Meri Doctor Maa Aur Behne Chapter 4
सौम्या गोपाल का लुंड चुस रही थी और मोहन की नजर सौम्या के गांद पेट ही, उसकी गांद बहुत ही मस्त थी... और जींस में तो और भी लाजबाब लग रही थी। मोहन, सौम्या के बड़े-2 छुत्रों को देख के अपने मन पर कबू नहीं रख पाया और सौम्या के पास जा कर उसे अपना हाथ सौम्य के गांद पे जींस के ऊपर से टीका दिया।
मोहन की बीबी ने आज तक अपनी गांद नहीं मरने दी थी और बेचारा हिजड़ों की गांद मार के अपनी गांद मार्ने की भुख शांत करता था।
आज उसके हाथ इतनी मस्त गांद लगी थी और वो इसे अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहता था।
सौम्या ने भी अपनी गांद पे मोहन के हाथों का एहसास किया और लगा की ये मेरी गांद मरना चाहता है। लुंड चुस चुस के वो भी गरम हो गई थी। आज लोगों की वजह से ही सही लेकिन उसे भुख संत हो रही थी। लेकिन एक इज़्ज़तदार औरत होने के ना नुकार कर रही थी।
मोहन अपना हाथ सौम्या के सुडोल छुटों पे घुमा रहा था और सौम्या, गोपाल का लुंड लॉलीपॉप की तरह से चुस रही थी।
मोहन से रहा नहीं जार आहा था और उसे सौम्या के जींस की जिप खोलने की कोषिश की।
सौम्या : प्लीज...और कुछ मत करो...अब छोड़ दो मुझे।
मोहन : हैं रानी... मैं कुछ नहीं कर रहा तेरी नंगी चुतर देखना चाहता हूं..
सौम्या : और कुछ नहीं करोगे ना...
मोहन : नहीं करुंगा...
फिर सौम्या ने मन नहीं किया और मोहन ने उसकी जींस निकल दी। जींस के आला उसे पिंक कलर की पैंटी पहनी हुई थी मोहन ने इस्तेमाल भी निकला दिया और अपने हाथ से सहलाने लगा।
सौम्या को बहुत ही मजा आ रहा था... और जोश में वो गोपाल के लुंड को जोर से अपने मुह के अंदर बाहर करने लगी...गोपाल को डबल मजा आने लगा...इसा लग रहा था की सौम्या का मुह आ ही छू घोड़ रहा है..
गोपाल आंख बंद किया हुआ अपना चुसा रहा था। मोहन ने सौम्या के चुत को तटोला तो हमसे पानी तपक रहा था। उसे सौम्या के चुट का पानी अपने हाथ पर लगा और सौम्या के गढ़ के छेद पे लगा... सौम्या यूज़ ऐसा करते देख सिहर गई लेकिन सच बात ये थी कि भी अपना गान मारवाने में बहुत मज़ा आता था और जब उसके पति जिंदा द चुत से ज्यादा उनसे अपना गांद ही मारबाती थी।
सौम्या की तरफ से कोई विरोध न देख के मोहन की हिम्मत बड़ी और उसे सौम्या के चुत का पानी अपने लुंड पे भी लगा और अपना लुंड सौम्या की गांद के छेद पे लगा दिया।
उसे सौम्या के पेडों को फेलया और उसके एक जोड़ी को गाड़ी के बंपर पर रखा और जैसा ही सौम्या की चुटार खुली उसे गांद की छेद भी सही से मोहन के लुंड के सामने आ गई और मोहन ने बिना किसी के लिए जोर का डक्का दे दिया।
सौम्या : आह…..ये क्या किया तुमने….
