mere ghar ki choote  Chapter 1








 ये मेरी पहली कहानी है जो मैं लिखने जा रहा हूं, इसमे कुछ सच्चा है और कुछ कल्पना, सीधे सीधे कहू तो ये कहानी 60% सच्ची है और 40% कल्पना, कोई गलती हो तो माफ करिएगा और अपनी टिप्पणियों से आपको बताएगा की  कैसी लगी




 मेरा नाम सोनू है मैं 18 साल का हूं, मैं उच्च मध्यम वर्ग के परिवार से संबंधित हूं, मेरे डैड बिजनेस मैन है मेरी मॉम हाउसवाइफ है मॉम का नाम जानकी है और डैड का नाम बृजपाल है दोनो हाय शिक्षित है डैड और मॉम ने एमबीए  किया हुआ है, मॉम डैड के अलावा मेरी दो बड़ी बहन भी है एक मेरे से बड़ी कीर्ति और सबसे बड़ी दीदी रेखा है, मैं अभी अभी स्कूल पूरा लिया है मैं बचपन से ही मैं बॉयज हॉस्टल में रहा हूं, मेरी कीर्ति दीदी अभी कॉलेज  है 20 साल की है और रेखा दीदी कंपनी में नौकरी करती है उस्मी उम्र 24 साल है




 मेरी माँ जानकी










 मेरी दीदी कीर्ति








 मेरी दीदी रेखा












 मेरी माँ और दीदी 80% ऐसी ही लगती है इससे ज्यादा ऐसी ही तस्वीरें मुझे कहीं नहीं मिली




 अब कहानी सुरू करते हैं




 हम सब को लगता है की हमारी मां बहन शरीफ है और अच्छी औरते हैं और किसी और की मां और बहन हम सबी को माल और चिन्नाल लगती है, ये कोई नई बात नहीं है और ये सच है  मां और बहनें भी अपनी जवानी के दौर से गुजरी है या गुजर रही है, वो भी किसी और की नजरो में माल और चिन्नाल होगी


 उन की छुट की गेहेराई भी ना जाने कितने ने नापी होगी और ना जाने कितने की लुंडो की सवारी की होगी होसक्ता है तुम्हारे पासो में रहने वाला आदमी या लड़की तुम्हारी मां या बहनो को छू गया था  ऐसा हुआ तो जरुर होगा आखिरी है तो वो औरते ही छू तो सबकी खोजी वैसे ये गलत भी नहीं हरकिसी का लुंड हरकिसी की छुट में मुझे फिट हो जाता है कभी जगा बनी होती है पहले से कभी पैदाी है


 ये बहनछोड़, मदरछोड़, रंदी जैसे सब भी ऐसी ही नहीं आए जब हुआ तबी ये सब बनाया गया


 मैं हॉस्टल में ही रहा छोटे से ही घर में मां, दोनो दीदी और डैड रहते थे, अब बॉयज हॉस्टल में कौन शरीफ होता है और हरामी पेंटी तो चलती ही रहती थी बीएफ देखना, मुथ मारना गली देना तो नॉर्मल था लेकिन सख्त नियम  से कभी कोई लड़की ना पता पाए ना छोड़ पाए, 12 के परीक्षा देने के बाद पिता का फोन आया और मुझे घर बुला लिया उसके बाद मैं घर को निकल गया उस रात को अगला दे मैं सबा 4 बजे घर पहुचा और गया  मुझे




 मैं सुभा के 11 बजे उठा फ्रेश हुआ उसके बाद में सेधे किचन में गया वहा मां खादी थी मैंने पानी मांगा तो मां पीचे पाटली मुझे देखके मुस्कान की


 जानकी – मेरा प्यारा बेटा आया… कितना बड़ा हो गया है


 मैंने – हा मां, तुम तो अभी भी वैसी ही हो


 माँ मस्कुराते हुए – चल टोपी… और आके मुझे गले लगा लिया


 उसके बाद उन्होन पानी दिया और बोली तू बैठा मैं बुरा लाती हूं.. मैं जाके खाने की मेज में बैठा और टीवी देखने लगा तबी पिता आ गया…


 पिताजी – कैसे जो बेटा


 माई – ठिक हू डैड तुम कैसे हो


 पिताजी – मैं भी थिक हुआ


 माई – आपने मुझे क्यों बुलाया डैड हॉस्टल से


 डैड – बेटा मैं चाहता हूं की तुम अब यही रेहेके पढाई करो


 माई – क्यू डैड, कुछ प्रॉब्लम है अचानक से?


 डैड – नहीं बेटा ऐसा कुछ नहीं सब बहुत अच्छा है याहा इंडिया में हमारा बिजनेस बहुत अच्छा कर रहा है… इस लिए अब मैं हमारा बिजनेस बहार की देशों में फलाना चाहता हूं … सब सेट हो गया है मैं अब एक पार्टनर के  साथ उस में शुरू कर रहा हूं, इस लिए मैं चाहता हूं कि तुम यहां रहो घर में मां और दीदी का ख्याल रखो … तुम छोटे से ही दूर रहे हो मां और दीदी से यहां के जान भी लोगे सब


 माई – ओके डैड जैसा आपको ठीक लगे।


 आस्क बाद डैड ऑफिस चले गए थोड़ी देर बाद माँ खाना लेके आ गई और मेरे साथ ही टेबल में स्नान गई


 माँ से साड़ी पहनी थी और लो कट ब्लाउज काफ़ी सेक्सी लग रही थी


 माई – मां रेखा और कीर्ति दीदी कहा है..


 जानकी-बेटा रेखा दीदी की तो जॉब लग गई है वो बंगलौर में है और कीर्ति कॉलेज गई है…


 क्यों बेटा सब्र नहीं हो रहा क्या अपनी बहनो से मिलने को


 मैं – नहीं ऐसा कुछ नहीं है, मैं तो ऐसा ही कुछ रहा था


 फिर मैं खाना खाना सुरु कर दिया मैं खाता रहा और मां मुझे देखती रही …. खाना खतम होने के बाद मैंने कहा


 माई – माँ ऐसे क्यू देख रही हो


 जानकी – मेरा बेटा कितना बड़ा हो गया ही और कितना हैंडसम भी….


 माई – क्या माँ तुम भी


 फ़िर माँ प्लेट लेके किचन में चली गाय


 माई टीवी देखने लगा … और टाइम पास करने लगा मैंने सोचा अब स्कूल कहम हो गया है तो क्यों ना फोन, प्लेस्टेशन, और इंटरनेट लगवाया जाए … अब मुझे यही रहना था मैं माँ के पास गया मैंने माँ से कहा


 माई – माँ मुझे 2 लाख चाहिए


 माँ – बेटा अपने डैड को कहो वो तुम्हारे बैंक में ट्रांसफर करा दूंगा


 मैंने डैड को कॉल किया उसके कुछ डर बाद मेरे पास मैसेज आया मेरे अकाउंट में 5 लाख जमा हो गई थी मैं खुश हो गया … डैड का कॉल आया


 पिता – बेटा मैंने ट्रांसफर कर दिया है 5 लाख बाकी के पास रखना काम पड़े तो खर्च भी कर लेना एन्जॉय करो


 माई – ओके पापा


 प्राथमिकी फोन डिस्कनेक्ट कर दिया


 उसके बाद मैं जाने लागा तबी माँ


 जानकी – बेटा कहा जा रहा है


 माई – समन लेना फोन आदि


 जानकी – बेटा अभी मार्केट बंद होती है शाम को जाना


 माई – ओहो … माँ मुझे कॉल करनी थी और कुछ काम भी था इंटरनेट मुझे


 जानकी – तुम मेरा फोन इस्तेमाल करो


 माई – ओके मॉम आपका फोन कहा है


 जानकी – बीटा रूम में है वहा से लेलो पासवर्ड है “रुबमेहर” और हसने लगी


 माई – ओके मॉम


 माई रूम में जाने लगा और सोचे मैंने लगा माँ की बात को फिर मैंने माँ का फोन उठा जो की एप्पल आईफोन 11 था और उसे लेके माई अपने रूम में चला गया


 मैंने फोन सर्च की की कौन सा अच्छा है, फिर एक टीवी देखा ऑनलाइन उसके बाद माई पोर्न सर्च करने लगा इन सब में कोई 2 घंटे हो चुका था तबी मॉम आई


 जानकी – बेटा हो गया काम


 मैंने कहा – नहीं माँ मैं अभी थोड़ी देर बाद आपका फोन दे दूंगा


 जानकी – ओके बीटा फोन रूम में रख देना


 माई – ओके मॉम




 प्राथमिकी मैंने दरवाजा बंद किया और अश्लील खोज करने लगा 4-5 अश्लील देखी तबी फोन में एक संदेश आया स्नैपचैट का अधिसूचना


 संदेश – जानकी तुमने जवाब नहीं दिया


 मेन नोटिफिकेशन ओपन किआ टू ऐप मी पासवर्ड लगा हुआ था


 तो माई फोन की गैलरी में गया और वहा फोन की तस्वीरें देखने लगा वहा मां की और कभी चाची की तस्वीरें थी सब नॉर्मल हाय थी


 तबी मुझे स्नैपचैट का फोल्डर मिला इमेजेज वाला मैंने वो ओपन किया उसमे


 मॉम की पिक्स थी जो रिसीव वाले फोल्डर मी थी






















 ये सारी पिक देखने के बाद तो मैं अपने आपको सम्हाल ही नहीं पाया वो भी आखिरी तस्वीर को देखे जिसमे मां नंगी थी पिक मी… मेरे दिमाग दौड़ लगा और लुंड लोहे की रॉड की तरह गरम और कड़ा हो गया  लगा की ये किसने भेजें की होगी मां को संदेश मुझे पद नहीं सकता था अपने आप ही मेरा हाथ लुंड में चला गया और मैं अपनी मां जानकी की तस्वीर देखा मुथ मारेने लगा इतना बड़ा मुथ मारे में कभी नहीं आया था


 तबी मेरे दीमाग में एक देखा आया की ये फोल्डर मुझे प्राप्त करने के लिए है क्या पता मुझे भी कुछ हो मैं वापस भेजो आया और वाला फोल्डर खोला उसमे कुछ तस्वीरें थी जो माँ ने भेज दी थी
















