खाने के बाद पायल अपने रूम मे बैठ कर उलझन मे नज़र आती है जब उसका मन नही मानता तो वह एक थाली मे
खाना लेकर रवि के दरवाजे पर जाती है लेकिन दरवाजा अंदर से लॉक होता है, पायल धीरे से दरवाजे को एक दो बार
खटखटाती है लेकिन रवि कोई रेस्पॉन्स नही देता है और फिर पायल मजबूर होकर वापस आ जाती है,
पायल अपने बेड पर लेटी हुई खुद से बाते करती हुई, लगता है मेने रवि के साथ ज़्यादा सख्ती दिखा दी, मुझे उसे प्यार से
समझाना चाहिए था, और फिर पिछली रात को हुई उसके और रवि के बीच की घटना को सोचने लगती है, और अपने मन मे ग़लती तो मेरी भी थी और मेने सारा दोष रवि के सर पर मढ़ दिया, लेकिन मुझे ऐसा नही करना चाहिए था, और यही सब बाते सोचती हुई पायल सो जाती है,
सुबह-सुबह पायल अपने भैया का टिफिन तैयार करके देती हुई, भैया अब शादी की डेट कब तक फिक्स होगी
रोहित- जूते पहनता हुआ, पायल बॉस तो जल्दी ही कोई डेट निकलना चाहते है, पर मे सोच रहा हू कि इतनी जल्दी क्या है
पायल- अरे भैया अब इसमे जल्दी और देर वाली बात कहा है, मे तो चाहती हू कि आप जल्दी से भाभी को हमारे घर मे ले
आओ, तो मुझे भी एक साथी मिल जाएगी,
रोहित- अच्छा मतलब मे आपकी हेल्प के लिए शादी कर लू
पायल- मुस्कुराते हुए, ऐसी बात नही है भैया, पर जब भाभी इस घर मे आ जाएगी तो घर मे एक रोनक सी आ जाएगी
रोहित- पायल के सर पर हाथ फेरता हुआ, अरे वह तो आ जाएगी पर अब हमे तेरी भी शादी के बारे मे सोचना पड़ेगा
पायल- शरमाते हुए, मुझे नही करना शादी-वादी
रोहित- मे भी तुझे अपने से अलग नही करना चाहता पर शादी तो एक दिन सभी को करनी ही होती है, पर फिकर मत कर जब तक तू अपनी पढ़ाई पूरी नही कर लेती मे तुझ पर कोई प्रेसर नही डालुगा,
पायल- मुस्कुरा कर थॅंक यू भैया और फिर रोहित अपना बॅग लेकर बाहर निकल जाता है,
पायल- रवि के रूम मे जाती है तो रवि सो रहा था, पायल उसको आवाज़ लगा कर, रवि उठ जा आज कॉलेज नही जाना क्या, चल जल्दी से उठ कर तैयार हो जा मे भी नहाने जा रही हू,
पायल की बात सुन कर रवि अपनी आँखे खोलता है और पायल बाहर जाकर सीधे बाथरूम मे घुस जाती है, रवि एक पल के
लिए पायल को बाथरूम मे नंगी देखने का सोचता है लेकिन फिर गुस्से के मारे वह अपना इरादा बदल देता है और जाकर
सोफे पर बैठ जाता है, कुछ देर बाद पायल नाहकार निकलती है और उसके बदन पर सिर्फ़ एक टॉवेल होता है, पायल रवि के सामने से उसे देखती हुई जाती है लेकिन रवि उसकी ओर कोई ध्यान नही देता है, पायल उसको मुस्कुरा कर देखती हुई अपने रूम मे चली जाई है, जब रवि बाथरूम मे जाता है तो पायल की उतरी हुई पेंटी और ब्रा को देखता है जो नीचे पड़ी हुई थी रवि गुस्से से उसकी ब्रा और पेंटी को अपने पेर से दूर करता हुआ, नहाना शुरू कर देता है और फिर तैयार होकर पायल को अपनी बाइक मे बैठा कर कॉलेज पहुच जाता है, पायल जैसे ही उसकी बाइक से नीचे उतरती है रवि अपनी बाइक को आगे बढ़ा देता है और पायल से कुछ दूर जाकर अपनी बायक को पार्क करने के बाद सीधे अपनी क्लास मे चला जाता है और पायल उसको खड़ी हुई देखती रह जाती है,
क्लास मे सोनिया रवि की ओर बार-बार देख रही थी लेकिन रवि का आज मूड अपसेट था और वह सोनिया की ओर नही देख रहा था, सोनिया आज उसमे इतना बदलाव देख कर कुछ समझ नही पा रही थी और जैसे ही क्लास छुट्टी है रवि जल्दी से बाहर निकल कर केफे मे जाकर एक टेबल पर बैठ जाता है, कुछ देर बाद वहाँ पायल और सोनिया साथ-साथ आती है और एक दूसरी टेबल पर आमने-सामने बैठ जाती है, तभी सोनिया की नज़र रवि पर पड़ती है, और वह
सोनिया- पायल वो देख रवि वहाँ बैठा है उसे भी यही बुला ले ना,
पायल- तू ही बुला ले मेरे बुलाने पर वह नही आएगा
सोनिया- क्यो क्या हो गया
पायल- मुस्कुरा कर कुछ नही आज वह थोड़ा मुझसे नाराज़ है
सोनिया- हाँ तभी आज काफ़ी अपसेट लग रहा है
पायल- तू जाकर उसको बुला ला
सोनिया- ना बाबा ना, उसका मूड वैसे भी अपसेट है कही मुझ पर ही ना बिगड़ जाए
पायल- अरे डरती क्यो है, वह मुझसे नाराज़ है तुझे कुछ नही कहेगा
सोनिया- अच्छा ठीक है और सोनिया रवि के पास जाकर
सोनिया- हाय रवि
रवि- उसको देख कर जबरन अपने होंठो पर मुस्कान लाता हुआ, हाय
सोनिया- क्या बात है आज कुछ अपसेट लग रहे हो
रवि- मुस्कुरकर नही ऐसी तो कोई बात नही है
सोनिया- चलो वहाँ चल कर बैठते है
रवि- उसके साथ चल देता है और जब वह पायल को वहाँ बैठा देखता है तो वह कुछ सोचने लगता है और तभी पायल
उसको देख कर एक स्माइल देती है तो रवि उसकी ओर से अपना मुँह हटा लेता है
तीनो एक साथ बैठ जाते है और रवि सोनिया की ओर देख रहा था, और सोनिया रवि को देख कर मुस्कुराते हुए, रवि कॉफी
तो ऑर्डर कर दो,
रवि -उसकी बात सुन कर कॉफी ऑर्डर करता है
सोनिया- क्या बात है रवि आज तुम अपसेट क्यो हो
रवि- सोनिया को मुस्कुरा कर देखते हुए, नही ऐसी कोई बात नही है
सोनिया- पर पायल तो कह रही थी कि तुम उससे नाराज़ हो
रवि- पायल की ओर देखता है और पायल उसको देख कर मुस्कुरा देती है, रवि अपनी नज़रे उसकी ओर से हटा कर, सोनिया को देखता हुआ, यह मेरी दीदी है इनसे मे क्यो नाराज़ होने लगा
पायल- तो फिर तेरा मुँह क्यो फूला हुआ है
रवि- पायल को देख कर, तुम्हे इससे क्या मेरा मुँह फूला हो चाहे नही
पायल- मुस्कुराते हुए, चल अपना मुँह ठीक कर ऐसा फूला हुआ मुँह अच्छा नही लगता है,
सोनिया- ओफ्फ हो पायल अब तुम दोनो यही मत झगड़ने लगना,
पायल- मुस्कुराकर अरे तुम नही जानती सोनिया यह बड़ा बदमाश है और रवि को देखने लगती है
रवि- पायल को घूर कर देखता है
कॉफी पीने के बाद तीनो वापस अपनी क्लास मे आ जाते है और फिर रवि से अब रहा नही जाता है और वह सोनिया को फिर से देखने लगता है और सोनिया जब उसकी ओर देखती है तो समझ जाती है कि रवि उसके मोटे-मोटे दूध को खा जाने वाली नज़रो से देख रहा है तभी दोनो की नज़रे एक दम से मिलती है और रवि सोनिया को देख कर एक स्माइल देता है और सोनिया भी रिप्लाइ कर देती है तभी बाहर से एक उसकी ही क्लास की लड़की अंदर आती है जिसके दूध बहुत ज़्यादा मोटे होते है और रवि अपनी कमिनि नज़रो को रोक नही पाता है और उसके मोटे-मोटे थनो को देखने लगता है तभी सोनिया रवि की नज़रो को देख
लेती है और फिर जैसे ही रवि सोनिया को देखता है तो मुस्कुरा देता है और सोनिया उसको देख कर मुस्कुराती हुई, अपने
होंठ हिलाकर बुदबुदाती हुई वाकई बहुत बड़ा कमीना है किसी को भी नही छोड़ता है, पता नही अपनी दीदी को भी छोड़ता
होगा कि नही, तभी वह सोचने लगती है कि आख़िर पायल और रवि के बीच क्या झगड़ा चल रहा है जो रवि उससे नाराज़ है, कही रवि ने पायल के साथ कोई ऐसी वैसी हरकत तो नही कर दी, फिर नही-नही मे भी क्या सोचने लगी भला एक भाई अपनी बहन के साथ ऐसा क्यो करेगा, फिर कुछ सोचते हुए रवि की कमिनि नज़रो को देख कर, कर भी सकता है इसके कमिने पन का कोई भरोसा नही है,
