कमीना--अध्याय 3

 कमीना--अध्याय 3


writer-RAM




पायल - अपने पेरो की पिंदलियो के नीचे वाले हिस्से मे हाथ लगा कर यहाँ


रवि- पायल की गोरी और चिकनी पिंडालियो को अपने हाथो से पकड़ कर हल्के-हल्के सहलाने लगता है और पायल अपनी कामुक


नज़रो से मंद-मंद मुस्कुराती हुई रवि की ओर देखती रहती है, रवि अपनी दीदी की गोरी-गोरी पिंडालियो को सहलाता हुआ जब अपनी


नज़रे पायल की ओर करता है तो पायल की कातिल निगाहो और उसके मस्त रूप को देखता ही रह जाता है और उसकी नज़रे अपनी दीदी


की कत्ल कर देने वाली नज़रो से मिल जाती है, दोनो की कामुक नज़रे जब एक दूसरे से मिलती है तो दोनो एक दूसरे को खा जाने वाली


चुदास भरी नज़रो से देखते है और रवि का जहाँ लोड्‍ा भनभाना जाता है वही पायल की पेंटी उसकी चूत रस से गीली हो जाती


है,


रवि- पायल की आँखो मे देखता हुआ अपने मन मे बोलता है, दीदी क्या हुस्न है तुम्हारा, तुम्हारे इस रसीले हुस्न को मे


पी जाना चाहता हू एक बार अपनी चूत मरवा लो ना मुझसे,


पायल- उसकी आँखो मे देखती हुई, अपने मन मे, अरे पगले पेर क्या सहला रहा है एक बार मेरी चूत को खोल कर सहला दे,


मे तो तुझसे चुदवाने को तैयार बैठी हू, कब चोदेगा मुझे,


दोनो एक दूसरे को देखते हुए अपने मन की बात अपने मन मे ही कहते है फिर दोनो एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा देते


है,


पायल- क्या बात है बड़े प्यार से देख रहा है अपनी दीदी को,


रवि- मुस्कुराते हुए उसके गोरे पेरो की पिंडालियो को सहलाता हुआ, दीदी तुम बहुत सुंदर हो और उसकी आँखो के सामने


उसके मोटे-मोटे तने हुए दूध को देखने लगता है


पायल- अपने उसी पेर से जिसे रवि पकड़ कर बैठा था, एक लात रवि के सीने मे मार कर मुस्कुराते हुए, रवि तू वाकई मे


बहुत बड़ा कमीना है,


रवि- पीछे गिरते हुए अपने आप को संभाल कर, मुस्कुराते हुए पायल की आँखो मे देख कर, दीदी तुम्हारी किस्मत


अच्छी है कि तुम मेरी दीदी हो नही तो अभी तक तो मे कमिनेपन की सारी हदे पर कर जाता,


पायल- सोफे से अपनी पीठ को उठा कर अपने हाथो की दोनो कोहनियो को अपनी जाँघ पर रख कर अपने दोनो हाथो से अपनी


तोड़ी को पकड़ कर सोफे पर बैठ कर रवि की आँखो मे मुस्कुराते हुए देखती हुई,


पायल- क्या कमीनपन दिखाता तू


रवि- उसकी लात खाकर थोड़ा गुस्से मे आ गया था और बिना डरे पायल की आँखो के सामने ही उसके मोटे-मोटे दूध को


देख कर, क्या तुम नही जानती कि मे क्या कमीना पन दिखाता,


पायल- अपनी आँखे उसको दिखाती हुई थोड़ा सा मुस्कुरा कर, हिम्मत है तो दिखा


रवि- देखो दीदी मुझे चलेंज मत करो तुम मेरी दीदी हो इस लिए अभी तक बचती आ रही हो, नही तो


पायल- अपनी आँखो से उसको डराने की कोशिश करती हुई, नही तो क्या करता तू मेरे साथ


रवि- अपनी नज़रे इधर उधर करता हुआ, दीदी अब जाने भी दो नही तो तुम्हे बुरा लग जाएगा,


पायल- मे जानती हू क़ि तू मेरे बारे मे क्या सोचता है, तेरी कामिनी हरकते मुझसे छुपी नही है


रवि- उसके सामने ही उसके मोटे खरबूजो जैसे कसे दूध को देख कर उसकी आँखो मे देखता है और पायल की ओर


मुस्कुरा कर, तो दीदी तुम क्या चाहती हो,


पायल- उसकी बात को समझ कर उठ कर उसे एक झपत उसकी पीठ पर मार कर, रवि तू वाकई कमीना है अपनी बहन को भी


नही छोड़ रहा है, और फिर अपनी मोटी गान्ड को मतकाते हुए मुस्कुरा कर किचन की ओर जाने लगती है


रवि- दीदी तुम तो आराम से चल रही हो देखा मेने कैसे तुम्हारी मोच ठीक कर दी,


पायल- पलट कर उसकी और मुस्कुरा कर देखते हुए, कमीना कही का, कॉफी पिएगा


रवि- उसके दूध को घूर कर मुस्कुराता हुआ पिला दो ना


पायल उसकी हरकत से मन ही मन मे खुस होती हुई मुस्कुरा कर फिर से पलट कर अपने गदराए मोटे-मोटे चुतड


मतकाती हुई किचन मे घुस जाती है, थोड़ी देर बाद पायल कॉफी के दो कप लेकर आती है और रवि को एक कप पकड़ाते हुए


सोफे पर अपनी गदराई मतवाली गान्ड को रख कर बैठ जाती है, फिर दोनो एक दूसरे की आँखो मे देख कर मुस्कुराते हुए


कॉफी का गरम-गरम घुट अपने गले से नीचे उतारने लगते है,


पायल- मुस्कुरा कर कैसी है


रवि- उसके खूबसूरत चेहरे को देख कर मुस्कुराता हुआ, बहुत अच्छी हो


पायल- उसकी बातो को समझ कर, मुस्कुराती हुई मीठी है कि नही


रवि- पायल के गदराए दूध को देखता हुआ, उसकी आँखो मे देख कर जब पूरी पी लूँगा तब पता चलेगा कि मीठी है या


नही,


पायल- मुस्कुरा कर, क्यो देख कर पता नही चलता


रवि- पायल के जिस्म को उसकी आँखो के सामने उपर से लेकर नीचे तक देखता हुआ, कलर तो बहुत अच्छा है तो फिर मिठास


भी खूब होगी


पायल- मुस्कुरा कर आराम से पीना नही तो मुँह जल जाएगा


रवि- मुस्कुराते हुए, मुझे आराम से ही पीना पसंद है, मे पूरा रस ले -ले कर ही पीता हू तभी पीने का असली मज़ा आता


है,


पायल- मुस्कुरा कर कभी कोई दूसरा ब्रांड पिया है


रवि- मुस्कुरा कर नही, और पायल की ओर अपने आइब्रो उचकाता हुआ उसकी और इशारा करता हुआ, मुझे तो शुरू से यही


ब्रांड पसंद है,


पायल- कभी पी कर छोड़ने का इरादा है कि नही


रवि- मुस्कुरा कर नही, मे तो जिंदगी भर पीऊंगा


पायल - तुझे कब-कब पीना पसंद है


रवि- मुस्कुराते हुए वैसे तो किसी भी टाइम पिला दो पी लूँगा, लेकिन रोज रात को सोने से पहले पीने को मिल जाए तो मज़ा आ जाए,





पायल- रोज रत को तुझे कौन आकर पिलाएगा, तेरा कोई नौकर तो बैठा नही है, तेरी इस तरह रोज रात को तो तेरी बीबी ही सेवा


कर सकती है, इसलिए तुझे रोज रात को पीने के लिए तो शादी करना पड़ेगी,


रवि- मुस्कुरा कर, दीदी रोज रात को मुझे तुम भी तो पिला सकती हो, क्या अपने भाई के लिए इतना नही कर सकती,


पायल- मुस्कुरा कर खड़ी होकर उसके पास जाकर, ला कप दे, और उसके हाथ से कप लेती हुई उसकी पीठ पर मारते हुए, कमीना


कही का, और फिर पायल अपने मोटे-मोटे चुतडो को कुछ ज़्यादा ही मटका कर किचन की ओर जाती है और रवि अपनी दीदी के


गदराए चुतडो को देखने लगता है, और पायल किचन मे घुसने से पहले झट से पलट कर देखती है और रवि को अपने


गदराए चुतड देखते हुए पाती है और मुस्कुरा कर, रवि यू आर ए रास्कल, और किचन मे घुस जाती है, और रवि उसकी बात सुन


कर खुस होता हुआ, अपने आप से बाते करता हुआ, हे दीदी एक बार नंगी होकर अपने भाई के मोटे लंड पर बैठ जाओ, तुम्हारी


गदराई मोटी गान्ड देख-देख कर तो अब मुझसे रहा नही जाता है,


रवि- ज़ोर से आवाज़ लगाता हुआ, दीदी


पायल- क्या है


रवि- दीदी तो फिर आज रात को पिलाओगी


पायल- किचन मे खड़ी रवि की बात सुन कर मंद-मंद मुस्कुराती हुई, सोचूँगी


रवि- क्या दीदी इसमे सोचूँगी कहाँ से आ गया, अपने भाई को पिलाने मे तुम्हे सोचना पड़ रहा है, अभी आपके हॅज़्बंड