 माँ की ये सारी तस्वीरें देखे मेरी मुथ मारे की स्पीड रॉकेट की तरह हो गई … करीब 15 मिनट बाद एक पिचकारी निकली और सामने वाली दीवाल में जाके गिरी माई पासा पासा हो गया … स्कूल में इतनी मां बहन की गली दी गली  सोचा नहीं था की एक दिन मां की नंगी तस्वीरे देखके मुठ मारुंगा… मेरे दीमाग अब तेज चलने लगा की ये सब मंजारा क्या है… आखिरी ये सब चल क्या रहा है…  फोन मुझे करदी थोड़ी देर आराम किया फिर माई 6 बाजे उठा अपना मुथ जो दीवार में लगा हुआ था इस्तेमाल साफ किया और मां के कमरे में उनका फोन रख दिया … मां सो रही थी साड़ी में हाय … पटक लग रही थी  … फिर माई मार्केट निकल गया




 मार्केट मी एक इलेक्ट्रॉनिक की शॉप में गया जहां मैंने 1 लैपटॉप, 1 टीवी, 1 पीएस4, 1 फोन, कुछ स्पाई कैमरा भी खरीदे और इंटरनेट कनेक्ट लगवे 1 जीबीपीएस वाला, दुकान वाले ने कहा हम आपके घर कल एक लड़का भेज देंगे इंटरनेट कनेक्शन लग गए  प्राथमिकी मैं घर को आ गया हमें समय 10 बज गया था फिर माँ ने गेट खोला




 जानकी – बेटा आ गया, काफ़ी टाइम लगा दिया बेटा


 माँ ने एक नाइटी पेहनी थी कफी शॉर्ट थी, उनकी गांद ही कवर कर रही थी


 माई – हा मां वो समान इतना सारा था लिए तीन लग गया


 तबी पीछे से एक लडका दुखन वाले का टीवी उठा लाने लगा मैंने और मां ने इस्तेमाल किया, मैं टीवी और बाकी का सामान लेके रख के आया


 उसकी उमर कुछ 19-20 की होगी वो मां को ही घुर घुर के देख रहा था पुरा समय


 और शायद मां को भी हमें बारे में पता था


 माँ – बेटा कुछ लोगे


 लडका – क्या आंटी


 माँ – बेटा पानी, कॉफ़ी की बात कर रही हूँ


 लडका – हा आप पानी पिला दी जिये


 माँ – रसोई चली गाय


 इज़ टाइम भी वो माँ की गाँड को घुर रहा था


 लडका – मैं कल आपका इंटरनेट कनेक्शन लगा आ जाउंगा


 माई – ओके काल सुभा 10-11 बजे तक आ जाना


 लडका – आप बिलकुल भी फ़िकर मत किजिये


 तबी मां पानी लेके आ गया उस लड़के ने पानी पिया और जाने लगा मैंने उपयोग 2000 रुपये दिए और वो जाने लगा ..


 माई-तुन्हे घर छोडू काफ़ी रात हो गई है


 लडका – आप फ़िकर मत करो मैं यही पास वाली कॉलोनी में रहता हूं, दूर नहीं है


 माई – ओह .. तुम्हारा नाम क्या है


 लडका – राजेश है


 माई – ठीक है राजेश कल मिलते हैं


 फिर वो निकल गया, टैब हाय डैड भी आ गए वो रूम में फ्रेश होने चले गए


 मैं – माँ आप इतनी देर तक जगी हुई हो .. और दीदी कहा है


 माँ – बेटा वो ठक गई थी, वो डिनर करके सो गई है


 माई – ओहो … माँ दीदी से मिलना ही नहीं हो पा रहा है


 माँ – तू कौनसा कहीं जा रहा है अब बेटा मिल लेना अपनी दीदी से


 माई – हा वो भी सही कहा माँ


 फिर हमने सबने डिनर किया और रूम में सोने चले गए




 सुबह मैं 11 बजे उठा मां बोली बेटा राकेश कबसे तेरा इंतजार कर रहा है


 माई – रुको मां पहले दीदी से दूधे आता हूं


 माँ – बेटा वो तो जा चुकी है सुभा ही


 माई – ओहो …


 मैं और राकेश उसके बाद रूम में आ गया फिर उसे सेटअप करन शुरू कर दिया इंटरनेट कनेक्शन, टीवी आदि बीच मेरी और उसकी काफी अच्छी जान पहचान हो गई थी, याहा मेरा कोई दोस्त नहीं ये लेकिन अब राकेश से मेरी होने अच्छी दिन  के 2 बाजे सारा काम खतम हुआ हम बहार को निकले ही थी की भरा माँ की एक दोस्त बथी थी मुझे और राकेश को देखा कफी गरम थी और काफ़ी भरे बदन वाली औरत इतने छोटे कपड़ो में मैंने पहली बार  एयर शायद राकेश ने भी हम दोनो के मुह खुले रह गए




 आंटी – जानकी ये लडका कौन है


 माँ – ये मेरा बेटा है सोनू और दशहरा लड़की दुकान वाला है किसी काम से आया है


 आंटी – तो आया तुम्हारा बेटा, बड़ा ही हैंडसम है


 फ़िर आंटी मुझसे कासके गले लगी मेरा एक हाट अचानक ही चाची की गान में गया और एक कमर में और उनके फेस में एक नॉटी स्माइल आ गई जब वो हटी और बोली बेटा कभी मिलने भी आना घर मेरे


 माई – हा आंटी


 राकेश हेयरन लग रहा था:


 थी फिर मैं और राकेश घर के बहार गया राकेश ने इंटरनेट कनेक्शन का तार लगा और फिर से हम नीचे कमरे में फिर से राकेश ने मेरे लैपटॉप में इंटरनेट कनेक्शन चेक किया, लैपटॉप में और टीवी में दोनो में हाय इंटरनेट चलने लगा फिर मैंने कमरा बंद किया और  जल्दी से एक अश्लील वेबसाइट खोली उसमे एक अश्लील पर अपने खाते से … जिस राकेश देखके बोला


 राकेश – ओहो … मैंने आज तक कभी इतनी अच्छी क्वालिटी में पोर्न नहीं देखी ये तो ओरिजिनल है


 माई – हा मैंने अकाउंट कहरीदा है हर माहे 1500 रुपये देता है


 राकेश – तूने इसी लिए इंटेनेट लगवाया क्या?


 माई-हसा और बोला, हिलाना भी तो जरुरी है


 राकेश – ये भी सही कह:


 माई तुझे भी चाहिए अकाउंट?


 राकेश – जरूर मैंने कभी अंग्रेजी ब्लू फिल्म नहीं देखी


 माई – ये ले अब देख और मै एक खाता खारिदके दे दिया का उपयोग करें


 राकेश – भैया आपने मुझे ये दिया तो मेरे पास आपके लिए भी कुछ है


 माई – क्या?


 राकेश – उसने अपना फोन मेरे लैपटॉप मैं कनेक्ट किया और काफ़ी साड़ी पीडीएफ मेरे लैपटॉप में कॉपी करदी


 माई – ये क्या है ?


 राकेश – भइया ये है हम गरीब लोगो की छुडाई का जुगाड़ “सविता भाभी” तुम पड़ना


 माई – मैं कभी नहीं सुना है इस बारे में


 राकेश – अब तक देख लोभैया जी को


 माई-राकेह्स भैया जी मत बोल मेरा यह कोई दोस्त नहीं है लेकिन अब तू है तो मुझे मेरे नाम से बुला सोनू


 राकेश – ठीक है सोनू


 फिर हम रूम से निकले लगे तबी हम चाची और मां की बात सुन दी दी


 मैं और राकेश रूम के दूर के पीछे ही चुप गई और बात सुनाने लगा


  


 आंटी – जानकी तेरा बेटा तो गबरू जवान हो गया है अभी ए कितने साल का है


 जानकी – 17 का है अब 18 का होने वाला है


 आंटी – वाह.. इज उमर में ही तंदुरुस्त लगत है, साला है हरामी


 जानकी – ऐसा क्यू बोल रही है


 आंटी – भोली तो बनेंगे मत तू जानकी, देखा नहीं साले से गले क्या मिली मेरी गांद ही पक्का ली


 जानकी – चल हट साली, इतना तो चलता है बॉयज हॉस्टल से पड़ा है ना और साली अपने लड़कों को भूल गई जब मैं तेरे घर आई थी तेरे बेटे ने तो अपना मुह मेरे बूबो में दाल दिया और मेरी गढ़ सेहला था।  पति दोनो हरामी है तेरे घर में


 आंटी – ये मर्दो की जात ही ऐसी होती है साले सब हरामी होते हैं सालो के लुंड को सिरफ छेड से मतलब होता है


 जानकी – हम भी तो लुंडो से और उसे होने वाली तबद तोड़ छुडाई से




 फ़िर मौसी और माँ दोनो ही हसने लगी तब दीदी की आवाज़ आई दीदी ने हैलो कहा चाची से और फिर पुच


 कीर्ति – माँ भइया कहा है


 माँ – बेटा वो अपने रूम में है


 कीर्ति – माई मिल्के आती हूं




 मैं और राकेश दूर से टोपी गई तबी दीदी रूम में प्रवेश हुई दीदी के कपड़े देखने मैं हेयर हो गया








 आते ही दीदी गले मिले और बोल




 कीर्ति – कैसा है मेरा भाई, और मेरे गाल पे किस की और समान देखते बोली ओहो तो खूब सारी शॉपिंग की है मेरे प्यारे भाई ने


 माई – हा दीदी अब यही रहना है और स्कूल भी खतम हो गया है लिया है कुछ कुछ समान ले लू


 कीर्ति – अच्छा किया भाई … … और तबी दीदी ने राकेश को देखा तो थोड़े गुसे में देखे बोली


 कीर्ति – भैया तुम जब फ्री हो जाओ तब बात करेंगे और जाने लगी फिर पीछे मुड़के हम दोनो को देखा और दरवाजा बंद करके चली गई








 राकेश कीर्ति दीदी की गान ही देखता रहा:




 माई – राकेश कहा खो गया … चले गई मेरी दीदी अब तो होश में आ गया


 राकेश – माफ़ करना भाई पता ही नहीं चला, हम लोग ये सब नहीं देखते हैं नाइस लिए


 माई – ये सब से क्या मतलब है तेरा


 राकेश – भाई इतने छोटे कपड़ो में


 मैं – हा मुझे भी आदत नहीं है … माई टू बॉयज हॉस्टल में रहा हूं लिया, मुझे ये बताता तू मेरी दीदी को जनता है क्या


 राकेश – नहीं


 माई – कुछ तो बात है, दीदी तुझे गुस्से में देख रही थी


 राकेश – भाई तू नारज मत होने बात कुछ ऐसी है की कुछ दिनों में मैं अपने 2 दोस्तों के साथ तेरी सोसाइटी में था तब तेरी दीदी अपनी किसी दोस्त के साथ थी में ही मुझे तब हम लोगन कुछ गंडे टिप्पणी करने के लिए  है ना भाई हम लड़को में ये सब चलता है, भाई मुझे नहीं पता था कि ये तेरी दीदी है


 माई – ओह तो ये बात है वैसा क्या कह तुम लोगन


 राकेश – भाई तू नारज हो जाएगा और हमारी दोस्ती टूट जाएगी


 माई – ऐसा कुछ नहीं होगा भाई तू मेरा अब दोस्त हैबौर हमशा रहेगा


 राकेश – शुक्रिया भाई


 माई – हा तो अब बता क्या हुआ


 राकेश – तू तो देख ही रहा है की तेरी दीदी ने कैसे कपड़े पहनने हैं, तेरी दीदी आपमी एक दोस्त के साथ जा ताही थी तो




 राकेश – जाने मन इतने कपड़े भी क्यों पहनने हैं नंगी ही हो जाओ… हम भी स्वर्ग दिख जाएगा


 लडका 1 – देखता है तो बहुत कर्मी है है बदन में, हमारे पास आ जाओ ठंडा कर दूंगा


 लडका 2 – क्या बूबे और गान है लगता है कायो ने मेहंदी की है, थोड़ा हम भी चुसाडो


 राकेश – जानेमन ऐसे गान हिलाके चलोगी तो हम अपने लुंड हिलाने पैड जाएंगे




 और उसके बाद हम तेरी दीदी के पास गया और मैंने उसकी गांद में एक जूर का झपडा लगा जैसा उसे आह्ह्ह…




 माई – ऐसा क्या … भाई ओवर ही कर दिया तुम लोगो ने


 राकेश – यार कंट्रोल ही नहीं हुआ…


 माई – जल्दबाजी हुई .. मैं समझौता हूं …


 फिर वो जाने लगा हम दूर के पास पाहुचे चाची की आवाज आई


 आंटी – जानकी तेरी बेटी घोड़ी जैसी जवान हो गई कहीं कोई उसकी सवारी तो नहीं कर्हा


 जानकी – चल टोपी साली ये सब ही सोची है क्या … अब बड़ी हो गई है वो इस्तेमाल सब पता है अच्छा और बुरा


 चाची – अच्छा तो तेरी बेटी में बहुत कुछ है बुरा तो उसे चलाने वाला ही बता सकता है




 माँ और चाची हसने लगे


 आंटी – मैं चलती हूं।


  और प्राथमिकी चाची निकल गई अपने घरको




 फिर राकेश बोला – भाई तुम अमीर लोगो के घरो की और कितनी मस्त होती है


 माई-हा भाई वो तो है, हमारे याक की सोसाइटी में सब ओपम माइंडेड होते हैं


 राकेश – और ओपन कपड़ो के भी


 हम दोनो ही हसने लगे और फिर राकेश चला गया


 मैं भी रूम में जाके सो गया … इतने सारे काम की ठन से


  पराह्न


 फिर मैं शाम के 6 बजे उठा फ्रेश हुआ और आपन लैपटॉप और पीएस4 सेटअप करने लगा, सेटअप करने के बाद मैंने अपने लैपटॉप में वो स्पाई वाली ऐप खोली जो मैंने मां के फोन इंस्टॉल की थी मैंने स्टेटस चेक किया तो फिर से कुछ मैसेज आए हुए  द मॉम के स्नैपचैट में और साथ ही साथ मॉम के स्नैपचैट ऐप का पासवर्ड भी मिल गया “बंगमेप्लीज” और संदेश कैप्चर करने के लिए किये द वो पैडने लगा 5 मीसेज द




 भूषण – जानकी अब बता भी दो कहा हो आज कल तुम


 जानकी – नहीं मैं नहीं बता सकती मैं अब शादी शुदा हूं और बहुत ही खुश हूं


 भूषण – ऐसा क्यों कर रही हो जानकी माई तो तुम्हारा क्लास दोस्त था


 जानकी – हा वो तो तुम लेकिन मैं कॉलेज के किसी भी लड़के से नहीं मिलना चाहता … मेरी परिवार में कोई समस्या ना हो जाए


 भूषण – मोनक से तो तुम मिली थी


 जानकी – हा, उसकी बात अलग है




 इस्के बाद कोई और संदेश नहीं था और बाकी की चैट पढ़ने के लिए मुझे मां का फोन चाहिए था, इस समय मैं नहीं ले सकता था मां का फोन क्योंकि मां भी उठ चुकी थी और वो कभी भी फोन ले शक्ति थी




 फिर मैं नीचे गया मां किचन में थी दीदी कहीं बाहर गई थी .. तो मैं वापीस रूम में आ गया


 और लैपटॉप में यूही देखने लगा…  एयरपोर्ट को निकल गए चोदने … और दीदी सोने चले गए


 डैड को एयरपोर्ट छोड़ने के बाद माई और मॉम घर को निकल गई


 माई – मॉम डैड वापस कब आएंगे


 माँ – बेटा वो कहे तो रहे थे की वो आते जाते रहेंगे लेकिन अभी उन्हे वह सुरु से सब सेट करना है मुझे तो नहीं लगता की वो 3-4 साल तक वापीस आ दर्दे


 माई – ओहो… मॉम आप भी क्यों नहीं चले गए डैड के साथ आप तो याहा सूअर और परशान हो जाओ डैड के बिना


 माँ – अच्छा वो क्यू भला


 माई – वो आपके सोलमेट है ना


 माँ – अच्छा बेटा तेरी तो कोई जीएफ नहीं है मतलब तू भी परशान होता है… और हसने लगी फिर बोली हुई… कही कोई जीएफ तो नहीं बना राखी है ट्यून सोनू


 माई – व्हाट मॉम … बॉयज हॉस्टल में ये सब कहा संभव होता है .. सोच रहा हूं अब बना लू … आपको कोई प्रॉब्लम तो नहीं


 माँ – नहीं बेटा मुझे क्यों होगी… यह एक अच्छी बात है केला


 माई – धन्यवाद माँ




 फ़िर हम घर पहिच गई … …


 दीदी सो छुकी थी रूम में मैं भी अपने रूम में आया कपडे उतरे और सिरफ अंडरवेयर मी लेट गया और लैपटॉप ऑन करके सविता भाभी की कॉमिक्स पढ़ने लगा रात के 1 बजे जा कर सारी कॉमिक्स खतम हुई मेरा लुंड लोहेा एक फ़ोल्डर, तबाह  मुझे टेक्स्ट फ़ाइल मिली मैने ओपन किया और उसमे 3 लिंक मिली वेबसाइट का उपयोग करें


 




 मैने वो वेबसाइट टैब्स मी ओपन की तो उसमे कहानी थी … चुदाई की हॉस्टल में सुना तो कभी कभी पद नहीं पाया वहा फोन था ही नहीं और लैपटॉप इश्यू करना पद था




 मैंने उन वेबसाइट में छुडाई की कहानी पढ़ने लगा, मां की, दीदी की, बीवी की पढ़ो की आदि काफ़ी सारी कहानी पड़ी मैंने जिसमे एक कहानी जिसमे एक समाज का आदमी लेखक की मां छोडता है…  गया … इतना मुझे कभी नहीं आया था फिर मैं लैपटॉप बैंड के लिए जा ही रहा था की मुझे बार में कुछ नोटिफिकेशन मिले मैंने ओपन किया उसमे रात के 1 बजे तक मां और भूषण के बीच चैट हुई थी




 भूषण – जानकी अब नहीं मिलना चाहता


 जानकी – बात तो तुम जितना करालो भूषण


 भूषण – शादी क्यों करली जानकी तुमने … मैं तो आज भी कुंवारा हूं तुम्हारे लिए


 जानकी – फ़्लर्ट कर रहे हो भूषण, नॉटी बॉय


 भूषण – और कुछ सुजता ही नहीं है जानकी


 जानकी – तुम मर्दो का दिमाग कितना हरामी होता है … हाहाहा


 भूषण – तुम औरतो को भी तो हरामी ही मर्द पसंद आते हैं


 जब मैं शरीफ था तब तो तुम भाऊ भी नहीं डालती थी मुझे


 जानकी – हाहा वो तो है हरामी मर्दो में एक अलग ही चा होता है


 भूषण-जानकी पति कहा है तुम्हारा?


 जानकी – वो तो गया यूएसए अपना बिजनेस सेटअप करना


 भूषण – तुम बुलाके तो देखो … मैं अभी आ जाता हूं


 जानकी – नो थैंक्स, अब सो जाओ मुझे सुभा उठा भी है


 भूषण – एक पिक्चर तो भेजो जानकी फिर सो जाउंगा


 जानकी – मेरी पिक्चर के बाद तुम सौगे नहीं ये तो मैं जानी हूं… कुछ और ही करोगेउर हसन लगी हाह


 भूषण – भेजो ना जानकी


 जानकी –






 अब तो तुम कॉलेज के टाइम से भी जडा पताका हो गया हो…


 जानकी – अब सो जाओ .. अलविदा


 भूषण – अलविदा जानकी




 ये सब पढ़ने के बाद मेरा लुंड मां की और भूषण की बात सुनके एक दम कड़क हो गया मैं मुठ मारने लगा तो ये ख्याल आने अलगा की भूषण मां के ऊपर चढ़के छोड रहा है और ही मा…  और छोडो भूषण और जोर्से .. 20 मिनट बाद मेरी पिचकारी निकली और इतनी खुशी हुई की बता नहीं स्काटा।




 अब मेरे दिमाग में ये सब चलने लगा…और मैं ये ही सोचते सोचते तो गया




 मैं सुभा के 6 बजे सोने के दिन के 12:30 पे उठा मेरा लुंड अभी भी खड़ा था कल रात की बात से मैं बाथरूम गया और अपना जिला उनेवेयर उतर के फीका, मां और भूषण को याद करके मेरे हाथ में 10 में ला  निकल गया


 फिर माई फ्रेश होके नीचे गया मॉम ने बोला बेटा सोनू कहां किचन में है खेलना माई सोने जा रही हूं


 माई-मैंने मां से झूठ बोला, मां मेरा बैलेंस खतम हो गया है मुझे कॉल करना है क्या मैं आपके फोन से करलू?