कॉलेज छूटने के बाद पायल रवि की बाइक के पास खड़ी उसका वेट कर रही थी तभी रवि सोनिया के साथ बाहर आता दिखाई देता है और रवि सोनिया से खूब हस-हस कर बात कर रहा था, और सोनिया भी हस-हस कर उसके जवाब का रिप्लाइ दे रही थी, पायल को उन दोनो का इस तारह हस-हस कर बाते करते हुए सॅट कर चलना अच्छा नही लगा और वह उन्हे घूर कर दूर से देख रही थी तभी रवि, सोनिया के साथ उसकी स्कूटी के पास पहुच कर सोनिया के हाथ को पकड़ कर उससे कुछ कहने लगता है और सोनिया अपनी गर्दन को नीचे झुका कर मुस्कुराने लगती है, पायल उन दोनो की इन हर्कतो से ना जाने क्यो जल जाती है और रवि की बाइक को एक लात मारती है लेकिन उल्टा उसके ही पेर मे लग जाता है, थोड़ी देर बाद सोनिया अपनी स्कूटी मे बैठ जाती है और रवि उसको देख कर मुस्कुराता हुआ उसको हाथ हिला कर बाइ करता है, और पायल की ओर चल देता है, पायल काफ़ी गुस्से मे लग रही थी और जब रवि उसके पास आकर उसको देखता है तो पायल अपनी आँखे निकल कर रवि को घूर कर देख रही थी, रवि उसकी परवाह ना करते हुए अपनी बाइक स्टार्ट करता है और पायल उसके पीछे बैठ जाती है और रवि अपने घर की ओर उड़ जाता है,
घर पहुच कर रवि सोफे पर टिक कर बैठ जाता है और पायल उसके पास आकर,
पायल- गुस्से से रवि को देखती हुई, बहुत चिपक-चिपक के बात कर रहा था सोनिया से,
रवि- उसको अपनी आँखो से देखता हुआ, मेरी मर्ज़ी मे किसी से भी बात करू तुम्हे उससे क्या
पायल- तेरी जो मर्ज़ी हो वह कर मुझे क्या करना है और अपने पेर पटकती हुई अपने रूम की ओर जाने लगती है और रवि उसकी गदराई मोटी गान्ड को देख कर मुस्कुराने लगता है, और अपने मन मे सोचने लगता है, हाई दीदी तुम्हारी इस गदराई गान्ड को देख कर ही तो तुम्हारा भाई तुम पर मर मिटा है, दीदी तुम्हारी गान्ड तो इतनी खूबसूरत है कि मे अब तुम्हे पूरी नंगी करके जब तक तुम्हारी गान्ड और चूत को कस-कस कर नही चोद लेता मुझे चैन नही आएगा और अपने खड़े लंड को अपने हाथो से दबाता हुआ, देखो दीदी तुम्हारे मस्ताने फैले हुए चुतडो का असर, कि तुम्हारे गदराए चुतडो की मतकती थिरकन देख कर मेरा लोडा कैसे तुरंत खड़ा हो जाता है,
पायल कुछ देर अपने रूम मे पड़ी रहती है लेकिन उसका मन नही लगता और वह उठ कर बाहर आ जाती है, रवि सोफे पर
बैठा टीवी देख रहा था और पायल उसके पास जाकर,
पायल- रवि कॉफी पिएगा,
रवि- नही
पायल- रवि के सामने बैठ कर उसे देखने लगती है और रवि उसे नीग्लेट करता हुआ टीवी पर अपनी नज़रे जान बुझ कर लगाए हुए था,
पायल- रवि कल हम दोनो मूवी देखने चले
रवि- नही
पायल- क्यो
रवि- मेरा मन नही है
पायल- बहुत अच्छी मूवी लगी है, इसी साल की है
रवि- टीवी देखता हुआ कौन सी
पायल- कमिने
रवि, पायल की ओर घूर कर देखने लगता है और पायल मुस्कुरा कर मे तुझे नही कह रही हू , सच्ची मूवी है,
रवि- फिर से टीवी की ओर देखने लगता है
पायल- रवि बोल ना चलेगा ना
रवि- सोचुगा
पायल- अब इसमे सोचना क्या है
रवि- चलूँगा पर सोनिया भी साथ जाएगी
पायल- उसको गुस्से से घूर कर देखती हुई, अब यह सोनिया कहाँ से बीच मे टपक पड़ी
रवि- मेने उसे मूवी दिखाने का वादा किया है,
पायल- अपना मुँह बनाती हुई, मुझे नही जाना उसके साथ
रवि- ठीक है तो हम दोनो ही चले जाएगे
पायल- जब मे तेरे साथ चल रही हू तो उसके साथ जाने की तुझे क्या ज़रूरत है
रवि- मे उसे अब ना नही कह सकता
पायल- तो ठीक है जा दिखा उसे खूब मूवी और तुनक कर किचन मे चली जाती है,
रवि पायल को इस तरह जलते देख कर खुश हो जाता है, कुछ देर बाद पायल दो कप मे कॉफी लेकर आती है और रवि को एक कप उसके हाथ की ओर बढ़ाती हुई ले,
रवि उसके हाथ से कॉफी ले लेता है,
पायल- प्लीज़ रवि क्या हम दोनो नही चल सकते
रवि- पायल को घूर कर देखते हुए तो क्या उसको मना कर दू
पायल- रवि को देख कर, क्या वह तेरी खास दोस्त बन गई है
रवि- पायल को देख कर, दीदी वह मुझे बहुत खूबसूरत लगती है, इसलिए मे उसे बहुत पसंद करता हू
पायल- रवि की बात सुन कर उसकी आँखो मे देखती है और फिर कॉफी पीते हुए क्या तू उससे प्यार करता है
रवि - इस बार पायल की आँखो मे देखता है, पायल का चेहरा एक दम निराश सा महसूस होता है, रवि उसको देख कर अपनी नज़रो को टीवी की ओर लगाते हुए, अभी मे इस बारे मे कुछ नही कह सकता, लेकिन शायद वह भी मुझे बहुत पसंद करती है,
पायल- रवि यह सब ठीक नही है तुझे लड़कियो के चक्कर मे नही पड़ना चाहिए और अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना
चाहिए
रवि- दीदी मुझे क्या करना है और क्या नही यह मे अच्छी तरह से जानता हू
पायल- उसको गुस्से से देखती हुई, क्या खाक जानता है, कल से तू उससे मिलना बंद कर दे
रवि- क्यो
पायल- उसकी ओर देखती हुई , बस ऐसे ही
रवि- पर क्यो
पायल- एक दम से, क्यो कि मुझे तेरा उससे मिलना बिल्कुल अच्छा नही लगता
रवि- पायल की आँखो मे देख कर लेकिन मेरे उससे मिलने से तुम्हे क्या प्राब्लम है,
पायल- रवि अब मे तुझे कैसे सम्झाउ और रवि की आँखो मे देखने लगती है
रवि- मुस्कुरा कर पायल की आँखो के सामने उसके दूध को घूर कर, मे उससे दूर नही रह सकता दीदी मुझे उसके वो
बहुत अच्छे लगते है,
पायल- रवि की बात और उसकी नज़रो का इशारा अपने दूध की ओर देख कर अपनी नज़रे नीचे करती हुई, रवि उसके साथ कुछ ग़लत हरकत मत करना वह एक अच्छी लड़की है,
रवि- मुस्कुरा कर क्यो अच्छी लड़कियो के उनको नही छूना चाहिए
पायल- रवि की आँखो मे देख कर, रवि वह एक समझदार लड़की है वह तुझे अपने आप को कभी नही छूने देगी
रवि- पायल की आँखो मे देख कर मुस्कुराता हुआ, क्यो तुम समझदार नही थी क्या
पायल को उसकी बात सुन कर अपनी ग़लती का एहसास होता है और वह रवि की ओर देख कर, अपने चेहरे को सीरियस बना कर, देख रवि वह एक ग़लती से होने वाला हादसा था और मे उस हादसे को भूल जाना चाहती हू
रवि- मुस्कुरा कर पायल की आँखो मे देखता हुआ, पर दीदी मे तो यह चाहता हू की ऐसे हादसे हमेशा होते रहे और
मे तो उस हादसे को जिंदगी भर याद रखना चाहता हू,
पायल रवि की बात सुन कर अपनी नज़रे नीचे कर लेती है और फिर कुछ देर बाद अपनी नज़रे उपर करके ठीक है बोल देना सोनिया को कि वह भी हमारे साथ मूवी देखने चले,
रवि- पायल के मोटे-मोटे दूध को अपनी ललचाई नज़रो से पायल के सामने ही घूरता हुआ, पर दीदी मे तो तुम्हारे साथ अकेला ही मूवी देखने जाना चाहता हू,
पायल- उसको अपनी आँखे निकाल कर दिखाती हुई, मुझे नही जाना तेरे साथ अकेले
रवि- पायल की आँखो मे देख कर थोड़ा मुस्कुराता हुआ, क्यो अपने भाई से डर लगता है