कहते तो उन्हे झट से पिला देती,


पायल- किचन मे मुस्कुराते हुए, कहा ना सोचूँगी


रवि- क्या दीदी तुम बहुत सोचती हो


पायल- अच्छा सच-सच बता क्या तू सच मुच मुझसे ही पीना चाहता है


रवि- दीदी जो बात तुम खुद जानती हो वो पूछती क्यो हो


पायल- किचन मे अपना मुँह दबा कर अपनी हसी को अपने हाथो से छुपाती हुई, अच्छा ठीक है पी लेना


रवि-लेकिन कब


पायल- जब मेरा मन करेगा मे आकर पिला दूँगी


रवि- दीदी जल्दी मन बनाओ मे पीने के लिए मरा जा रहा हू


पायल- शांति रख तुझे पीने को मिल जाएगी बात ख़तम


रवि- ठीक है दीदी मे इंतजार करूँगा


रात को सब लोग अपना-अपना समान पॅक करके सुबह के जाने की तैयारी कर के सो जाते है और फिर सुबह करीब 3:30 पर तीनो


भाई बहन स्कारियो मे सवार होकर उड़ जाते है, रोहित सुनसान हाइवे पर स्कार्पीओ उड़ा रहा था और पायल और रवि पीछे


की सीट पर बैठे हुए थे,


पायल- रोहित भैया मुझे तो नींद आ रही है


रोहित -पीछे देखता हुआ पायल पीछे की लाइट बंद कर लो और सो जाओ अभी हमे बहुत टाइम लगेगा, तब तक अपनी नींद पूरी कर लो


पायल, रवि को मुस्कुरा कर देखती हुई सीट पर टिक कर अपनी आँखे बंद कर लेती है और रवि मध्यम रोशनी मे उसके


गदराए गालो को देखने लगता है, कुछ देर बाद पायल अपने सर को रवि के कंधे के उपर रख कर सोने का नाटक करने


लगती है, रवि अपने मन मे सोचता है, दीदी तुम इतनी चुदासी हो तुम्हे भला नींद कैसे आ सकती है, रवि अपने चेहरे


को पायल की ओर घुमा कर उसके गदराए गालो पर अपने होंठ लगा देता है, पायल के जिस्म से उठती मादक खुसबू रवि का


लंड खड़ा कर देती है, कुछ देर तक रवि पायल के गुलाबी गालो से अपने होंठो को छुआता रहता है फिर धीरे से अपना एक


हाथ पायल की गुदाज गदराई जाँघो पर रख देता है, और जब अपने हाथो के पंजो से अपनी दीदी की गदराई जाँघो को पकड़ता


है तो उसके गुदाज और नरम-नरम जाँघो के स्पर्श से रवि का लंड झटके मारने लगता है, रवि धीरे से अपनी दीदी की


जाँघो के उपर पड़ी हुई स्कर्ट को हटा देता है फिर जब अपनी दीदी की मोटी-मोटी नंगी जाँघो को अपने हाथो मे भर कर


दबोचता है तो उसे ऐसा लगता है कि अभी उसका लंड पानी छोड़ देगा,


रवि अपनी दीदी की गुदाज मखमली जाँघो को सहलाता हुआ, धीरे से अपनी दीदी के कानो के पास अपना मुँह लगा कर, दीदी सो गई


क्या, पायल उसकी आवाज़ सुनती है और उसकी चूत फूल जाती है, वह पूरी मस्ती मे अपने भाई द्वारा अपनी गदराई जाँघो को


मसलवाने का मज़ा लेती अपनी आँखे बंद किए उसके कंधे पर अपना सर रखे पड़ी रहती है, रवि फिर से अपनी दीदी के


गुलाबी गालो पर अपने होंठ फेरता हुआ उसके कान मे धीरे से, दीदी मुझसे अपनी चूत मर्वओगि, पायल की साँसे उसकी यह


बात सुन कर काफ़ी तेज हो जाती है पर वह अपनी आँखे बंद किए चुपचाप पड़ी रहती है,


जब पायल कोई रिप्लाइ नही करती है तो रवि अपना हाथ धीरे से उसकी जाँघो को सहलाते हुए आगे बढ़ाता है और उसके हाथ


मे उसकी पेंटी की कीनोर टकराने लगती है और रवि का लंड पूरी तरह तन जाता है, तभी रवि अपने हाथ को थोडा उठाकर


अपनी दीदी की पेंटी मे कसी फूली हुई चूत पर रख देता है और उसके ऐसा करने से पायल की साँसे लगता था कि रुक जाएगी,


पायल अपने हाथो की मुत्ठियो को कसते हुए अपनी गहरी सांसो को कंट्रोल करने की पूरी कोशिश करने लगती है, रवि ने जब


अपनी दीदी की पेंटी मे कसी फूली हुई गुदाज चूत पर अपने हाथ का दबाव बढ़ाया तो उसकी चूत के फूले हुए मुलायम


माँस के गरम एहसास ने उसको पागल कर दिया और रवि ने अपने मुँह को अपनी दीदी के कानो के पास ले जाकर उसकी फूली हुई


चूत को पूरी तरह अपने हाथो के पंजो मे भर कर कस कर दबोचते हुए पायल के कानो मे धीरे से , दीदी तुम्हारी


चूत कितनी फूली हुई है, उसकी इस हरकत से तो मानो पायल की जान ही निकल गई और उसकी साँसे रुकते -रुकते बची और उसने


धीरे से अपनी जाँघो को थोड़ा खोल दिया, रवि अपनी दीदी की चूत को अपने हाथो से अच्छी तरह सहला रहा था और बीच-


बीच मे उसकी चूत को मसल भी देता था, पायल अपनी हिम्मत बाँधे चुपचाप अपनी सांसो को कंट्रोल कर रही थी और


बार-बार अपने मुँह के थूक को अपने सूखे गले से गतक्ने की कोशिश कर रही थी,रवि ने अब अपने हाथ को पायल के गले मे डाल कर उसको अपनी ओर खीच कर धीरे से सटा लिया और अपने हाथ को घुमा कर


पायल के गालो को थाम कर थोड़ा उपर उठा कर उसके रसीले होंठो को चूम लिया, रवि अपनी दीदी के होंठो को चूमता हुआ


धीरे-धीरे अपनी दीदी की फूली हुई चूत को सहलाने लगता है, पायल की चूत पूरी तरह गीली हो जाती है और रवि के हाथो मे


अपनी दीदी की चूत का पानी लगने लगता है, रवि अपनी दीदी की चूत को थोड़ा कस कर मसलता हुआ उसके कानो के पास मुँह लगा


कर, दीदी तुम्हारी चूत तो बहुत पानी छोड़ रही है, कब पिलाओगी अपनी इस नशीली बुर का रस, पायल से अब बर्दास्त करना


मुश्किल हो रहा था लेकिन रवि था कि उसकी गदराई फूली चूत को सहलाता ही जा रहा था, रवि ने उस दिन सुबह 6 बजे तक जब


तक की उजाला नही हो गया अपनी दीदी के होंठो को चूमता हुआ उसकी फूली चूत को सहलाता रहा, और जब कुछ उजाला हो गया


तो उसने पायल को थोड़ा दूर सरका कर खुद अपने भैया से बाते करने लगा,


लगभग 7 बजे पायल उठने का नाटक करती है और जब आँखे खोलती है तो रवि उसकी आँखो देख कर मुस्कुरा देता है


रात भर जागने की वजह से पायल की आँखे लाल हो गई थी,


रवि- मुस्कुरा कर गुड मार्निंग दीदी


पायल- रवि की आँखो मे देखती हुई हल्के से मुस्कुराती है और अपना मुँह फाड़ कर जमहाई लेती हुई, गुड मार्निंग


रवि- भैया कही गाड़ी रोको ना कुछ चाइ, कॉफी हो जाए,


रोहित- ठीक है और फिर स्कार्पीओ को एक हाइवे के किनारे के ढाबे के पास खड़ा कर देता है और फिर तीनो वहाँ चाइ पीते


है, चाइ पीते-पीते पायल का चेहरा कुछ सूजा हुआ लग रहा था और उसकी नज़रे सीधे रवि से ना मिलाते हुए वह अपनी चोर


नज़रो से रवि को देख रही थी और रवि बिंदास अपनी दीदी को देख रहा था, तभी पायल ने जब रवि की ओर कनखियो से देखा


तो रवि को अपनी ओर देखता पाया और फिर दोनो की नज़रे पूरी तरह लड़ गई और पायल ने एक हल्की सी स्माइल रवि को दी तो रवि ने


रिप्लाइ मे अपनी आँख पायल की ओर मार दी, और पायल की मुस्कुराहट रवि की इस हरकत से अचानक गायब हो गई और उसने अपनी नज़रे नीचे कर ली,


रोहित- क्या हुआ पायल तू कुछ उदास लग रही है तेरी तबीयत तो ठीक है ना


पायल कुछ कहती उससे पहले ही रवि बोलने लगा


रवि- कुच्छ नही भैया लगता है दीदी रात भर ठीक से सो नही पाई इसलिए उनकी नींद पूरी नही हुई है इसलिए आपको ऐसा लग रहा है


रवि की बात सुन कर पायल उसकी ओर देखने लगी और अपने मन मे सोचने लगी, लगता है इस कमिने को यह पता चल गया था कि मे सोई नही हू जाग रही हू,