 माँ – हा बेटा कर लेना … और फोन वापीस रूम में ही रखना देना


 माई – ओके मॉम




 फिर मैंने नाश्ता और दोपहर का भोजन एक साथ ही किया कल रात की मेहंदी से मैं बहुत भुका था, फिर मैं मां के कमरे में गया और फोन उठा अपने कमरे में ले आया


 मैंने फोन अनलॉक पार्के मां की स्नैपचैट से मां और भूषण की साड़ी चाट पड़ी जो 1 महीना पुरानी थी मां गलती से मिल गई थी भूषण को स्नैपचैट में


 माँ और भूषण कॉलेज साथ में ही मिले थे, कॉलेज में माँ के बॉयफ्रेंड भी हुए करते थे, माँ ने मॉडलिंग भी की थी कॉलेज के टाइम प्राइवेट पत्रिका के लिए, वो सब तस्वीरें मॉडलिंग वाली ही थी, ये सब बी.कॉम की बात थी  उसके बाद मॉम एमबीए के लिए वहा से निकल गई थी जहां उन्हे डैड मिले थे…


 भूषण की बातो सेसाफ पता चल रहा था की वो मां के लिए पागल है और बहुत बड़ा आशिक है उनका


 माँ ने और भी कुछ मर्दो से चैट की हुई थी स्नैपचैट में छुडाई की बात थी और माँ ने ये भी बताया था कि डैड ने उन पिछले 1 महीने से नहीं छोटा है आदि


 मेरे दिमाग में अपने सपनों को पूरा करने का एक विचार आया… जिससे मैं मां को भूषण से चुदवाते हुए देख सकता था, मैंने भूषण अंकल की आईडी स्नैपचैट देखी


 स्थिति था … बिल्ली खाने वाले मैंने चाचा की आईडी कॉपी की और माँ का फोन वापीस उनके कमरे में रख के आ गया


 फिर मैने एक फर्जी अकाउंट स्नैपचैट में बना


 और अंकल को मैसेज किया भेजो


 मैं – मैं जनता हूं भूषण तुम कौन हो और तुम्हें क्या चाहिए


 


 भूषण अंकल ऑफलाइन




 फिर माई टीवी वाले रूम में चला गया 5 बजे बज गया था माई टीवी वाले रूम में गया मां कॉफी लेके आई अपने के लिए और मेरे लिए मां ने ब्लैक नाइटी पीहनी थी


 माई – माँ आज इज़ टाइम हाय नाइटी फेनी है


 मां – हा बेटा तेरे डैड तो चले गए हैं तो उनका तो कोई दोस्त आएगा नहीं घर में ही हूं तो सोचा बार बार कपड़े क्यू चेंज करु ये ही जाने लेटी हूं..


 तुझे तो कोई समस्या नहीं है


 माई – नहीं मॉम बिलकुल नहीं, हा बस ये कुछ ज्यादा ही छोटी नहीं है …


 माँ – बेटा ये फैशन है और गरमी भी कितनी है … सब गीला हो जाता है


 माई – हा वो भी है माँ


 अब मैंने माँ से बात छेदी..


 माई – मॉम अब डैड तो चले गए हैं इतने समय के लिए तो अब आप क्या करेंगे…


 माँ – कुछ नहीं करुंगी घर का इतना काम होता है..


 माई – माँ निजी जीवन भी होती है की जरूरत है भी होती है


 माँ – घुरते हुए … ओह .. कैसी को बीटा चाहिए … जरा बताना ?


 माई – क्या माँ आप जनता हो फिर भी ..


 माँ – फिर भी जनन चाहता हूँ… बता जरा..


 माई – मॉम बॉडी की फिजिकल नीड्स, रिलेशनशिप


 माँ – हा बेटा वो तो होता ही है… तो तू क्या कहना चाहता है


 माई – मॉम आप बॉयफ्रेंड क्यों नहीं बना लेते, अब डैड भी नहीं आएंगे कुछ सालो तक तब तक आप क्या करेंगे


 माँ – हु… केहेतो तो थिक रहा है बेटा लेकिन बॉयफ्रेंड के लफ्दे भी होते हैं…


 माई – कैसे लाफदे माँ


 माँ – बीटा हैं .. अब बीएफ होगा तो वो सब भी होगा …


 माई – वो सब क्या माँ ?  और हसन लगा


 माँ – शरारती बीटा सेक्स .. तुम लड़कों की भाषा में चुदाई, तुझे ही समस्या होगी .. तेरे दोस्त क्या कहेंगे


 माई – मॉम नहीं होगी … और मेरे कोई दोस्त भी नहीं है आप फिकर मत करो आई सपोर्ट यू


 माँ – सोचुंगी बीटा इस बारे में है


 प्राथमिकी माँ कप लेके रसोई में चली गई 8 बज गया था मैं अपने कमरे में चला गया




 मैंने अपना फोन उठा उसमे भूषण अंकल का संदेश आया हुआ था




 भूषण – कौन है तू साले और तुझे बहुत पता की मुझे क्या चाहिए


 चाचा ऑनलाइन


 माई – मुझे सब पता है भूषण तुझे छुट चाहिए अपनी कॉलेज की लड़की की जिस्का नाम जानकी है


 भूषण – साले हरमजादे तू है कौन


 माई – ये गलात सवाल है भूषण … ये पुच की मैं तुझे कैसे दिलवा सकता हूं जो तुझे चाहिए


 भूषण- साले मुझे तुझपे शक है… पहले सबूत कर की तू जानकी को जनता है…


 माई – ओके भूषण, जानकी से पिक्चर मांग अभी वो ब्लैक नाइटी में है देख वो ही तस्वीर भेजेगी


 कुछ डर बाद…


 भूषण- साले तुझे कैसे पता..


 माई – मुझे वो तस्वीर भेजो कर भूषण तुझे जादो दिखला हू


 भूषण –






 माई – भूषण बूबे ही देखेंगे … ये जानकी की गन देख … वो बड़ी रसीली है






 भूषण – मान गए तुझे बोल बात क्या है


 माई – मैं तुझे जानकी दिलूंगा … लेकिन मुझे जानकी की छुडाई देखना है


 भूषण – कैसा आदमी है तू… इतनी मस्त माल को चोदने की जाघा तू उसकी छुडाई देखना चाहता है


 मैं – तू नहीं समझौता भूषण .. जल्दी ही सब समझ आ जाएगा … तुझे .. बता डील पक्की … किसी कौर को नहीं पता चलनी चाहिए


 भूषण – किया हुआ


 माई – तू शादी शुदा नहीं है ना:


 भूधन – नहीं


 माई – इज सोसाइटी मी शिफ्ट हो गया याहा एक घर खाली है इस्तेमाल खरिदे मैं जनता हूं तू बहुत अमीर है तेरे लिए घर खड़ीना कोई बड़ी बात नहीं है .. तेरी जिंदगी बदलने वाली है


 भूषण – जैसा तुम कहो…


 माई-आगे मैं तुझे संदेश करुणागा


 भूषण – जरुरी




 तब तक रात के 9 बज गई, मैंने जैसे ही चैट बैंड की.. कीर्ति दीदी रूम में आ गई… नाइट ड्रेस से पता चल रहा था की दीदी ने ब्रा पैंटी नहीं पहनी है








 दीदी बोली सोनू आजो कहां बन गया है डिनर करलो


 माई – ओके दीदी दी जाने लगी .. मैं दीदी को देख ही रहा की दीदी पलट गई .. और बोली इतना क्या घुर रहे हैं कहीं छेड ना हो जाए .. और जल्दबाजी हुई चली गई






 मैं भी खाने की मेज में आ गया, तब मैंने दीदी माँ के बीएफ वाली बात की तो दीदी माँ से बोली


 कीर्ति – माँ आप इतना मत सोचो … .. हम आपको पूरा समर्थन करते हैं … जीवन को बर्बाद मटको … कारो और हसने का आनंद लें


 दीदी को देख मैं और माँ भी हसने लगे … हमने डिनर किया और अपने अपने रूम में चले गए


  












 मैं सुभा उठा आज मैं समय में उठा था … सुभा 8 बजे दीदी नाश्ता करके कॉलेज को जाने लगी माँ ने मुझे खाने को पुचा माई नाश्ता के लिए बैठा माँ अपने के लिए और मेरे लिए नाश्ता लेके आई मैं और माँ 


 माई – मॉम नींद पूरी नहीं हुई क्या…?  आपकी आंखे लाल हो रही है


 माँ – हा बेटा लेट सोई थी रात मुझे सोटे 1 बाज गया था


 माई – क्यू माँ आप थिक तो हो ना


 माँ – हा मैं थिक हू ..कल स्नैपचैट और इंस्टाग्राम यूज़ कर रही थी उसमे पता ही नहीं चल


 माई – बॉयफ्रेंड दुंद रही थी क्या?  और हसन लगा


 माँ – मुस्कान करते हुए वो भीकर रही थी… आज कल मर्दमिलते कहा है


 माई – आदमी कोई बिक्री मुझे थोड़ी मिलिंगे .. आपको


 माँ – हसने लगी .. चल टोपी पागल


 माई – माँ aapkp कैसा बॉयफ्रेंड चाहिए


 माँ – मुझे तो सच बताऊ से एक मर्द चाहिए, हैंडसम हो या ना हो … लेकिन मर्द होना चाहिए


 माई – मर्द से आपका क्या मतलब है..?  और मुस्कान लगा


 माँ – मर्द वो जो अपनी औरत को ठंडा कर खातिर.. वो मर्दो


 माई – ठंडा से मैटलैब माँ?


