सुबा जब देव की नींद तब खुली जब नेहा उसे उठाती है। नेहा उसके लुंड को सहलके के उठने की कोसिस कर रही होती है।
देव - (उसका लुंड जाग रहा था पर देव आधी मुझे ही था छुडाई से ठनका के करन) - उम्म दीदी सोने दो ना।
नेहा - उठा भाई.. तुम अपने रूम ने नहीं सो रहा है। हम ने प्लान बनाया था भूल गया क्या? उठ जलदी.. मां या चाची के आने से पहले तयारी करना है। (मुझे उठने के लिए दीदी मेरा लुंड को जोर से दबा दी)
मेरी नींद खुल गई और सब याद आ गया की हम ने क्या प्लान बनाया था और रात को कैसे हम ने चुदाई की मुझे जगने से पहले दीदी ने मेरे लुंड को जगा दिया था।
देव - बहुत ठक गया था दीदी इसलिये नींद ही नहीं खुल रही थी। अब बोलिए क्या करना है?
नेहा - सब से पहले तुम अंडरवियर पाहन लो (दीदी रात वाली पैंटी उठा के देती है)
देव - क्या दीदी आपकी पैंटी में मेरा लुंड समा ही नहीं पता है। बहार आ जाएगा।
नेहा - यही तो मैं चाहता हूं भाई। (खुद की छोटी वाली नाइटी पाहन लेटी है बिना ब्रा पैंटी के)
देव - दीदी गंध आ रही है। इस्को साफ करना पडेगा। (दीदी की छुट की तरफ इशारा किया और अपने लुंड की तरफ)
नेहा - नहीं भाई महक को रहने दो। जो हमें उठेगा उसके सक होना चाहिए की हम भाई बहन ने रात में छुडाई की है।
देव - पर दीदी अगर गुसा हो गए और बात बड़ी गई तो।
नेहा - चिंता मत कर मैं सम्भल लुंगी। अगर गुसा हो गए तो हम उनको याकिन दिलाना होगा की हमें छुडाई नहीं की।
देव - (शर्मा के) पर दीदी हम ने तो छुडाई की है।
नेहा - हमनें की है या नहीं की है। ये हम जाते हैं। जो आएंगे उठेंगे उन्हे सक होगा। और हमें तो उनका रिएक्शन ही देखना है। अब काम करो। मैं तुम्हारी तारफ गढ़कर इतनी जाति हूं। तुम अपना लुंड को मेरी गांद पे सत्ता के मेरे जोड़े पर रख के सोने का नाटक करो। हमें उठने आती ही होंगी मां या चाची।
देव - पर दीदी है से तो मेरा लुंड संत नहीं होगा और छुडाई करने का मन होने लगेगा।
नेहा - तुम्हारा लुंड संत होना भी नहीं चाहिए। लुंड खड़ा है उठने वाले को देखना चाहिए तब तो सक और गहरा होगा भाई बहन की चुदाई का। टैब टू रिएक्शन खुल के आएगा। रिएक्शन कर बाद तुम्हारा लुंड संत नहीं हुआ तो एक बार और छोड लेना अपनी दीदी को। चल अब जल्दी कर उठे, आती होगी।
देव - ओके दीदी
दीदी ने जैसा कहा वैसा ही मैंने किया। दीदी की गांड के पास लुंड सात के उनके जोड़े पे जोड़ी रख के सोने का नाटक करने लगा। दीदी की छोटी सी पैंटी उनकी चुत को तो छिपा लेती थी पर मेरा लुंड को अपने में समा के रख नहीं पा रही थी। मेरा लुंड पैंटी से बहार निकल के दीदी की गांद को टच करने लगता है और जोश में अच्छा लगता है।
नेहा - भाई अभी पल मत देना लुंड मेरी चुत में। वर्ना सक नहीं सिद्ध याकिन हो जाएगा जो हमें उठेगा।
देव - ओह दीदी आपकी गांद मेरे लुंड को कंट्रोल मी नहीं रहने दे रही है।
नेहा - चल अब चुप हो जा। कोई आ रहा है इधर।
पायल की आवाज़ आ रही थी। कोई आ रही थी हमारे रूम मी। गेट सात हुआ था खोल के अंदर आती है। आने वाली हमारी मां रेखा थी। मां रूम में हमें ऐसे देख गुसे से लाल हो जाती है क्योकी मां को नहीं पता था दीदी के साथ मैं सोया हुआ हूं। हम दोनो की पीठ मां की तरफ थी से मां चेहरा नहीं दे सकती थी। माँ मुझसे अपने आप से बोले लगी। कल ही लड़की को मन किया कोई बीएफ नहीं लेगी घर और मा चुदवेगी और देखो बीएफ को बुला के चुडवा के सोया पड़ी है घोड़ी की तरह। माँ पास आती है। चुदाई की गंध आती है। मां झुक के पहले दीदी को उठा के लिए झुक के दीदी को हिलाने वाली होती है तब उनकी नजर मेरे पे पड़ी है और रुक जाती है। खुद के मन में सोचने लगती है। ये तो राज है पर ये नेहा के साथ क्यो सोया हुआ है। माँ हम दो को देखने लगती है और हम दो छुपी नज़रो से माँ को। मां की नजर तब दीदी की गांद पे जाति है और वो नंगी होती है और मेरा लुंड हम समय पैंटी में होता है पर तन के दीदी की गांद में घुसने को बेटा। माँ को चुदाई की महक आ रही थी। माँ सोचने लगती है कहीं ये भाई बहन ने रात में छुडाई तो नहीं की। नहीं ये दोनो चुदाई क्यो करेंगे दोनो के बीएफ जीएफ तो है। तो फिर ये चुदाई की गंध किसकी वजाह से है और देव यह क्यो सोया हुआ है। नेहा के पास तो रामू का बड़ा लुंड है चुडवाने के लिए तो अपने भाई से क्यो चुदवेगी। अरे नहीं नेहा तो मैंने माना किया है बहार किसी से चुडवाने। कहीं वो सच में देव से तो नहीं चुड़वा ली। हे भगवान कही ये भाई बहन छुडाई तो नहीं करने लगे। नहीं नहीं मेरा देव ऐसा नहीं कर सकता। राज होता तो हो सकता था पर देव नहीं। मां झुक के अपना नाक दीदी की छुट के पास ले जाती है। दीदी की चुत से चुत के पानी और लुंड के विर्या की गंध आ रहा था। माँ मन में सोचती है ये रंदी तो पक्का रात में चुदवेई है पर देव का कैसे चेक करू। देव तो घोड़ी के ऊपर चढा हुआ है। इसे उठाना पड़ेगा चेक करने के लिए। देव क्या पानी बहन को छोड सकता है। नहीं देव ऐसा नहीं कर सकता है पर रंदी नेहा का कोई भरोसा नहीं है। मेरे भोले भले देव को फासा के चुडवा ली हो। मुझे कन्फर्म करना पडेगा पर कन्फर्म करना की क्या जरुरत है। नेहा की छुट चुड़ी हुई है और बगल में देव सोया हुआ है तो देव से ही चुदवेई होगी वर्ण देव यह क्यो सोयागा। अगर किसी और ने छोटा होता तो वो सोया होता है रैंडी के पास। मेरे भोले भले देव को फासा के रैंडी ने चुत में ले ली। अब मैं क्या करू। रैंडी को लत मारू। देव का मोटा प्यारा लुंड रैंडी ने चुत में ले ली। देव बेटे का लुंड देख मेरी चुत गिली हो गई थी कामिनी का भी नियत खराब हो गई होगी देख के और फासा के चुड़वा ली कामिनी ये भी सोची की उसका भाई है। उनकी चुत से कुछ गिरा।
मां झट से अपना हाथ पैंटी में घुसा के चेक करता है तो उनकी चुत गिली होती है। हे भगवान ये क्या हो रहा है। मेरी चुत क्यों गिली हो रही है मेरे बेटे के नाम से। मेरी चुत मेरे बेटे का लुंड लेना चाहता है। अगर ये नेहा अपने भाई का लुंड ले शक्ति है तो मैं क्यों नहीं..
मां के मन में सैतानी चलने लगती है। मां सोची है कुछ नहीं करता हूं और इन दोनो को जो करना चाहता है करने देता हूं। देखता हूं क्या देव अपनी बहन को छोटा है। अगर बहन को छोटा है तो अपनी मां को भी छोडना होगा। वैसा भी मुझे देख उसका लुंड खड़ा होना लगा है। मैं भी बहती गंगा ने नहीं लुंगी और अपनी चुत की प्यास बुझाउंगी। मां के दिमाग भी सैतानी हो जाता है और कुछ प्लान बनाते हैं नेहा और राज को उठने लगती है जैसे कोई बड़ी बात नहीं हो उन दोनो का ऐसा सोना।
रेखा - अरे उठ जाओ तुम दो। कितनी डेर सोयागे।
नेहा - (आंख खोल के) - गुड मॉर्निंग मॉम। (मुझे अपने ऊपर से हटा से) उठो देव। सुबा हो गई।
माँ - सुप्रभात..ये बताओ देव यहाँ क्यो सो रहा है।
नेहा - माँ मुझे अकेले नींद नहीं आ रही थी कंपनी के लिए देव को बुला ली। आपने ही तो bf को लेन से माना किया है।
माँ - तो भाई को बुला ली सोने।
तबी मां की नजर मेरे पैंटी में बनू तंबू पे पड़ती है जो फट के बाहर आना चाहता है। मां ये देख याकिन होने लगता है की रात को मैंने छोटा है नेहा को।
मां-उठ जा देव बेटा। सुबा हो गई है।
देव - (उठ के) गुड मॉर्निंग मॉम.. गुड मॉर्निंग दीदी। (माँ की नज़र मेरे तंबू पे ही थी)
नेहा - क्या देख रही हो मां।
माँ - (बिना नज़र हराते बदरक बोलती है) तुम भाई बहन ऐसे नंग धरंग सोटे हो। कोई देखेंगे तो क्या सोचेगा।
नेहा - क्या मां मैं तो हमसा से ऐसी ही सोती हूं और देव भी ऐसा ही सोता है।
माँ - चल ठीक है। दोनो फ्रेश होके आला आ जाओ नास्ता के लिए।
देव- ठीक है माँ। (और मॉम चली जाती है स्माइल करते हुए) दीदी मां का बिहेवियर टू सेल्स गर्ल जैसी नॉर्मल था। कहीं ऐसा तो नहीं मां को सक ही नहीं हुआ की हम भाई बहन छुडाई कर सकते हैं।
नेहा - नहीं भाई मां को सक हुआ या कहो की याकिन हो गया है की हम भाई बहन ने छुडाई की है। माँ अपनी नाक से मेरी चुत सुनगी और कन्फर्म की छुडाई किया है हम भाई बहन ने।
देव - पर मां से एकदम नार्मल थी। इस्का मतलब माँ भी स्वीकार करती है भाई बहन छुडाई कर सकते हैं।
नेहा - हा भाई मां के लिए भी नॉर्मल है भाई बहन की चुदाई। (मन में मां साली कोई हंगामा नहीं की। रामू का लुंड लेने पे न चुडवाने की साजा दी और भाई से चुडवाने पे कुछ नहीं बोली। आखिरकार बात क्या है। नहीं बोली। या मां भी देव का लुंड पसंद करता है। जाने समय मुस्कान रही थी। कोई तो बात है। पता चल ही जाएगा)
देव - तो दीदी क्या करे हम। राज और संगीता को रोके या बढ़ने दे उन्हे।
नेहा - देखो भाई अब तो उन हम नहीं रोक सकते। हम खुद भाई बहन चुदाई किए और उनको रोका तो गलत होगा। वैसा भी मुझे भाई बहन की चुदाई कुछ गलत नहीं लगती। मुझसे तो तुम से चुडवा के बहुत मजा आया और चुदवाने चाहता हूं। तुम बताओ तुम्हें क्या गलत लगता है।
देव - नहीं दीदी मुझे भी गलत नहीं लगता। सच कहू तो मुझे भी बहुत मजा।
नेहा - सोनू रंदी की चुदाई से भी ज्यादा।
देव - हा दीदी सोनू से भी ज्यादा।
नेहा - तो पक्के बहनछोड़ बनाना चाहते हो।
देव - हा दीदी..