पायल- मुस्कुराते हुए खड़ी होकर, अपने पेरो की ओर इशारा करते हुए, तुझसे डरे मेरी जूती, और फिर अपनी गदराई गान्ड
को अपने भाई के सामने हिलाते हुए किचन मे कप रखने जाने लगती है और रवि अपनी दीदी के भारी-भारी उठे हुए
चुतडो को घूर कर मटकते देखने लगता है और पायल एक दम से पलट कर रवि को देखती है जो उसके चुतडो को खा
जाने वाली नज़रो से देख रहा था, पायल रवि को देख कर मुस्कुराए बिना नही रह पाती है और उसके मुँह से निकलता है
कमीना कही का, और फिर वह किचन मे चली जाती है,
जब वह किचन से बाहर आकर वापस सोफे पर बैठ जाती है और रवि की ओर मुस्कुरा कर देखने लगती है तो रवि उसको देख कर अपने आप से बात करता हुआ, सच दीदी बहुत खुजली है तुम्हारी चूत मे यह तुमने साबित कर दिया, लेकिन अब की बार तुम्हारा यह कमीना भाई ग़लती नही करेगा, अब की बार तुम्हारा भाई तुम्हे इतना मजबूर कर देगा कि तुम खुद मेरी बाँहो मे आकर मुझसे यह कहोगी कि रवि आज अपनी दीदी को पूरी नंगी करके खूब कस-कस कर चोद भैया मे तेरे बिना मर जाउन्गी, प्लीज़ रवि मुझे पूरी नंगी करके अपने उपर चढ़ा ले और अपनी दीदी को खूब कस-कस कर चोद दे भैया,
रवि, पायल के दूध को उसकी आँखो के सामने देखते हुए सोफे पर लेट जाता है और अपनी नज़रो से पायल के पेरो से लेकर चेहरे तक का मुआयना करता हुआ पायल की गोरी-गोरी पिंडालियो को देखता है फिर पायल के तने हुए मोटे-मोटे चुचो को घूर कर देखता है, पायल रवि की कमिनि नज़रो को देख कर अपनी नज़रे इधर-उधर मटकाने लगती है और फिर घुमा कर रवि की आँखो मे देखने लगती है, रवि पायल के मोटे-मोटे दूध को ललचाई नज़रो से घूर-घूर कर देख रहा था,
पायल- रवि की और आँखे दिखाती हुई, ऐसे क्यो घूर रहा है मुझे, खा जाएगा क्या
रवि- पायल की आँखो मे देख कर, मे जो चाहता हू तुम करने ही कहा देती हो
पायल- तुझे शर्म नही आती अपनी बहन को इस तरह देखते हुए
रवि- पायल की आँखो मे मुस्कुरा कर देखता हुआ, क्यो मे क्या देख रहा हू
पायल- ज़्यादा स्मार्ट मत बन मे सब जानती हू
रवि- क्या जानती हो
पायल अपने मन मे, यही कि तू मुझे चोदना चाहता है, मेरी चूत को चाटने के लिए मरा जा रहा है, कमीना कही का
रवि- अब चुप क्यो हो गई बोलो ना क्या जानती हो
पायल- मुश्कुरा कर कुछ नही
रवि- अच्छा दीदी एक बात कहु
पायल- क्या
रवि- दीदी, भाभी बहुत सुंदर है ना
पायल- अपने मन मे कमीना कही का तुझे भाभी नही भाभी की मोटी गान्ड सुंदर लगती है, पर जैसे तू मुझे चोदने की
नज़र से देखता है इस तारह अगर भाभी को देखा तो भाभी तेरा मुँह तोड़ देगी
रवि- दीदी तुम क्या सोचने लग जाती हो
पायल- मुस्कुरकर यही कि तू कितना कमीना है
रवि- अब कमीनापन वाली बात कहाँ से आ गई
पायल- तो फिर क्यो कह रहा है कि भाभी बड़ी सुंदर है
रवि- ये लो अगर मेने भाभी को सुंदर कह दिया तो इसमे मे कमीना कैसे हो गया
पायल- तू क्या अपने आप को बहुत स्मार्ट समझता है क्या मे जानती नही कि तेरी नज़रे तेरे अंदर का सब हाल बया कर देती है,
रवि- अच्छा तो क्या तुम मेरी नज़र को पढ़ लेती हो
पायल- हाँ
रवि- उसके दूध को घूरता हुआ तो बताओ अब मेरी नज़रे क्या कह रही है
पायल- यही कि तू मेरे हाथ से जूते खाएगा
रवि- दीदी जब देखो तुम मुझे मारने की बात करती हो, क्या मे तुम्हे इतना बुरा लगता हू
पायल- अपना मुँह बनाते हुए नही तू तो बड़ा अच्छा है तेरी तो आरती उतरना चाहिए
रवि- पायल की आँखो मे मुस्कुरकर देखता हुआ, दीदी मे तुम्हे अच्छा लगू या नही पर तुम मुझे कल से बहुत अच्छी
लगने लगी हो,
रवि की बात सुन कर पायल मुस्कुराए बिना नही रह पाती है और अपने पास मे पड़ा तकिया उठा कर रवि को मारते हुए
कमीना कही का तू कभी नही सुधर सकता है,
रवि- अपने आप को बचाते हुए मुस्कुराता हुआ, दीदी एक तो खुद आगे रह कर बिगाड़ती हो, फिर मुझे कमीना भी कहती हो
पायल- मुस्कुरा कर सच मे रवि तू बहुत कमीना है और उठ कर अपने रूम की ओर जाने लगती है, तभी रवि उसका हाथ
पकड़ कर अपनी और खिचता है और पायल उसको धकेल्टी हुई हस कर अपने रूम की ओर भाग जाती है
शाम को रोहित जब वापस आता है तो
रोहित- पायल-रवि कहाँ हो तुम दोनो,
पायल- क्या हुआ भैया आ गये आप
रोहित- हाँ भाई आ गया और यह लो तुम दोनो के लिए मिठाई ले कर आया हू
पायल- अरे वा कुछ खास बात है क्या,
रोहित- हाँ वो क्या है ना,
पायल- रूको भैया मे बताती हू, आपकी शादी की डेट फिक्स हो गई यही ना
रोहित- मुस्कुराता हुआ, हाँ आज से ठीक 15 दिन बाद बॉस ने शादी की तारीख पक्की कर दी है इसलिए अब हमारे पास बहुत कम समय है और तू तो जानती ही है कि मुझे टाइम मिलेगा नही इसलिए रवि और तुझे मिल कर ही सब अरेंज करना पड़ेगा और हाँ
तुम दोनो अपने खास दोस्तो को ज़रूर इन्वाइट कर देना दो दिन बाद शादी के कार्ड भी आ जाएगे,
पायल- खुस होती हुई भैया आप फिकर ना करो रवि और मे सब अरेंज कर देंगे, मे अभी रवि को यह खूसखबरी सुनाती
हू और पायल दौड़ कर रवि के रूम की ओर भाग जाती है
रवि अपने बेड पर लेटा हुआ था पायल उसके पास जाकर
पायल -ले रवि अपना मुँह खोल
रवि- क्या बात है ये मिठाई कौन लाया
पायल- पहले मुँह तो खोल और फिर रवि के मुँह मे मिठाई डालती हुई, रवि भैया की शादी की डेट तय हो गई है 15 दिन बाद शादी है,
रवि पायल को इतना खुस देख कर उसके चेहरे को गौर से देखता हुआ,
रवि- दीदी एक बात कहु
पायल- मुस्कुराते हुए क्या
रवि- पायल का हाथ पकड़ कर दीदी जब तुम इस तरह ख़ुसी से मुस्कुराती हो ना तब तुम मुझे बहुत खूबसूरत लगती हो
रवि की बात सुन कर पायल की हसी थोड़ी सिकुड जाती है और वह रवि की आँखो मे देखने लगती है
रवि- दीदी एक बात और कहु
पायल- रवि की ओर सीरियस होकर देखती हुई क्या
रवि- खड़ा होकर पायल के करीब आता है और पायल अपने हाथो मे मिठाई का डब्बा लिए अपनी आँखे फाडे रवि को
प्रश्नत्मक तरीके से देखती है और रवि पायल की दोनो बाँहो को अपने हाथ से पकड़ता हुआ, दीदी आइ लव यू
उसकी बात सुन कर पायल जाने लगती है तो रवि उसकी बाँहो को नही छोड़ता है और उसे अपनी ओर धीरे से खिचता है
पायल- रवि को देख कर रवि छोड़ मुझे जाने दे
रवि- दीदी मे तुम्हे चूमना चाहता हू
पायल- रवि मे मार दूँगी
रवि- प्लीज़ दीदी एक किस दे दो
पायल- रवि मेरा हाथ छोड़ नही तो अभी भैया को बुला लूँगी
रवि- उसका हाथ छोड़ते हुए दीदी तुम अपनी सुंदरता का घमंड दिखाती हो
पायल- क्यो मेरी सुंदरता क्या तेरे लिए है
रवि- पायल के गालो को अपने हाथो से सहलाता हुआ, दीदी इस सुंदरता पर मेरे सिवा किसी का हक नही है
पायल- उसका हाथ हटाते हुए, क्यो मे तेरी बीबी हू जो मुझ पर तेरा हक है, अपने होश मे रहा कर नही तो किसी दिन इतने जूते खाएगा की सब भूल जाएगा, बड़ा आया मेरी सुंदरता पर अपना हक जताने वाला, कमीना कही का, और पलट कर बाहर जाने लगती है,