 माँ – सोनू इतना भी भोला मत बन मैं जनता हूँ लड़कों छात्रावास के लड़के कैसे होते हैं, तुझे सब पता है… अपनी माँ को परसन कर रहा है


 माई – नो मॉम … मुझे कुछ नहीं पता ..बताओ ना


 माँ – तू ना बहुत शरति हो गया .. है .. मुझे ऐसा बॉयफ्रेंड चाहिए जो मुझे सेक्स मुझे संतुष्ट कर खातिर


 माई – मॉम क्या डैड आपको संतुष्ट नहीं करते?


 माँ – ऐसा नहीं है बेटा .. स्टार्टिंग मी टू बहुत माजा आता था फिर काम की वजह से … वो बिजी हो गया…


 माई – ओह मॉम … सॉरी


 माँ – कोई बात नहीं बेटा अब संतुष्ट हो जाऊंगी.. और हसने लगी


 माँ को देख के मैं भी हसना लगा…


 फ़िर मॉम किचन में चली गई बार्टन धोने और मैं अपने रूम में…


 पूरा दिन कुछ खास नहीं हुआ .. यूही काट गया दिन


 अगले दिन सुबह मुझे 10 बजे भूषण का संदेश आया “मैं आ गया हुआ मैं घर खरीद कर लिया है … आज शाम तक सब शिफ्ट हो जाएगा .. समान”


 मॉम किचन में थी, दीदी ऐस रेगुलर कॉलेज गई थी..


 मैंने रिप्ले किया – आज दिन में मुलकत हो जाएगी


 भूषण – आप से मिलने का इंतजार कर रहा हूं…




 फ़िर माई किचन में माँ के पास गया .. माँ बार्टन धो रही थी … रात वाली नाइटी पेहनी थी मैंने माँ से कहा


 माई – मॉम अभी तक आपको कोई बीएफ नहीं मिला?


 माँ – बीटा 2-3 मर्द देखे हैं .. सोच रही है किसे चुनें करू


 माई – माँ ऐसा क्या देख लिए आपने जिससे आपको पता चल गया की वो मर्द है


 माँ – तू दिन पर दिन शरारती होता जा रहा है सोनू, हवा मुस्कान करने लगी


 माई – ओके आब सेलेक्ट करो … मैं जाता हूं … रूम में थोड़ा सोने


 माँ – ठीक है बेटा


 माई रूम में जाके सो गया 2 बजे मैं उठा बहार निकला ही रहा था मुझे माँ की बात करने की आवाज़ आने लगी


 मैंने थोड़ा सा दूर खोलके देखा तो वो ही माँ की दोस्त बैठा थी माँ से बात कर रही थी… मैं सुनाने लगा




 आंटी – जानकी तेरा पति तो गया अब तेरा क्या होगा…


 जानकी – मेरा होगा क्या होगा क्या, मेरा बेटा और बेटी तो कह रही थी की माँ प्रेमी बनालो


 आंटी – क्या बात कर रही है जानकी तेरी तो निकल पड़ी … लगता है कॉलेज के दिन आने वाले हैं तेरे


 माँ – चल टोपी कुटिया .. कुछ भी बोलती है …


 आंटी – तू बोल तो अपने पति से बात कर वो तो तेरे लिए पागल है… साल का बार मुझे भी तू समझ के छोटा है…


 माँ – अपना पति अपने पास रख … मैं देख लुंगी


 आंटी – मुझे मत भूल जाना मेरी जान


 माँ – तुझे कैसी भूल शक्ति हु जानेमन … कॉलेज में भी तो सब दोनो ने साथ ही किया था


 प्राथमिकी माँ और चाची हसने लगी ..


 माई रूम से बहार निकला और माँ से बोला


 माई – मॉम माई बहार जा रहा हूं


 माँ – ठीक है बेटा


 चाची – सोनू बेटा आज अपनी चाची के गले नहीं मिलोगे


 माई – जरूर आंटी..


 मैने आंटी के गले मिला आज मैंने कासके आंटी को जकड़ा और एक हाट से उनकी गांद भी दाबादी आंटी के मुह से गाल निकली आह्ह….


 आंटी कान में बोली – बेटा सोनू तुम बड़े हो गए हो… कभी मेरे घर आओ तुम बड़े लोगो वाले खेल खिलाड़ी हूं


 माई – मौसी मौका तो दी जिये…


 आंटी फिर पीछे हटी और बोली – बेटा सोनू मुझसे भी बात कर लिया करो ये लो मेरा फोन नंबर।  मैने आंटी का नंबर नोट किया और पुच किस नाम से बचाओ कारू आंटी


 मौसी – मौसी मत बोल सोनू नेहा बोल अभी तो माई जवान हु


 माई – वो तो है नेहा और फिर मैं वहा से चले गया


 माँ – साली मेरे बेटे को छोड दे कुटिया…


 आंटी – साली क्या मर्द दिया किया है … तेरे बेटे का लुंड मेरी छुट पे लग रहा था तू बोल तो घुसा लू अपनी मुझे छोड़


 माँ – चल हट हरमजादी नहीं सुधरेगी




 मैं घर से निकल के सीधा भूषण के नए घर पाहुचा




 मैंने दरवाजे की घंटी बजाते ही भूषण ने दूर खोला..


 भूषण – हा कौन हो तुम किससे काम है,


 माई – मेरा ही इंतजार कर रहा था ना तू भूषण


 भूषण – तू कौन है … यह क्या कर रहा है


 मैंने फोन निकला और भूषण को स्नैपचैट में मैसेज किया उसके सामने – साले दूर में ही खड़े होंगे तेरा सपना कभी पूरा नहीं हो पाएगा ऐसा


 भूषण – तो तू है… मुझे लगा कोई बड़ी उम्रा का इंसान होगा …


 उसे दूर खोलके मुझे बुलाया और जल्दी से दूर कर दिया


 भूषण ने खाने पीने का इंतजार कर रखा था … दारू, चकना सब था


 माई – ये सब किस के लिए


 भूषण – मजने तो तेरे लिए ही कर रखा था, मुझे नहीं पता था तू स्कूल – कॉलेज का जवान लड़का होगा


 मैं – सम्हाल के रख ये दारू … काम आएगी … तेरी जानेमन के लिए


 भूषण-मुस्कुराने लगा और बोला अब बता तू कौन है… तू कैसी जनता है जानकी को और कल वो तस्वीर कैसी ली तू उसे


 माई – मैं जानकी सबसे एकलोता बेटा हूं..


 भूषण – क्या तू जानकी का बेटा है, और तू खुद अपनी मां की छुट के लिए लुंड धुंद रहा है




 फिर मैंने सब कुछ समझ भूषण को की पूरी कहानी बता




 भूषण – ओह तो ये बात है सोनू बेटा..


 माई-बेटा मत बोल साले हम दो मर्द है और ऐसे ही बात करेंगे


 भूषण – ठीक है सोनू, तू बड़ा हरमजादा है अपनी मां की छुट फैट ते हुए देखना चाहता है


 मैं – क्या करू भूषण नशा ही ऐसा लगा है .. बता तय है तू


 भूषण – मेरे लुंड तो कब से तय है..


 माई – पहले मुझे मेरी मां की कॉलेज की रंग रलिया बता… किस घाट का पानी पिया हुआ है उसे सब बता


 भूषण – यार सोनू कुछ ज़रूर तो नहीं कह सकता है मैं तेरी माँ के 3 बॉयफ्रेंड द कॉलेज में उससे जादा नहीं पता मुझे और तेरी माँ मॉडलिंग करती थी कॉलेज में


 मैं – वो मुझे पता है भूषण तेरी चैट पड़ी मैंने, अब तू सब पता करेगा मां के बारे में जानकी और पुच उसे … साली सब बताय फिर तू मुझे बता देगा


 भूषण – कैसा हरामी है, लेकिन साले है बड़ा क्रिंकी तू, मैं तय हूं


 माई – आज शाम को मेरे घर आ जाना डिनर के लिए


 भूषण- तेरी मां पगला जाएगी मुझे वहा देखके…


 माई – तू फ़िकर मत कर मैं सब सम्हाल लुंगा वाइन और फूल ले आना … और जानकी पुचे की तू मुझे कैसा जनता है … तो बोल देना तू मेरे दोस्त का अंकल है और हॉस्टल में मिला था मुझसे


 भूषण – ज़रूर सोनू जैसा तू बोले




 फिर मैं वहा से निकल गया अपने घर के लिए


  


 घर आया दरवाज़ा बंद था मैंने दस्तक दिया माँ ने दरवाजा खुला किया और बोला बेटा तू बैठा माई कॉफ़ी लेके आति हू रसोई में चले गए माई जाके सोफ़े में बैठा और टीवी देखने लगा, थोड़ी देर बाद माँ आई मुझे कॉफ़ी दी और खुद भी पीने  लगी


 माई – मॉम आज रात को मैंने अपने दोस्त के अंकल को इनवाइट किया है डिनर में वो यही शिफ्ट हुए है हमारे गाहे पास


 माँ – तू कैसे जनता है


 माई – मॉम वू मीटिंग्स अटेंड करें करना आते फिरते स्कूल में मेरे दोस्त की


 माँ – ओके बेटा माई डिनर बना दूंगा


 माई – माँ आज अच्छे से तयार हो जाना


 माँ – क्यू बेटा अपनी माँ का रिश्ता करना है क्या ?


 माई – जल्दबाजी हुई, क्या माँ, वो काफ़ी अमीर है हमसे भी तो मैं चाहता हूँ की हमारी तरफ़ से कोई कमी ना रहे…


 माँ – ओके बेटा समझ गई माई


 माई – मॉम क्या पता आपको बॉयफ्रेंड भी मिल जाए और मैं हसना लगा


 माँ – अच्छा तो अपने दोस्त के अंकल को मेरा बॉयफ्रेंड बनेगा .. तेरा दोस्त क्या कहेगा … वो तो तुझे मेरे बारे में बहुत मिलेगा


 माई – मॉम स्कूल ओवर हो गया है अब तो बात भी नहीं होती


 माँ – हु ये बुई सही बात है, लेकिन अगर कभी पता चल गया तो तू क्या करेगा?