उसने अपने मुह से गोपाल का लुंड निकलते हुए बोली…लेकिन गोपाल भी अपने अंतिम चरण में था और उसे अपने बालों को पक्का कर अपना लुंड फिर से उसमें मुह में दाल दिया… कुछ गौर बोले हुए उसकी बात और ही राह गया लुंड उसके मुह के अंदर बाहर करने लगा और दुसरी तारफ मोहन ने दो चार दक्के में ही अपना पुरा लुंड सौम्या के गांद के और दाल दिया था… और तोरा रुके वो अपना लुंड बहार खिच के फिर से एक और दिया। .अब उसका रास्ता साफ था या सौम्या की कमर पक्कड़ के मोहन तबरतोर डक्का
लगान लगा और हर दक्के पे सौम्या की बड़ी-2 चुटार फेल जा रही रही थी।
सौम्या की हलत बहुत ही खराब थी क्योकी बेचारी इतने दिनो बाद सेक्स कर रही थी और एक ही साथ वो मुह और गांद में दोनो तरह से चुद रही थी।
के गोपाल और मोहन दोनो ने जोर से दक्के लगाने लगे और अगले 5 मिनट में दोनो ने अपना वीर्य निकला दिया... ऊपर गिरा दीया।
असल में वो जान गया था की सौम्या डॉ है...क्योकी उसे गाड़ी पे स्टिकर लगा था..और इसलिय उसे बिना कंडोम लगाये ही उसकी गान और छोड डाली...उसका सपना था की किसी डॉक्टर की गांद मारे और आज पूरा हो गया था।
मोहन ने सौम्या को उसके कपड़े दिए और हमें से मैफी भी मांग ली और फिर उपयोग सौम्या की गाड़ी तक छोड आया….
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जवाब
बकचोदइंजीनियर
मेहमान
#14 29-12-2019, 04:48 अपराह्न
अद्यतन 6
बेचारी सौम्या आज का दिन बहुत खराब था उसके लिए ... अस्पताल में उसे अपनी इज्जत बचाई लेकिन यहां खुले रोड पे दो गंदे से पुलिसवाले से चुद गई..
गनीमत ये थी की उन लोगों ने उसकी चुत नहीं मारी...लेकिन उसे इतनी बेरहमी से उसकी गांद मारी थी की उसे गांद में दर्द हो रहा था….
सौम्या ने अपनी गाड़ी सत्तार की और अपने घर की तरफ चल दी….
रोहित को नींद नहीं आ रही..एक तार उसके दिमाग में मोहित अंकल और मनीषा दीदी की चुदाई का देखा चल रहा था दसरी तरह वो बात की भी चिंता हो रही थी की उसकी मम्मी डॉ. सौम्या अभी तक घर वापस नहीं आई है..
उसे घर की तरफ देखा तो रात के दो बज रहे थे और मम्मी के फोन पे रिंग
जा रहा था लेकिन उधार से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रहा था उपयोग।
तबी डोर बेल बाजी और उसे देखा उसके बगल में मोहित अंकल गेहरी मुझे सो रहे थे। वो उठा और दरवाजा खोने के लिए गया..यूज लग गया की मम्मी आ गई है..रूम से निकलते हुए उसने मनीषा दीदी के रूम में झाका को वो भी सो रही थी।
रोहित ने जल्दी से दरवाजा खोला, सामने डॉ. सौम्या उसकी मां खड़ी थी...
सौम्या : सो गए थे क्या?
रोहित : नहीं मम्मी... सब सो गए लेकिन मैं आपका इंतजार कर रहा था...
सौम्या: ठीक है
रोहित : मम्मी आप कफी थक गई लग रही है मुझे...मैं खाना लगा देता हूं आपके लिए..
सौम्या : नहीं बेटा... रहने दो... मैंने थोड़ा सा खाना क्लिनिक पे खा लिया था और अभी भुख नहीं है...
रोहित : लेकिन मम्मी।? कोई नहीं आप कपड़े बदलें कर लिजिये..मैं आपके सर की मलिश कर देता हूं।
सौम्या : ठीक है...
रोहित हमेश अपनी मम्मी का सर दबा दिया करता था जब भी वो कफी ट्राई किया रहता था वर्क लोड से।
रोहित अपने रूम में गया और अपना दराज खोल के मम्मी के कमरे में आया तब तक सौम्या ने अपना कपड़ा चेंज कर लिया था...
रोहित : मम्मी आप जाइए..आपको आराम भी मिलेगा और मैं आपका सर भी दूंगा दूंगा...
सौम्या उसके बात मनके बिस्तर पे चलो गई और रोहित अपनी माँ के सर के पास बैठा और मम्मी का सर अपने भगवान में लेके क्रीम निकल के मम्मी के सर में लगा और फिर अपनी उगलियों से मलिश करने लगा...
रोज की बात अलग थी लेकिन आज दोनो ही अपने साथ घटी घाटनाओ से दसरे मूड में .. आज पहली बार रोहित की नजर मम्मी का सर दबते हुए सौम्या के क्लीवेज पे गया जो रात से आधा बहार की हूं... ब्रा नहीं पहनना था इसलिय सांस के साथ उसके बड़े बड़े मम्मे ऊपर आला हो रहे थे और ये देखते रोहित का लुंड उसके पंत में खरा होने लगा...