रोहित- चलो कोई बात नही, अभी भी हमे 2-3 घंटे और लगेगे पहुचने मे इसलिए पायल तू चाहे तो और सो लेना


रवि- पायल को मुस्कुरा कर देखता हुआ, नही भैया अब तो उजाला हो गया है अब दीदी नही सोएगी


रवि की बात सुन कर पायल उसको घूर कर देखती हुई अपने मन मे, कमीना कही का मोका मिल गया तो बहुत बोल रहा है,


और फिर रवि की पीठ मे एक मुक्का मारती हुई तू अपना मुँह बंद रख मे सोऊ चाहे जागु,


रोहित- हस्ते हुए तुम दोनो की नोक झोक कभी बंद नही होती है, चलो अब चलते है और फिर तीनो स्कार्पीओ मे बैठ कर


अपनी मंज़िल की ओर उड़ जाते है,


सुबह 10 बजे करीब सभी लोग अपनी मंज़िल पर पहुच गये और फिर रोहित के बॉस ने उन लोगो का स्वागत किया और फिर


सगाई की रस्म की बारी आई तो सभी निशा का इंतजार करने लगे, तभी वह हुस्न की मालिका, एक रेड कलर की साडी उस पर रेड कलर


का मॅचिंग ब्लाउज, साडी को अपने उठे हुए पेट और गदराए पेट की गहराई मे घुसी हुई नाभि के काफ़ी नीचे बाँधे, अपनी


मस्तानी चल चलते हुए आई तो सब की नज़रे उस पर ठहर गई, उसके मोटे-मोटे पपितो के समान दूध उसके ब्लौज को


फाड़ देने की पूरी कोशिश कर रहे थे लेकिन ब्लौज के अंदर उसकी लाल कलर की ब्रा ने अपनी पूरी कसावट के साथ उन गदराई


और कठोर चुचियो को अपने साथ बाँधे रखा था, उसका चेहरा उसके गुलाबी मगर भरे हुए मस्त गालो के साथ बहुत


ही मादक लग रहा था और उसके रसीले होंठ इतने लाल थे कि हर कोई उसके होंठो का रस पी लेना चाहता था,


पायल अपनी भाभी को देख कर खुस हो रही थी और रोहित भी अपनी ख़ुसी को दबा नही पा रहा था, उस फंक्षन की भीड़ मे


हर कोई उस लालपरी के खूबसूरत हुस्न को ही देख रहा था और किसी की भी नज़र उसके खूबसूरत चेहरे से हट नही रही थी,


लेकिन उस पूरे फंक्षन की भीड़ मे एक ही बंदा ऐसा था जो उस अप्सरा के चेहरे को देखने की बजाय उसके मांसल गदराए


पेट और उसके उभरे हुए भारी चुतडो को ही सब से ज़्यादा देख रहा था और वह बंदा था एक बहुत ही बड़ा कमीना, और


उस पूरी पार्टी मे एक ही लड़की थी जो उस कमिने की कमिनि नज़रो को ताड़ चुकी थी और उस लड़की का नाम था पायल,


लेकिन यह क्या पायल को अपने भाई की इस हरकत पर नाराज़ होना चाहिए था लेकिन उसके चेहरे पर तो एक जलन के भाव उभर


आए थे, और वह खा जाने वाली नज़रो से रवि को देख रही थी, तभी रवि की नज़र पायल के चेहरे पर पड़ती है और उसकी


नाराज़ आँखो को देखते ही रवि उसकी मनोदशा को भाँप जाता है और पायल की ओर से तुरंत अपनी नज़रे हटा लेता है उसके


इस तारह से अपनी नज़रे हटा लेने पर पायल का गुस्सा और बढ़ जाता है, तभी रोहित के बॉस कहते है क़ि भाई एक 10 मिनिट


और वेट कर लेते है उनका कोई बहुत ही अज़ीज दोस्त आने वाला है उसके बाद सगाई की रस्म शुरू कर दी जाएगी,


पायल सीधे अंदर जाती है और फिर लगभग 10 मिनिट बाद जब पायल बाहर आती है तो सारी महफ़िल की नज़रे एक बार फिर बीते


हुए वक़्त को दोहराने लगती है, पायल ने भी एक रेड कलर का चुन्नी ड्रेस पहना हुआ था जिसमे उसका पूरा हुस्न कामदेव


को भी अपनी और देखने के लिए मजबूर कर दे, रवि अपनी दीदी के इस रूप को आज पहली बार देख रहा था, पायल के गदराए


हुस्न पर सभी की निगाहे देख कर भी पायल को शांति नही मिली लेकिन जब पायल ने रवि की नज़रो को अपने गदराए जवान जिस्म


पर पागलो की तरह पड़ते देखी तो उसके हुस्न के साथ उसका गुरूर सातवे आसमान पर पहुच गया और रवि की ओर देख रही थी जो आँखे फाडे अपनी दीदी को देख रहा था, पायल ने रवि की ओर देख कर अपनी जीभ निकाल कर उसे चिड़ाते हुए वह


मुस्कुराती हुई सीधे अपनी होने वाली भाभी निशा के पास पहुच गई और फिर अपनी भाभी का हाथ पकड़ कर उसको अपने


भैया रोहित के पास लाकर खड़ा कर दिया और तीनो बाते करने लगे,


रवि अपनी दीदी के बदले अंदाज देख कर मन ही मन खुस हो रहा था, और वह जानता था कि आज का सफ़र उसकी दीदी को कभी नही भूलने वाला है और वह अपनी दीदी की जिंदगी मे एक अहम किरदार बन चुका है, पायल अपने आप को दूसरो के साथ बिज़ी करने की पूरी कोशिश कर रही थी लेकिन उसकी नज़रे और उसका दिल उसका साथ नही दे रहा था और बार-बार वह अपनी नज़रो को सब से चुरा कर रवि की प्रतिक्रिया अपने लिए देखना चाह रही थी, रवि अब टोटली कन्फ्यूज़ हो गया था क्यो कि उसके सामने


दो-दो हुस्न की मालिकाए थी वह एक को देखे या दूसरी को देखे वह समझ नही पा रहा था, तभी रवि ने पायल को अपनी


और आते हुए देखा, पायल मुस्कुराती हुई रवि के पास आ गई और


पायल- चल रवि तुझे निशा भाभी से मिलवती हू और उसका हाथ पकड़ कर अपनी भाभी की ओर चल पड़ी


रवि अपनी दीदी को इस कदर खूबसूरत नही समझता था लेकिन आज वह अपनी दीदी को इतने करीब से देखने पर ऐसा महसूस कर


रहा था जैसे वाकई कोई अप्सरा उसका हाथ पकड़ कर अपने साथ लिए जा रही हो, जब पायल अपनी भाभी के पास पहुचि तो


पायल- भाभी देखो आपसे मिलने कौन आया है


निशा- रवि को देख कर प्रश्नवचक नज़रिए से देखने लगी,


रवि अपनी भाभी के गदराए छलकते हुए योवन को अपनी आँखो से देख कर अपनी आँखो से ही पीने लगा और उसे अचानक


वह दिन याद आ गया जब उसने अपनी भाभी को अपनी कल्पना मे पूरी नंगी करके चोद्ते हुए मूठ मारा था, रवि अपनी


भाभी के गदराए हुस्न को देखता हुआ सोचने लगा कि इसी को मेने अपने ख्यालो मे किस बेरहमी से चोदा था,


पायल- भाभी पहचानो ये कौन है


निशा- आइ थिंक ये रवि है


पायल- मुस्कुरा कर एक दम सही पहचाना भाभी आपने


रवि- अपनी आँखो से निशा के गदराए दूध को एक नज़र मारता हुआ उसके रसीले होंठो को देख कर मुस्कुराते हुए


नमस्ते भाभी


निशा- उसकी नज़रो को समझ तो नही पाई पर उसकी नज़रो का कमीनपन उसे एक पल के लिए ज़रूर नज़र आया और वह भी


मुस्कुरा कर नमस्ते भैया कहती है,


रोहित- निशा यह अपने घर मे सब से छोटा है


रवि- पायल के दूध को उसकी आँखो के सामने देखते हुए मुस्कुरा कर, सिर्फ़ उमर मे भैया


रवि के इस तरह अपने दूध को निहारने से पायल अपने मन मे खुस होते हुए उपरी तोर पर अपनी आँखे रवि को दिखाते


हुए उसे देखने लगती है, कुछ देर सभी खड़े -खड़े आपस मे इंट्रो करते हुए बाते करते है, तभी रोहित के बॉस,


बॉस- एक्सक्यूस मी लॅडीस आंड जेंटॉल्मन आज मे अपनी बेटी निशा की सगाई का ऐलान अपने खास और जूनियर रोहित के साथ करता हू, और फिर सभी तालियो की गड़गड़ाहट से बॉस की बात का समर्थन करते है और फिर दोनो लोग अपनी-अपनी रिंग एक दूसरे के हाथो मे पहना देते है, कुछ देर बाद पार्टी मे सभी लोग खाना पीना शुरू कर देते है, तभी पायल रोहित और निशा को डॅन्स करने को कहती है और एक रोमांटिक धुन के साथ वो लोग धीरे-धीरे एक दूसरे की कमर मे हाथ डाल कर डॅन्स शुरू कर देते है और रवि अपनी गदराई भाभी की तिरकति जवानी को एक और खड़ा-खड़ा देखने लगता है, तभी पायल रवि के पास आकर