 माई – क्या मॉम ये सब तो नॉर्मल है, आज कल की दुनिया में ..


 माँ – जल्दबाजी हुई तू सच में बड़ा हो गया है मेरे बेटे फ़िकर मत कर मैं सब देख लुंगी …


 माई – ओके मॉम


 फिर माँ कप लेके चली गई रसोई में और तय करने लगी, मैं भी अपने रूम ने चला गया और बिस्तर में देर से गया अपना फोन चेक किया उसमे नेहा चाची का संदेश आया हुआ था


 नेहा – सोनू बेटा तुमने तो मुझे याद ही नहीं किया, इस लिए मैंने तुम्हें याद कर लिया है


 चाची का स्टेटस ऑनलाइन था


 माई – आपको कैसे भूल सकते हैं आंटी आप कोई भुलने वाली चीज थोड़ी ना हो


 आंटी – नेहा से सीधा पनीर बन गई माई, आज जैसा जकड़ा था तूने मुझे मेरे तो बदन तो तोड़ दिया


 माई – आप कहो तो नेहा आपकी मलिश करदु


 आंटी – सिर्फ मलिक से काम नहीं चलेगा सोनू.. और भी बहुत कुछ करना पड़ेगा


 माई – और जैसा क्या नेहा एक बार मौका तो खुश हो जाओगी


 आंटी – तुम मुझे खुश करोगे, तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?


 माई – नहीं


 आंटी – तुम्टो अनादि हो को


 माई – हा अनादी तो क्या, वो तो आप सिख कुत्ता लेकिन मेरे जैसा मेहंदी नहीं मिलेगा आपको कहीं


 आंटी – वो तो मुझे भी लगता है…


 माई – आंटी अपने हुस्न को तो दिखाओ… मैं भी देखना चाहता हूं


 आंटी – मैं भी देखना चाहता हूं से क्या मतलब है?


 माई – अब आपका हुस्न तो कायो ने देखा होगा, मुझे भी हमें लिस्ट में शमील कार्लो


 आंटी – जरूर सोनू तुझे कैसे छोड़ सकती हैं












 चाची – कैसी लगी तस्वीर


 माई – अब मुझसे क्या चुराना नेहा, अब तो अपना खज़ाना खोलके रखदो


 आंटी – अभी सिरफ इतना ही देख, जब घर आओगे तब सारा खजाना दिखूंगी .. और इस्तमाल करने भी दूंगा .. तुम आओ तो सही


 माई – अब तो जरूर आना पायेगा।




 फिर मैंने एक झपकी नींद ली और मैं रात 9 बजे में उठा


  


 मेरी आख खोली मैंने टीशर्ट और जीन्स पहनी और बहार निकला रूम से भूषण सोफे में बैठा था मुझे देखा वो मस्कुराके देखने लगा दीदी किचन में थी मैं जाके भूषण के पास बैठा गया…




 माई – बड़ा जल्दी आ गया अंकल


 भूषण – तू इतनी इज्जत से कब से बात करने लगा


 माई – अभी घर में है कोई भी सुन सकता है


 भूषण – तू चालक बहुत है


 माई – वाइन लाया:


 भूषण – हा


 माई – आज रात को मौका है तेरे पास जानकी आज तय होने के बाद पता नहीं है की वो तेरे लिए तय हो रही है


 भूषण – सोनू तेरा शुक्रिया कैसे अदा करू मेरा स्पैना पुरा होने वाल है


 मैं – इतना खुश मत हो अभी हुआ नहीं है … आज रात में तुझे और जानकी को अकेला छोड़ दूंगा .. याद रखना जानकी को तेज आदमी पसंद आता है जो बिलकुल बेशरम हो


 भूषण – तुझे ये सब कैसे पता


 माई – मैंने मां के स्नैपचैट में पता था इस्तेमाल चैट जो वो तेरे अलावा भी काई मर्दो कर रही थी


 भूषण – तेरी माँ की बहुत फड़ फड़ा रही है लगता है


 माई – वो तो है अब तेरे ऊपर है की तू जानकी की छुट शांत करता है या कोई और


 भूषण – ये तो मैं ही करुंगा, कबसे इस दिन का इंतजार किया है ये मौका नहीं चोदने वाला माई




 तबी माँ की आवाज़ आई सोनू बेटा, कीर्ति जरा यहाँ आना रूम में




 माई और दीदी रूम में चले गाय


 माँ ने एक बांध सेक्सी ड्रेस पहनी थी ब्लैक कलर की, माँ को देखने मेरा लुंड खड़ा होने लगा










 माँ – कैसी लग रही है मैं, सोनू तेरे अंकल आ गई


 माई – हा माँ आ गई वो नीचे बैठे हैं, आप गर्म लग रही हो अंकल कहीं पिगल ना जाए आपको देखके


 दीदी – वू सेक्सी मॉम, वैसे अंकल भी बहुत सुंदर है मुझे लगता है कि आदर्श प्रेमी भूखा है


 माँ – शू … ख्याली पुलाव मत बना कीर्ति …. वो सब मैं तय करुंगी .. ट्यून डिनर लगा दिया कीर्ति ?


 दीदी – हा माँ आप आजो फिर सब डिनर करते हैं


 माँ – चलो फिरी




 हम सब खाने की मेज मैं आई मैं भूषण अंकल को बुलाके लाया,


 जैसे ही माँ ने भूषण को देखा


 माँ – भूषण तुम याहा,


 माई – माँ यही है मेरे दोस्त के अंकल


 दीदी – माँ आप पहले से जानी हो इनहे


 माँ – हा ये मेरे b.com मुझे सहपाठी था


 भूषण – हा मैंने अपना बिजनेस सब सेल कर दिया और अब मैं अपनी लाइफ को एन्जॉय करना चाहता था, काम तो बहुत कर लिया लाइफ मैं लिया मैं यहां शिफ्ट कर लिया


 आज दिन में ही मुझे सोनू मिल गया … और इसे मैंने डिनर में आमंत्रित किया, सोचा नहीं था याहा तुमसे मुलकत होगी


 दीदी – ये तो अच्छा हुआ की आप लोग एक दसरे को जाते हैं चलो डिनर करते हैं


 सब खाने की मेज में बैठा और रात का खाना शुरू कर दिया


 दीदी ने माँ के कान में कहा – माँ ये तो अच्छा हो गया …आप अंकल को जनता हो..पकड़लो आप अंकल को


 माँ – चुप शरारती


 भूषण – जानकी तुम तो और भी बहुत खूबसूरत हो गई हो


 माँ-तुम्हे तो मैं हमा से ही खूबसूरत लगती थी…


 दीदी – माँ को आप कभी अंकल के हाट नहीं आई?


 माँ – मुझे ऐसे लड़के पसंद नहीं थे ये तब चंपू हुआ करता था


 माई – मॉम अब तो ये जेंटलमैन बन गई है…


 माँ – हु ..वो तो दिख रहा है


 दीदी – अंकल आप बताइये माँ के बारे में


 भूषण – तुम्हारी माँ कॉलेज की सबसे खूबसूरत लड़की थी, हर कोई तुम्हारी माँ का दीवाना था


 माई – अंकल आप भी


 भूषण – हा मैं भी लेकिन तुम्हारी माँ कभी ध्यान ही नहीं देती थी


 दीदी – अंकल आप दोनो की किस्मत में फिर से मिलना लिखा था और देखो आप दोनो फिर मिल गई


 भूषण – हा अब तो मुझे भी तकदीर पर भरोसा होने लगा है


 माँ – हा शायद किस्मत में लिखा था




 हमने डिनर खत्म किया और दीदी किचन में चले गए साफ साफ करने थोड़ी देर बाद मां और दीदी आई




 दीदी – मॉम माई सोन जा रही हूं, अंकल आप आज यहां ही रुक जाना और चुपके से मॉम के काम में बोलके गई ऑल द बेस्ट मॉम


 माँ – बदमाशी


 माई – माँ मैं भी सोने जा रहा हूँ आप दो पुराने दिन याद करो बात करो मुझे तो नींद आ रही है बही


 भूषण – शुभ रात्रि बीटा


 मैं और दीदी अपने अपने रूम में चले गए


 अब हाल में माँ और भूषण हाय द और बात करने लगे


 


 माई रूम में जाके दूर को थोड़ा खोलके मॉम और भूषण को देखने और उनकी बात सुनाने लगा


 भूषण ने वाइन सर्व की ग्लास में और मां को अपनी और खीच मां तकराके भूषण से चिपक गई और फिर दोनो सोफे मैं बैठा गई


 भूषा का हाथ मां की कमर में था और दसरे हाथ में मां का हाथ


 माँ – भूषण मैंने सोचा भी नहीं था की तुम मुझे आज यहाँ मिलोगे


 भूषण जानकी हम दो जुड़े हुए हैं अब तो मान ले तू और मैं साथ हो जाए तो जन्नत ही जन्नत


 माँ – तुहारे लिए तो ज़रूर जन्नत और मुस्कान, तुम्हारा परिवार कहा है भूषण बीवी बच्चे ?


 माँ और भूषण से सिप की वाइन फिर भूषण ने एक और दाल परोसने


 भूषण – मैंने शादी नहीं की जानकी


 माँ – क्यू खड़ा नहीं होता क्या भूषण?  और हसने लगा


 भूषण – जानकी तेरे पे जो दिल अटका कॉलेज में उसके बाद से कभी किसी और में आ ही नहीं पाया


 माँ – तुम शादी नहीं की … इतने पागल होगे मेरे लिए मैंने सोचा नहीं था


 मॉम ने ग्लास वाइन का हाफ ग्लास गतक गया, भूषण अपना हाथ मां की जंघो में सेहला रहा था और मां के बूबे साइड से भूषण की चाट में दब रहे थे




 भूषण जानकी क्या तू मेरी जीएफ बनेगा?