नेहा - तो आज से बहनछोड़ बोलूंगी तुमको भाई।
देव - आप जो चाहे बुला शक्ति हो दीदी।
नेहा - तो चलो बहनछोड़ साथ में नहीं है और मजा करता है।
दीदी के साथ बाथरूम में गया और दीदी की तांग को फेल के लुंड घुसया और दीदी को नहीं हुए एक बार और छोड के अपना लुंड और दीदी की चुत को संत कर के बहार निकले और तैयार होके नास्ता करने गए।
दीदी ने शॉट्स और टॉप पनी थी बिना ब्रा के। दीदी की बड़ी बड़ी चुचिया टॉप में हिलती थी चलने पे। वैसा तो ये बाकी महिलाओं के भी होते थे और रोज ही घर में देखने को मिला था पर अब देख के मेरा लुंड खड़ा होने लगता है। दीदी की चुदई करने के बाद दीदी की चुची देखने लगा और माँ के स्तन भी देखने का मन करने लगा। कुछ दिन पहले तक मां दीदी की हिलती हुई स्तन और गांद नॉर्मल था जिसे देख मेरा लुंड कोई खास हरकत नहीं करता था वो अब देखते ही सलामी देने लगा है। दीदी डाइनिंग टेबल पर मेरी बगल में बैठी थी। मैने एक शॉट्स और टी-शर्ट पहला था और दीदी ने एक सिरफ लंबा टैंक टॉप। दीदी अक्सर नस्ता टेबल पे ऐसे पहन के आती थी। सामने कुर्सी पर संगीता और राज बैठा था। पापा और अंकल साइड चेयर पे। चाची किचन में नास्ता बना रही थी और मॉम सबको सर्व कर रही थी।
राज - क्या भाई आज पार्टनर बदल लिया।
देव - पार्टनर क्या होता है। हम सब साथ में ही तो बैठे हैं। चेयर बादल गई।
नेहा - बदला तो तुम ने है राज। हम तो बाद में आए। तुम पहले से संगीता के साथ बैठे हुए थे। क्या बात है तुम दोनो में आज कल बहुत साथ में रह रहे हो। पहले तो एक दसरे को देखना भी पसंद नहीं करते थे।
राज - दीदी संगीता बहन है मेरी। हम एक दसरे को परसन जरूर करते थे पर यहीं तो हम भाई बहन का प्यार है। क्यो संगीता (राज ने संगीता के जांगो को मसाला दिया)
नेहा - दिख रहा है तुम दोनो भाई बहन का प्यार। कुछ ज्यादा ही हो रहा है।
संगीता - दीदी आपको जालान हो रही है?
नेहा - मैं क्यो जलाने लगी। मैं तो बोल रही हूं सोच लो का अंजाम क्या होगा।
राज - दीदी प्यार का अंजाम अच्छा ही होता है।
पापा - हैं किस बात पर तुम लोग लगने लगे। नास्ता करो आराम से।
राज और संगीता धीमे आवाज में आपस में बात करते हुए नास्ता करने लगे और मैं भी दीदी से धिमी आवाज में बात करने लगा।
देव - दीदी आप ने तो कहा था अब इनको नहीं रोकेंगे।
नेहा - हा नहीं रोकेंगे तो इन्हे कंट्रोल में रखना होगा नहीं तो मुसिबत में पैड शक्ति है। इनके लिए हमें रास्ता बनाना होगा। जल्दी बाजी करके मुसिबत में फस सकते हैं।
देव-हा बात तो सही कहा दीदी आप ने पर अब क्या करना है आगे।
नेहा-मॉम का रिएक्शन तो नॉर्मल है। माँ ये बात चाची को बता देगी। साम तक उनका भी रिएक्शन पता चल जाएगा। अब हमें डैड और अंकल का पता करना है। पड़ोसी का पता कर लेंगे उनका रिएक्शन सही रहा।
देव - पापा और चाचा का। वो कैसे करेंगे दीदी? पापा और चाचा कही सिद्धे पिता ना कर दे हमारी।
नेहा - ऐसा कुछ नहीं होगा। हम वयस्क है और वो भी खुले विचारो वाले है। अगर उन्हे गलत लगा तो हमें समझेंगे।
देव - अगर पापा और अंकल ने गुसे हुए तो क्या होगा।
नेहा - हम उन्हे समाधान की कोसिस करेंगे।
देव - हम क्या समझेंगे दीदी पापा और चाचा को की भाई बहन की छुडाई सही है। आप स्वीकार कर लिजिये।
नेहा - हा यही समाधान है पर थोड़े अलग स्टाइल से। देखा नहीं कितने भाई बहन चुदाई करते हैं और बहुत लोग सपोर्ट कर रहे हैं परिवार के रिश्तेदार में छुडाई। मुझे लगता है डैड और अंकल भी गुस्सा नहीं होगा। आगर होते तो माँ हमें चेतावनी देती है फिर रात तक देखो माँ या चाची आके बोलेगी।
देव - कुछ हुआ तो आप सम्भल लेना दीदी।
नेहा - चिंता मत करो मैं सम्भल लुंगी बस तुम अपनी दीदी को संभालो अपने महाराज पे।
देव-हा हा दीदी आप चिंता मत करो ये आराम से सम्भलेगा आपको (लुंड को मसाला हुए)
नेहा - तो बैठा ले दीदी को गोदी में।
देव - क्याय्या .... नहीं दीदी। सब के सामने कैसे बैठा सकता हूं।
नेहा - क्यो ? क्या हुआ अगर बैठ गई तो?
देव - आप ने पैंटी नहीं पहिनी है। आपकी नंगी चुत मेरे लुंड टच करेगी तो ये कंट्रोल नहीं करेगा।
नेहा - तो लुंड को बहार निकल चुत में घुसा देना। मजा आ जाएगा मैं।
देव-सब के सामने? नहीं दीदी मैं नहीं बैठा पाउंगा।
नेहा - उन्हे क्या पता चलेगा की तुम ने लुंड मेरी चुत में घुसा राखी है या मेरी चुत नंगी है। ऐसे में पापा और अंकल का रिएक्शन भी पता चलेगा। (दीदी मेरा लुंड पकार में सहलाने लगी)
पापा - अरे तुम लोग क्या काना फुसा कर रहे हो। पहले खा लो फिर बात करते रहना।
देव - कुछ नहीं पापा बस ऐसे ही।
पापा - इतनी डर से फुस कर रहे हो। क्या बात है बता हम भी।
नेहा - डैड ये अपनी जीएफ को पर्पस करना चाह रहा है तो मैं इसे सलाह दे रही हूं।
पापा - ले लो बेटा तुम्हारी दीदी को बहुत अनुभव है बीएफ का पर इस्के बीएफ की तरह टिकेगी ये देख लेना।
नेहा - क्या डैड मेरी सलाह अच्छी नहीं होगी क्या? ऐसा क्या की जो आप ऐसे बोल रहे हैं।
पापा - तुम ही बता तुम्हारा कोई बीएफ 6 महिने से ज्यादा टीका है। एक बता दो। बताओ है कोई ?
अंकल - ओह भैया क्यो परसन कर रहे हैं बचाओ को। ये लोग यंग है और इस उम्र में BF बदला फैशन होता है। भूलभुलैया करते हैं करने दो।
पापा - हैं मैं क्यों इनको परसन नहीं कर रहा हूं और ना ही लेक्चर दे रहा हूं। बस इनकी बात सुन के एक साल किया था।
अंकल - जाओ तुम कोग भूलभुलैया करो।
हम चारो भाई बहन उठ के चल दिए। संगीता राज के साथ और मैं दीदी के साथ।
नेहा - क्या हुआ देव तुम इतना डरने क्यों लगे। मैं हूं ना.
देव- सॉरी दीदी। पापा अंकल के सामने मेरी हिम्मत नहीं होती है।
नेहा - देख डर मत। तू बिंदास होके छोड सकता है मुझे। आगर कोई समस्या हुई तो मैं सम्भल लुंगी। बड़ी बहन हूं। तुझे कोई समस्या नहीं होने दूंगी।
देव - जनता हूं दीदी। पर दीदी आपने पापा को सोनू के नंगे में क्यों बोला।
नेहा - हैं तो क्या हुआ। तू तो उसके साथ सादी के प्लान बना रहा है। छुपन क्यो को ?
देव - पर दीदी पहले सोनू मानेगी तब तक।
नेहा - अरे वो रंदी क्यो नहीं मानेगी। मेरे प्यारे भाई जैसा लड़का हमें रंदी को कहीं नहीं मिलेगी।
देव-दीदी आप उपयोग रंडी मत बोलो।
नेहा - क्यो ना बोलू ? रैंडी को रैंडी ही बोलुंगी। मेरे प्यारे भाई तू नहीं जनता है क्या उसके कितने चक्कर हैं। कितने के बिस्तर गरम कार्ति है। पता नहीं हमें मुझे क्या दिखा जो उसे बीवी बनाना चाहता है।
देव - जनता हूं दीदी फिर भी वो पसंद है मुझे। उसे देखने से ही मेरे दिल में कुछ होने लगता है। सोनू को देख मुझे अच्छा लगता है लगता है।
नेहा - इसलिये वो तेरा फिदा उठा रही है। उसके लफड़े से मुझे कोई समस्या नहीं है। आगर वो नहीं मणि तो मैं तेरी मदद करुंगी पर मैं इस्तेमाल रंडी ही बोलूंगी। तुझे दीकत है।
देव - आप जो चाहे बुला लो दीदी पर सच आप मेरी मदद करोगी।
नेहा - हा मेरे बहनछोड़ भाई पर तुझे तेरी दीदी का ख्याल रखना होगा। अपने महाराज की सवारी करता रहनी होगी।
देव - जरूर दीदी।
नेहा - हा रंडी को बताता देना की तू अपनी बहन को छोटा है।
देव दीदी... कैसे बताउंगा ये बात।
नेहा - वो कोई सीता नहीं है की तुम राम बनो। जैसे वो किसी से चुदवा शक्ति है तो तुम भी छोड सकते हो किसी को।
देव - किसी को तो ठीक है पर सगी बहन को छोटा हूं ये कैसे बोलूंगा। ये बताने के बाद वो ब्रेकअप ना कर ले।
नेहा - नहीं करेगी। अभी नहीं थोड़ा बाद में बिंदास होके बताता देना। देखा नहीं भाई बहन की चुदाई आज कल नॉर्मल सी बात हो रही है। उसी भी सोच हमारे जैसी होगी। हम ये भी तो जनना चाहते हैं की लोग भाई बहन की चुदाई को स्वीकार करते हैं या नहीं।
देव - जाने के चक्कर में गरबर ना हो जाए दीदी।
नेहा-तू टेंशन मत ले।
तबी दीदी के मोबाइल पे फोन आता है उसे सहेली का सुमन का। दीदी मुझे बाद में मिलने बोल कर अपनी सहेली से बात करते हुए अपने कमरे में चली जाती है।
सुमन - क्या रे रैंड ना तो रात को पार्टी में आई और ना ही हमें मोटे लादे वालो को भेजी।
नेहा - अरे सुन थोड़ा गरबद हो गया इसलिये नहीं आई और ना भेजी उसे।
सुमन - सच बता रंडी उसके मोटे लौडे पे खुद ऊंचा रही थी रात को इसलिय नहीं भेजी।
नेहा - कामिनी मेरी मां की छुट की कसम वो नहीं था मेरे पास। सुन दरसाल ये हुआ की मां ने मुझे पकार लिया था।
सुमन - चुडवते हुए आंटी ने पकार लिया।
नेहा - कामिनी रैंड पहले पूरी बात सुन ले। माँ ने पकार लिया और मुझे उसकी साजा मिली है की मैं किसी को ना तो घर बुला शक्ति हूं और ना बहार जाके चुडवा शक्ति हूं। इस्लीयर पार्टी में नहीं आई और इसी टेंशन में तेरा काम भूल गई।
सुमन - मतलाब तेरा लौड़ा लेना बिलकुल बैंड। तेरी माँ ने तो तेरी माँ छोड दी।
नेहा - नहीं रे रैंड सिरफ 1 महिने के लिए।
सुमन - अच्छा 1 महिने बिना लौदे के रह लेगी।
नेहा - देखती हूं क्या कर सकती हूं।
सुमन - अब मेरा क्या होगा तो बता। मेरी चुत मोटे लादे के लिए गंगा बहा रही है।
नेहा - अभी तेरा काम कर देती हूं। रात 8 बजे के बाद मेरे पापा के ऑफिस चला जाना। पुरी रात ऑफिस में हाय मजा लेना।
सुमन - तेरे पापा के ऑफिस। वाह क्यो?