पायल- तेरा भी मन डॅन्स करने को कर रहा है क्या


रवि- कर तो रहा है लेकिन मे किसके साथ करू, क्या तुम मेरे साथ डॅन्स करोगी


पायल- भाव खाती हुई, डॅन्स वो भी तेरे साथ, नो वे


रवि- क्यो मे तुम्हे अच्छा नही लगता


पायल- मुस्कुरकर उसकी आँखो को प्यासी नज़रो से देखती हुई, नही


रवि- पायल के हाथो को पकड़ कर अपनी और खिचता है और उसकी आँखो मे अपनी आँखे डाल कर उसे देखता है, पायल का चेहरा एक दम सीरीयस हो जाता है और वह रवि के होंठो को देखती हुई उसके कुछ कहने का इंतजार करती है, रवि उसके


हाथो को अपने हाथो से दबाते हुए अपना सर उसके मुँह के करीब ले जाकर उसकी आँखो मे आँखे डाल कर, दीदी जब तुम


झूठ बोलती हो तो तुम्हारे होंठ काँपने लगते है, और फिर रवि उसका हाथ छोड़ देता है और अपने भैया और भाभी की ओर


चल देता है और पायल उसको देखती रहती है,


रवि- भाभी क्या भैया के साथ ही डॅन्स करती रहोगी, मेरे साथ भी डॅन्स करो ना, और रोहित की ओर देख कर भैया


प्लीज़


रोहित- निशा को छोड़ते हुए, हा-हा क्यो नही तेरा पूरा हक है आख़िर तेरी भाभी जो ठहरी,


रोहित निशा को वही छोड़ कर पायल की तरफ आने लगता है और रवि अपनी भाभी को अपनी कमिनि नज़रो से मुस्कुरा कर


देखते हुए अपना हाथ उसकी और बढ़ा देता है, निशा अपने होंठो पर जबरन की स्माइल लाते हुए, अपने हाथ को रवि के


हाथ मे दे देती है, रवि अपनी भाभी के हाथो को अपने हाथो मे पकड़ कर उसे अपने करीब खिचता है और फिर उसकी


नंगी कमर मे अपना दूसरा हाथ डाल कर धीरे-धीरे म्यूज़िक की आवाज़ मे थिरकने लगता है, रवि अपने नज़रे अपनी भाभी


के चेहरे की ओर जमाए हुए था लेकिन निशा अपनी नज़रे नीचे किए हुए रवि के साथ धीरे-धीरे डोल रही थी,


रवि- भाभी मेरी तरफ देख कर डॅन्स करो ना, आप तो अपने देवेर से शर्मा रही है,


निशा- उसकी बात सुन कर अपनी नज़रे उसके चेहरे की ओर करती है और उसकी नज़रे रवि की नज़रो से मिल जाती है,


निशा को रवि की नज़रो का अंदाज कुछ अच्छा नही लगता है, पर रवि अपनी कमिनि नज़रो से अपनी भाभी के भरे हुए गालो और रसीले होंठो को बिना किसी डर के देख रहा था,


रवि- भाभी भैया ठीक कह रहे थे


निशा- क्या


रवि- यही कि आप बहुत खूबसूरत हो


निशा -अपनी नज़रो को इधर उधर करने लगती है,


रवि- पर एक बात है भाभी


निशा -अपनी नज़रे फिर से रवि की ओर करके उसका मुँह देख कर उसके अगली बात का इंतजार करने लगती है, जब रवि आगे कुछ नही कहता है तो


निशा- बोलो क्या बात है


रवि- यही कि भैया आपको जितनी खूबसूरत कह रहे थे आप उतनी खूबसूरत नही है, बल्कि आप मेरे ख्याल मे दुनिया की


सबसे खूबसूरत औरतो मे से एक है, और फिर अपनी नज़रे अपनी भाभी के सामने ही उसकी मोटी-मोटी चुचियो की ओर गढ़ा कर अपने हाथ का दबाव उसकी चिकनी कमर मे बढ़ा देता है और फिर धीरे से अपनी भाभी को अपनी और खिच लेता है रवि की इस हरकत से निशा इधर उधर लोगो को देखने लगती है और उसकी साँसे थोड़ी तेज हो जाती है


दूसरी ओर पायल रवि को देख-देख कर लाल हो रही थी और उसका बस नही चल रहा था नही तो वह अभी जाकर रवि की पीठ


मे कस कर एक मुक्का मार देती,


रवि- भाभी आप बहुत कम बोलती हो क्या


निशा- अपनी नज़रो से उसे देखती हुई, क्यो


रवि- मे जब से आपके साथ डॅन्स कर रहा हू आप कुछ भी बात नही कर रही हो, क्या आप को मेरे साथ डॅन्स करना


पसंद नही है


निशा- नही ऐसी बात नही है, और अपने मन मे रवि को देखती हुई सोचने लगती है, यह कितना बड़ा कमीना लग रहा है


क्या यह सच मुच रोहित का सगा भाई है, जब से मेरे साथ डॅन्स कर रहा है इसकी नज़रे बार-बार मेरे दूध को ही घूर


रही है,







रवि- भाभी एक बात कहु


निशा- कहो


रवि- सच बोलना भाभी अभी आप मेरे बारे मे ही सोच रही थी ना


निशा उसकी बात सुन कर अपना मुँह फाडे उसे देखने लगती है और सोचने लगती है, यह जितना कमीना लगता है यह उतना है


नही यह तो कमिनो का भी कमीना है, मेरे मन तक के अंदर झाँक रहा है पता नही और क्या -क्या जान लेगा,


तभी निशा रवि को देखते हुए,


निशा- रवि अब बस करे मुझे प्यास लगी है


रवि- अपनी भाभी के गोरे मुखड़े को देख कर मुस्कुराता हुआ, भाभी प्यासा तो मे भी हू पर अब आप कहती हो तो ठीक है


जाइए अपनी प्यास बुझा लीजिए और निशा की कमर से अपना हाथ हटा लेता है, निशा जल्दी से उसके पास से दूर चली जाती है और


फिर उसको कुछ रिलॅक्स महसूस होता है, निशा अपनी सांस लेते हुए अपने आप से बाते करती हुई, ओह गॉड कितना क्रिटिकल लड़का है


इसकी फ़ितरत कुछ अलग ही नज़र आती है, पूरा दिन मस्ती करने के बाद रोहित रवि और पायल को वापस चलने के लिए तैयार होने


को कहता है, पायल अपनी पॅकिंग करके रवि के पास आकर


पायल- चल रवि मे तो रेडी हो गई


रवि- उसको चुन्नी ड्रेस मे देख कर, तुमने अभी तक यही ड्रेस पहना हुआ है क्या यही पहन कर चलॉगी,


पायल- क्यो इसमे क्या दिक्कत है


रवि- दिक्कत तो कुछ नही है पर स्कर्ट और टॉप पहन लेती तो सफ़र मे तुम्हे कॉंफिरट महसूस होता, जाओ स्कर्ट और टॉप पहन


लो, पायल उसको घूर कर देखती हुई कुछ सोचने लगती है और फिर नही मे तो इसी मे ठीक हू


रवि- थोड़ा गुस्सा होकर पायल की आँखो मे देखता हुआ, ओफ्फ हो दीदी तुम्हारी नई ड्रेस बेकार मे खराब हो जाएगी, जाओ


स्कर्ट और टॉप पहन लो,


पायल- रवि की बात सुन कर कुछ मुश्किल मे पड़ जाती है और फिर सोचने लगती है, कमीना कितना खराब है स्कर्ट पहनने


को इसलिए कह रहा है कि रात को मेरी चूत को आराम से सहला सके, सच तो यह था कि पायल की चूत भी यह सब सोच कर


फूलने लगी थी, और वह तो नही चाह रही थी कि वह अपनी ड्रेस चेंज करे लेकिन उसकी चूत की मीठी-मीठी खुजली उसको


ड्रेस चेंज करने पर मजबूर कर देती है, रवि तैयार होकर बाहर बैठा हुआ था तभी पायल को जब उसने स्कर्ट और टॉप


मे बाहर आते देखा तो मुस्कुराए बिना नही रह सका और पायल भी उसके पास आकर मुस्कुराने लगी, दोनो की नज़रे एक


दूसरे से मिलती है तो रवि पायल की आँखो मे देख कर उसकी ओर आँख मार देता है और पायल अपनी नज़रे इधर उधर


घूमते हुए मंद-मंद मुस्कुराने लगती है,


रवि- दीदी एक बात कहु


पायल- उसको मुस्कुरा कर देखती हुई, क्या


रवि- दीदी जब तुम चुन्नी ड्रेस पहनती हो तो पूरी औरत नज़र आती हो और जब तुम स्कर्ट और टॉप पहनती हो तो एक लड़की की तरह दिखने लगती हो,


पायल- अच्छा, तो तुझे कौन ज़्यादा अच्छी लगती है लड़की या औरत


रवि- यह बहुत मुस्किल सवाल है इसका जवाब तो मे दूँगा लेकिन अभी नही


पायल उसको घूर कर देखती हुई अपने मन मे, कमिने मे सब जानती हू, तुझे तो चूत अच्छी लगती है चाहे वह औरत की


हो या लड़की की


शाम को 7 बजे करीब रोहित अपने बॉस से विदा लेकर अपने भाई और बहन को अपने साथ स्कार्पियो मे बैठा कर अपने घर की