रवि- पीछे से उसे आवाज़ लगा कर, दीदी एक दिन तुम्हे इस कामीने की बाँहो मे आना ही पड़ेगा, और पायल पलट कर उसे अपने हाथ का अंगूठा दिखाती हुई, अपनी जीभ दिखा कर, थगा, सपने देख, सपने पर पूरे नही होने वाले, कमीना कही का
और मुस्कुरा कर पायल उसके रूम से अपनी गदराई गान्ड हिलाती हुई बाहर चली जाती है
कॉफी हाउस मे पायल और सोनिया बैठ कर बात कर रही थी तभी रवि उन्हे देख कर उनके पास आ जाता है,
और अपनी दीदी को मुस्कुरा कर देखते हुए हाय सोनिया
सोनिया- हेलो रवि
रवि- क्या बात है आज बहुत खुस दिख रही हो,
सोनिया- हाँ आज मेरे मम्मी-पापा मेरे गाँव से मुझसे मिलने आ रहे है
रवि- तो क्या वो गाँव मे रहते है
सोनिया- हाँ मे यहा हॉस्टिल मे अकेली रहती हू
रवि- क्या बात है, क्या तुम्हारे हॉस्टिल मे लड़को का आना आलोव है
सोनिया- क्यो
रवि- क्यो कि कभी मेरा मूड तुमसे मिलने का हुआ तो मे तुम्हारे हॉस्टिल मे ही आ जाउन्गा ना, और पायल को मुस्कुरा कर देखता हुआ क्यो दीदी मेने ठीक कहा ना
सोनिया- नही-नही मेरे हॉस्टिल मे लड़को के आने पर पाबंदी है, हाँ अगर लड़का भैया हो तो आ सकता है, और पायल
हस्ते हुए अगर तुम मेरे भैया बन कर आना चाहो तो आ सकते हो
रवि- वेरी फन्नी, और पायल की आँखो के सामने उसके मोटे-मोटे कसे हुए गदराए दूध को घूर कर देखते हुए, मेरी
तो एक ही प्यारी बहन है जिसे मे बहुत प्यार करता हू, क्यो दीदी है ना,
पायल- उसको घूर कर देखते हुए, सोनिया से भी रखी बँधवा लेगा तो कोई बुराई नही है
रवि- सोनिया की आँखो के सामने उसके मस्ताने थनो को देखते हुए, दीदी मे सोनिया से रखी तो बँधवा लेता लेकिन अब
बहुत देर हो चुकी है, क्यो सोनिया मे ठीक कह रहा हू ना
सोनिया रवि की बात सुन कर झेप जाती है और अपनी नज़रे नीचे कर लेती है
पायल- क्यो तेरा सोनिया से शादी करने का इरादा है क्या
रवि- मुस्कुरा कर सोनिया को देखता हुआ, दीदी यदि सोनिया को कोई ऐतराज ना हो तो मे तो रेडी हू, क्यो सोनिया क्या बोलती हो
सोनिया- हस कर शादी और वो भी तुमसे
रवि- क्यो क्या बुराई है मुझमे
पायल अपने मे सोचती हुई बुराई तुझमे नही तेरे कमिने पन मे है
सोनिया- वो बात नही है, पर शादी का फ़ैसला तो मेरे मम्मी-पापा ही करेगे,
रवि अपने मन मे डार्लिंग तुम्हारी मस्तानी चूत फाड़ने का फ़ैसला भी तुम्हारे मा-बाप ही करेगे क्या, तुम क्या जानो की
मे अपनी दीदी की उठी हुई मस्तानी गान्ड को फाड़ने और तुम्हारे खूबसूरत हुस्न का रसीला रस पीने के लिए कितना तड़प रहा हू, तुम दोनो मस्त रसीली चुतो के बीच मे जब भी बैठता हू मेरा लंड खड़ा ही रहता है,
रवि- अच्छा वो सब छोड़ो चलो आज हम तीनो मूवी देखने चलते है, क्यो दीदी
पायल- तुम लोग जाओ मेरा मूड नही है
सोनिया- मेरा भी मूड नही है
रवि- अरे चलो ना, अपना मूड बना लो वैसे भी मूवी अच्छी है, दीदी प्लीज़ चलो ना,
पायल- कुछ सोच कर चल ठीक है, चल सोनिया आज देख लेते है
सोनिया- लेकिन
पायल- अरे अब चल ना और फिर तीनो मोविए देखने सिनिमा हाल मे पहुच जाते है
रवि दोनो के बीच मे बैठ जाता है और फिर पर्दे पर मूवी चालू हो जाती है, आज पहली बार तीनो मे से किसी का भी मन
मूवी मे नही लग रहा था और तीनो अपनी नज़रो को तिरछा करके एक दूसरे को देखने की कोशिश कर रहे थे,
रवि अपने आप से बात करता हुआ, क्या करू दोनो तरफ कसे हुए माल बैठे है किसके मोटे-मोटे दूध पर हाथ फेरू, एक
काम करता हू दीदी ज़्यादा सादी बनती है ना आज इसी को जलाता हू और रवि थोड़ा तिरछा होकर सोनिया की ओर घूम जाता है और अपने हाथ को सोनिया की सीट के उपर रख कर अपनी उंगलियो की हरकत धीरे-धीरे सोनिया के दूसरी तरफ के बाजू पर करने लगता है और सोनिया उसके उंगलियो का स्पर्श जैसे ही अपने बदन पर महसूस करती है उसकी पुरानी याद ताज़ा हो जाती है और उसकी चूत मे एक जिर्झिरि सी दौड़ जाती है और उसके दूध के निप्पल मे अचानक एक कडपन आने लगता है, रवि अपनी उंगलियो को पूरी हथेली मे कॉनवर्ट करते हुए अपने हाथ के पंजे से सोनिया की बाँहो को थाम लेता है और सोनिया अपनी गर्दन घुमा कर एक बार रवि की ओर देखती है और फिर पर्दे की ओर अपना मुँह कर लेती है,
दूसरी तरफ पायल रवि के हाथ को सोनिया की सीट की ओर जाते हुए देख लेती है और बड़े ध्यान से थोडा झुक कर अपनी नज़रे सोनिया के दूध की ओर कर देती है, तभी रवि अपने मुँह को सोनिया के कंधे पर रख देता है और सोनिया अपने कंधे
उचका कर रवि का मुँह हटा देती है, रवि दूसरे हाथ से सोनिया की बाँहो को अपनी ओर दबाता है और फिर अपने हाथ को उसके गले मे डाल कर धीरे-धीरे अपनी उंगलियो को उसले गदराए दूध पर फेरने लगता है, सोनिया गुस्से से रवि की ओर देखती है और रवि उसको देख कर मुस्कुरा देता है,
सोनिया अपने मन मे, कितना कमीना है अपनी बहन के सामने ही मेरे दूध को छूने की कोशिश कर रहा है, रवि फिर से
अपने सर को उसके कंधे पर रख देता है और अपने हाथ को सोनिया के उपर से थोड़ा हटाकर एक दम से अपने पूरे हाथ
के पंजे को सोनिया के पूरे भरे हुए मोटे-मोटे कसे दूध पर रख देता है, सोनिया उसकी इस हरकत से कांप जाती है पर
कुछ कर नही पाती, वह सोचती है कि कही पायल को पता ना चल जाए, पायल सीधी बैठ कर मूवी देख रही थी और उसका
ध्यान रवि के हाथ की ओर नही था लेकिन बीच -बीच मे वह रवि के सर को सोनिया के कंधे पर रखे देख कर मन ही
मन उसे कमीना- कुत्ता कही का कह कर फिर सामने देखने लगती,
उधर रवि के पूरे हाथ को अपने गदराए दूध पर रखे जाने से सोनिया को बहुत डर भी लग रहा था लेकिन उसे थोड़ा
अच्छा भी लग रहा था इसलिए वह उसका विरोध भी नही कर पा रही थी तभी रवि ने अपने हाथो के पंजो पर थोड़ी ताक़त
लगा कर सोनिया के पूरे गदराए कसे हुए दूध को अपने हाथ मे भर लिया और सोनिया उसकी इस हरकत से सिहर गई, रविने जब सोनिया के मोटे-मोटे कसे हुए गदराए दूध को अपने हाथो के पंजो मे पूरी तरह थाम कर दबाया तो उसका
लंड उसका पेंट फाड़ने को रेडी हो गया क्यो कि सोनिया के दूध इतने ठोस और कसे हुए थे कि उसे ऐसा लग रहा था कि
इसके दूध को दबाने भर से उसका लंड पानी छोड़ देगा, रवि ने जब देखा कि सोनिया चुपचाप बैठे गहरी साँसे लेकर
मूवी देख रही है और कोई ऑब्जेक्षन नही ले रही है तो रवि बिल्कुल फ्री हो गया और सोनिया के दूध को अपने हाथो के
पंजो मे भर कर कस-कस कर दबाने लगा, सोनिया रवि की इस हरकत से पागल हो गई और उसका मन कर रहा था कि वह रवि से कस-कर चिपक जाए,
रवि सोनिया के मोटे-मोटे खरबूजो की तरह पके हुए मस्ताने दूध को दबाता हुआ मस्ती से भर गया था, उसने अपने
होंठो से सोनिया के नंगे गले को चूमते हुए उसके दूध को खूब ज़ोर -ज़ोर से दबोच-दबोच कर मसल रहा था, सोनिया