सुमन - क्यो ? कहा ? ये सब छोर। 8 बाजे पाहुच जाना। जो मिले समझ जाना वो पूरी रात तेरी चुत बजाएगा। अब राखी हूं।
दीदी ने उसके बाद रामू को फोन लगा और बताया की उसे सहेली आएगी रात को इस्तेमाल जाम के छोडने। रामू ने भी कुछ ज्यादा न पुछते हुए ठीक बोल दिया क्योकी का उपयोग करने के लिए चुट चोदने से मतलब है किस्की है ये नहीं। वैसे भी दीदी की सहेली है मतलब संदर माल ही होगी।
अद्यतन 20 - माँ के साथ डबरा तैराकी
हम भाई बहन के जाने के बाद मां और चाची नास्ता करने लगी और साथ ही बात भी।
चाची - रेखा ये देव और नेहा के बिच क्या चल रहा है। दोनो बहुत साथ में दिख रहे हैं।
माँ - हा आज कल दोनो भाई बहन को बहुत प्यार आ रहा है एक दसरे से। रात में दोनो साथ ही सोया।
चाची - देव के साथ सो रही थी रात को। क्यो? नेहा तो अपने bf को बुलाती थी।
माँ - हैं हा बतायी नहीं तुझे। परसो नेहा के रूम में मैंने 8 यूज्ड कंडोम पाया था और चेक करने पर पता चला 2 अलग अलग मर्द ने इस्तेमाल किया था।
चाची - बाप रे बाप 8 कंडोम। क्या लड़की हो गई। लड़की की चुत में बहुत आग है।
माँ - हा सही कहा लड़की बहुत बड़ी गई है। ऑफिस के रामू से चुडवेई।
चाची - दीदी आपकी ही बेटी है। छुट प्यासी ही रहती होगी।
मां - इसलिये मैंने साजा दी 1 माहिना नो बॉयज न घर में न बहार में।
चाची - दीदी बिना लौडे के रह पायेगी 1 माहिना।
माँ - सज़ा तो मुस्किल ही होनी चाहिए ना। पर लगता है हमें ने साजा की काट दूँध ली है।
चाची - matlab..
मां - बहार से बॉयज बैंड हुई तो घर में ही देव को फासा ली।
चाची - क्या बोल रही हो आप दीदी। दोनो भाई बहन है।
मां - सही बोल रही हूं। रात को देव को साथ में सुलेयी।
चाची - तो क्या हुआ भाई बहन साथ में सोते हैं।
मां-पूरी बात बताती हूं। सुबाह उठने गई तो नेहा की चुत नंगी थी और उसकी चुत से लुंड का मल का गंध आ रहा था। बहार से कोई आया नहीं और साथ में देव सोया था किस्के लुंड का पानी उसे चुत में गया। बताओ।
चाची - क्या बात कर रही हो दीदी। ये लड़की छुडाई के लिए इतना आगे बढ़ गई। भाई का लुंड ले ली। तो अब क्या करोगी दीदी?
माँ - क्या करुंगी। जो कर रही है करने देते हैं। मुझसे तो कोई समस्या नहीं है। तुझे गलता लग रहा हज?
चाची - नहीं दीदी मुझे भी कोई समस्या नहीं है। आज कल तो भाई बहन की चुदाई कॉमन बात होती जा रही है। अगर हम जवान होते तो सयाद हम भी अपने भाई का लुंड ले ले।
माँ - हा हा हा (हंसने लगती है और साथ में चाची भी) सुन जरा पास आ। एक बात करनी है तुझ से।
चाची - (माँ की तरफ थोड़ा झुक के) बोलो दीदी।
माँ - प्योर पास आ रंडी हैं।
चाची - (कुर्सी को मां के कुर्सी से सात के) क्या इरदा है दीदी।
माँ - मैं किसी से चुदवाना चाहता हूँ। (माँ के होठ बिलकुल चाची के होठ के पास द)
चाची - तो क्या मैं समस्या हूं क्या है दीदी। चुडवा लो. आपको चुडवाने से रुकने वाला कौन है।
मां - मैं जिस से चुडवाने का सोच रही हूं हममें थोड़ी झिझक है मुझे। चुडवाने से पहले तुझे बताना चाहता हूं।
चाची - किस से चुदवाने वाली हो दीदी।
माँ - मैं अपने बेतो से चुडवाना चाह रही हूँ।
चाची - (चेहरे पे सैतानी मुस्कान) दीदी आप तो बड़ी छुपा रुस्तम निकली। मैं तो सोच रही थी आपके बेटे कहीं आपको चुनने का प्लान बना रहे हैं या वो चुनने की सुरुवत करेंगे पर याहा तो आपकी चुत उनके लिए तड़प रही है। (माँ की छुई को पाकर के सहलते हुए) चुड़वा लो दीदी वैसे भी 2 घोड़ो से आप कब तक बचोगी कभी ना कभी आप पर चढ़ ही जाएंगे। कहीं मुझ पर भी न चढ़ जाए।
माँ - तो क्या मुझे चुदवाना चाहिए बेटे से ?
चाची - बिलकुल दीदी। आपकी चुत उनके लुंड के लिए प्यासी है। आपको थोड़ी से ही कोसिस करने की जरूरत है। एक तो लेहले से तैयर है छोटा वाला। एक इशारा और वो लुंड आपकी चुत में दाल दूंगा। हा देव शरीफ है और आपकी बड़ी इज्जत करता है। हमें समस्या होती है आप ही बतायी अपनी दीदी को रात में ही छोटा है। बहन को छोटा है तो मां को भी छोडने के लिए तैयार हो जाएगा। मैं आपके साथ हूं। मेरी मदद लगेगी मैं जरूर करुंगी आपको अपने बेटे से चुडवाने में।
माँ - धन्यवाद रानी। (बोल के मां ने अपने होठ से चाची के होठ सात के चुंबन की लंबी वाली)
चाची - आप बहुत गरम हो गई हो दीदी।
माँ - तो बता कैसे पतौं उन्को।
चाची - पाटने की जरुरत ही नहीं है दीदी चुडवाना है आपको। आप एक काम करो। जेक उन्को गरम करो। मैं तब तक आपके लुंड दिलवाने का प्लान बनाती है जिस से सिद्ध लुंड आपकी चुत में घुस।
माँ - (सोच के) ठीक है।
माँ उठ के अपने रूम में जाति है और नंगी होके एक बिकनी और पैंटी निकल के पहन लेटी है। मां के छछरे पे सैतानी मुस्कान थी। माँ सोचती है रेखा सही कह रही है। अगर उन्हें रोका ना होता से स्विमिंग पूल या जिम में दो मुझे छोड देते हैं। पर अब नहीं रोकुंगी। माँ पिताजी की अलमारी खोल के 2 अंडरवियर निकल के रख लेटी है और सिद्ध हम दोनो भाई के कमरे में आती है। हम दो भाई मां को देख गरम होने लगते हैं। माँ ने इतनी छोटी बिकिनी पैंटी पनी थी।
देव - माँ कोई काम है क्या ?
माँ - नहीं। मैं स्विमिंग करने जा रही हूं। तुम दोनो को आना है क्या?
राज - जरूर माँ। हम भी आएंगे स्वीमिंग करने। अभी चेंज करके आते हैं।
माँ - रुको। मैं तुम दोनो के लिए स्वीमिंग वियर लेके आई हूं। मैं कार स्टार्ट करके रखती हूं।
माँ चली जाती है। हम दो भाई एक दसरे को देखने लगते हैं। राज अंडरवियर उठा के देखता है।
राज - भाई अंडरवियर तो देखो। बड़ी सेक्सी है। लगता है माँ का कुछ प्लान है।
देव - लग तो रहा है।
राज - (नंगा होके) भाई माँ कितनी गरम माल लग रही थी। मेरा तो लोडा गरम हो गया। (हा हा हा) मेरा क्या आपका भी गरम हो गया है। ये अंडरवियर क्यो दी मां ने।
देव - ये तो माँ ही बरयेगी। चल चलते हैं। (मन में - सच में मां के दिमाग में क्या चल रहा है। दीदी ने साथ देख कर भी मां कुछ नहीं बोली। अब ऐसे जिस्म दिखा के हमें स्विमिंग के लिए बुला रही है। कहीं मां चुडवाना तो नहीं चाहती है। नहीं। क्यो चुडवाना चाहेंगी। उनको चुनने के लिए डैड और अंकल है हाय। राज को टीएल रोक दी थी जिम में।)
हम दोनो भाई अंडरवियर पहन लेटे हैं जिस में लुंड को खड़ा रखा जा सकता है ऐसा अंडरवियर था। मॉम कार स्टार्ट राखी थी। हम दोनो को देख के माँ के चाहरे पे मुस्कान थी। हम दोनो के कार में बैठे ही मां चल दी और 20 मिनट में क्लब पहुच चुके थे। 10 बजे का समय था वजाह से स्विमिंग पूल में कोई नहीं था। माँ आगे चल रही थी और हम दोनो पिचे। मां की बड़ी बड़ी गांद हम दोनो भाई के लादे को खड़ा करते जा रहा था। अंडरवीयर ऐसा था की लुंड खड़ा हो तो सामने एक कंडोम जैसा पॉकेट था हममें लुंड घुस जाता। लुंड खड़ा होने पर ऐसा दिखता जैसा लुंड पे कंडोम लगा हुआ हो। तबी मां स्विमिंग पूल के पास पहुच के झुक के पानी को चेक करता है और हम दोनो भाई ये नजर देख होश उड़ जाते हैं। माँ के झुके पे हम उनकी चुत नज़र आती है क्यों माँ की पैंटी में ठिक चुत वाली जग कापरे कटे होते हैं। ये देख लौड़ा तो अंडरवियर में पूरा तन जाता है पर अंडरवियर का पॉकेट स्ट्रेचेबल होता है। लुंड बड़ा होने पर बड़ा होता है। माँ पिछे मिट्टी के दिखी है और हम दोनो भाई को अपना गान और घुरते देखती है।
माँ - देख क्या रहे हो। आ जाओ जल्दी से पूल मी। (बोल के मां स्विमिंग पूल में कूद कर जाती है)
राज - भाई माँ ने क्या नज़राया। कितनी बड़ी और मस्त है मां की चुत। लगता है मां चुडवाने का इरदा कर के आई है।
देव - नहीं ऐसा नहीं है। मां ने जानबुझ के नहीं दिखया और न ही मां का ऐसा कोई इरदा है हम से चुडवाने का। अगर होता है हमें दिन तुम रोकी क्यो।
राज - भाई इरदा बदल जाते हैं। 3 दिन पहले की बात है तब मां तैयार नहीं होगी। अब मां रेडी हो गई है।
देव - (मन में) अगर मां राज जो कह रहा है हमें इरादे से आई तो क्या करना चाहिए। मां को छोडना चाहिए.ओह समझ नहीं आ रहा है क्या करू. दीदी होती ने मुझे सही सलाह दी। दीदी को मिस कर रहा हूं पर ये लुंड तो मां को देखने के बाद ठंडा ही नहीं हो रहा है। चलो देखते हैं क्या होता है। मां स्वीमिंग के लिए बुलाई है चोदने के लिए थोड़े। फालतू सोच को छोर स्विमिंग का मजा लेता हूं। जब ध्यान वापस से स्विमिंग पूल तारफ गया तो पाया का राज पहले से ही स्विमिंग पूल में है मां के साथ। माँ भाग रही है और राज पिछे कर रहा है।
राज - भाई जल्दी आओ। मजा आ रहा है मुझे स्वीमिंग। पिचले दिन वाला खेल फिर से खेलेंगे।
मैं भी कूद कर्ता हूं पूल में और तब तक राज मां को पिचे से पकार लेता है और मां को बोलता है चुरा के दिखाइए मां तब मानूंगा आप बड़ी तैराक हो। राज मुझसे कहता है सामने से पकाने लेने। सामने मां के बड़े दूध मेरे लुंड को पुरा गरम कर के रखता है। मेरा लुंड कहता है मुझसे जेक पकार लो बड़े बड़े स्तन को। जो लुंड कहता है वही मैं करता हूं। मां को सामने से जेक चिपक जाता हूं और उनके बड़े बड़े चुचिया मेरे साइन से तकरती है। माँ चुराने की कोसिस करता है जो जवान लोंडो से खुद को चुराना संभव ही नहीं है। माँ हम दो को लेके आला पानी में घुस जाती है। इस से बैलेंस मेरा बड़ा जाता है और मां छुट जाती है। मैं मां को पकड़ने के जाता हूं तब सामने मां की कमर होती है और मेरा सर सिद्ध मां की छुट वाली जग से तकरती है। मां के मोह से आह निकल जाती है। तब मेरी नज़र जाती है। राज माँ की पैंटी में छेद वाली जगह से अपनी उंगली घुसा रहा होता है। वो 2-3 बार मां की चुत में और बाहर करता है और फिर निकल के मेरे चेहरे पर रगर देता है। मैं झट से अपना मोह मां की छुट पे रागरने लगता हूं। मां की छुट भी गरम हो जाती है पर तबी लगता है कहीं मां की पैंटी मेरी हरकत से मोटा ना जाए है वजाह से हटा लेता हूं। माँ हम दो को धक्का देकर आगे भाग जाती है स्विमिंग करते हुए। मां भी खुश हो जाती है उनके बेटे उसी लाइन पे जा रहे हैं जहां वो ले जाना चाहता है।