और उड़ने लगता है,


रवि अपने मुँह को अपनी दीदी की ओर करके उसको देखता रहता है और पायल की नज़रे सामने रोड पर रहती है लेकिन वह अपनी


तिरछी नज़रो से रवि की नज़रो को देखती रहती है


रात को करीब 10 बजे तीनो एक ढाबे पर खाना खाते है उसके बाद फिर से स्कारिओ मे सवार हो कर उड़ने लगते है, पायल


सीधे बैठी हुई अपनी आँखे खोले रोड पर देखती रहती है और बीच-बीच मे रवि की ओर देख लेती है, जब वह रवि की


और देखती है तो रवि को अपने आप को देखते हुए पाती है और फिर जब उसकी नज़रे रवि की नज़रो से मिलती है तो रवि के सीरीयस चेहरे को देख कर उसका भी चेहरा कुछ सीरीयस हो जाता है,



रवि- पायल की आँखो मे देख कर अपनी मुँह को उचकाता हुआ देखता है जैसे पूछ रहा हो क्या है, और पायल उसकी


आँखो मे देखती है, उसका पूरा मुँह वासना की आग मे सुलगता हुआ नज़र आ रहा था,


रवि- पायल की ओर देख कर मुस्कुराता हुआ, दीदी लगता है आपको नींद आ रही है, लाइट बंद कर दू क्या,


पायल- रवि की ओर देखती है और अपने सूखे होंठो को अपनी जीभ से गीला करती हुई, चुपचाप बैठी रहती है


रवि- पायल के दूध को उसकी आँखो के सामने ललचाई नज़रो से देखता है और पायल उसकी कमिनि नज़रो को देख कर अपनी नज़रे नीचे कर लेती है,


पायल रवि से कम से कम एक हाथ की दूरी पर बैठी थी,


रवि- धीरे से दीदी


पायल- अपनी नज़रे उठा कर रवि की और देखती है उसका मुँह काफ़ी सीरीयस लग रहा था


रवि- अपने हाथ को अपने साइड मे सीट पर हल्के से मारते हुए अपना मुँह हिलाकर उसको अपने पास सरकने का इशारा करता है, और उसके इस तरह के इशारे से पायल का चेहरा कुछ लाल होकर और भी सीरीयस हो जाता है, जब पायल रवि को सिर्फ़ अपनी आँखे फाडे देखती रहती है, पर उसके पास नही सरकती है, तब रवि दुबारा पायल को सीट पर हाथ मार कर अपने पास आने का इशारा करता है, इसबार पायल अपनी नज़रे दूसरी ओर कर लेती है, तभी रवि अपना हाथ पकड़ कर पायल के हाथ को पकड़ कर अपनी और धीरे से खिचता है और पायल उसको घूर कर देखने लगती है, रवि कुछ फोर्से करता हुआ पायल के हाथ को खिच कर अपने पास सरक आने का इशारा करता है और पायल इस बार उससे अपना हाथ छुड़ाते हुए, धीरे से उसके थोड़ा करीब सरक कर बैठ जाती है, अब रवि और पायल के बीच सिर्फ़ एक बीते का अंतर था, पायल अपनी नज़रो को नीचे झुकाए बैठी रहती है और उसकी चूत बिना कुछ किए ही पानी छोड़ने लगती है, रवि अपनी दीदी को घूर कर देख रहा था और उसका लंड भी तन चुका था,


रोहित- ड्राइव करते हुए, आगे की ओर ही देखता हुआ, क्या बात है तुम दोनो बहुत चुप-चुप बैठो हो नींद आने लगी है


क्या, लगता है तुम दोनो काफ़ी थक गये हो


रवि- नही भैया मुझे तो नींद नही आ रही है पर शायद दीदी को नींद आ रही है, अभी-अभी उन्होने एक झपकी भी ली


थी,


रवि की बात सुन कर पायल रवि को देखने लगती है,


रोहित- अच्छा ठीक है तुम दोनो सो जाओ मे हल्की आवाज़ मे म्यूज़िक लगा देता हू और रोहित म्यूज़िक शुरू कर देता है, और


रवि से कहता है रवि चाहो तो पीछे की लाइट ऑफ कर दो,


रवि- जी भैया और रवि पायल को मुस्कुरा कर देखता हुआ लाइट ऑफ कर देता है,


फिर रवि जब पलट कर पायल को देखता है तो पायल की आँखे और वासना मे डूबा हुआ उसका चेहरा उसे साफ दिखाई दे रहा था, दोनो की नज़रे एक दूसरे की आँखो को साफ देख रही थी, यहाँ तक की रवि की मुस्कुरहत भी पायल को नज़र आ गई और उसने अपनी नज़रे सामने रोड की और लगा दी, कुछ देर ऐसे ही बैठे रहने के बाद अचानक रवि ने अपने एक हाथ को पायल की मोटी गदराई जाँघ पर रख दिया और पायल एक दम से रवि को देखने लगी, दोनो की नज़रे मिली और रवि ने पायल को आँख मार दी, उसकी इस हरकत से पायल ने अपनी नज़रो को दूसरी और घुमा लिया, रवि धीर-धीरे अपनी दीदी की गदराई मोटी जाँघो को अपने हाथ से दबाने लगा और पायल चुपचाप बिना किसी विरोध के अपनी आँखे खोले रोड की ओर देख रही थी,


थोड़ी देर तक रवि ने अपनी दीदी की मोटी गुदाज गदराई जाँघो पर अपना हाथ फेरा फिर उसने अपनी दीदी की कलाई को पकड़ कर अपनी और खिचना चाहा तो पायल उसको घूर कर देखने लगी, पायल का पूरा चेहरा लाल हो रहा था और उसकी साँसे भी अबनॉर्मल लग रही थी, पायल ने अपने हाथ को रवि के हाथ से छुड़ाने की कोशिश की तो रवि ने उसकी और घूर कर देखते


हुए उसकी कलाई को हल्के से मोड दिया, उसके द्वारा कलाई मोड जाने का हल्का दर्द पायल के चेहरे पर दिखाई देने लगा


और पायल रवि को आँखे फाडे घूर रही थी, तभी रवि उसके हाथो को अपने मुँह की और ले जाता है और अपने होंठो से


अपनी दीदी के हाथ को चूम लेता है, पायल अपनी आँखे फाडे उसकी इस हरकत को देख रही थी और फिर एक दम से अपना हाथ अपनी ओर खिच लेती है, रवि उसकी बाँहे पकड़ कर उसको अपनी और खिचता है और पायल उसको देखती है पर उसकी ओर नही सरकती है,


रवि पायल को देख कर मुस्कुरा देता है और खुद उसके पास सरक कर उससे सॅट कर बैठ जाता है और पायल अपनी आँखे


सामने की ओर करके रोड की ओर देखने लगती है, रवि अपने हाथ को उसके सर के पीछे से उसके गले मे डाल कर उसके बाजू को दबाता हुआ अपनी ओर उसके जिस्म को खिच कर सटा लेता है, पायल उसकी आँखो मे देखती हुई उससे दूर हटने का प्रयास करती है तभी रवि अपने होंठो को उसके गुलाबी गाल से सटा कर उसको अपनी ओर दबाते हुए अपने होंठो से उसके गाल को सहलाने लगता है, उसकी इस हरकत से पायल की आँखे बंद हो जाती है और उसका विरोध ख़त्म हो जाता है, रवि थोड़ी देर तक उसके गालो को अपने होंठो से चूमता हुआ अचानक उसी हाथ से जिसको उसके गले मे डाल कर उसकी बाँहो को अपनी ओर दबाता है उसी हाथ से पायल के दूसरे साइड के गाल पर अपना हाथ लगाकर उसके मुँह को अपनी और घुमाता है और


अपनी दीदी के रसीले होंठो को अपने मुँह मे भर कर चूसने लगता है, उसकी इस हरकत से पायल के हाथ पाँव काँपने लगते


है और वह तड़प जाती है, रवि जब उसके होंठो को अपने मुँह से छोड़ता है तो पायल की साँसे बहुत तेज हो जाती है और वह रवि को अपने से दूर धकेलने लगती है लेकिन ना वह दूर सरकती है और ना ही उसके दूर धकेलने मे उसके हाथो मे कोई ज़्यादा ताक़त होती है,


रवि उसका मुँह फिर से अपनी ओर घुमाता है और पायल की नज़रे रवि की आँखो मे देखती है और फिर पायल अपनी नज़रो को दूसरी ओर कर लेती है लेकिन रवि फिर से अपने हाथो से उसके गालो को थाम कर फिर से अपनी दीदी के रसीले होंठो को चूम लेता है, इस बार पायल थोड़ी ताक़त से रवि के मुँह को अपने हाथ से दूर धकेल देती है, रवि अपने मुँह को उसके मुँह से हटा लेता है और उसके गले मे हाथ डाले उसको देखने लगता है लेकिन पायल उससे अपनी नज़रे नही मिलाती है और गहरी-गहरी साँसे लेती हुई रोड की और देखती रहती है, पूरी गाड़ी मे एक सन्नाटा पसरा हुआ था बस म्यूज़िक की मध्यम आवाज़ ही उनकी सांसो की आवाज़ को दबा पा रही थी.