सर पे मलिश करने के बाद..रोहित का मन हुआ की मम्मी का जोड़ा भी दबा देता हूं...
रोहित : मम्मी... मैं आपका जोड़ा भी दबा देता हूं...
सौम्या: रहने दो रोहित..सो जाओ बहुत डर हो गई है...
रोहित : कोई बात नहीं मम्मी... आपको आराम मिलेगा।
सौम्या का मन भी हो रहा था की कोई अच्छे से मलिश कर दे इसलिय उसे हमी भर दी और वो करबत बदल के जाने दे... अब सौम्या की गांद छत की तरफ थी...
रोहित ने नारीयल का दूरभाष दराज से निकला और अपनी माँ की रात तोड़ा ऊपर कर दिया घुटनो टका उर हाथ में तेल लगाके सौम्या के जोड़े में तेल लगाके मलिश करने लगा...
आज उसके टैंगो की मलिश तरते हुए रोहित का मूड बदल रहा था और उसका अपना मॉम के लिए भी मैं... पता नहीं आज कौन सा दिन था की पहले मनीषा दीदी और अभी अपनी मम्मी के ऊपर उसका गलत दिया सोच रहा था।
उसे देखा मम्मी चुप चाप लेटी हुई उस से अपना जोड़ी दबाबा रही है और वो उसे मलिश कर रहा था... और कभी कभी बीच में अपने लुंड को पक्का कर आला कर देता क्योकी वो किसी पोल की तरह से उसे पंत में। .
उसका हाथ अपनी माँ के मोती जांघो पे थी और नज़र सौम्या के चौड़ी गान पे ...उसके हाथ के दबाव के मम्मी की गांद भी हिल रही थी..
रोहित ने हिम्मत कर के..सौम्या की रात को थोड़ा और ऊपर की तरफ उठा दिया अब सौम्या की मंसल जंगे उसके सामने थे...उसने धीरे से हाथ सौम्या की जंगों पे मलिश रखा कोई हलचल ना देख वो उसमें तेल लगा ...मम्मी की गुड़िया जंघे चुन से उसका लुंड फुफकर्ण लगा था और अब हम से कंट्रोल नहीं हो रहा था...
सौम्य जब बहुत ठक जाति थी..तो जरूरत की गोली खाके तो जाति थी ..भी भी जब रोहित ने उसकी मलिश सुरु की उस से पहले उसे वो नींद की गोली खा ली थी... और जब रोहित उसके मलिशा जांगो तक वो गहरी मुझे इतनी चुकी थी….
रोहित को ये मालुम था की मम्मी ने नींद की गोली ले ली है इसलिय उसके हाथ जब सौम्या के जांगो पे रेंग रहे थे..वो चुपचप सोया हुई थी। क्या बात से रोहित की हिम्मत बढ़ गई और आज वो एक आगल ही जोश में था... अगर मोहित अंकल मनीषा दीदी को छोड सकते हैं तो वो भी मम्मी या मनीषा दीदी को छोड सकती है..वैसे भी उन उसका अधिकार पहले है।
रोहित ने सौम्या की नाइटी को तोधा और ऊपर कर दिया..और उसे गुलाबी रंग की पैंटी पहनने वाली थी...उसकी पैंटी खोलने की हिम्मत नहीं हुई...लेकिन हाथ में तेल लगा के रोहित अपना हाथ अब सौम्य के मोटे-मोटे जंग ले जेक जोर से मलिश करने लगा... यूज यू भी देखा था की मम्मी सो रही है या नहीं...
रोहित ने सौम्या का जोड़ा फैला दिया और अब, उसके अंदर की जांघ में तेल से मलिश करने लगा ... जब उसे कोई हलचल नहीं देखी तो सौम्या की पैंटी निकलने की सोची और उसे पैंटी के इलास्टिक में अपनी उंगली फसई और इस्तेमाल करने के लिए …उसने अपने एक हाथ को मम्मी के चुटार के आला राखा और इस्तेमाल थोड़ा उतया और फिर आसन से उसे सौम्या की गुलाबी पैंटली उसके जोड़े से बहार निकला दिया अब उसके सामने मम्मी की फुली हुई थी … अपनी मम्मी की चुत का इस्तेमाल करें, मनीषा दीदी से अच्छी लगी।
रोहित की नजर तबी मम्मी के गांद के छेद पर गई तो वहां से कुछ लिक्विड लगा हुआ दिखा और उसे अपनी उगाली वहन लगी और सुंघा का इस्तेमाल आचार्य हुआ की क्या किसी ने मम्मी की गांद मारी है... और वो भी कुछ है …
प्रयोग लगा की अगर ये सच है तो मम्मी को चुनना आसन होगा ..योकी वो ये समझौता था की पापा के गुजर जाने के बाद मम्मी में सब चीजो से अपने आपको दूर राखी है... से भी चुड़बा शक्ति है...