राज - भाई क्या कर रहे हैं। ऐसा मौका आसन से नहीं मिला। चलो पिछे। (पानी के अंदर ही राज मेरा लुंड को मसाला देता है)
माँ की चुत की हवा ने मुझे भी बहका दिया था। 1 महाने पहले तक मां को चोदने के नंगे में सोचा तक नहीं था और आज मैं चुनने के लिए बेटाब हो गया था। लुंड कंट्रोल नहीं हो रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे मोटा जाएगा। राज मां को जेक जलदी से पकार लेता है पर मां खुद को चुरा लेता है, लेकिन जाने लगती है पर राज यही चाहता था जो भगने समय मां की कमर से पकराने की कोसिस करता है। पर हाथ को जान बुझ कर कमर से फिसलने देता है और मां की पैंटी को पाकर लेता है। माँ रुक जाती है क्यों बढ़ती बढ़ती तो पैंटी मोटी जाति। तब तक मैं भी मां के पास पाहुच जाता हूं।
माँ - राज क्या कर रहा है। पैंटी छोर दे वर्ना फैट जाएगी।
राज - नहीं माँ मैं नहीं छोड़ने वाला हूँ। अब आप भाग के दिखाओ। भाई आप माँ के पटक के ऊपर चढ जाओ फिर माँ बिलकुल नहीं भाग पायेगी.. अब भाग के दिखाओ माँ।
माँ - नहीं देव बेटा ऐसा मत करना और इस से बोल मेरी पैंटी छोर दे। वारना फैट जाएगी। (मन में - ये लड़के तो बहुत तेजी से है। लगता है यही छोड़ देंगे मुझे पर मैं याहा में से नहीं चुडवा शक्ति। पूरा खुला है)
देव - नहीं मां अगर राज ने छोरा तो आप भाग जाएगी और जीत जाएगी। हम आपके बहकावे में नहीं आएंगे। राज तुम पाकर रहना वर्ना हम हार जाएंगे और मां पाहुच जाएगी जीत की ओर। (एक तरफ से दसरे पक्ष पाहुच जाति तो जीत जाती और अगर हम नहीं पाहुचने देंगे तो हम जीतेगे पिची बार जैसे। हम जितने के लिए मां का हर मनाना जरुरी था। हार न मान जाए।)
राज ने जैसा कहा था मैंने मां को पानी में ढकेल के गिरा दिया और उनके ऊपर चढ़ गया। राज खुद पानी में घुस गया और एक हाथ में मां की पैंटी की फीता पकार लिया और दशहरा हाथ मां की चुत पे रख दिया। मां छुरने की कोसिस करने लगी पर उनके ऊपर मैं चड्ढा हुआ था तो मां आला पानी में ही जाने लगी। माँ को पकाने के लिए मैंने पकारा तो सामने माँ की चुची थी वही पकार लिया। माँ के चुरने की कोसिस की वजह से माँ की चुचिया मसाला रही थी मेरे हाथ से। राज ने एहसास किया की मां की छुट बहने लगी और मां की छुट का पानी उसके हाथ पे गिर रहा है। माँ अभी भी हार नहीं मानती थी।
राज - (पानी में ही बोले की कोसिस करता है) मां ऐसे नहीं मानेगी दसरे तारीख से पकरते हैं। (इशारा भी करता है राज.साफ तो नहीं पर समझ आ जाता है राज क्या करना बोल रहा है. हूं इस से मेरा लुंड थिक मां के फेस के ऊपर होता है और मेरा फेस मां की छुट के ऊपर जैसे 69 सेक्स में होता है। राज को सैतानी सुझता है और पैंटी में कटी वाली जग से मां की चुत में देता हूं 2 मां की छुट पूरी गिली थी आराम से घुस जाती है। 10 सेकेंड में ही मां अपने हाथ को थाप थापा के पानी में हरने का इशारा करता है। है।
मां (मन में) उम्मा अगर यह नहीं रोकती तो खुद को रखना मुश्किल हो जाता है। फिर तो में से चुडवे बिना नहीं रुक पति। पूरी चुत को गिली कर दिया दोनो ने। आज इनका लुंड लेना ही होगा वर्ना पागल हो जाउंगी। इनके लादे तो इनके बाप जैसे ही है पर पता नहीं क्यो इनके लादे से चुडवाने के दिल जोर से ऊंचा रहा है। पता नहीं रानी ने क्या प्लान बनाया होगा मुझे अपने बेटे से चुडवाने के लिए।
राज - माँ आप तो हार गई। इनाम क्या मिलेगा हम।
मां - इनाम की तो कोई बात नहीं हुई थी। ये तो बस खेल था हमने खेला।
राज - फिर भी जीतने वाले को तो कुछ तो इनाम मिलना ही चाहिए।
देव-हा (हमारे लुंड धीरे धीरे अब संत हो रहे थे।)
माँ - क्या चाहिए इनाम।
राज - अभी तो दिमाग में कुछ नहीं है। सोच के बताएंगे। पर आप वड़ा किजिये आप जरूर देंगे।
माँ - अगर मेरे बस में हुआ तो डूंगी। अब ठिक है।
राज - हा ठीक है।
माँ - चलो अब घर।
हम सब घर चल देते हैं। लौड़ा तो संत था पर दिल तीनो में से किसी का संत नहीं था। हम दोनो भाई खुश भी की मां के साथ मजा करने को मिला और थोड़ा उदास भी की मां को चुनने का मौका नहीं मिला। माँ केज भी हलत वही थी। माँ सोच रही थी अच्छा मौका था चूड़वा शक्ति थी पर रानी कोई योजना बनायी होगी ये सोच नहीं चुदवेई हम रोक दी। अब घर पाहुच के देखना था की रानी चाची ने क्या प्लान बनाया था जिसके लिए मां बहुत उत्सुक
अद्यतन 21 - माँ के साथ चुदाई का सफर।
हम घर पाहुचे तो देखे पापा और चाचा समान निकल रहे थे कुछ। हमें ये देख थोड़ा सरप्राइज ह्यू क्योकी पापा चाचा कहीं जाने वाले हैं हमें नहीं पता था। हम दो भाई कार से जल्दी से बहार निकल के आते हैं।
देव - पापा चाचा लगेज बहार निकल है। कौन कहां जाने वाला है।
इस से पहले पापा या चाचा कुछ जबाब देते हैं चाची बहार निकल के आई। चाची ने जींस वाली हॉट पंत और सफेद गंजी टॉप पाहन राखी थी। चाची एक बांध पूरी सेक्सी माल लग रही थी।
चाची - मैं बताती हूं देव बेटा। हम सब बहार घूमे जा रहे हैं।
राज - कौन सब हम चाची।
चाची - हम सब मतलब मैं तुम्हारे पापा चाचा मम्मी तुम दोनो भाई।
राज - अचानक से।
चाची - ये सरप्राइज है तुम दोनो भाई के लिए। चलो जल्दी से तैयार हो जाओ। बहुत मजा आने वाला है। (पापा चाचा को) जल्दी से लगेज डिक्की में रख दिजिये। तुम दोनो चलो मेरे साथ। (मां को) दीदी आप भी जल्दी से आओ। मैंने आप सब के कपड़े तैयार रखा है पाहन के तैयार हो जाओ।
देव - सच में चाची आप ने तो हमें सरप्राइज कर दिया।
चाची - असली सरप्राइज रस्ट मी मिलेगी। अब जाओ जल्दी से तैयार हो जाओ।
हम दो भाई अपने कमरे में गए। बिस्तर पर 2 सफेद शॉर्ट्स और 2 टी-शर्ट राखी है। हम दो जल्दी से होंगे होंगे टी-शर्ट पाहन लिया। उसके बाद शॉर्ट्स सोचते हैं। शॉर्ट्स की जिप लगाने जाता हूं तो देखता हूं की पंत में जिप ही नहीं है।
देव - आर राज मेरी शॉर्ट्स मुझे जिप ही नहीं है और ना चेन। इसे बंद कैसे करना है। तेरे मुझे जिप है।
राज - नहीं भाई मेरे शॉर्ट्स में भी ज़िप नहीं है। क्या मैं चिपकाने वाला है। दोनो मूह सात के चिपका दिजिये बंद हो जाएगा।
देव (लुंड निकलने के लिए जो ज़िप होती है वही कोई चेन नहीं था। चिपकने वाला था जिसे चिपका देता हूं) ये चिपकी रहेगी। कहीं ओपन हो गई तो बड़ी बैजती हो जाएगी।
राज - पहली बार ऐसी शॉर्ट्स मैंने भी देखी पर नया फैशन लगता है। लुंड निकलने में आसान होगा।
देव - अंडरवियर भी नहीं पाना। अगर खुला तो लुंड बहार आ जाएगा।
राज - अब क्या कर सकते हैं। चाची ने तो यही दिया है पहनने को। पहन लिए तो चलो अब।
देव - चलो।
इधर मां भी सरप्राइज थी चाची को चुडवाने का प्लान बनाने बोली थी और चाची याहा पिकनिक का प्लान बना के बैठा थी।
माँ - रानी ये पिकनिक का प्लान क्या है। मैं तो सोच रही थी तुम ने मेरे लिए कोई प्लान बनाया होगा। सब को लेकर कहा जाने वाली हो। स्विमिंग पूल में चुडवाने का मौका तक बना गया था पर छोर दी की तुम ने कोई योजना बनाया होगा। यह तुम पिकनिक पे ले जा रही हो।
चाची - दीदी जनता हूं आपकी छुट अपने बेटे का लुंड लेने के लिए तड़प रही है। सही समय पे आपकी चुत में आपके बेटे का लौड़ा होगा और आप बहुत होगा मेरा प्लान देख कर। बहुत मजा आएगा आपको। आप धैर्य रखिये। ये लीजिये मैंने आपकी ड्रेस भी चुनी राखी।
चाची मां को एक मिनी गाउन देता है प्रिंटेड वाली व्हाइट कलर की। माँ नंगी होके गाउन पहन लेटी है।
माँ - पैंटी नहीं दी। एक सफेद पैंटी निकल के दो।
चाची-जरूरत नहीं है दीदी। आपके लिए सिर्फ यही गाउन है और कुछ नहीं।
माँ - सब के साथ पिकनिक पे ऐसी नंगी जौन बिना पैंटी के। छुट का पानी बह के कार का सीट खराब कर देगी तो।
चाची - नहीं खराब करेगा उसका मैं देख लुंगी। अब आप चलो। लेट हो जाएंगे।
माँ - क्या कर रही है कुछ समझ नहीं आया। बेटे का लुंड दिलवाने का इंतज़ाम बोली तो प्यूनिक पे ले जा रही है और नंगी चुत के। चुट में आग लगी है पहले से।
माँ चाची बहार आती है और पिचे से हम भी आते हैं। पापा और चाचा डिक्की में लगेज रखने के पापा ड्राइविंग सीट पर और चाचा फ्रंट साइड वाली सीट पर बैठे होते हैं।
हम चारो के कार के पास जाते हैं तो समझ में आता है कि अब पिचे वाली सीट खाली है जिस पे 3 लोग हाय बैठा सकते हैं।
देव - अब क्या ? हम 4 लोग और पिचे तो सिर्फ 3 ही आएंगे।
चाची - हैं हम लोग एडजस्ट करके बैठेंगे।
देव - क्या बात कर रही है चाची। हम भाई जैसी आप दोनो होते तो आते जाते। माँ और आप नहीं फ़िट हो पायेंगी। बुरा मत मनेगा पर आप दोनो मोती है। आप के साथ हम चारो नहीं फिट नहीं होंगे।
चाची - जनता हूं हम मोती है पर इतनी भी नहीं। कैसे हम आएंगे मैं बताता हूं। तू. बास करो।
देव- ठीक है चाची। बताइये।
चाची - राज तुम लेफ्ट साइड से बैठा जाओ। (राज गेट खोल के लेफ्ट साइड बैठा जाता है। राइट तराफ से चाची घुस के बिच में बैठा जाता है। राज बेटा अब तुम बैठा जाओ। (मैं दाईं ओर बैठा हूं)
देव - देखा चाची बोला था नहीं हो पायेगा। अब बताइये माँ कह बैठेगी।
माँ - हा रानी मैं कहा बैठूं।
चाची - दीदी आप देव बेटा की गोदी में बैठ जाओ।
माँ - देव की गोदी में ?