रोहित- सामने देख कर ड्राइव करता हुआ, अरे तुम दोनो सो गये क्या,


रोहित की आवाज़ सुन कर पायल रवि को देखने लगती है, और रवि पायल को देख कर


रवि- नही भैया मे जाग रहा हू जबकि दीदी सो गई है,


रवि की बात सुन कर पायल रवि के बाजू मे एक मुक्का मारती है और जल्दी से सीट से टिकते हुए अपना सर टिका कर अपनी आँखे बंद कर लेती है


रवि पायल की इस हरकत को देख कर मंद-मंद मुस्कुराने लगता है, और पायल के आँख बंद किए हुए खूबसूरत हुस्न


को अपनी नज़रो से देखने लगता है, कुछ देर बाद पायल अपनी आँखे धीरे से खोल कर रवि की ओर देखती है तो रवि उसे ही घूर रहा था, पायल रवि को अपनी और देखती है और उसके चेहरे पर एक मुस्कान आ जाती है और वह फिर अपनी आँखे बंद कर लेती है, रवि धीरे से अपने सर को सीट से टिकाते हुए अपने हाथ को पायल की गदराई मोटी जाँघ पर रख कर धीरे-धीरे अपने हाथ को उसकी जाँघ पर फेरने लगता है और पायल अपनी आँखे बंद किए रहती है, तभी रवि पायल की जाँघो को थोड़ी ताक़त से दबाते हुए अपने मुँह को उसके कान के पास ले जाकर धीरे से उसके कान मे


रवि- दीदी सो गई क्या


पायल- अपनी आँखे खोल कर मुस्कुराते हुए उसके चेहरे को अपने कान से दूर हटते हुए उसको घूर कर देखती है. रवि


अपने दूसरे हाथ से पायल की बाँहो को अपनी और दबाता हुआ अपने मुँह को फिर से उसके कान के पास लेजा कर


रवि- दीदी एक बार मुझसे चिपक जाओ ना और पायल के जिस्म को अपने उपर खिचते हुए उसको कस कर अपने जिस्म से चिपका लेता


है और पायल उससे दूर हटने का प्रयास करती है, तभी रवि उसके रसीले होंठो को अपने होंठो मे भर कर कस कर उसके


होंठो को चूसने लगता है और पायल के हाथ पाँव ढीले हो जाते है, तभी रवि अचानक अपनी दीदी के रसीले होंठो को पीता


हुआ अपने दूसरे हाथ से अपनी दीदी की मोटी-मोटी कसी हुई एक चुचि को अपने हाथो मे भर कर कस कर दबाने लगता है,


उसकी इस हरकत से पायल पागल हो जाती है और एक दम से रवि से कस कर चिपक जाती है,


रवि अपनी दीदी को कस कर अपनी बाँहो मे भर लेता है और पागलो की तरह उसकी कसी हुई दोनो चुचियो को बारी-बारी से दबाता हुआ उसके रसीले होंठो का रस पीने लगता है, पायल की चूत रवि की इस हरकत से पानी -पानी हो जाती है और रवि का


मोटा लंड पेंट फाड़ने का प्रयास करने लगता है, रवि अपनी दीदी के रसीले होंठो को चूमता हुआ जी भर कर उसकी गदराई


कसी हुई चुचियो को कस-कस कर दबाता रहता है, फिर रवि जब पायल के होंठो को आज़ाद करता है तो एक दम से पायल


को होश आता है और वह रवि को दूर धकेल देती है और रवि की ओर देखने लगती है जो ड्राइव करने मे मस्त था,


रवि- पायल का हाथ पकड़ कर अपनी और खिचता है तो पायल अपना हाथ छुड़ाते हुए उसको घूर कर अपनी आँखे दिखाती


है, रवि उसको जबरन अपनी ओर खिचने की कोशिश करता है और पायल उसको धकेल कर सीट के एक दम कोने मे जल्दी से जाकर बैठ जाती है और रवि को देख कर मुस्कुराने लगती है, रवि अपने मुँह के इशारे से उसको अपने पास आने को कहता है चुकी रवि अपने भैया के जस्ट पीछे होता है इसलिए वह पायल की ओर नही जा सकता था क्यो कि यदि रोहित एक दम से अपनी गर्दन पीछे की ओर घुमाता तो उसकी नज़र उन दोनो पर पड़ सकती थी, रवि इशारे से पायल को अपने पास आने को कहता है


लेकिन पायल दूर बैठी मुस्कुराती हुई उसको अपना अगुंता दिखती है, रवि वही से अपना हाथ बढ़ा कर पायल के हाथ को


पकड़ने की कोशिश करता है तो पायल अपना हाथ अपनी पीठ के पीछे छुपा लेती है, तभी रवि उसकी जाँघो पर हाथ बढ़ा


कर एक चींटी काट देता है और पायल गुस्सा खाकर उसके बाजू मे एक मुक्का मारती है, और उसके मुँह से ज़ोर से निकल जाता है, कमीना कही का,


रोहित- क्या हुआ पायल नींद मे क्यो बड़बड़ा रही है,


रोहित की आवाज़ सुन कर पायल झट से अपनी आँखे बंद करके सोने का नाटक करने लगती है और रवि उसको देख कर


मुस्कुराने लगता है, तभी रवि अपने हाथ को बढ़ा कर पायल की स्कर्ट को उसकी जाँघो से उठा देता है और पायल अपनी स्कर्ट नीचे करती हुई रवि को अपनी आँखे निकाल कर देखती है तो रवि उसको दूर से ही चूमने का इशारा करता है, पायल उसकी ओर अपनी जीभ निकाल कर मुँह चिड़ाती है, रवि इशारे से उससे रिक्वेस्ट करता हुआ दीदी एक बार मेरी बाँहो मे आओ ना,


पायल- उसको मारने का इशारा करती हुई धीरे से बुदबुदाती है, कमीना कही का, तभी रवि पायल की ओर इशारा करके अपने


दिमाग़ पर अपनी उंगली लगाते हुए मुस्कुराता है और


भैया कही गाड़ी रोको ना मुझे बहुत ज़ोर से पेशाब आया है, उसकी बात सुन कर पायल उसको देखने लगती है और जैसे ही


रोहित गाड़ी को स्लो करके साइड मे लगाता है पायल सोने की आक्टिंग करने लगती है, रोहित गाड़ी से उतर कर नीचे आ जाता है और रवि भी उतर कर एक साइड मे पेशाब करने लगता है, दो मिनिट तक दोनो भाई बाहर की हवा लेते है उसके बाद रोहित फिर से ड्राइविंग सीट पर आकर बैठ जाता है पर रवि इस बार जिधर पायल बैठी थी उधर का गेट खोलता है और पायल थोड़ी सी आँख खोल कर रवि को देखती है तभी रवि पायल की मोटी गान्ड मे एक चींटी काट देता है जिससे पायल उछल कर दूसरी ओर


सरक जाती है और रवि जल्दी से गाड़ी के अंदर पायल से सॅट कर बैठ जाता है और पायल उसको घूर कर देखती हुई दूसरी तरफ सरक जाती है, अब पायल रोहित के बिल्कुल पीछे हो जाती है और रवि अपने माइंड की ओर इशारा करता हुआ पायल को देख कर मुस्कुराता है, पायल उसको देख कर मुस्कुराते हुए, अपने मन मे कमीना कितना स्मार्ट है मानना पड़ेगा,







स्कार्पीओ अपनी रफ़्तार से उड़ी जा रही थी और पायल जो की सीट के बिल्कुल किनारे एक कोने मे सिमटी हुई अपने चेहरे पर एक गहरी


खामोशी लेकिन आँखो मे चमक और होंठो पर हल्की मगर प्यारी सी मुस्कान लिए बैठी थी, रवि अपनी दीदी के अंदाज़े


हुस्न को देख कर मस्त हो रहा था और बड़ी ही कातिल निगाहो से देखती हुई अपनी दीदी को मुस्कुरा कर देख रहा था, तभी


रवि धीरे से अपनी दीदी की ओर सरकता है और उसकी दूरी अपनी दीदी से कुछ कम हो जाती है और पायल की मुस्कान बढ़ने लगती


है, रवि धीरे से थोड़ा और सरकता है और उसकी दूरी उसकी दीदी से थोड़ी और कम हो जाती है और पायल की मुस्कान और बढ़


जाती है, अब रवि अपने हाथो की दो उंगलियो को सीट पर किसी घोड़े की तरह धीरे-धीरे दौड़ाते हुए अपनी दीदी की मोटी जाँघो


तक पहुचा देता है और इस बार पायल की मुस्कान एक दम से गायब हो जाती है और उसका चेहरे पर एक अजीब सी सूजन आ जाती


है और उसके होंठ काँपने लगते है और उसकी आँखो की पुतलिया अपने नियंत्रण को खो कर इधर उधर मटकने लगती है,


रवि अपने पूरे हाथ को अपनी दीदी की मोटी-मोटी गदराई हुई मखमली जाँघो पर रख देता है और पायल की साँसे कुछ तेज


होने लगती है यह बात उसके मोटे-मोटे कसे हुए दूध उपर नीचे होकर बताने लगते है, रवि धीरे से पायल की स्कर्ट


को उसकी जाँघो से उपर चढ़ाने लगता है और पायल अपने आपको उससे बचाने की कोशिश करने लगती है, तभी