रोहित का कॉन्फिडेंस बढ़ा गया था...आला मम्मी के भुगतानों में तेल की मलिश पूरी करने के बाद उसे मम्मी के चुचियां की तरफ अपना हाथ बढ़ा और पहले कपड़ों के ऊपर से मम्मी के बड़ी बड़ी चुचियों को दबाने लगा...
रोहित ने कुछ डर तक मम्मी का ब्रेस्ट को दबया और फिर नाइटी के ऊपर से ही अपना मुह मम्मी के चुचियों के निपल्स पर रख के चुस्ने लगा … सौम्या ने ब्रा नहीं पहचान था … जिस से रोहित ने आसनी से सौम्या के निप्पल में दबया और चुना लगा…
इन सब हरतों के बा दब रोहित से कंट्रोल नहीं हो रहा था..अब उसे सोच लिया था जो हो जाएगा लेकिन मम्मी को छोड़ कर ही रहेगा..
रोहित फिर से अपनी मम्मी के टैंगो के बीच में आया और अपनी जिभ को सौम्या के चुत के फंकों के बीच रखकर हलके से इस्तेमाल करेंगे... बहुत ही मजा आ रहा था और धीरे-धीरे उसे गर जीभोया की।
रोहित से अब कंट्रोल नहीं हो रहा था और उसे अपना पंत उतर दी औरा बी उसका लुंड तना हुआ सा सौम्या के छुट के सामने था...मन तो किया की तूरंत ही अपना लुंड सौम्या की चुत में दाल दे...
लेकिन रोहित रुक के पहले ये चेक करना चाहा की मम्मी जग तो नहीं जाएगी ... रोहित ने अपनी तेल ने सनी हुई उंगली सौम्या के चुत में डाला ... पहले उसे कबल ज्यादा ही अंदर की ... कोई हरकत फिर नहीं जो से... के छुट के अंदर ढकेल दी…
छुट के और उंगली गई और इधर सौम्या ने अपनी आंखे खोल दी..उसके लिए अपनी आंखों पर विश्वास करना मुश्किल था ...उसका अपना बेटा रोहित उसके चुत में उँगली धासये हुए उसके सामने आने के लिए... सौम्या गई और वो देखती ही रही…
रोहित समझ गया था की रुकने से काम नहीं बनेगा और उसे अपनी उंगली मम्मी के चुत के और बाहर करनी बंद नहीं की….
सौम्या ने देखा की रोहित..उसका अपना बेटा उसकी चुत ने अपनी उतनी ही रहा है... मजा तो आ गया था लेकिन उसके लिए इस्तेमाल करें ये गलत था और उसे रोके हुए बोला...
सौम्या : रोहित...ये क्या कर रहे हैं बेटा...
रोहित : मम्मी...मैं रोक नहीं पाया अपने आपको...प्लज मैम मुझे करने दो ना जो मैं कर रहा हूं।
सौम्या: बेटा ये सही नहीं है...हमारा समाज इसे सही नहीं मानता...अपनी उंगली निकलो..
रोहित : क्या गलत है मम्मी...मेरे पास और आपके पास छुट है...औरा बी तो पापा भी नहीं है आपको चुनने के लिए...आप मुझसे ही चुदबा लो ना मम्मी।
सौम्या: रोहित तुम अभी छोटे हो… ऐसा मत करो… जब तुम्हारी शादी होगी तब तुम अपनी पत्नी के साथ ऐसा करना..