पापा - हा गोदी में बैठा जाओ। ऐसे हाय एडजस्ट हो सकते हैं। किसी एक को किसी के गोदी में ही बैठना होगा।
चाचा - पर मुझे लगता है देव की गोदी में राज बैठा तो अच्छा रहता। रेखा देव बेटे के लिए भारी नहीं होगी।
चाची - कुछ भारी नहीं होगी। राज से काम ही वजान से दीदी का। देव बेटा हटा कथा है अपनी मां को आराम से गोदी में बैठा सकता है। क्यो देव बेटा तुम अपनी मां को गोदी में नहीं बैठा पाओगे?
देव-हा चाची बैठा सकता हूं। कोई समस्या नहीं है मुझे।
चाची - दीदी आओ बैठ जाओ देव बेटा की गोदी में। (चाची मां को आंख मारती है)
माँ मुस्कान देती है और आके अपनी गाउन को थोड़ा ऊपर करके मेरी गोदी में बैठा जाती है। पापा कार स्टार्ट करके चल देते हैं।
चाची - दीदी आप आराम से रिलैक्स होके बैठाओ। देव बेटा नंगे आराम से आपको संभल लेगा। (मां चाची को देख मुस्कान देता है)
पापा - हा देव बेटा संभल पाओगे न अपनी मां को ?
देव - हा पापा। संभल लुंगा।
चाची डबल मीनिंग मी बोली थी पर हम सब नॉर्मल बात बोल रहे थे। थोड़ी देर बाद खराब रोड आता है जिस से जर्किन में मां की बार बार गोदी में इधर उधार होती है जिस से उनकी चुत मेरे पंत के ऊपर रागर खाती है। माँ की चुत से पानी थोड़ी से बह के पंत को भी जाती है। तब मुझे एहसास होता है की मां की चुत नंगी है और पंत पे रागर खा रही है। मां की चुत का अहसास पाता ही मेरा लुंड गरम होने लगता है। तबी चाची मां के काम में कुछ फुसती है और मां सर हिलाती है और मुस्कान देती है। पापा 60 के स्पीड में कार चला रहे थे पर रोड 60 की स्पीड में चलने वाली नहीं थी। गद्दे की वजह से गरी झटका मारती और मां की छुट मेरे लुंड के ऊपर रागर मारती। 2-3 मिनट में मेरा लुंड गरम होके तन गया था। मेरे गरम लुंड पे माँ की छुट 4-5 और रगर मारती है और मेरा लुंड झटके मारने लगता है जोश में आके। तबी मुझे एहसास होता है की मेरे शॉर्ट्स में जिप जो चिपकाई होती है वो लुंड के प्रेशर से खुल रहा है। इस से पहले मैं कुछ कर पाता या सोच पाता गरी का चक्कर एक गद्दे में पड़ी है और मां ऊंची जाति है गोदी से और लुंड का दबाव ज़िप को खोल देता है और लुंड महाराज बहार आ जाते हैं और मां वपास से मेरी गोदी में . माँ की नंगा चुत अब मेरे नंगे लुंड पे थी।
चाची - संतोष कैसे गरी चला रहे हो। बहुत झटके लग रहे हैं। दीदी आप थिक तो हो ना। कोई समस्या तो नहीं हो रही है।
माँ - नहीं कोई समस्या नहीं है। मैं बहुत आरामदायक हूं।
चाची - देव बेटा तुमे ? (मन में - माँ ने कहा वो आरामदायक है जबकी माँ से नंगी चुत मेरे लुंड पे है। माँ को मेरे लुंड का एहसास हो रहा होगा। माँ की चुत भी गरम हो गई है इस्ली पानी से शॉर्ट्स भी भींगा दिया।
देव - नहीं चाची मैं भी थिक हूं।
चाची से कैसे कहता ही माँ की नंगा चुत ने मेरा लुंड गरम दिया है और माँ अपनी नंगी चुत में साथ मेरे लुंड पे बैठा है। अब मां की चुत मेरे नंगे लुंड पे झूला झूल रही थी।
रोड खराब होने की वजह से बहुत ज्यादा झटके मार रही थी वजाह से मां की छुट मेरे लुंड पे खूब रागर रही थी से मेरा लुंड गरम होके फते जैसा हो गया। तबी रास्ते में एक बड़ा ब्रेकर आया जिस से गरी जोर से ऊंची और गरी के साथ मां की उचचली। मां के ऊंचे जाते ही मेरा लोडा ऊपर की तरफ खड़ा हो गया और मां मेरे लुंड पे गिरी और मेरा लुंड फिसलते हुए मां की छुट में आधा घुस गया। माँ खुद को एडजस्ट करती है से पहले एक गढ़े में गरी का चक्का पड़ा और झटका मारा जिस से मेरा लौड़ा पुरा माँ की चुत में घुस गया। मेरा लुंड पुरा घुसा जो सयाद और मां के चुत में लगी जिस से मां के मोह से जोर की आह निकल गई।
चाचा - क्या हुआ रेखा लग गया क्या ?
माँ - नहीं ठीक हूँ।
चाचा-तुमको देव बेटा?
पर मेरे मुह से कुछ नहीं निकला। मेरा लुंड पुरा मां की चुत में घुसा था तो कुछ बोली ही निकली।
माँ - ये भी थिक है। देव बेटे ने मुझे अच्छे से संभल रखा है।
माँ के ये बोले ही समझ गया था की माँ जान बुझ के पैंटी नहीं पहनी है और मुझसे चुदवाना चाह रही है। तबी रोड और खराब आ गई जिस से कार बहुत झटके मारने लगा और मां मेरे लाउड पे उचचलने लगी। इतनी खराब रोड पे पापा 40 की स्पीड से चला रहे थे उसनी स्पीड से मां मेरे लुंड पे ऊंचे के मेरा लुंड ले रही थी।थोड़ी डेर में मां की छुट से फछ केके आवाज आने लगी थी।
राज - पापा कितनी देर लगेगी ? इतना बुरा रोड है।
पापा - 10 मिनट में पहुच जाएंगे बेटा।
पापा की बात सुन मां समझ गई की 10 मिनट है उसके पास मेरा लुंड लेने के लिए। मां तेजी से खुद मेरे लुंड पे उच्च रही थी। मां की उचचने की स्पीड कार की स्पीड से ज्यादा थी। मेरा जोड़ी अपने लगा था पर मां ऊंचेचले ही जा रही थी। मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था और मेरा लुंड अब पानी छोर्ने वाला था।
देव - (धीमी आवाज में बारबराते हुए) मां मैं झरने वाला हूं।
माँ ( माँ को आवाज़ सुनायी दी। चाची को भी सुनय दी होगी पर कुछ बोली नहीं। मुझे लगा सयाद सुनी नहीं होगी) - झार जाओ बेटा। अपनी मां की चुत में दाल दो। (धिमी आवाज़ मुझे)
मां की बात मुझे थिक से सुना नहीं दिया पर साथ ही मां मेरा हाथ पाकर के काश ली अपने हाथो में। मुझे लगा की मां का इशारा है मैं उनकी चुत में अपने लुंड का पानी झार सकता हूं। मेरा लुंड पहला पिचकारी मां की छुट में मारा तो मां खुद को आला की तरफ से जोर से डबा के मेरे लुंड को अपनी चुत में पुरा ले ली और 7-8 शॉट मेरे लुंड ने पानी मां की चुत में मारा। 5 मिनट में मेरा लुंड पुरा पानी मां की चुत में झार चुका था।
उसके बाद मां भी उचचलना बंद कर दी और मेरा लुंड मां की चुत में ही था। माँ की पहली चुदई हुई बेटे से वो भी कार में सब के सामने। ये बात अलग है की चाची को छोर के बाकी किसी को पता नहीं चला हो। 5 मिनट बाद हम लोग डेस्टिनेशन पे पहच गए।
पापा - (पापा कार रोकते हुए।) चलो पाहुच गए मंजिल पे। यूटारो साब।
चाचा और पापा उतर गए। राज भी उतर गया और राज के उतरे ही चाची भी उतर गई।
राज (हम दोनो को कार में बैठे देख के) आप दोनो को नहीं उतरना है क्या?
चाची - (राज को) वो लोग उतर जाएंगे। तू लगेज को निकल और रिसोर्ट के अंदर ले चल।
चाची ने फोर्स करके राज को लगेज उथवाया। पर चाची ने अच्छा किया अगर नहीं करता तो हम मां बेटे की चुदाई का सब को पता चल जाता जो मैं नहीं चाहता था। पापा चाचा से कैसे नजर मिलाता की उनके पिचे ही मैंने अपनी मां को छोडा। माँ की चुत में अपने लुंड के वीर्य से भरा है।
चारो अंदर चले गए। अब सिरफ मां और मैं ही कार में था। माँ बड़े आराम से मेरे लुंड से उठी। मैं ठक गया था और मेरी आंखे बंद थी। मेरा सरिर और दिल इतना खुश था जैसा इस्का सालो से इतजार रहा हो। जैसे मैं स्वर्ग में पाहुचा गया और अप्रसा मेरा स्वागत कर रही है उससे भी ज्यादा खुशी मिल रही थी। मुझे तो उठने का मन हो नहीं हो रहा था। मां की चुत से मेरे लुंड का पानी वापस मेरे लुंड और शॉर्ट्स पर गिर रहा था। सामने से पुरी शॉर्ट्स मां को चुत के पानी से भिंग गई थी। मां उठ के बगल में बैठ गई। मेरे चाहरे की खुशी देख मां स्माइल कर रही थी।
माँ - देव बेटा..