 माँ – भूषण अपनी उमर देख ये उमर अब इन्साबकी नहीं है


 भूषण – जानकी उमर में रखा है जोश होना चाहिए, तुझे देखे तो मेरा जोश वैसा ही चाड जाता है एक मौका दे तेरी जिंदगी खुशी से भर दूंगा


 माँ – सोचते हुए देखने लगी …. फिर उठके बोली तुम हमारे कमरे में तो जाना और माँ अपने कमरे में जाने लगी माँ अपने कमरे के दरवाजे पर फुच गई


 मैंने जल्दी से अपने लैपटॉप को ऑन किया और टीवी से कनेक्ट कर दिया फिर मैंने अपना स्पाई कैम जो मैने टीवी और लैपटॉप लेटे टाइम खारिदा था का इस्तेमाल किया जो माई मॉम के रूम में पहले ही सेट करके किया था सारा कैमरा का फीड अब माई  टीवी मैं देखने लगा




 माँ दूर के पास पाहुची फिर वो मुद्रा भूषण खड़े होके माँ को ही घुर रहा था


 माँ ने पलटके उनग्लियो से इशारा करके भूषण को अपने पास बुलाया भूषण माँ के पास गया


 माँ – तुम जैसा चाहने वाला शायद ही मुझे मिलेगा और मैं ये मौका खोना नहीं चाहता और बोली आई लव यू भूषण माई तुम्हारी गर्लफ्रेंड बनूंगी


 फिर दोनो ने किस करना स्टार कर दिया पागलो की तरह








 मां और भूषण लगे रहे ऐसे किस करना मुझे 10-15 मिनट किस करते रहे भूषण कभी मां की कमर पक्का तो कभी मां की गांद दबाता मां भी भूषण का पूरा साथ दे रही थी दोनो एक दुसरे के बदन पे हाथ फिर घुमने  भूषण को ढाका दिया और अपनी बूबे ड्रेस से बहार निकल दिए और अपनी छुट फेलके








 भूषण से बोली


 जानकी – भूषण मेरी छुट बहुत समय से प्यासी है, और मैं जनता हूं तेरा लुंड कॉलेज के समय आज मेरी छुट को निरश मत करना आज से ये जानकी तेरी है


 भूषण – जानकी मैं तुझे निरश नहीं करुंगा जानेमन मेरी आज तुझे ऐसा मजा दूंगा जैसा किसी ने नहीं दिया होगा




 भूषण मां को पक्का करने कोन में दूर के खड़ा किया और नीचे बैठा के मां के बूबे चुनने लगा मां की हलत खराब हो गई उनके मुंह से निकलने लगी भूषण पूरी जान से चुनें लगा


 जानकी – भूषण आह .. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ … आह तुम्हारे चुनने से ही मेरी छुट गीली हो गई है … आह … चीक निकली


 भूषण लगा रहा मां के बूबे चूस्ता रहा मां अपना हाथ भूषण के बालो में फिरती रही जब तक मां की छुट का पानी नहीं निकलाने लगा






 फिर भूषण ने मां को गुमा दिया और मां मां की छुट और गान चाटने लगा


 माँ – आओ एक भूषण मैंने कभी किसी के साथ इतना आनंद नहीं लिया, आह्ह्ह… आह्ह्ह … आओ बेब


 भूषण – कॉलेज में तू रमेश और सुरेश के साथ ही घुमती थी एक बार मुझे मौका देती तो मजा जब ही दे देता…


 माँ – आआह … सही कहे रहे हो भूषण तुम … मैंने क्या मिस कर दिया … फिर जल्दबाजी हुई बोली तुम अखिल को भूल गई


 भूषण – जल्दबाजी हुई … ये ये अदाओ ने ही मुझे तेरा दीवाना बना दिया जब तू कॉलेज में अपनी ये मोती गांद मटकाते मटकाते घुमती थी, अपने यारो के साथ मौजे उडती थी …. तेरी ये हर काटे देख के  हो जाता था…








 जानकी अब अपनी गांद हिलाने लगी भूषण के यहां भूषण छत्ता रहा मां की गांद और छुट और साथ ही साथ अपने कपड़े भी उतरते रहे… जैसे ही कपड़े उतरे भूषण ने


 भूषण – जानकी अब खुद को नहीं रोक पाउंगा जाने मान अब तेरी छुट चुदेगी … इतना कहते ही अंकल खड़े हुए और अपना लुंड एक ही बार में मां की छुट में दाल दिया


 जानकी बहुत ज़ोर से चिल्लै… आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्… आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह …..


 जानकी – भूषण ये तुम्हारा लुंड है कोई लोहे की छड़ इस्ने मेरी चूड़ फड़ दी आआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् बी.. बी… बी………..).


 भूषण – जानेमन छुडाई तो तेरी अब हुई है … और अंकल थाप थाप करने के लिए लगे




 थाप … थाप … थाप … एक्सप्रेस की स्पीड में बहुत जोर से घर में आने लगी …


 मैं लाइव देखने के लिए रूम से निकला सोचा सामने से देखता हूं..मैं जैसा ही कमरा से बहार निकला मुझे वहा दीदी खादी मिली ब्रा उर पैंटी के उनकी गन और मेरी तरह थी … मैं उनकी गांद घुरने लगा






 दीदी ने अपनी पैंटी नीचे खिस्काई हुई थी और अपनी छुट रगड़ रही थी तबी


 तबी दीदी पीछे पलटी पलटी उन्होन मुझे देखा और मुस्कान की … दीदी ने एक सेक्सी सी ब्लैक कलर की नाइटी पेहनी थी … माल लग रही थी दीदी उसमे




  दीदी की पैंटी उस समय भी नीचे थी मुझे दीदी के निप्पल जो पारदर्शी ब्रा में दिख रहे थे और साथ ही दीदी की झातो भारी छुट भी दिखने लगी … फिर दीदी ने अपनी पैंटी ऊपर की ..




 और बोली


 कीर्ति – सोनू तू याहू


 माई – दीदी वो चीखने की आवाज आ रही थी और थाप थाप की


 कीर्ति – जल्दबाजी हुई अब ये तो होगा ही ना सोनू माँ को बीएफ जो मिल गया है दीदी ने खड़े खड़े मां की तरफ इशारा किया


 मैंने मां की तरफ देखा अंकल मां की तबाद तो छुडाई कर रहे थे


 माई – थोड़ा नाटक करते हुए आज लगता है ये आवाजे बंद नहीं होगी


 कीर्ति – कैसे होगी सोनू, अंकल को देखके नहीं लगता आज वो रुकूंगा … पीचले 15 मिनट से देख ताही हूं .. अंकल तो स्लो ही नहीं हो रहे हैं …


 मेरा लुंड अंडरवेयर मी एक बांध खड़ा हो गया था जिसे देखने दीदी बोली


 कीर्ति – आज गरमी बहुत खराब है … तेरा सनप फैन फना रहा है जा जेक सोजा और फिर दीदी अपने रूम में चली गई




 मैं थोड़ी देर और रुका फिर मैं भी अपने रूम में आके छुडाई टीवी में देखने लगा


  


 थोड़ी देर और छोडने के बाद भूषण ने मां की छुट में पिचकारी मार दी फिर मां नीचे बैठा और अपने बूबो में भूषण का लुंड घिसके खड़ा करने लगी






 माँ – भूषण तुम्हारा लुंड जैसा लुंड मैंने कभी नहीं देखा … .. आज पहली बार ऐसा लग रहा है जैसे मेरी छुट और नहीं फेल शक्ति …


 भूषण- जाने मन माने कहा था तुझे जिंदगी के भूल-भुलैया…


 माँ – ये तो सच कहा तुमने…इससे बड़ा मुझे आज तब कभी नहीं आया…


 भूषण – जानकी अभी तो शुरवात है तू मेरा साथ दे… तेरी जिंदगी रंगेन कर दूंगा


 मां – मैं तो अब हमेश तेरे साथ हूं…


  फिर भूषण ने मां को खड़ा किया और एक तंग उठाके मां के छुट में लुंड दाल दिया और हल्के हल्के छोडने लगा






 भूषण – जानकी ये बता कौन बड़ा छोटा है मैं या तेरे कॉलेज के यार


 जानकी – मैं तो तेरी दीवानी हो गई हूं भूषण तेरे सामने तो वो लोग कुछ भी नहीं है


 वो साले तो 2 एक साथ भी मुझे ठंडा नहीं कर पाए थे


 ये सुनके मेरा लुंड और तन गया … की मेरी मां 2 से एक साथ चूड़ी है


 भूषण – तू एक साथ 2 से भी छुटती थी, कैसे शुरू हुआ ये बता तो जानकी


 जानकी – रात भर बॉयज हॉस्टल में रुकना पड़ा था रमेश एक दिन रात में मेरी छुडाई कर रहा था उसी दिन हमने थ्रीसम पोर्न देखी थी, मेरी छुट भी हमें दिन कुछ जादा ही गरम थी तब रमेश ने सुरेश को बुला तो मेरी छो लिया,  और गान पहले ही छोड़ दिया था दोनो इस लिए मुझे सुरेश का लुंड लेने में परशानी नहीं हुई सुरेश छुट मरने लगा और रमेश मेरी गांद …  के बाद तो मैं सुरेश के साथ भी चली जाती थी चुडने


 भूषण – जानकी तेरी ये कहानी सुनके तो मेरा लुंड और भी ज्यादा टाइट हो गया .. है


 जानकी – ऐसी तो और काहनिया है भूषण सब सुनूंगी तुम्हें .. रुको भूषण


 भूषण – क्या हुआ जानकी ?


 जानकी – तुम मुझे यह छोड़ रहे हो… कबसे … सोनू और कीर्ति ना उठ जाए चलो रूम में चलते हैं..