का बस नही चल रहा था नही तो वह ज़ोर से एक सिसकारी मारना चाहती थी लेकिन उसे इतना मज़ा आ रहा था कि उसकी चूत पूरी
गीली हो चुकी थी, सोनिया की हिम्मत रवि द्वारा उसके गदराए दूध को कस-कस कर दबोचे जाने से टूट चुकी थी और उसने
अपने सर को पीछे सीट पर टिकाते हुए अपनी आँखे बंद कर ली और उसकी जाँघो के बीच अपने आप गेप बढ़ गया, अब
सोनिया को कुछ दिखाई नही दे रहा था और वह मन ही मन बस यही कह रही थी कि आह रवि तुम कितने अच्छे हो आह,
आह रवि बहुत अच्छा लग रहा है ऐसे ही दबाते रहो आह,आह
रवि सोनिया के दूध को खूब ज़ोर-ज़ोर से मसल रहा था, यदि उजाला होता और सोनिया की टीशर्ट को उतार कर उसको नंगी करके
उसके दूध देखे जाते तो वह पूरे लाल दिखाई देते, रवि ने उसके दूध को दबोच-दबोच कर इतना दबाया कि कोई पति अपनी
बीबी के दूध को सुहागरात मे भी इतना नही मसलता होगा, जब पिक्चर के इंटर्वल को सिर्फ़ 5 मिनिट रह गये तो पायल ने
रवि को जब सोनिया के गले मे अपना मुँह लगाए देखा तो उसने थोड़ा झुक कर सोनिया के दूध को देखने की कोशिश की
और उसे जैसे ही रवि का हाथ उसके मोटे-मोटे गदराए दूध को मसलता नज़र आया तो उसका दिमाग़ खराब हो गया और वह अपने आप को रोक नही सकी और उसने रवि की पीठ मे एक ज़ोर दार मुक्का मार दिया, अपनी पीठ पर पायल का मुक्का पड़ते ही रवि ने एक दम से सोनिया के दूध को छोड़ कर सीधा बैठ कर पायल की ओर देखने लगा और पायल ने जल्दी से अपने मुँह को पर्दे की ओर कर लिया लेकिन उसके चेहरे से ऐसा लग रहा था जैसे खून उतर आया हो, सोनिया इस बात को मदहोशी मे डूबी
होने के कारण समझ नही पाई कि अभी क्या हुआ था, लेकिन रवि अब सीधा बैठ कर पायल को बिना कुछ कहे मंद-मंद
मुस्कुराता हुआ पर्दे की ओर देखने लगा तभी सामने इंटर्वल लिखा हुआ आ गया,
इंटर्वल होने पर सिनिमा हाल की सारी लाइट ऑन हो जाती है और रवि पायल के चेहरे की ओर देखता है जो कि गुस्से से लाल हो रहा था लेकिन पायल इंटर्वल होने के बाद भी अपनी घुरती नज़रो को बिना पालक झपकाए पर्दे की ओर ही टिकाए हुए थी,
सोनिया थोड़ा रिलॅक्स होकर जब रवि को देखती है और रवि उसकी ओर देखता है तो दोनो की नज़रे एक बार को मिलती है और रवि सोनिया को देख कर थोड़ा मुस्कुरा देता है और सोनिया बिना मुस्कुराए ही अपनी नज़रो को नीचे कर लेती है, कुछ देर बाद सोनिया फिर रवि को देखती है तो रवि सोनिया को देख कर इशारे से अपने कान को पकड़ता हुआ उसे सॉरी कहता है तो सोनिया फिर से अपनी निगाहे झुका कर फिर उपर उठाते हुए रवि की साइड से पायल को देखती है जो अपने मुँह पर हाथ लगाए अपनी जाँघो पर अपने हाथ की कोहनी को टिकाए पर्दे की ओर देख रही थी, सोनिया, पायल की खामोशी से अंजान सोनिया- चल पायल बाहर होकर आते है, दरअसल सोनिया की चूत के रस के कारण उसकी पूरी पेंटी चिपचिपा रही थी और उसे बैठने मे काफ़ी दिक्कत हो रही थी, और वह बाथरूम जाकर अपनी चूत को पानी से धोना चाहती थी.
पायल- उसकी ओर घूर कर देखती हुई, मुझे नही जाना तुझे जाना हो तो जा,
सोनिया- पायल की बात सुन कर अरे चल ना बाथरूम से आते है
पायल- थोड़ा कड़क आवाज़ मे मेने कहा ना मुझे नही जाना
रवि- चलो सोनिया मे चलता हू
सोनिया- नही मे चली जाउन्गि और सोनिया उठ कर चल देती है
रवि -उसके जाते ही खुद भी उठ कर सोनिया के पीछे जाने लगता है तो पायल का गुस्सा और बढ़ जाता है और वह रवि का हाथ पकड़ कर सीट पर ज़ोर से बैठाते हुए,
पायल-अब बाथरूम मे जाकर उसको पेशाब भी करवाएगा क्या,
रवि- मुस्कुरा कर बैठते हुए, दीदी आख़िर हुआ क्या है जो तुम इस तरह गुस्सा दिखा रही हो और यह कोई तरीका है सोनिया से बात करने का वह तो तुम्हारी खास दोस्त है ना, एक तो बेचारी तुम्हारे कहने पर यहा चली आई और तुम हो की उसके साथ जाने मे भी नखरा कर रही थी
पायल- रवि को पीठ पर मारते हुए मुझे ज़्यादा ज्ञान देने की कोशिश मत कर समझे, और रवि की आँखो मे घूर कर
देखती हुई, कमीना कही का,
रवि- दीदी तुम भी ना, तुम्हारा छोटा भाई क्या हो गया तुम तो जब देखो मुझे मारती ही रहती हो, कभी तो अपने भाई से
प्यार भी कर लिया करो
पायल- रवि की बात सुन कर उसे गुस्से से अपनी आँखे निकाल कर देखती है और
रवि- उसको देख कर मुस्कुराता हुआ हाय दीदी मेरी जान ऐसे ना देखो तुम जब अपनी कातिल नज़रो के तीर मुझ पर ऐसे चलाती हो तो मेरा दिल करता है की तुम्हे पकड़ कर चूम लू,
रवि की बात सुन कर पायल अपने मुँह को सामने कर लेती है और मन ही मन थोड़ा खुस हो जाती है,
रवि- सच दीदी जब तुम इस कदर अपनी नज़रे मुझ पर मारती हो तो तुम बहुत खूबसूरत लगती हो, तुम्हारी इसी अदा ने तो तुम्हारे भाई को ही तुम्हारा दीवाना बना दिया है, उसकी बात सुन कर पायल फिर से उसको देखती है तो रवि उसके सामने उसके मोटे-मोटे गदराए दूध को देख कर मुस्कुराने लगता है और पायल उसके बाजू मे हस के धक्का मारती हुई,
कमीना कही का, और इतने मे जैसे ही पायल सोनिया को आते देखती है तो उसकी हसी फिर गायब हो जाती है और वह सोनिया के आने से पहले ही
पायल- रवि को देख कर खड़ा हो
रवि- पायल को देख कर क्यो
पायल- मे कहती हू खड़ा हो
रवि- अपनी सीट से खड़ा होकर लो हो गया अब
पायल- खड़ी होकर रवि को थोडा आगे की धकेल कर उसे सोनिया की सीट पर बैठा देती है और खुद रवि की सीट पर बैठ
जाती है और जब सोनिया उसके पास आती है तो
पायल - सोनिया यहा बैठ जा, सोनिया पायल को कुछ अजीब नज़रो से देखते हुए बैठ जाती है अब रवि और सोनिया पायल के आस पास बैठे थे, उसकी इस हरकत पर जहा रवि थोड़ा मुस्कुराता है वही सोनिया कन्फ्यूज़ नज़र आती है, लेकिन पायल काफ़ी खुस नज़र आती है,
मूवी फिर से शुरू हो जाती है और रवि अपने मन मे सोचता हुआ, दीदी कितना जल रही है, इसको और जलाना चाहिए तभी
इसका दिमाग़ ठिकाने आएगा और रवि चुपचाप मूवी देखने लगता है. उधर पायल नही जानती कि वह किस चीज़ का इंतजार कर रही थी लेकिन उसकी नज़रे बराबर रवि की ओर कनखियो से देख रही थी, शायद वह यह एक्सपेक्ट कर रही थी की रवि उसके साथ भी सोनिया जैसी कोई हरकत करने की कोशिश करे, लेकिन रवि अपने इरादे को पक्का करते हुए अपनी गदराई बहन को हाथ भी नही लगाता है और पायल बैठे-बैठे ही ना जाने किस तरह की आग मे जल रही थी, एक दो बार तो उसने मूवी देखते हुए भी रवि को एक दो लप्पड़ उसकी पीठ मे मारे लेकिन रवि मंद-मंद मुस्कुराता हुआ पर्दे की ओर देखता रहा, अंत मे मूवी ख़तम हो गई और पायल का भेजा उस सिनिमा हॉल मे फ्राइ हो गया, उन तीनो ने एक नई मूवी देखी थी लेकिन तीनो मे से किसी से भी आप पूछ लो कि मूवी की स्टोरी क्या थी तो वह तीनो ही जवाब देने मे असमर्थ नज़र आते, क्यो की उन्होने तो मूवी पर ध्यान ही नही दिया, तभी रवि सोनिया को देख कर