देव-हा मां..(आंख खोल के मां को देखता हूं)
माँ - मज़ा आया बेटा।
मैं कुछ नहीं बोलता हूं। सिरफ मां को देखता रहता हूं। मैं थोड़ा शर्मा रहा था।
मां - बताओ न बेटा मजा आया तुमे।
देव - हा माँ। (मैं अपने लुंड को वापस डालने की हाथ बढ़ाता हूं तो मां मेरा हाथ पाकर लाती है)
मां - मैं कर देती हूं। (मां मेरा लुंड वापस पंत में दाल देता है जिप से) शर्मो मत खुल के बताओ कितना मजा आया तुम मां के साथ।
देव- बहुत मजा आया मां। पर मां क्या ये आप ने प्लान बनाया था या हो गया।
माँ - ये तो जबाब मैं तुम्हारे रात को दूंगा। तुम ये बता क्या ऐसे ही मजा लेते रहना चाहोगे।
देव - माँ दिल तो चाहता है पर क्या हम ये करना चाहते हैं। आप मेरी सगी मां है। क्या ये गलत नहीं होगा।
माँ - गलत सही कुछ नहीं होता है बेटा। अगर हम दो चाहते हैं तो सही है। तुम ने तो बहुत लड़कियों को छोटा होगा। क्या उन से ज्यादा मजा आया तुमे।
देव-हा मां उन सब से ज्यादा मजा आया।
माँ - तो बताओ क्यो मज़ा आया ?
देव-तु तो नहीं मालुम मां।
मां - क्योकी मैं तुम्हारी सगी मां हूं। चुदाई से ज्यादा मजा है बात में आया की तुम अपनी सगी मां को छोड़ रहे हो। माँ जिस एनएस तुम्हें जन्म दिया उसकी चुत को छोड रहे हो। ये सोच तुम्हें ज्यादा मजा दिया। खुद मुझे आज से ज्यादा मजा कभी नहीं आया था। क्यो आया? क्योकी मेरा अपना बेटा मुझे छोड़ रहा है। ये सब से ज्यादा एक्साइटमेंट किया।
देव - सच मां आप को भी बहुत मजा आया।
मां - हा बेटा सब से ज्यादा मजा आज मिली मुझे। पहली बार चुडवाने से भी ज्यादा आज मजा मिली। पहले मैं भी समझ नहीं पाई थी क्यो ये अहसास हो रहा है। जब तुम दोनो ने मेरी गांद पे लुंड रागरा था तबी मेरी चुत गिली हो गई थी। तब मैं भी समझ नहीं पाई की बेटे के लुंड से कैसी गिली हो गई मेरी चुत। पर अब समझ गई हूं। तुम्हारा भी दिल मुझे छोडना चाहता था और छोड के कुछ गलत नहीं किया।
देव - ठिक है मां पर अगर हम पाकर जाते हैं तो ? सब के सामने आप मेरे लुंड पे उच्च रही थी। (अब मैं भी थोड़ा बेशरम हो के मां की चुचियो को देख रहा था)
मां-पाकरे जाने का डर ने हमें और मजा दिया। आगर पकरे जाते तो मैं हूं ना। मुख्य संभल लुंगी। (मैं मन में सोचता हूं। पहले दीदी ने कहा वो संभल लेगी और अब मां बोल रही है वो संभल लेगी। तब तो मुझे कोई टेंशन नहीं होनी चाहिए)
देव - माँ अब इस्का क्या करे। मेरी शॉर्ट्स तो पूरी भिंगा दी आपने। राज ये किसी ने पुछा कैसे भंगा तो क्या बोलूंगा।
माँ - उसकी चिंता मत कर। मैं जाति हूं और तुंहारे लिए दुसरी शॉर्ट्स लेके आता हूं। वो कर लेना बदल दो।
माँ बोल के जैसी उठी माँ की छुट से भर भर के मेरे लुंड का वीर्य गिरने लगा।
देव - माँ आपकी छुट से तो गिर रहा है। कार भी गन्दी हो गई।
माँ - (उठा के कार से बहार निकल के) ये सब मैं साफ कर दूंगा। अभी शॉर्ट्स लेके आती हूं दुसरा वो चेंज कर लेना और अपने रूम में चले जाना।
देव- ठीक है मां।
मां तो चली गई और अब मैं अकेला कार में अकेला था। सेक्स की महक आने लगी थी। मैं थोड़ा डरने लगा क्योकी मां की जग कोई और आया तो देख लेगा और कुछ कुछ तो जबाब देना मुश्किल होगा मेरे लिए। इस्ली मैं विश करने लगा की मां जल्दी से आ जाए और कोई न कोई आए इधर मां को छोर के। पर 5 मिनट में ही मां आई और मुझे पंत दी। मैंने चेंज किया और भिंगा वाला मां मुझसे ले ली। मैं वहा से चला गया अपने रूम में। माँ वही कार को साफ की अच्छे से और खुशबू मार दी कार में। वो भी अपने रूम में चली गई।
चाची
अपडेट 22 - माँ के साथ रोमांस
मां कार को साफ करने के बाद अपने कमरे में गई जहां चाची इंतजार कर रही थी। माँ के आते ही चाची ने माँ को पकार लिया और उसकी चुत चेक करने लगी। मेरे लुंड का पानी मां की छुट से बह के जांघो पे आ गई थी। चाची अपनी नाक लगा के माँ की छुट पे लगा की सुंगति है।
चाची - दीदी मजा आया बेटा का लुंड लेके।
मां - हा रानी बहुत मजा आया। (मां चाची के होठो पे एक हलकी किस देती है) बहुत सैंडर प्लान के बेटे का लुंड दिलवे तुम रानी। जब पिकनिक प्लान देखी तो तुझ पर बहुत गुस्सा आ रही थी पर अब बहुत प्यार आ रहा है तुम पे। सच में ये चुदाई मेरी जिंदगी की सब से बेहतरीन चुदाई थी। मेरी चुत ने इतनी पानी छोरी बेचारे देव की पूरी शॉर्ट्स भिंग गई थी।
चाची - ये प्यार अपने बेतो के लिए ही बचाओ दीदी। अभी तो आपको और मजा दिलाने वाली हूं।
माँ - सच रानी।
चाची - हा बस आप मेरा प्लान को फॉलो करें। वैसा दीदी देव बेटे ने आपको बहुत मस्त छोटा है। वीर्य से चुत पूरी भर दी होगी देव बेटे ने।
माँ - हा बहुत माल छोरा देव बेटे ने।
चाची - आप ने वीर्य स्वाद किया देव बेटे का। (चाची मां की जांघो में लगी मेरे लुंड की वीर्या अपने उंगली में लेके मां के मोह में दे देती है।
माँ - बहुत ही नासिली स्वाद है देव के वीर्य की पर मुझे सिद्ध देव के लुंड से पिना है रानी। उसके नमकीन मीठा सह पिना है सिद्ध लुंड से।
चाची - जल्दी ही आपको वो भी मिल जाएगी दीदी। आप ने रात को देव को अपने पास आने बोल दी है ना दीदी।
मां - हा बोल दी हूं पर कहा आएगा।
चाची - वो सब आपको रात के खाने पर बताती हूं। आप नहींं या ऐसे ही रहेंगे अपने बेटे के वीर्य वाली चुत के साथ।
माँ - नहीं मैं नहीं जाति हूँ। (अपने गाउन को निकल की नंगी हो जाती है) संतोष और राजेश को इसका पता अभी नहीं चलना देना चाहता हूं।
चाची - ठीक है जाके नहीं लो।
मां नहीं चली जाती है बाथरूम में। चाची के दिमाग में कुछ सैतानी चल रहा था जो उनके सैतानी मुस्कान से पता चल रहा था। इधर राज मेरा इंतजार कर रहा था।
राज-कहा द भाई इतनी डेर।
देव - कार में ही जोड़ी थोड़ा सिद्ध कर रहा था।
राज - आपके तो भूलभुलैया हो गए होंगे। माँ गोदी में बैठी थी। आपका लुंड खड़ा हो गया होगा। माँ आपके लौड़े पे बैठी थी शुद्ध रस्ते। आपको तो बहुत मजा आया होगा।
देव- अगर तुझे मजा करना था बोलता। मां तुम्हारी गोदी में बैठ जाती हूं। (मुझे थोड़ा डर भी लगा कहीं राज को सक न हो जाए। (मन में - दीदी और मेरे नंगे मुझे उपयोग करें सक पहले है और अब मां को लेकर उसे अभी तक नहीं होने देना है)
राज - मुझे बैठा लुंगा लौटा दो।
देव - बैठा लेना। चल अब मुझे नहीं जाना दे।
राज-सुबा सूबा तो हम नहीं आए थे। अभी क्यों नहीं है आपको।
देव - मेरा नहीं का मन हो रहा है इसलिय। (एक तौलिया लेके और घुस जाता हूं हम से पहले की वो कुछ और पुछे)।
नहने के बाद मैं निकला और राज के साथ बहार गया जहां लंच के लिए बाकी सब थे। सब ने साथ में लंच किया और उसके बाद अपने अपने रूम में गए। मां की छुडाई से मैं ठक गया था इसलिय सो गया। सिद्ध साम को उठा। जब उठा तो देखा राज नहीं था रूम मी। मैं फ्रेश होके रूम में रूम में ही बैठा था तबी मां रूम में आई। मां ने एक हरे रंग की रात पाहन राखी थी जिस में सामने से पारदर्शी था वह से मां की सफेद पैंटी साफ दिख रही थी और उनके बड़े बड़े स्तन भी।
मां सिद्धे आई और मेरे बगल में देर से गई और मेरे ऊपर झुक के अपनी जुल्फ मेरे फेस पे लहरी जैसी मेरी गर्लफ्रेंड सोनू कार्ति थी जो मुझे बहुत पसंद था।
माँ - बेटा मैं कैसी लग रही हूँ।
देव - बहुत ही सेक्सी माँ।
माँ - और मेरे स्तन ?
देव - आपके बूब्स तो सब से मस्त है मां। मेरा लुंड खड़ा कर देती है।
माँ - तो अभी खड़ा है मेरे प्यारे बेटे का लुंड अपनी माँ के लिए। लगता है मेरा बेटा अपनी मां को बहुत प्यार करने वाला है।
देव-मां मैं तो हमसा आपको प्यार करता हूं।
माँ - तो मुझसे इज़हार करो।
देव - अभी कर देता हूं मां। आई लव यू मां। मैं आप से बहुत प्यार करता हूं।
माँ - बस ऐसे हाय। ये भी कोई इज़हार हुआ। मुझे तो लगा तुम अपनी मां को याद रहने वाले स्टाइल में इजहार करोगे। ( मां के होठ बिलकुल मेरे होठो के नजदिक द और मां मेरे लौड़े से खेल रही थी जिस से मेरा लुंड तन गया था)
लुंड को मां मुठिया रही थी जिस से मेरा जोश बहुत बढ़ गया और मैंने मां को खिच के अपने साइन से लगा लिया और होता को अपने होथो में लेकर जोरदार चुंबन करना लगा। 2 मिनट लम्बा किस चला हमारा। मैं मां के होठो को चुस रहा था और मां माधोश होकर मेरा साथ दे रही थी।
देव - (होथो को अलग करते हुए) आई लव यू प्यारी मां।
माँ - (मुस्कुरा के) आई लव यू बेटा। तुम ने तो मुझे अपना दीवानी बना लिया है।
देव-मैंने या मेरे लुंड ने मां?
माँ - तुम ने बेटा। तुम....ऐसे लुंड तो रोज़ लेटी हूं बेटा पर जो रोमांस मेरे बेटे के साथ आया वैसा किसी के साथ नहीं। इस से मोटे लाउदे मेरी चुत की गहराई को नपा है पर तुम्हारे जैसा मजा किसी ने नहीं आया बेटा। तुम्हारा लौड़ा है। मेरे बेटे का लौड़ा है ये सब से ज्यादा मजा देता है बेटा।
देव - मुझे भी माँ। माँ क्या आप मुझे ऐसे ही प्यार करती रहेगी।
माँ - हा बेटा ऐसे ही प्यार करुंगी। तुम भी मुझे ऐसे ही प्यार करोगे ना?
देव - हा मां मैं भी आपको ऐसे ही प्यार करुंगा। माँ कुछ बताना चाहता हूँ आपको।
माँ - हा बोलो बेटा। मुझसे तुम सब बात कर सकते हैं। जैसे तुम अपने भाई से करते हो या आज कल अपनी दीदी से करते हो।
देव - मां आपको तो अंदाज हो ही गया होगा की मैं और नेहा दीदी...