 फ़िर दोनो रूम में चले गाय


 वहा भूषण ने मां को बिस्तर में लेटेके उनकी टंगे ऊपर की और छोडने लगा








 माँ अपनी मुझे भूषण के लुंड को जाते हुए देखते हैं तब भूषण बोला




 भूषण – क्या हुआ जानकी ऐसे क्या देख रही है


 जानकी – तेरा लुंड मेरी छुट में भूत हुए कितना अच्छा लग रहा है…


 भूषण – मुझे तेरी छुट छोटे हुए .. कब सपना देखा था आज पूरा हुआ …


 जानकी – अब तो ये होता ही रहे गा …


 भूषण – तेरी जैसी माल को अब छोडूंगा थोड़ा जानकी, मुझे ये बताता बच्चे होने के बाद तू किसी से चुड़ी है


 जानकी – हा तुमसे


 भूषण – मेरे अलावा किसी से … बता


 जानकी – पहले तू बता भूषण तुझे मजा आता है मेरी छुडाई के बारे में सुनके


 भूषण – हा जानकी, जब हमारे प्यार को कोई रागद रागद के छोड रहा हो, या वो किसी लुंड की सवारी कर रही हो ये जानके एक अलग ही नशा चढ़ता है


 जानकी – तू हरामजादे मर्द लोग कैसी कैसी चीजो में आता है तुम लोगो को


 भूषण – बता ना जानकी


 जानकी – हा एक बार चूड़ी हूं, अपने पति के पार्टनर से … एक बार घाट में पार्टी थी और पति अपने किसी क्लाइंट को चुनने गए थे उन्हे वही काम पास गया तो रुक गया … उनका पार्टनर घर पे ही रुक गया  … पार्टी के बाद सब चाके गई मेरी बेटी रूम में इतनी गई, मेरे पति ने काफ़ी दिनो से नहीं छोड़ा है मैं गरम थी … उसे चुना और छेदना शुरू किया … बात बढ़ते हुए … बेडरूम में पाहुच गई  … इसी बिस्तर में उसे मुझे नंगा करके पूरी रात छोड़ा … सुभा रेखा ने पुच भी लिया …उसने रात में मेरी चीके सुन ली लेकिन कभी किसी को कुछ कहा नहीं … मेरे बच्चे बहुत अच्छे हैं…  एमी लकी हू इज मी…


 फिर भूषण ने अपना लुंड निकला और हाट मां की छुट में डालके झड़ा दिया …








 फिर उसे मां को कुटिया बनाया … और अपना लुंड मां की छुट में दाल दिया … और ढकने लगा और बोला




 भूषण – जानकी कुटिया तू जनता है ना तेरी जैसी औरतो को समाज क्या कहलाता है


 जानकी – हा … मेरी जैसी औरतो को रंडी कहते हैं लोग


 भूषण – तो रंडी अपनी गांद हिला और बताता तेरा रेट क्या है


 जानकी-पीचे पलट के देखता है और बोलती है साहब 100 रुपए मैं पूरी रात चूड़वती हूं और अगर लुंड आपके जैसा हो मुझे फ्री करने के लिए


 भूषण – रेट तो सही रखा है, जानकी छिन्नल कुटिया कभी अपने बेटे की उमर के लड़के से चुड़ी है…


 मां कुछ नहीं बोली.. तब भूषण ने मां की गांद में एक चमत्कार मारा मां जोर से आह… चिलई और भूषण ने अपनी छुडाई की स्पीड बड़ा दी… जिससे थाप… थाप… थाप  … थाप … थाप … थाप … की आवाज और जल्दी जल्दी आने लगी






 जानकी – नहीं भूषण नहीं लिया मैंने कभी


 भूषण – फ़िकर मत कर जानकी अब तो बहुत कुछ नया ट्राई करगी मेरे साथ..और कास्के शॉट्स लगान लगा… माँ आह… आह… करने लगी


 फिर बोला… तू क्या सोच रही थी इतनी डर ये बता जानकी


 जानकी – तब मुझे अपनी दोस्त के बेटे की याद आ गई… ..


 भूषण – क्यू साली


 फिर उसे मां को लुंड पे बैठा लिया मां भूषण के लुंड पे कुड़बे लगी और भूषण नीचे से शॉट्स मार्ने लगा




 जानकी – एक बार मैं अपनी दोस्त के घर गई थी तब वह मेरे दोस्त की और मेरी बात हो रही थी … तब वो बोली की जवान लड़कों में बहुत फर्ती होती है तब मेरी दोस्त ने बताया की उसे अपने लड़कों को जो 17-18  का होगा उसका उपयोग करें जीएफ छोटे हुए देखा … उसका बीटा अपनी जीएफ को एक बांध एक्सप्रेस स्पीड में छोड रहा था उसका लुंड किसी पिस्टन की तरह चल रहा था


 उसका बेटा सामने बैठे टीवी देख रहा था… ये सोचते ही मेरी छुट गीली हो गई थी


 भूषण अब कासके शॉट लगान लगा और बोला


 भूषण- कुटिया तुम औरतो के दिमाग में क्या चलता है…


 जानकी – क्या करू भूषण ये छूत की प्यार है ही ऐसी साली बुझती ही नहीं…




 फिर भूषण ने अपना लुंड निकला और मां फर्ती से नीचे बैठा उसके लुंड को चुदने लगी … और फिर कुछ डर बाद अपना माल उसे मां के मुह में निकल दिया …








 मां की हलत कोठे की रांड से कम नहीं लग रही थी


 


 


 फिर माँ और अंकल नागे ही तो गई और झगड़ने के बाद मैं भी सो गया … सुभा करीब 8:30 पे अंकल रूम से निकले अंडरवेयर मी … मेरे रूम की तरफ आई उन्हे कीर्ति दीदी मिली, मेरे रूम का दरवाजा खुला हुआ  था … दीदी खादी थी ..






 देखे ऐसा लग रहा था की जैसी दीदी अंकल के लिए हूं खादी है …. मेरी नींद खुल चुकी थी मैं बिस्तर में ही देता था


 अंकल दीदी के पास आए उन्होन दीदी की पैंटी की तरफ इशारा किया तो दीदी ने अपनी पैंटी ऊपर को खीची … जिससे दीदी की झट और थोड़ी थोड़ी थोड़ी दिखने लगी








 दीदी की छुट की दारा में पैंटी घुस गई थी और पैंटी के बगल से दीदी की छुट बहार आ गई … तब भूषण बोला


 भूषण – कीर्ति तुम्हारी झट दिख रही है और छुट बहार आने को बेटा लग रही है


 तब दीदी को समझ में आया की क्या हुआ… वो मुस्कान दी और बोली


 कीर्ति-उनके आप बहुत चालक हो… वैसे बधाई


 भूषण-शुक्रिया कीर्ति… चालक तो मैं हूं…


 दीदी भूषण के खादी लुंड को अंडरवेयर के ऊपर से देखने लगी..


 भूषण अपने लुंड पे दीदी की नज़र देखते हुए अपने हाट से अपने लुंड को सहलाते हुए बोला – कीर्ति तू ये हैंडल नहीं कर पाओगी


 दोनो मुसुरने लगे … फिर भूषण मेरे रूम में आ गे और डोर लॉक कर दिया




 और मेरे पास आके बोला।


 भूषण – सोनू तू लाजबाब है .. तूने कर देखा भाई


 माई – मैंने तो किया जो कहा तू बता


 भूषण – कल पुचा तू जानकी से … तूने देखा ही … बाकी भी पाता करवा दूंगा


 माई – ये हुई ना बात मर्दो वाली


 भूषण – और कोई हुकुम मेरे आका


 मैं – नहीं जा मेजे कर मेरी मां के साथ जो तुझे सही लगे


 भूषण मुस्कान तबी माँ की आवाज़ आई भूषण, कीर्ति सोनू यहाँ आना सब


 तो हम सब उसके वही है माँ वहा ब्लैक नाइटी मैं थी








 खाने की मेज के पास हम सबके जाते ही माँ बोल


 जानकी – सुनो मैं बहुत दिनो से बॉयफ्रेंड धुंध रही थी, मुझे मेरा बॉयफ्रेंड मिल गया है वो है भूषण तुम दोनो कोई समस्या तो नहीं है इससे


 माई – नो मॉम


 दीदी – माँ मुझे तो कल रात ही ओटा चल गया था … आपकी चीकहो की आवाज सुनके


 जानकी शर्मई – तुम सोये नहीं थे


 दीदी – आपकी चीकहो ने सोने ही कहा दीया … माँ शर्मरे लगी …


 प्राथमिकी भूषण बोला


 भूषण जानकी मुझे मेरी जीएफ सेक्सी कपड़ों में अच्छी लगती है कहा और मां का आने से ओपन कर दिया






 भूषण – अब लग रही है पताका तू


 मेरा लौड़ा भी टाइट होने लगा


 दीदी – हैप्पी एनिवर्सरी मॉम माई तो कल रात को ही कहने वाली थी लेकिन आप व्यस्त थी और हसन लगी दीदी


 माई – हैप्पी एनिवर्सरी मॉम


 भूषण – आज तेरी सालगिरह है जानकी … आज से तेरी और मेरी सालगिरह होगी …


 दीदी – ये भी खूब कहा उनके ने, माँ कल डैड का फोन आ रहा था रात में आप शायद फोन नहीं उठा रही थी लिए मेरे फोन में आया …माकन केहे दिया का आपका केक कट रहा है … माँ आपसे बाद  मैं बात कर लिंग और दीदी जोरसे हसन लगी और साथ ही मैं भी


 फिर भूषण बोला जानकी मैं निकलता हूं घर में काम है सब सेटअप भी करना है बाद में आता हूं,


 माँ – नाश्ता तो करो करो


 भूषण – वो माई कर लुंगा तू फ़िकर मत करे


 फ़िर अंकल में माँ के कान में कहा की जानकी अपनी गाँड में से कपड़ा हटा माँ ने कपड़ा हटाया … मस्कुराते हुए








 फिर भूषण ने मा की गांद में एक ज़ोरका चमक मारा और बोला हैप्पी एनिवर्सरी डार्लिंग मां की गांद लाल हो गई फिर वो निकल गया


 दीदी – मां माई तो सोने जा रही हूं… और दीदी चले गई


 माई – मां मैं भी सोता हूं थोड़ी देर


 और जाने लगा


 जानकी बोली – माई भी सो ही जाति हू भूषण ने रात भर सोने नहीं दीया और जल्दबाजी हुई सोने चली गई