रवि- मुस्कुराता हुआ, क्यो सोनिया कैसी थी मूवी
सोनिया- रवि को गुस्से से देखती हुई, बकवास
पायल- अरे सोनिया से क्या पूछ रहा है मे बताती हू, सोनिया को इंटेरवाल के पहले तक ही मूवी अच्छी लगी इंटर्वल के बाद
सोनिया को मूवी बिल्कुल पसंद नही आई
रवि- मुस्कुराता हुआ पर दीदी मे आपके बारे मे गारंटी से कह सकता हू कि आपको इंटर्वल के पहले मूवी बहुत खराब
लगी और आपने सोचा कि शायद इंटर्वल के बाद कुछ अच्छी लगे लेकिन उसके बाद भी आपको बोरियत का सामना ही करना पड़ा,
रवि की बात सुन कर पायल उसको घूर कर देखती है और सोनिया पायल को देखती है और रवि दोनो मस्तानी लोंदियो की जवानी को देख-देख कर खुस होता हुआ आगे चलने लगता है, उसके बाद पायल और रवि सोनिया से बाइ कहते हुए अपने घर की ओर आ जाते है, घर आते ही पायल अपने रूम मे जाकर लेट जाती है और रवि टीवी ऑन करके सोफे पर बैठ जाता है, पायल की आँखो के सामने रवि द्वारा सोनिया के दूध दबाने का द्रश्य नज़र आने लगता है और उसे पता नही क्या होता है और वह सीधे उठ कर रवि के पास जाकर उससे टीवी का रिमोट छीन कर टीवी बंद कर देती है,
रवि- क्या हुआ दीदी टीवी क्यो बंद कर दी
पायल- उसको गुस्से से घूर कर देखती हुई, सिनिमा मे तू सोनिया के साथ क्या कर रहा था
रवि- मुस्कुराता हुआ कुछ भी तो नही
पायल- ज़्यादा बनने की कोशिश मत कर मे सब जानती हू तू क्या कर रहा था
रवि- उसके खरबूजो की तरह मोटे दूध को घूर कर मुस्कुराते हुए देख कर क्या कर रहा था
पायल- अपनी नज़रे उससे हटा कर तुझसे तो बात ही करना बेकार है और फिर से टीवी ऑन करके उसकी ओर रिमोट फेंकते हुए अपने रूम की और तेज-तेज कदमो से चल देती है
रवि मुस्कुराता हुआ अपनी दीदी की गदराई गान्ड के मोटे-मोटे लहराते हुए पाटो को देखने लगता है, और अपने मन मे हाय दीदी जल बिन मछली की तरह तड़प रही हो, क्यो जलती हो अगर मेरी बाँहो मे आने के लिए तुम्हारा जी मचल रहा है तो आ क्यो नही जाती,
रवि उठ कर पायल के रूम मे जाता है पायल अपने बेड पर उल्टी होकर लेटी हुई थी रवि उसकी मोटी गदराई गान्ड को देख कर उसके पास जाता है और उसकी गान्ड को अपने हाथो से सहला देता है और पायल एक दम पलट कर उठ कर बैठ जाती है और
पायल- क्या है क्यो आया है यहा
रवि- मेरी दीदी ना जाने मुझसे क्यो खफा है सो उसको मनाने आया हू
पायल- अपनी नज़रे इधर उधर करती हुई मे तुझसे क्यो नाराज़ होने लगी आख़िर तुझ पर मेरा हक ही क्या है
रवि- दीदी आख़िर मुझे समझ नही आता कि तुम मुझसे चाहती क्या हो
पायल- कुछ सोचती हुई, अपने चेहरे को सीरीयस बना कर रवि मुझे तेरा सोनिया के साथ रहना बिल्कुल अच्छा नही लगता है
रवि- क्यो
पायल- मे नही जानती
रवि- तुम झूठ बोलती हो, जबकि तुम अच्छी तरह जानती हो
पायल रवि की ओर देखती है और फिर अपनी नज़रे नीचे कर लेती है, रवि पायल के पास बैठ जाता है और उसके चेहरे को गौर से देखता हुआ
रवि- दीदी एक बात कहु
पायल- रवि की ओर देख कर क्या
रवि- मुस्कुराता हुआ, दीदी तुम बहुत सेक्सी हो
पायल- मुस्कुरा कर मार खाएगा तू मेरे हाथ से
रवि- सच दीदी तुम मुझे बहुत सेक्सी लगती हो और उसके गालो को अपने हाथो से सहला देता है
पायल- मुस्कुरा कर उसका हाथ झटकते हुए, रवि तू अपना मुँह बंद रखेगा
रवि- दीदी एक बार मुझसे कस कर चिपक जाओ ना
पायल- उठ कर मे जा रही हू
रवि- उसका हाथ पकड़ कर प्लीज़ दीदी बस एक बार
पायल- उससे अपना हाथ छुड़ाते हुए, उस दिन का थप्पड़ भूल गया
रवि- उसका हाथ छोड़कर, दीदी वह थप्पड़ तो मे भूल गया लेकिन वह स्कार्पियो की रात मुझे रह-रह कर याद आती है
पायल- अपना सर झुकाते हुए, देख रवि मे वो सब बात नही करना चाहती
रवि- पायल की मोटी गदराई जाँघो पर अपना हाथ रख कर, पर दीदी मे तो उस दिन हुई हम दोनो के बीच की घटना को बार-बार दोहराना चाहता हू, और तुम्हे अपनी बाँहो मे भर कर उसी तरह चूमना चाहता हू
पायल- रवि तुझे शर्म आनी चाहिए क्या तू यह नही सोचता कि मे तेरी बहन हू और तुझे मेरे साथ ऐसी बात नही करना चाहिए
रवि- उस दिन जो हुआ उसके बाद से तो मे तुम्हे पूरी नंगी देखने के लिए तड़प रहा हू
पायल- रवि को गुस्से से देखती हुई, कमीना कही का अपनी बहन को नंगी देखेगा
रवि- दीदी एक बार बस एक बार मुझे अपने पास आने दो ना
पायल- देख रवि मे तुझे बहुत बर्दास्त कर चुकी क्यो कि तू मेरा भाई है, लेकिन अगर तूने मुझे ज़्यादा परेशान किया तो मे तेरी शिकायत भैया से कर दूँगी
रवि- जब देखो भैया की धमकी देती हो, जाओ कह दो, ज़्यादा से ज़्यादा क्या होगा भैया मुझे मारेंगे या घर से निकाल देंगे, और तुम भी यही चाहती हो ना
पायल- उसकी बात सुन कर थोड़ा सीरीयस होकर, रवि के कंधे पर हाथ रख कर, देख रवि तू मेरा अच्छा भाई है ना, तो फिर तुझे मेरे लिए अपना नज़रिया बदालना चाहिए, मे तो अपनी ग़लती पर पछता रही हू और तू है कि एक और ग़लती करने पर आमादा है,
रवि- कुछ सोच कर, दीदी मे जानता हू कि मे जो चाहता हू वह ग़लत है, और पायल के भरे हुए गालो को अपने हाथो से सहलाता हुआ, लेकिन दीदी तुम्हारे इस खूबसूरत हुस्न को देख कर मुझसे रहा नही जाता है और मेरा दिल करता है कि मे तुम्हे पूरी नंगी करके तुम्हारे एक -एक अंग को चूम कर तुम्हे खूब प्यार करू, तुमसे ज्यदा खूबसूरत और सेक्सी लड़की मेने नही देखी, तुम्हारा भाई तुम पर मर मिटा है उसे और मत तद्पाओ
पायल- उसकी बाते सुन कर मन ही मन खुस होती है लेकिन चेहरे पर गुस्सा दिखाने की कोशिश करती है फिर भी उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान आ ही जाती है और वह बेड से उठते हुए, रवि को अपनी कातिल नज़रे दिखाती हुई उसे धकेल कर तू बहुत बड़ा कमीना है रवि तू कभी नही सुधर सकता अब अपने मुँह से एक भी शब्द मत निकालना मे कॉफी बनाने जा रही हू, तू पिएगा क्या,
रवि- मुस्कुरा कर पायल के मोटे-मोटे भरे हुए दूध को देख कर मे तो कब से पीना चाहता हू दीदी पर तुम हो कि पिलाती ही नही, एक बार पीला दो ना
पायल- उसके पेरो मे अपनी टांग उठा कर एक लात मारती हुई, पिला नही सकती पर जूते ज़रूर खिला सकती हू, खाएगा और फिर रूम के बाहर मुस्कुरा कर जाने लगती है
रवि -पीछे से, दीदी अगर तुम नही पिलाओगी तो मे सोनिया के पास जाकर पी लूँगा
पायल- पलट कर उसको मुस्कुरा कर देखती हुई, कमीना कही का और मुस्कुरा कर बाहर चली जाती है
रवि को अपनी दीदी कुछ लाइन पर आती हुई नज़र आने लगी थी लेकिन वह जानता था कि जल्दबाज़ी करना ठीक नही होगा इसलिए वह अपनी दीदी को पूरी तरह अपने जाल मे फसा कर शिकार करना चाहता था, लेकिन एक बात वह समझ गया था कि उसकी दीदी भी उस स्कार्पीओ वाली ग़लती को फिर से करने के लिए तड़प रही है, तभी तो रवि द्वारा सोनिया के दूध दबाने पर पायल एक दम जल भुन गई थी.