माँ - हा पता है नेहा और तुम्हारे छुडाई की। कोई बात नहीं है बेटा। मैं समझती हूं तुम दोनो भाई बहन बहुत करीब आ गए हो। (मन में - तेरी रंडी बहन ने ही तो मुझे रास्ता दिखला की मैं भी अपने बेटे से चुडवा शक्ति हूं)
देव- धन्यवाद मां। माँ मुझे आपकी चुत देखना है।
माँ - हा दिकाउंगी पर एक शार्प पे।
देव - क्या शार्ट माँ ?
मां - पहले एक साल का जबाब दो। तुमने मेरी चुत नहीं देखी है क्या?
देव - देखी है मां पर पास से नहीं। दूर से देखी है जब चाचा और पापा आपकी छुडाई कर रहे हैं।
मां - ठीक है तब तो दिखूंगी तुम्हें। शरत् ये है की तुम्हें सब के सामने मेरी पैंटी निकल के छुट देखनी होगी और चाट की मेरी चुत से पानी निकलनी मिलेगी।
देव-सब के सामने? ये कैसा होगा मां। मैं नहीं कर पाऊंगा।
माँ - क्या तुम मुझसे प्यार नहीं करते हो।
देव-कर्ता हूं मां।
माँ - तो सब के सामने मेरी पैंटी निकल के मेरी चुत देखो। कैसे करोगे तुम जानो पर सब के सामने मेरी पैंटी उतारोगे तबी चुत दिखूंगी। चाहो तो सब के सामने में मेरी पैंटी उतर सकते हैं। उतरने के बाद मैं संभल लुंगी पर हमसे पहले तो तुम्हें ही करना होगा। मंजूर है।
देव - (मां ने मेरा लुंड भी सहलाना छोर दिया। मेरी आंखे मां की चुत देखने के लिए फाति जा रही थी।) ठीक है मां। मुझे मंजूर है।
माँ - (मेरे होठ पे एक किस करके) सबाश।
देव - माँ राज के नंगे में क्या सोचा है आपने। हम दो भाई ने एक दसरे से कभी कोई बात नहीं छुपी है। आप तो जनता है जो मेरा है उसका भी है।
माँ - अपनी दीदी के नंगे में बता दिया है।
देव - नहीं मां पर आज बताने वाला हूं दीदी के नंगे मुझे।
माँ - तो पहले वो बता दो। हमारे नंगे मुझे बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मैं अपने बेतो मुझे दूर नहीं करता हूं। जो प्यार तुम्हें दूंगा वो राज को भी दूंगा। पर ये सब मैं अपने हीब से करुंगी बेटा। तुम्हारे इस्तेमाल कुछ नहीं बताना है।
उसके बाद मां ने मुझे एक किस किया और चली गई रूम से। मां बहुत कुछ क्लियर कर दी और बहुत कुछ फासा दी। राज को तो पता चल ही जाना है पर मैं डर रहा था पापा और चाचा को लेकर। साथ ही रानी चाची को लेकर।
अद्यतन 23 - माँ की चुत चाटाई
माँ तो शार्प रख के चली गई। लेकिन मां के जाने के बाद भी मेरा लुंड ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा था ऐसा लग रहा था अब मुथ मार के ही संत करना होगा जो मैं चाहता नहीं था। मुझे तो मां की चुत का स्वद लग गया था। इसलिये जैसे तैसे करके लुंड को संत करने की कोसिस करने लगा साथ ही दिमाग में ये भी के सामने मां की पैंटी कैसे उतरु। माँ को तो बोल दिया पर पापा चाचा के सामने मेरी हिम्मत नहीं होगी ऐसा करने की। मैं सोच ही रहा था तबी मेरे फोन बाजा और देखा तो नेहा दीदी का था। नेहा दीदी का फोन देख मेरे चेहरे पर मुस्कान आ गई।
देव - (फोन उठा के) हेलो दीदी।
नेहा - क्या तुम लोग कहा चले गए?
देव-हा दीदी अचानक से चाची पापा ने पिकनिक का प्लान बनाया था। हम रिसॉर्ट में आए हैं। आपको बताया नहीं।
नेहा - फोन पे चाची बताय थोड़ा डर पहले। पर तुम क्यों चला गया। अपनी दीदी को प्यार देने का वादा किया और चला गया।
देव - क्या करता दीदी। स्विमिंग करके घर आया और चाची ने कार में बैठा दिया। आ गया को।
नेहा - कब आएगा ? मुझे तेरे लौड़े की बड़ी जरूरत है। अपनी दीदी को लुंड का चश्मा लगा के तू रिसॉर्ट में घूम रहा है। पिकनिक क्या मुझसे ज्यादा मजा देगा तुझे।
देव - नहीं दीदी आप से ज्यादा पिकनिक में कैसा मजा आएगा। चाची ने बताया नहीं है कब वापस होंगे। रात को पुछ के बताता हूं दीदी।
नेहा - भाई जल्दी आ जा। तेरी दीदी बहुत प्यासी है। मेरी चुत रो रही है तेरे लुंड के लिए।
देव - तो दीदी आप साथ क्यों नहीं आई। आप तो घर पे ही थी।
नेहा - हम समय बतायी नहीं कोई। वर्ना मैं भी जरूर आती।
मेरे मन में चलने लगा की मां की शरत को पूरा करने के लिए दीदी कोई विचार दे शक्ति है क्या? पर दीदी को मां की चुदई वाली बात कैसे बताऊं। कहीं दीदी घुस्सा ना हो जाए की मैं उन्हे छोर के मां को छोड रहा हूं। पर दीदी ने वादा किया है मेरी मदद करेगा और मैं किसी को छोड सकता हूं उपयोग कोई दीकत नहीं होगी। बस उन्हे छोटा रहूं।
नेहा - क्या हुआ। बोल क्यो नहीं रहा है।
देव - हा दीदी। दार असल मुझे आप से एक बात करनी थी। पर आल वड़ा किजिये आप गुस्सा नहीं होगी और अपने भाई को वैसा ही प्यार करेगा जैसा करता है अभी।
नेहा - क्या बात है बोल।
देव - नहीं पहले वड़ा किजिये।
नेहा - ऐसी क्या बात है की तुझे बहन से वडा लेना है।
देव - पहले वड़ा किजिये।
नेहा - ओके मेरे प्यारे भाई मैं वड़ा करता हूं गुस्सा नहीं होगी और तुम्हारे हमसा प्यार करती रहूंगी। अब बता क्या बात है।
देव - (दीदी को स्विमिंग पूल की घाटा से लेकर कार में मां की चुदाई से लेकर अभी तक की साड़ी बात दीदी को बताता हूं और तेज वाली बात भी) अब बताओ दीदी क्या करू।
नेहा - तुम तो बहुत छुपा रुस्तम निकले भाई। 2 दिन पहले दीदी को छोटा और आज मां को। ऐसे मुझे कुछ ही दिन में तुम घर की सब औरतो को छोड़ दोगे। (दीदी मन में - अब समझ आया हम दोनो भाई बहन को देख के भी मां कुछ बोली क्यो नहीं। मुझे देख खुद भी बेटे से चुदवाने का प्लान बना ली इसलिय कुछ नहीं बोली। अब मां मेरा खेल देखेंगे मैं क्या करता हूं। अपनी तरफ करना होगा मुझे) दीदी के चेहरे पे सैतानी मुस्कान थी।
देव - दीदी आप गुस्सा तो नहीं हो।
नेहा - नहीं भाई मैं बिलकुल गुसा नहीं हूं। मैं तो तुम्हारे और भी चाहने लगी हूं भाई। तुमने अच्छा ही काम किया है और मैं तुम्हारी मदद करुंगी। पर तुम भी वादा करना होगा की तुम अपनी दीदी की बात मानोगे।
देव - वादा करता हूं दीदी।
नेहा - तो सुनो जैसे मां ने कार में सब के सामने तुम्हारा लौड़ा ली और किसी को पता नहीं चला वैसा ही तुम सब के सामने मां की पैंटी उतर पाओगे और चुत को देख की नहीं चैट सकोगे। बताओ तुम मां की चुत चाटना चाहते हो ना?
देव-हा दीदी चाहता हूं।
नेहा - तो सुनो क्या करना है।
दीदी ने योजना विस्तार से बताया और समाधान क्या करना है मुझे। दीदी का प्लान मुझे परफेक्ट लगा।
देव - धन्यवाद दीदी। लव यू दीदी।
नेहा - जब तक वहा हो मां के भूलभुलैया लो पर जब वापस आओगे तब अपनी दीदी को बहुत प्यार करोगे।
देव - पक्का। वाडा दीदी।
नेहा - लव यू प्यारे भाई और आपके लुंड को मेरी तरह से एक किस देना और बोलना मेरी दीदी तुमे बहुत मिस कर रही है। अलविदा
देव - अलविदा दीदी।
दीदी फोन रख के सैतानी मुस्कान के साथ नाचने लगती है जैसी दीदी को कोई खजाना मिल गया हो। खुद को दीदी कहती है सोच नेहा तू इस्का फिदा कैसे उठेगी। वो माँ जो 2 लौडे से चुडवाने की साजा में तेरी छुडाई बंद करवा दी। हमसे बदला कैसे लेगी। पर कुछ गरबर है। चुड़वेई से मां पर पिकनिक का प्लान चाची का था। देव ने बताया राज और उसे शॉर्ट्स भी चाची ने ही दिए। इस्का तो यही बात है की चाची मां के प्लान में समिल है। जैसे ये दोनो भाई एक दसरे से कुछ नहीं छुपाते वैसे ही मां और चाची एक दसरे से कुछ नहीं छुपा। साफ है दोनो ने दूधे प्लान बनाया है और मेरे भोले भाई को फासई है। कहीं चाची भी तो नहीं चुडवाने वाली है। पता तो चल ही जाएगा।
उधार नेहा दीदी अपने प्लान मी बिजी हो गई और मैं इधर अपने प्लान मी। साम को हम सब पास में तालाब के पास घुमने गए और वह से आए तो खाना खाने की टेबल पे लगा था। 6 सीट वाली टेबल चेयर थी। लेफ्ट और राइट मी 2-2 चेयर एयर सामने और बैक मी एक चेयर।
सब बैठे पर मां के बैठे ही उसके बगल वाली सीट पे बैठा मैं। पापा सामने और वापस वाले पे चाचा बैठे गए। राज के पास विकल्प नहीं था मेरे पास बैठने का तो मेरे सामने वाला और उसके बगल में चाची बैठा गई।
राज - क्या भाई मेरे साथ नहीं बैठे। आज कल आप मां के साथ ज्यादा रहने लगे हैं।
चाची - क्यो तुझे जलाना हो रही है?
राज - हा. माँ हम दो भाई के बिच में आ रही है।
माँ - तुम दोनो भाई के बिच कोई नहीं आ रही है। तुम दोनो मेरे बेटे हो। अगर 3 कुर्सी होता तो दोनो को बैठाती साथ में।
पापा - अच्छा ये बहास छोरो और खाने का मजा लो।
चाचा - हा खाना खाते हैं बहुत जोरो की किताब लगी है।
देव-हा आज तो मुझे भी बहुत भूल लगी है। (मैंने अपना लेफ्ट हाथ मां के गाउन में घुसा के उनकी पैंटी के ऊपर से उनकी चुत को सहलाने लगा)
माँ - ओहो मेरे बेटे को बहुत भुख लगी है। आज जी भर के खिलाड़ींगी। (माँ की डबल अर्थ बात मेरे लुंड को गरम करने लगी थी।
मुझे लग रहा था याहा मां और मेरा खेल चल रहा है पर हम दोनो के सहे चाची और दीदी भी खेल रही थी जिस से मैं अंजन था। राइट हैंड से पहला नीवाला खाते ही लेफ्ट हाथ से मां की पैंटी के साइड से अपना हाथ मां की पैंटी में घुसा दिया और मां की चुत को सहलाने लगा। मां मेरी हिम्मत देख के दंग थी क्योकी घर में सब से सरिफ मैं ही था। पर अब मैं खाने की मेज पर सबके सामने मां की पैंटी में हाथ घुसा के उसकी चुत से खेल रहा था। माँ खाना खा रही थी पर माँ ने इशारा किया और चाची समाज गई की मेरे दसरा हाथ माँ की पैंटी में है। सब खाना खा रहे थे पर मैं एक साथ मां की पैंटी भी उतरना था। मां की पैंटी को 2 उगली में फासा के पैंटी को आला करने की कोसिस करने लगा पर मां की पैंटी तो मां की गांद के डर में फासी हुई थी। निकला नहीं पा रही थी मां की मोती गांद से उनकी पैंटी वो भी बाएं बाएं से मैं कोसिस कर रहा था पर क्या करता था दाएं हाथ से खाना खा रहा था।
मां मुस्कान लगी क्योकी मां समझ रही थी मैं पैंटी नहीं उतर पाउंगा उनकी गांद से जब तक वो बैठा है। लेकिन मुझे भी ये समझ आ गया की मुझे क्या करना है।
माँ - क्या हुआ बेटा तुम तो बहुत भुख लगी थी पर तुम तो बहुत धीमी हो। ऐसे में कैसे मन भर के खा पाएंगे।
देव प्यारी माँ धीरे ही सही पर पेट भर के खाउंगा।
मैंने मां की चुत को सहलाना लगा और बिच बिच में 2 उंगली मां की चुत में घुसा देता था। मां गरम हो गई थी और उनकी छुट पानी छोर्ने लगी। मां खुद पे कंट्रोल खोने लगी और कच्छ मच करने लगी।
राज - क्या हुआ मां आप ऐसा क्यों रही हो। कुछ समस्या है?