रोहित : मम्मी...मैं अब बच्चा नहीं हूं...देखो मेरा लुंड कफी बड़ा है..आपको मजा आएगा..वादा...और जब आप है तो मैं शादी क्यों करू।
रोहित ने अपना लुंड सौम्या को देखते हुए बोला… रोहित का 9 इंच का लुंड सौम्या के सामने था…सौम्य का मन तो किया की उसके लुंड को पक्का कर अपनी चुत में दाल ले…वैसे भी रोड पे हमें पुलिस वाले ने मारि उसकी गांद थी..सेल गांडू...कट मारी ही नहीं सौम्या की और उसकी चुत की खुजली संत नहीं हुई थी और इस्तेमाल लगा की अगर रोहित नहीं मन रहा है तो कोई दीकत नहीं है उसकी के लुंड से अपने चुत की गर्म जो इतने में है लुंड के लिए संत कर ले।
फिर भी उसे मन अपने बड़े से चुद चुडवाने का नहीं हो रहा था..वो रोहित को बड़ाना नहीं चाहती थी...इसलिय उसे इस्तेमाल करने के लिए समझ की कोशिश जरी राखी और रोहित भी अपनी उंगली को सौम्या की बचपन में और।
सौम्या: रोहित...तुम समझ नहीं रहे हो बेटा..कभी कोई बेटा अपनी मम्मी के साथ ऐसा करता है...छोड़ो मुझे।
रोहित: मैंने बहुत सी अनाचार फिल्म देखी है मम्मी।
सौम्या: ये तब्बू है अपने सनज के लिए...ऐसा मत करो।
रोहित : और जो आप बहार करता है...
सौम्या: मैं क्या करता हूं बहार?
रोहित : छोडो...क्या बताऊ?
सौम्या : नहीं...तुम बताओ?
रोहित : और आप जो बहार के लोगों से अपनी चुत और गांद मारवती है... सॉरी मैं ये नहीं बोलना चाहता था..लेकिन मम्मी अगर आपको लुंड की जरूरत है तो मेरा लुंड है ना घर की बात घर में ही रहेगी।
सौम्या तो जैसे चौक ही गई की ये ऐसे क्यों बोल रहा है.. समझ में नहीं आया की बात का क्या जबाब दे.
सौम्या: नहीं मैंने ऐसा नहीं किया..
रोहित : झूठ मत बोलिए मम्मी…आज जो आप ले आई थी किसी से बहार आप गांद मारबा रही थी।
सौम्या : क्या बोल रहे हैं बेटा...
रोहित : जब मैं आपकी मलिश कर रहा था..मैंने आपके ग़ंद से वीर्य तपते हुए देखा... अगर किसी ने आपकी गांड नहीं मारी तो वहन पे वीर्य कैसा लगा था..
सौम्या को लगा की उसे चोदी पकादी गई और बिना हाथियार दल कोई और चारा नहीं है...लेकिन उसे फिर भी बात को दुसरी तरह से बदलने की कोषिश की।
सौम्या: लेकिन बेटा… मैं तुम्हें नहीं समझ सकती आज की रात मेरे साथ क्या हुआ… अपनी मम्मी के साथ क्या ये ठीक रहेगा..तुम्हरे लिए..
रोहित से रहा नहीं गया और उसके मुह से वो भी निकल गया जो वो बताना नहीं चाहता था...
रोहित : लेकिन मम्मी अगर मोहित अंकल मनीषा दीदी को छोड सकते हैं तो मैं भी आपको छोड सकता हूं।
सौम्या ने जैसे ही सुना वो सक्षम में आ गई... कुछ समझ में नहीं आ रहा था...
सौम्या : क्या बक रहे हो तुम..मनीषा को मोहित अंकल ने...
रोहित : मुझे पता था आपको विश्वास नहीं होगा मेरी बातो पे…आप कुढ़ ही देख लिजिये
और रोहित ने अपने पंत की जेब से अपना मोबाइल निकला और उसमे रिकॉर्ड किया हुआ वीडियो करके मम्मी के हाथ में दिया...
वीडियो में मोहित अंकल मनीषा के चुचियों को दबा रहे थे…ये देखे सौम्या ने मोबाइल बेड पर रख दिया और रोहित की तरफ देखने लगी…
सौम्या को ये भी कफी अजीब लग रहा था की मोहित भाई साब ने कैसे अपनी भातिजी यानी मनीषा के साथ में है... भी थोड़ी हिम्मत मिली इस बात से की अगर मनीषा को अपने चाचा से ही चुड के लिए वो बुरा बड़े से शर्मा रही मुझे…
वैसा भी जब ये आया था दुनिया में तो इसी छेद से बहार तो आया था….
लेकिन उपयोग पाता था की वो भाले ही कुछ कर ले लेकिन आज उसके छुट की खुजाली मिटाए बिना रोहित मनने बाला नहीं है। उसे देखा की रोहित अब सौम्या की छुट से उगाली निकल के अपने मुह
मुझे रखा और अपनी उंगली को चुनने लगा...