रवि- भैया मे भी सो जाउ मुझे भी नींद आ रही है,


रोहित- ठीक है रवि


पायल रवि को मुस्कुरा कर देखती है और रवि अपनी दीदी के बिल्कुल करीब आ जाता है और उसके चेहरे को अपने हाथो मे


भर कर उपर उठाता है, पायल रवि की आँखो मे घूर कर देखती है उसके चेहरे से हसी गायब हो चुकी होती है, रवि


जैसे ही अपनी दीदी के होंठो पर अपने होंठ रखता है पायल अपनी आँखे बंद कर लेती है, रवि अपनी दीदी को अपनी ओर


खिचता है और पायल बिना किसी विरोध के रवि के करीब सरक जाती है और रवि उसके मोटे-मोटे दूध को अपने हाथो मे


भर कर कस कर दबाता हुआ अपनी दीदी के रसीले होंठो को चूस-चूस कर उसका रस पीने लगता है, पायल अपनी आँखे बंद


किए हुए अपने होंठो का रस अपने भाई को पिलाती रहती है और रवि अपनी दीदी के मस्त-मस्त कसे हुए आमो को मसलता


रहता है, रवि अपने हाथ को अपनी दीदी के गले मे डाल कर उसे अपने सीने से चिपका कर उसके रसीले होंठो को पिए जा रहाथा, कुछ देर बाद रवि अपनी दीदी के होंठो और गालो को अपने होंठो से चूमता हुआ उसके टॉप के दो बटन खोल कर अपने


हाथ को अपनी दीदी के नंगे दूध पर जैसे ही रखता है पायल की साँसे रुकने लगती है और रवि को जब अपनी दीदी की मोटी-


मोटी लेकिन एक दम सख़्त और कठोर चुचियो का स्पर्श मिलता है तो रवि पागल होने लगता है और अपनी दीदी के कठोर


दूध को अपने हाथो मे पूरा भर कर उनको कस-कस कर दबाते हुए उनका रस निचोड़ने लगता है.


रवि की इस हरकत से पायल की चूत से ढेर सारा पानी बहने लगता है और वह रवि के जिस्म से अपने जिस्म को कस कर चिपकाने


की कोशिश करती है, रवि अपनी दीदी के नंगे दूध को कस-कस कर अपने हाथो से मसलता रहता है, तभी रवि अपने हाथ


को अपनी दीदी की चुचियो से बाहर निकाल कर उसकी कमर मे हाथ डाल कर उसे थोड़ा अपनी और खीच कर उसके रसीले होंठो


को अपने मुँह मे भर कर अपनी दीदी की जबरदस्त मोटी और गदराई जाँघो को अपने हाथो मे भर-भर कर मसल्ने लगता


है और अपने हाथ को थोड़ा पीछे लेजा कर जब अपनी दीदी की मोटी गान्ड को दबोचता है तो रवि को मज़ा आ जाता है वह अपनी


दीदी की स्कर्ट को उपर तक चढ़ा कर उसकी गदराई जाँघो और फैली हुई गान्ड को अपने हाथो मे भर -भर कर मसल्ते


हुए अपनी दीदी के होंठो को चूमने लगता है,


कुछ देर बाद रवि अपनी दीदी के होंठ चूस्ते हुए जैसे ही अपना हाथ अपनी दीदी की पेंटी मे कसी हुई फूली चूत पर रख कर


अपनी दीदी की फूली हुई चूत को एक दम से अपने हाथो मे भर कर दबाता है तो पायल एक दम पागल हो जाती है और अपनी


जीभ बाहर निकल कर अपने भाई के मुँह मे दे देती है और रवि अपनी दीदी की रसीली जीभ को अपने मुँह मे भर कर उसकी


फूली हुई गदराई चूत को अपने हाथो मे भर कर दबोच-दबोच कर मसल्ने लगता है, पायल पूरी मस्ती मे आ जाती है


और अपनी जीभ को अपने भाई के मुँह मे देती हुई अपनी जाँघो को थोड़ा सा फैला देती है जिससे रवि का हाथ पूरी तरह अपनी


दीदी की पेंटी मे कसी हुई गदराई चूत पर कस जाता है, तभी रवि अपनी दीदी की स्कर्ट के अंदर से ही हाथ डाले-डाले अपने हाथ को अपनी दीदी के पेट की तरफ ले जाकर अपनी दीदी की पेंटी के एलास्टिक मे अपना हाथ भर कर एक दम से अपनी दीदी की नंगी फूली हुई चूत को अपने हाथो मे भर लेता है और उसकी इस हरकत से पायल सिहर जाती है और अपने भाई का दूसरा हाथ खुद ही पकड़ कर अपने दूध पर रख लेती है और अपने भाई के मुँह मे अपनी रसीली जीभ को अंदर तक भरने की कोशिश करने लगती है,




रवि अपनी दीदी की रसीली जीभ का रस पीते हुए अपने एक हाथ से उसके मोटे-मोटे दूध को कस-कस कर दबोचता हुआ अपने दूसरे हाथ से उसकी मखमली चिकनी फूली हुई चूत को मसल्ने लगता है, तभी जब रवि अपनी दीदी की फूली हुई चूत की फांको के बीच की गहराई मे अपने हाथो की उंगलियो को भरता है तो पायल पागल हो जाती है और ज़ोर से सीस्याना चाहती है लेकिन उसकी जीभ अपने भाई के मुँह मे होने की वजह से वह सीसीया नही पाती है और रवि अचानक अपनी दो उंगलिया अपनी दीदी की चूत के छेद मे भर देता है और पायल अकड़ जाती है और उसका शरीर कमान की तरह तन जाता है जिससे उसकी


कठोर और बड़ी-बड़ी चुचिया और कठोर होकर बाहर की तरफ और ज़्यादा तन जाती है, ऐसी कसी हुई तनी चुचियो को


दबाने मे रवि को आनंद आ जाता है और वह अपनी दीदी की चूत मे अपनी उंगली डाले हुए हुसके होंठो को चूमता रहता


है, पायल के होंठ चूस-चूस कर रवि बिल्कुल लाल कर देता है, पायल अपना मुँह उसके होंठो से हटा लेती है और उसके गले


से चिपक जाती है रवि अपनी दीदी की चूत मे अपनी उंगली को डाले हुए उसके मोटे-मोटे दूध को दबाता हुआ, उसके कान मे धीरे से, दीदी मेरी तरफ देखो और उसके चेहरे को अपने हाथो से पकड़ कर अपने मुँह के सामने लाता है, पायल अपनी


आँखे बंद किए हुए बैठी रहती है और रवि उसके होंठो को चूमता है और फिर अपना मुँह हटाता है,


फिर दुबारा उसके होंठो को चूमता है और फिर हटाता है, तब पायल अपनी आँखे खोल कर रवि को देखती है, अचानक


रवि उसकी चूत मे डाली हुई उंगली को निकाल कर अपनी जीभ से पायल के सामने चाटता है तो पायल मारे शर्म के मुस्कुराकर


रवि के सीने से चिपक जाती है, रवि उसको अपनी बाँहो मे भर कर उसके मोटे-मोटे दूध को कस-कस कर मसल्ते हुए रवि


उसकी चूत मे फिर से अपनी उंगली डाल कर सहलाने लगता है, पायल की चूत पानी छोड़ने लगती है और रवि पायल को सीट से टीका कर आराम से उसकी टाँगे फैला कर बैठा देता है और उसकी पेंटी को एक साइड सरका कर उसकी चूत को अपनी उंगलियो से


सहलाता हुआ पायल को देखता है, पायल अपनी आँखे खोल कर रवि को देखती है और रवि अपनी दीदी की चूत के रस से भीगी हुई उंगलियो को अपनी दीदी को दिखा कर अपने होंठो से चाट लेता है, पायल पूरी मस्त हो चुकी थी और रवि की इस हरकत को देख कर थोड़ा मुस्कुराकर फिर से अपनी आँखे बंद कर लेती है और अपनी जाँघो को फैलाए हुए अपने भाई से अपनी चूत मसल्वाती रहती है,


दोनो को इसी तरह मस्ती मारते-मारते रात के 2 बज जाते है और कब स्कार्पीओ उनके गेट के सामने जाकर पहुच जाती है उन्हे पता भी नही चलता है, तभी


रोहित- अरे भाई अब जाग जाओ घर आ गया है, रोहित की आवाज़ सुन कर पायल हड़बड़ा कर अपनी स्कर्ट नीचे करती है और रवि जबरन जमहाई खाते हुए उठ कर बैठते हुए जानबूझ कर पायल की चुचियो को पकड़ कर मसल्ते हुए दीदी उठो घर आ गया और पायल उसकी हरकत पर मुस्कुरा कर उसका हाथ अपनी चुचियो से हटा कर उसको एक मुक्का उसकी पीठ पर मारती हुई,


कमीना कही का, और फिर तीनो स्कार्पीओ से उतर कर अपना-अपना समान लेकर घर के अंदर एंटर हो जाते है.