शाम को पायल और रोहित बैठ कर बाते कर रहे थे और उधर रवि ने सोनिया को कॉल किया
सोनिया- हेलो
रवि- हाय सोनिया
सोनिया- तुम, तुम्हे मेरा नंबर. कहा से मिला,
रवि- सोनिया जिस दिन तुम्हे मेने पहली बार देखा था उसी दिन तुम मेरे दिल मे बस गई थी और मेने उसी दिन तुम्हारे बारे मे सब कुछ जान लिया था फिर नंबर. क्या चीज़ है,
सोनिया- क्यो फोन किया है तुमने
रवि- सोनिया मे तुमसे अकेले मे मिलना चाहता हू
सोनिया- लेकिन मे तुमसे नही मिलना चाहती
रवि- देखो सोनिया झूठ मत बोलो मे जानता हू कि तुम भी मुझसे उतना ही प्यार करती हो जितना मे तुमसे
सोनिया- हेलो किसी ग़लतफहमी मे मत रहना, वो तो पायल की वजह से मे तुम्हे कुछ कहती नही हू, वरना तुम जैसे कमिने लड़को को मे अच्छी तरह जानती हू
रवि- सोनिया कल मे तुम्हारा नॅशनल पार्क मे सुबह 9 बजे इंतजार करूँगा कल सनडे है और हम वही मिल रहे है
सोनिया- मे नही आउन्गि
रवि- और मे जानता हू कि तुम ज़रूर आओगी, शोर्प 9 ओ'क्लॉक ओके बाइ और रवि फोन कट कर देता है
सोनिया अपने हॉस्टिल मे अपने मम्मी-पापा के पास बैठी होती है और
पापा- सोनिया बेटे अब तुम्हारी शादी की उमर हो गई है और हम तुम्हारी शादी करना चाहते है
सोनिया- जी पापा
सोनिया के पापा उठ कर बाहर चले जाते है और सोनिया उसकी मम्मी की गोद मे सर रख कर अपनी आँखे बंद करती है और उसे रवि का चेहरा अपनी आँखो के सामने दिखने लगता है
मम्मी- क्या हुआ बेटी क्या तू शादी की बात से खुस नही है
सोनिया- अपनी मम्मी को देखती है और अचानक उसकी आँखे भर आती है,
मम्मी- सोनिया क्या बात है तू तो बच्चो की तरह रो रही है, अपनी मम्मी को नही बताएगी क्या बात है
सोनिया- अपनी मम्मी की बात सुन कर एक दम से फुट-फुट कर रोने लगती है
मम्मी- सोनिया क्या हुआ बेटी, कुछ तो बोल,
सोनिया अपने मन ही मन मे सोचती हुई, क्या बताऊ मम्मी कि तुम्हारी बेटी के दिल मे कोई इस तरह बस गया है कि वह उससे जुदा होने का सोच कर ही रो पड़ी है, मे अब आप से कैसे कहु की रवि को मे कितना चाहने लगी हू, उस कमिने की हर्कतो मे ना जाने क्या जादू है कि वह रोज मेरे सपनो मे आकर मेरी रात भर की नींद खराब कर देता है, मे कैसे कहु कि वह मुझे ना जाने क्यो बहुत अच्छा लगता है और अब तो उसने तुम्हारी बेटी के जिस्म को भी छू कर इतना घायल कर दिया है कि अब तुम्हारी बेटी सिर्फ़ उसी को अपनी बाँहो मे लेना चाहती है, उसके हाथो के स्पर्श ने मुझे उसकी और गिरने को मजबूर कर दिया है, और मे उसे अपना सब कुछ सौंप देना चाहती हू,
मम्मी- अब बोल भी सोनिया क्या बात है,
सोनिया- अपने आँसू पोछते हुए कुछ नही मम्मी बस आप लोगो से जुदा होने का सोच कर मेरा मन दुखी हो गया
मम्मी- अरे बेटी बस इतनी सी बात, अरे पगली हर लड़की को एक दिन अपने मा-बाप का घर छोड़ना पड़ता है, और अभी तेरी पढ़ाई मे कम से कम 7-8 महीने और बाकी है तू आराम से अपनी पढ़ाई पूरी कर ले, हम तो तुझसे इसलिए कह रहे थे कि तेरे पापा के एक जान पहचान वाले के गाँव से एक रिश्ता आने वाला है अगर वह लड़का तुझे पसंद कर लेता है तो फिर बात आगे बढ़ेगी, तू अभी कोई फिकर मत कर और अपनी पढ़ाई मे मन लगा,
अगले दिन सुबह 9 बजे सोनिया नॅशनल पार्क की ओर चल देती है तभी ऑफीस को जाते हुए एक मोड़ पर करण की बाइक उसकी स्कूटी से टकरा जाती है,
सोनिया- अपनी आँखे गुस्से से कारण को दिखाती हुई, अंधे हो देख कर नही चला सकते,
कारण- सोनिया का गुस्से मे लाल चेहरा देख कर उसे देखता ही रह जाता है और अपने आप से बात करता हुआ हाय क्या हुस्न है अगर यह लड़की अभी मुझसे शादी करने को कह दे तो मे अभी इसको ब्याह कर अपनी बीबी बनाने को तैयार हू, मेडम इसमे मेरी कोई ग़लती नही है यह मोड़ ही कुछ ऐसा है कि हमे इस मोड़ पर टकराना ही लिखा था, सो हम टकरा गये,
सोनिया- ज़्यादा स्मार्ट बनने की कोशिश मत करो, मे अच्छी तरह जानती हू तुम जैसे लड़को को जो जान बुझ कर लड़कियो की गाड़ी से टकरा जाते है
कारण- ओ मेडम मुझे कोई सौक नही है आप से टकराने का, लेकिन शायद हमारी किस्मत मे यहा टकराना लिखा था
सोनिया- वापस अपनी स्कूटी स्टार्ट करती हुई सभी लड़के लगता है कमिने होते है, उसकी बात सुन कर करण को रवि की याद आ जाती है
कारण- अरे मेडम मे तो कुछ भी नही हू अगर तुम मेरे दोस्त से मिलती तो फिर तुम यही कहती कि वह दुनिया का सबसे बड़ा कमीना है औरते और लड़किया उससे निगाहे मिलाती नही है बल्कि उसकी निगाहो को देख कर अपनी निगाहे नीचे कर लेती है,और करण अपनी गाड़ी आगे बढ़ा देता है,
रवि नॅशनल पार्क की एक बेंच पर बैठा हुआ सोनिया का वेट कर रहा था तभी उसे सोनिया आती हुई दिखाई देती है और वह एक दम से खुशी से झूम उठता है, और अपने आप से बाते करता हुआ,
आज बन ठन कर वो आए इस कदर है,
जैसे सब कुछ लूटा देने की चाहत हो
इंतजार हमारा सफल हो गया ओ रब्बा
क्या यह मेरे कामीनेपन का असर है
निशा
अपना चेहरा इधर उधर घूमने लगती है, रोहित निशा के पास सरक कर उसे अपनी बाँहो मे भर लेता है और निशा
कसमसने लगती है, रोहित निशा के होंठो को अपने मुँह मे भर कर चूमने लगता है और निशा उसकी बाँहो मे
सिमटने लगती है, रोहित जैसे ही निशा का पल्लू उसके सीने से हटाता है निशा यह कह कर अपना पल्लू वापस अपने कंधे
मे डाल लेती है की उसे शर्म आ रही है, रोहित उसकी बात सुन कर रूम की लाइट ऑफ कर देता है और फिर निशा को लेकर बेड
पर लेट जाता है, और उसके गदराए जिस्म को सहलाते हुए,
रोहित- निशा तुम खुस तो हो ना
निशा- क्यो आपको ऐसा क्यो लग रहा है कि मे खुस नही हू
रोहित- नही वो बात नही है, क्या है ना मेरा छोटा सा घर है और फिर मेरा एक ही भाई है और छोटी बहन है बस इन्ही
लोगो के साथ हमे अपनी जिंदगी गुजारनी है, तुम दोनो से मिल चुकी हो तुम्हे कैसा लगा
निशा- पायल तो बहुत अच्छी है पर तुम्हारा भाई तो मुझे बहुत कमीना नज़र आता है
रोहित- क्यो उसने तुमसे कुछ उल्टा सीधा कहा क्या
निशा- नही कहा तो कुछ नही पर उसके चेहरे से ही शरारत नज़र आती है
रोहित- अरे वह तो अभी बच्चा है उसमे अकल ही कितनी है
निशा- कोई बच्चा नही है, तुम्हे किस आंगल से बच्चा नज़र आता है
रोहित- अरे वह ज़रूर तुमसे कुछ मज़ाक कर रहा होगा और तुमने उसे सीरीयस ले लिया
निशा- खेर छोड़िए वह सब बाते
रोहित- मुस्कुरा कर तो फिर अब क्या करू
निशा- मुस्कुरकर मुझे तो रवि नही तुम ही बच्चे नज़र आ रहे हो अब मे बताऊ कि क्या करो
रोहित- निशा को अपनी बाँहो मे भर कर अच्छा अभी देखो ये बच्चा क्या करता है और निशा को अपनी बाँहो मे भर
कर उसकी गदराई जवानी का रस पीना शुरू कर देता है
रवि- क्या दीदी तुमने दो मिनिट भी भाभी से बात नही करने दी
पायल- उसको खा जाने वाली नज़रो से देखती हुई क्या बात करना थी तुझे भाभी से
रवि- अब कुछ तो कहता ना उनकी शान मे
पायल- अरे तुझे ज़रा भी अकल नही है की आज उनकी सुहागरात है और रात के 11 बज रहे है
रवि- पायल की गदराई जवानी को देख कर, क्या होता है दीदी सुहागरात मे