रोहित को अब बात की कोई परवाह नहीं थी की मम्मी क्या सोचेगी... पता था मम्मी का इस्तेमाल करो
जैसी उसकी दसरी जिद पूरी करता है ये भी जरूर करें और आज तो इस्तेमाल करने के लिए ये भी पता चल गया था की मम्मी कोई सती सावित्री नहीं है... बहार वो भी अपनी चुत और गांद मारवती है..
रोहित ने मम्मी को फिर से बिस्तर पे लिटाया और इस बार उसे पहला काम ये किया की मम्मी की नाइटी को उसके ऊपर से पूरी तरह से निकला दिया।
सारे कपड़े सौम्य के शरीर से उतर चुके थे और रोहित के सामने वो पूरी नंगी होके लेती थी...बेबस थी कर भी क्या शक्ति थी...अब रोहित बड़ा हो गया था और उसके लिए एक तरह से अच्छा ही था के जाने के लिए अब अगर रोहित उसकी भुख शांत कर दे तो घर की बात घर में ही रह जाए...
सौम्या इधर सही और गलत के नंगे में सोच रही थी और रोहित सौम्या के ऊपर आके चलो गया और अपना मुह सौम्या के लेफ्ट मम्मी पे लगा दिया और उसके बड़े मम्मी को अपने मुह में
लेके अपनी मम्मी के नांगे चुचियां का आनंद लेने लगा..
सौम्या भी अब आपके बड़े से बिना किसी के हिचक के अपनी कुछ चुचियां चुस्बा रही थी..रोहित ने अपने होठो को सौम्या के निपल्स पर रखा और हमें और जाने लगा…सौम्य को इस से गुडगुहा होने लगी...
रोहित ने उसकी चुचियों को दबते और चुने हुए... अपनी मम्मी को थोड़ा शामिल करने की
कोषिश की…
रोहित: मम्मी आप की चुचिया बहुत ही मस्त है...मन करता है बस इसे दबाता ही राहु..
सौम्या : चुप कर बदमाश..आपनी मम्मी की चुचियों की बात कर रहा है..
रोहित : तो क्या हुआ मम्मी... आप के है इतने अच्छे बूब्स... कोई भी इसे देख कर दबाना चाहता होगा।
सौम्या: ऐसी बात है..मैं तो अब बड़ी हो गई हूं..मनीषा के बूब्स मुझसे अच्छे होंगे..
रोहित : आप को कौन बडी बोलेगा मम्मी… आप को अभी भी इतनी गर्म लगेगा हो।
सौम्या : ऐसी क्या... तुम्हारा लुंड भी इतना बड़ा होगा मुझे नहीं पता था..
रोहित : मनीषा दीदी के मम्मी भी बहुत अच्छे हैं..लेकिन आपकी दीदी से भी बड़ी है इसलिय मुझे अच्छी लगती है... शुद्ध शुद्ध मेरे हाथ में आते हैं..और मम्मी पापा का लुंड मेरे इतना था या मुझसे बड़ा था...
सौम्या: तेरे पापा का तुझसे थोड़ा बड़ा था..लेकिन तेरा भी छोटा नहीं है...
रोहित ने अपनी मम्मी का बूब्स चुना छोटा और अपना लुंड उसके सामने झील खरा हो गया…..
रोहित : मम्मी मेरा लुंड चुसेंगी..प्लीज...
सौम्या: तुम नहीं मानोगे..
रोहित : अब क्या शर्मना मम्मी... हम मिले भूलभुलैया ले सकते हैं..ये तो अच्छी बात है ना...
सौम्या : ओके बाबा...बस मैं लेटी हु इसे अपने मुह में..
और सौम्या ने रोहित का लुंड अपने हाथ में पक्का और अपने मुह में ले लिया….रोहित तो बस यही चाहता था… धीरे से ही सही लेकिन मम्मी उसकी हर बात मंती जा रही थी…..
रोहित तो जैसा उस्मान में उर रहा था... कालाबजियां खा रहा था..सौम्या उसके लुंड को बहुत ही तारिके से मुह के अंदर और बाहर कर रही थी... और रोहित ने भी ये एहसास किया की मम्मी को जायदा दीदी अनुभव किया। जिस तारिके से उसे मनीषा दीदी को अंकल का लुंड चुस्ते देखा और अभी सौम्या उसके लुंड को चुस रही थी...
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