रात काफ़ी हो गई थी इसलिए सब अपने-अपने बेड पर जाते ही सो गये, सुबह-सुबह रवि और पायल कॉलेज के लिए चल देते है,


कॉलेज पहुच कर पायल सीधे क्लास की ओर जाने लगती है,


रवि- दीदी


पायल-पलट कर क्या है


रवि- दीदी तुम आज ठीक से बात क्यो नही कर रही हो


पायल- मेरी मर्ज़ी, और तुनक कर चल देती है


रवि- अपने आप से बात करता हुआ, ये लोंदियो की जात ही साली ऐसी होती है, रात को तो गान्ड मराने को तैयार हो गई थी और अभी ऐसा लग रहा है जैसे मुझे जानती ही नही, फिर भी रवि की नज़र अपनी दीदी के मटकते चुतडो से हटी नही जब तक की वह उसकी नज़रो से ओझल नही हो गई,


क्लास मे पहुच कर रवि की नज़र सबसे पहले उस सीट पर पहुचि जहाँ सोनिया बैठती थी, रवि ने देखा कि सोनिया अपनी


कॉपी मे कुछ लिख रही थी, वह अपनी सीट पर जाकर बैठ गया, कुछ देर तक वह सोनिया को देखता रहा फिर अचानक


सोनिया ने नज़रे उठा कर रवि की ओर देखा और दोनो की नज़रे मिली तो सोनिया मुस्कुरा दी, रवि अपने मन मे चलो ये तो कम से कम लाइन पर है, आज वैसे काफ़ी सेक्सी लग रही है, खुले हुए बाल, भरा हुआ चेहरा ऐसा लग रहा है आज मc मे है,


रवि- अपने पास बैठे चस्मे वाले लड़के से यार एक बात पुच्छू


अजय- अपने चश्मे की आड़ से रवि को देखता हुआ पूछो


रवि- यार ये मc का क्या मतलब होता है


अजय- कुछ सोच कर, यार अभी तक तो सर ने ये टॉपिक पढ़ाया ही नही है वैसे कौन से चॅप्टर मे है यह टॉपिक


रवि- अपना सर पकड़ कर, तेरी मम्मी है घर मे


अजय- हॅ


रवि- जाकर अपनी मम्मी से पूछना क्यो कि यह टॉपिक हमारी बुक मे नही है, इसके बारे मे तो तेरी मम्मी ही बता पाएगी


अजय- लेकिन पूछुगा क्या


रवि- यही कि मम्मी जी मc का औरतो से क्या संबंध होता है


अजय- क्यो मc का संबंध औरतो से होता है क्या


रवि- हाँ यह औरतो का एक सबसे महगा गहना होता है, अपना खून देकर इस गहने की कीमत चुकाना पड़ती है


अजय- तो क्या मेरी मम्मी ने यह गहना खरीदा होगा


रवि- अबे जब तेरी मम्मी 12-13 साल की होगी तभी यह गहना उसने खरीद लिया होगा, यह गहना ना होता तो तू मेरे बगल मे चश्मा लगाए ना बैठा होता,


अजय- अपन सर खुजाते हुए, यार तुम बहुत गोल-मोल बाते करते हो


रवि- अच्छा तुझे अभी मालूम करना है क्या


अजय- हाँ


रवि- तो एक कम कर वो जो सोनिया बैठी है ना वह इस टॉपिक की एक्सपर्ट है जा उससे जाकर पूछ कि सोनिया क्या आज तुम मc मे हो


अजय- तो क्या वह बता देगी


रवि- ओफ़कौरसे यार वह अभी के अभी तुझे बता कर तेरा कन्फ्यूषन दूर कर देगी


अजय- ओके और अजय सोनिया के पास जाता है,


अजय- हेलो सोनिया


सोनिया- हाई


अजय- सोनिया मे एक सवाल पूछ सकता हू


सोनिया- पूछो


अजय- सोनिया क्या आज तुम मc मे हो


सोनिया- सटाक, अजय के गाल पर ऐसा थप्पड़ मारती है कि पूरी क्लास मे उसकी आवाज़ गूँज जाती है और अजय चुपचाप अपनी सीट छोड़ कर अपना मुँह दबाए हस्ता हुआ बाहर निकल जाता है और उधर सोनिया भी उसके बेहूदा सवाल से नाराज़ होकर बाहर आ जाती है, पर अजय यह नही समझ पाता है कि आख़िर मेने ऐसा क्या कह दिया कि सोनिया ने इतना ज़ोर का थप्पड़ मेरे गाल पर जड़ दिया,


रवि- हाई सोनिया


सोनिया- मुस्कुरा कर, और रवि कैसे हो


रवि- मे तो अच्छा हू लेकिन तुम मुझे कुछ ठीक नही दिखाई दे रही हो


सोनिया- क्यो


रवि- तुम्हारा चेहरा देख कर लगता है कि तुम मुझे मिस कर रही थी


सोनिया- मुस्कुरा कर मे और तुम्हे मिस करू


रवि- क्यो मे मिस करने लायक नही हू क्या


सोनिया- मिस तो मे पायल को कर रही थी, कहाँ है वह


रवि- वो तो अपनी क्लास मे है, चलो हम लोग एक-एक कॉफी लेते है


सोनिया- नही मेरा मन नही कर रहा है


रवि- तो फिर क्या इरादा है


सोनिया- कुछ नही अभी कुछ देर बाद वापस क्लास मे जाउन्गि पर तुम क्लास से बाहर क्यो आ गये


रवि- ताकि तुम भी मेरे पीछे आ जाओ


सोनिया- हेलो मे कोई आपके पीछे नही आई हू


रवि- उसके दूध को उसकी नज़रो के सामने देख कर सोनिया तुम बहुत खूबसूरत हो सच तो यह है कि मे ही तुम्हारे पीछे


आ जाता हू


सोनिया- देखो रवि मुझे इन बातो मे कोई दिलचस्पी नही है सो प्लीज़ मुझसे यह सब बाते ना किया करो


रवि- अच्छा मे तुमसे एक बात कहना चाहता हू लेकिन तुम्हे वादा करना होगा कि तुम किसी से नही कहोगी


सोनिया- कुछ सोच कर अच्छा ठीक है वादा रहा,


रवि- सोनिया मे तुम्हे पूरी नंगी देखना चाहता हू


रवि की बात सुन कर सोनिया सुन्न रह जाती है और वह एक दम से गुस्से मे आकर चल देती है


रवि- सोनिया सुनो तो


सोनिया- लीव मे अलॉन और आज के बाद मुझसे बात नही करना


रवि- सोनिया का हाथ पकड़ कर सुनो तो


सोनिया- अपना हाथ छुड़ा कर, डॉन'ट टच मी


रवि- बट आइ लव यू सोनिया


सोनिया- वॉट यू मीन आइ लव यू, तुम लव जैसे शब्द के लायक नही हो और उसका भी मज़ाक उड़ा रहे हो


रवि- वो कैसे


सोनिया- एक तरफ कहते हो कि मुझसे प्यार करते हो और दूसरी तरफ तुम्हारे मुँह से गंदी बाते मेरे लिए निकलती है


रवि- अच्छा एक बात सही-सही बताओ अगर तुमने सही जवाब दे दिया तो मे मान लूँगा कि मे प्यार करने के लायक नही हू,


जो लड़का जिस लड़की से प्यार करता है वह उससे राखी बँधवाएगा या फिर उसको नंगी देखेगा


सोनिया- मे नही जानती मुझे जाने दो


रवि- अच्छा यह तो बता दो कि फिर कब दिखा रही हो अपने इस गदराए हुस्न का जलवा और उसके सामने ही उसकी तनी हुई मोटी-मोटी चुचिया देखने लगता है,


सोनिया- वाकई मे रवि तुम बहुत बड़े कमिने हो


रवि- यह मेरे सवाल का जवाब नही हुआ


सोनिया- मे जा रही हू और तेज -तेज कदमो से चल देती है, रवि भी उसके पीछे चल देता है, सोनिया कॉलेज की लाइब्ररी मे घुस जाती है और रवि भी उसके पीछे वाहा पहुच जाता है, सोनिया एक बुक लेकर पढ़ने लग जाती है और रवि उसके सामने जाकर बैठ जाता है और उसे घूर कर देखने लगता है, सोनिया अपनी नज़रे किताबो पर गढ़ाए रहती है और रवि उसको मुस्कुराते हुए देखता रहता है, कुछ देर बाद सोनिया अपनी नज़र उठा कर रवि को देखती है तो रवि उसे आँख मार देता है, सोनिया जल्दी से अपनी नज़रे फिर से किताब मे लगा देती है, तभी रवि टेबल के नीचे से अपने पेर को आगे बढ़ा कर सोनिया की स्कर्ट उसके पेरो पर चढ़ाता हुआ उसकी गोरी-गोरी पिंडालियो पर अपने पेर फेरने लगता है, सोनिया उसकी हरकत को देख कर गुस्से मे अपनी आँखे निकाल कर रवि को दिखती है और रवि उसकी और मुस्कुरा कर अपने पेर पीछे खिच लेता है सोनिया फिर से अपनी नज़रे बुक पर लगा देती है तो रवि फिर से उसकी गोरी पिंडालियो को अपने पेर की पंजो से सहलाने लगता है और सोनिया इस बार फिर से उसको घूर कर देखती हुई अपने पेरो को थोड़ा पीछे खिचती है तो रवि अपने पेरो को थोड़ा सा और आगे करते हुए सोनिया की जाँघ तक पहुचा देता है, सोनिया उसकी इस हरकत पर उसे आँखे दिखाती हुई उसके पेरो को अपने परो से एक लात मारती है और उठ कर चल देती है, रवि उसके पीछे जाकर लाइब्ररी के गेट के बाहर उसका हाथ पकड़ लेता है,


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