पायल- रवि को घूर कर देखती हुई मुझे नही पता, जैसे तू कुछ जानता ही नही है
रवि- पायल के दूध को उसकी आँखो के सामने घूर कर देखता हुआ मुस्कुरा कर मे बताऊ दीदी
पायल- उसको घूर कर देखती हुई, चल अब जा तू अपने रूम मे, बड़ा आया मुझे बताने वाला, मे कोई बच्ची हू
रवि- दीदी आज तो मे यही सोना चाहता हू
पायल- पागल हो गया है यहा कहाँ सोएगा और अपने मन मे तुझे यहा सुलाया तो तू मेरी चूत मारे बिना नही रहेगा
रवि- क्यो इतना बड़ा बेड है मे भी एक कोने मे पड़ा रहूँगा, और पायल के बेड पर लेट जाता है
पायल- रवि को मारते हुए उठ यहा से और जा अपने रूम मे, तभी रवि पायल को एक दम से पकड़ कर अपने उपर खिच लेता
है और उसके होंठो को कस कर चूम लेता है, पायल उसके इस तरह की हरकत के लिए बिल्कुल तैयार नही थी और वह रवि के
उपर पड़ी हुई थी और रवि उसको अपनी बाँहो मे भर कर दबोच लेता है,
पायल- रवि छोड़ मुझे, कामीने तू अपनी बहन के साथ ऐसा कर रहा है
रवि- दीदी ई लोवे उ और पायल को पागलो की तरह चूमने लगता है, पायल पूरी कोशिश करके उससे छूटना चाहती थी लेकिन रवि ने उसको कस-कर अपने सीने से दबोच रखा था,
पायल- रवि मे कहती हू कि छोड़ दे आ, रवि छ्चोड़ मुझे
रवि- दीदी तुम्हारा जिस्म कितना गदराया हुआ है कितना अच्छा लग रहा है अपनी बाँहो मे भर कर
पायल- रवि छ्चोड़ मुझे, तुझे मेरी कसम है, और अपने मन मे कमीना छोड़ने के लिए मरा जा रहा है
रवि- पायल की कसम वाली बात सुन कर उसे छोड़ देता है और पायल बैठ कर हफने लगती है,
पायल- रवि अभी के अभी मेरे रूम से निकल जा और दुबारा मेरे रूम मे आने की कोशिश मत करना
रवि- अपने दोनो कन पकड़ कर, अच्छा बाबा सॉरी अब नही करूँगा, प्लीज़ तुम भी लेट जाओ मे तुम्हे टच नही करूँगा
बस तुम्हे देखता हुआ लेटा रहूँगा,
पायल- थोड़ा रिलॅक्स होते हुए उसके साइड मे लेट जाती है, पायल लेटे हुए रवि का चेहरा देखती है और रवि लेटे हुए अपनी
दीदी का मादक हुस्न देख-देख कर मज़ा लेता रहता है,
रवि- दीदी
पायल- हू
रवि- मुस्कुरा कर दीदी भैया और भाभी अभी क्या कर रहे होंगे
पायल- मुस्कुरा कर मुझे नही मालूम, और अपने मन मे जैसे तू जानता ही नही है कि भैया भाभी की चूत मार रहे
होंगे
रवि- मुस्कुरा कर, मे बताऊ
पायल- उसको थोड़ा मुस्कुरा कर अपनी आँखे दिखाती हुई तू फिर शुरू हो गया,
रवि- मुस्कुराते हुए अच्छा नही बोलता पर एक बात तो बताओ
पायल- क्या
रवि- दीदी तुम रोज बाथरूम मे पूरी नंगी होकर क्यो नहाती हो
पायल- उसकी बात सुन कर अश्चर्य से उसे आँखे फाड़ कर देखती हुई, क्या मतलब, तुझे कैसे मालूम कि मे
रवि- पायल की कमर मे हाथ रख कर धीरे से उसकी गदराई गान्ड को सहलाता हुआ, दीदी तुम नही जानती पर तुम मुझे नंगी इतनी अच्छी लगती हो कि क्या बताऊ, जब भी तुम नहाती हो मे तुम्हे रोज नंगी देखता हू,
पायल- रवि की बात सुन कर उसको एक मुक्का मारती हुई, कमीना कही का, तुझे शर्म नही आती अपनी बहन को नंगी नहाते हुए देखने मे
रवि- दीदी तुम्हारी जैसी अप्सरा को मे नंगी देखने के लिए सात जनम तक इंतजार कर सकता हू, सच मे दीदी तुम्हारा पूरा
जिस्म बहुत सेक्सी है, और पायल की कमर को अपने हाथो से सहलाने लगता है
पायल- रवि की बात सुन कर पायल का चेहरा सुर्ख लाल हो जाता है और वह, रवि तू बहुत बड़ा कमीना है
रवि- दीदी एक बार मुझसे चिपक जाओ ना मे कसम से कुछ भी नही करूँगा
पायल- मुस्कुरा कर नही
रवि- दीदी प्लीज़ सिर्फ़ मेरे पास चिपक कर लेट जाओ
पायल की चूत रवि की बातो से गरमा रही थी उसका भी मन रवि से चिपकने का कर रहा था लेकिन वह हिम्मत नही कर पा रही थी, उसकी मोटी-मोटी गदराई चुचिया उसको परेशान कर रही थी और कह रही थी कि मुझे खूब कस-कस कर मसल दे आज चोद ही दे अपनी बहन को, तेरा मोटा लंड कितना तगड़ा है, मेरी चूत तो फाड़ ही देगा
रवि- दीदी क्या सोच रही हो
पायल- कुछ नही
रवि- दीदी अच्छा थोड़ा सा पास तो आ जाओ और उसके गाल पर अपने हाथ से सहलाने लगता है,
पायल की रसीली बुर रवि के इस कामुक अंदाज से रस छोड़ने लगती है और वह रवि द्वारा अपने गालो को सहलाने से अपनी आँखे
बंद कर लेती है, रवि मोका देख कर पायल के थोड़ा करीब आ जाता है, पायल की साँसे तेज होने लगती है, रवि पायल को
थोड़ा अपनी ओर खिच कर उसके चेहरे को अपने चेहरे के बिल्कुल करीब कर लेता है, पायल की तेज साँसे रवि के चेहरे से
टकराने लगती है,
रवि- दीदी आँखे खोलो ना क्या अभी से सोने लगी
पायल जैसे ही आँखे खोलती है रवि को अपने इतने करीब देख कर फिर आँखे बंद कर लेती है
रवि- दीदी मेरी तरफ देखो ना
पायल- अपनी आँखे खोल कर रवि की ओर देखने लगती है उसके होंठ रवि के होंठो से इतने करीब थे कि लगता था अभी छू जाएगे. रवि पायल की कमर और मोटी गदराई गान्ड को अपने हल्के हाथो से बड़े प्यार से सहलाता रहता है और अपनी आँखो से पायल की आँखो मे देखता रहता है, पायल का चेहरा एक दम कामुक नज़र आने लगता है,
रवि- पायल को देखता हुआ दीदी तुम्हारे होंठ कितने खूबसूरत है बिल्कुल गुलाब की पंखुड़ियो की तरह दिखाई देते है
पायल उसकी बातो को उसकी आँखो मे देखती हुई बड़े ध्यान से सुन रही थी लेकिन कोई जवाब नही दे पा रही थी, पायल को रवि की बाते बहुत अच्छी लग रही थी और उसका दिल कर रहा था कि वह रवि से कस कर अपने दूध को चिपका ले लेकिन उसकी हिम्मत नही पड़ रही थी,
रवि- दीदी पता नही कौन किस्मत वाला होगा जो तुम्हारे इन रसीले होंठो का रस पिएगा
पायल- मुस्कुरा कर रवि के चेहरे को थोड़ा पीछे धकेलते हुए कोई पिएगा या नही पर तू अभी अपनी बहन के होंठो का
रस पीने के लिए मरा जा रहा है,
रवि- दीदी तुम बहुत कठोर हो तुम्हे अपने भाई पर ज़रा भी दया नही आती है, बस एक बार ही सही मुझे भी पिला दो अपने इन रसीले होंठो का रस
पायल- मुस्कुराते हुए उसे धक्का मारती हुई जब तेरी बीबी आ जाएगी तो उसके होंठो का रस पीना,
रवि- दीदी वह तुम्हारी तरह इतनी खूबसूरत थोड़े होगी, अगर तुम मुझे मिल जाओ तो कुछ बात ही अलग होगी,
पायल- उसे मुस्कुरा कर देखती हुई, क्यो अपनी बहन को हासिल करना चाहता है
रवि- दीदी कोई तो रास्ता होगा तुम्हे हासिल करने का
पायल -मुस्कुरा कर कोई रास्ता नही है
रवि- अच्छा ठीक है, मेरी किस्मत मे शायद तुम्हे प्यार करना लिखा ही नही है, इस जनम मे, मे तुम्हे नही पा सका
तो क्या हुआ, मे मालिक से दुआ करूँगा कि अगले जनम मे वह तुम्हे बीबी बनाकर भेजे, और अपनी आँखे बंद करके लेट
जाता है.
पायल- मुस्कुराती हुई उसे देखने लगती है, रवि अपनी आँखे बंद किए काफ़ी देर तक पड़ा रहता है और पायल अपनी आँखे
खोले उसके चेहरे को देखती हुई मुस्कुराती रहती है, जब बहुत देर तक रवि अपनी आँखे नही खोलता है तो पायल धीरे से
अपने हाथ को उसके सर पर रख कर उसके बालो मे अपनी उंगलिया चलाने लगती है, और अपने मन मे सोचती हुई, कामीने तू भी बड़ा हॅंडसम है तभी तो लड़किया तुझसे तुरंत फस जाती है,
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