देव - हा मां क्या हो रहा है आपको। (माँ की छुट में उंगली 3-4 बार जोर से अंदर बहार कर दिया जिस से माँ और गरम हो गई)
माँ - कुछ नहीं। सब ठीक है।
देव - कैसे ठीक है। आप कितना हिल रही है। बैठने में समस्या हो रही है आपको?
मां - नहीं ठीक हूं बेटा।
चाचा - ठीक कैसे हो। कितना कच्छ मच कर रही हो।
देव - हा माँ। एक काम करो आप उठो और फिर से स्नाना। देखता हूं कुर्सी पे तो कुछ नहीं है।
बोले के साथ ही मां की पैंटी में 2 उंगली में जोर से लिया मां की चुत की सामने वाली पैंटी का हिसा। और उन्गाठे और बाकी उगाली के सहे कुर्सी को जोर से पकार लिया। माँ उठी तो उनकी पैंटी मेरे हाथ में फसी रह गई और खड़ा हो गया ही पैंटी घुटने तक उतर गई। माँ की चुत अब नंगी थी और गाउन पारदर्शी सब को दिख जाती है उनकी पैंटी इसलिये झट से वापस बैठ गई है से पहले की कोई और नोटिस करे पर मेरा काम हो गया था। मां की पैंटी आधी उतर गई और मैंने खुद को स्ट्रेच करने के बाद मां की पैंटी को पूरा नीच कर दिया।
देव - अब ठीक है माँ।
पापा - हा रेखा अब ठीक है ?
माँ - हा ठीक है अब। (मेरी तराफ देख के) बहुत अच्छे बेटा। तुम बड़े हो गए हो। संदर काम किया।
पापा - क्या काम किया है ने।
माँ - मेरी कच्छ मच्छ का इलाज़ तो बेटे ने किया।
पापा - हा ये तो है।
देव - माँ आपको सेवा के लिए ही तो हूँ।
मां की चुत अब नंगी थी से बाएं हाथ से सहलाते हुए खाना खा रहा था। मां की छुट पानी बह रही थी मेरे स्पर्श से पर मां खुद को किसी तरह कंट्रोल करने के लिए धीमी। मैंने जल्दी जल्दी खाना खा लिया पर मेरा हाथ मां की छुट को सहला ही रहा था। माँ मेरे हाथो को अपनी दोनो तांगो से काश के जकार लेटी पर उनकी कच्चा माचा फिर से सुरु हो गई। ये बंद कहा होने वाली थी। उनकी चुत को अब लुंड की जरूरत थी जो उनके बदन को कंट्रोल नहीं होने दे रहा था।
पापा - हैं रेखा फिर से कुछ होने लगा।
(मैंने मां की चुत में 2 उंगली घुसा दी जिस से मां के मुंह से निकल गया)
राज और चाचा साथ में - क्या हुआ ?
देव-लगता है मां को कुछ काट रहा है। मैं देखता हूं। वैसा भी मेरा खाना हो गया है तो देखता हूं।
पापा - हा बेटा देखो क्या परसानी है तुम्हारी मां को।
देव-चिंता मत कीजिये पापा इस बार माई मॉम की प्रॉब्लम को दूर कर के ही रहूंगी। माँ मैं चेक करता हूँ कुर्सी के आला या जोड़े पे तो कुछ नहीं है।
पापा- अरे बेटा डर क्यो जल्दी करो। देखो तुम्हारी मां कितना परसन है। (मां पुरी गरम हो गई जिस से उनका सारे अपने लगा था)
चाची - तो फिर बेटा देख क्या रहे हो। जल्दी आला घुसो और काम करो। (बकी सब को) आप लोग खाना कहिए जल्दी। देव बेटा अपनी मां को देख लेगा।
चाची के बोले के बाद मैं झट से टेबल आला घुसा और मां का गाउन हटा के अपना मूह सिद्ध मां की चुत पे लगा दिया और चने लगा। मैं जीव से मां की छुट को कुरेदने लगा।
मां की छुट से पानी बह रही थी और मां की जोड़ी और कापने लगे और मां बड़ी मुश्किल से खुद को कबू में राखी थी। उम्म मोह बंद करके मां के मोह से निकल रही थी। मां को अहसास होने लगता है कि हमें ने सब के सामने छुटने की तेज लगा की कितनी बड़ी गलत कर दी। उनका बेटा चुत चाट रहा है सब के सामने और खुद पे कंट्रोल नहीं कर सकती। मन हो रहा हज सब के सामने टेबल पे नंगी चलो जौन और चुनने बोलू।
राज - भाई. मां तो और हिलने लगी। जल्दी देखो।
देव - (माँ की चुत से मुह हटा के) देख रहा हूँ। लगता है मां के जोड़े पे कहीं कोई बच्चा चढ़ गया है। कर्ण डे की जाँच करें।
वपस से मोह को मां की चुत पर लगा के चैट लगता हूं। माँ अब तो खाना भी नहीं खा पा रही थी और मेरे सर को जोर से अपनी चुत में सत दी थी। ऐसा लग रहा था जैसे मां मेरे सर को अपनी चुत में घुसा लेना चाहता है पर मैंने चटना जारी रखा। मां के मोह से सिसकारिया निकलने लगी थी। मां के मोह से जोर से आह निकल गया।
चाचा - क्या कर रहे हो देव। क्या समस्या है।
देव - कुछ नहीं चाचा बस मिल हो गया जिस ने मां को परसन कर रखा है।
चाचा - जल्दी करो बेटा। रेखा बड़ी परसानी में लग रही है।
मैं मां की छुट को कटे की तरह चैटने लगा। जीव और बहार करने लगा और मां की छुट पानी छोर्ने वाली थी। माँ के जोड़ी जोरो से आपने लगे थे जिस माँ अपने हाथों से पकार के रुकने की कोसिस करने लगी मैं तेजी से माँ की चुत चैट लगा जिस से माँ की चुत 2 मिनट में पानी छोर दिया वो भी मेरे मूह पे। मुझे मां की छुट का पानी थोड़ा अलग लगा क्योकी अपनी जीएफ और दीदी के चुट का पानी का स्वाद अलग था। कुछ तो मैं पाई गया और बाकी मेरे फेस पे थी जिसे मैंने पुच लिया मां की पैंटी से फेस को। मां की चुत पानी छोर दी थी जिस से वो संत हो गई थी। मैं भी बहार आ गया।
देव-हो गया। एक किदा था जिसे मार दिया।
पापा - चलो अब जल्दी से खा लो रेखा। हम सब का हो गया।
माँ - मेरा पेट भी भर गया है।
पर अब समय माँ के सामने थी। मां की पैंटी तो मैंने रख ली थी और मां की छुट अब नंगी थी और पारदर्शी गाउन की वजह से उनकी छू दिख जाती है सब को और पापा या चाचा पुछ सकते हैं पैंटी कह गई. सब ने मां की पैंटी देखी थी पर मुझे कोई टेंशन नहीं था मैं अपनी शार्प पूरी कर चुका था और मां ने कहा था वो बाकी सब देख लेगी। माँ ने इशारा किया चाची को चाची ने राज को कहा चलो बहार थोड़ा तेहल लेते हैं। राज चाची के साथ चलता है और मुझे भी आने बोलता है। मैं उठ के जाने वाला होता हूं तो मां कां में धीरे से बोलती है रात को बगीचा में आ जाए। मैं हा में सर हिलाता हूं और राज के पीछे चल देता हूं। मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था पर मेरी भी एक समय थी की मां की चुत देख मेरा लुंड खड़ा हो गया था जो संत नहीं हुआ था। पर खुशी में मैं भूल गया था और जब जा रहा था तब पापा और चाचा ने नोटिस किया। पापा और चाचा उठे तो माँ भी खादी हुई तब चाचा और पापा की नज़र माँ पे पड़ी तो उनको माँ की चुत नंगी दिखायी दी ट्रांसपेरेंट गाउन से।
चाचा - रेखा तुम्हारी पैंटी कह गई।
पापा - हा जब आई थी तब तो हमने सुरक्षित रंग की पेंटी देखी थी अब नहीं है।
माँ - (अपने चुत को टच करके) पैंटी ने ही तो परसन कर रखा था। उसी में सयाद कोई बच्चा घुस गया था जो देव ने निकला दिया।
चाचा - देव ने तुम्हारी पैंटी निकली को।
पापा- तबी देव गया तो उसका लुंड खड़ा था।
माँ - अगर नहीं निकलता तो किडा अँदर घुस जटा। टैब तो पूरी नंगी होके निकलवाना पद। आप दोनो तो खाना खा रहे थे। ये नहीं केके बीवी प्रॉब्लम में है तो हेल्प करे। वो तो मेरा बेटा आ गया हेल्प करना।
पापा - माँ की पैंटी उतर के हेल्प की। उसे चुत भी देखी होगी।
मां-दिखेगी तो देखेंगे नहीं। वैसा आप दो को क्या करना है। उसे अपनी मां की पैंटी उतरी किसी और की नहीं।
चाचा - गुसा मत हो रेखा। भाई आप भी क्या बोल रहे हैं। पैंटी हाय तो उतरी है। हम लोग के लिए कब ये से बड़ी बात हो गई।
पापा - गुसा नहीं हो रहा हूं। बस बात बोल रहा था की जवान लड़कों को अपने ऊपर कंट्रोल कम होता है। उन्हे चुत देख चोदने का मन होने लगता है। उन्हे समझ नहीं आती की मां की छुट है या किसी और की। बस उन्हे चोदने का जुनून चढ़ जाता है। और अपने घर में ये देव ही तो जो सिद्ध है।
चाचा - तो क्या होगा अगर अपनी मां को छोड ही लेगा तो। आज कल माँ बेटे की चुदाई कुछ बड़ी बात नहीं है। और आप अपनी भूल गए आप से सब से ज्यादा पानी मां के नाम की ही निकली है। (मां हसने लगी)
पापा - हसना बंद करो और देव को बड़ारो मत। सरिफ ही रहने का प्रयोग करें। छोटा वाला पहले से बड़ा है। राजेश ये सब बोले की क्या ज़रुरत है।
माँ - सही तो कहा राजेश ने खुद माँ के नाम से पानी निकलो और बेटे को मन करो। ये समझ नहीं आ रहा आप कब से टेंशन लेने लगे मैं किस से चुदवती हूं और नहीं। मुझे ये आजादी है मैं किस से चुडवां और आप ने वादा भी किया है मैं जिस से चाहू गर्भवती हो शक्ति हूं भूल गए।
पापा - तो क्या बेटे से पेट करवाओगी।
माँ - अगर मेरा मन हुआ तो करुंगी। बेटे से या किसी अजनबी से। जिस से मन हुआ प्रेग्नेंट होगी। आप रोक नहीं सकते हैं।
चाचा - भैया आप रेखा को उसे नहीं। अगर ये नहीं करने वाली होगी तो मुझे आकार कर लेगी।
मां - मैं मुझसे किसी एसएस नहीं चुड़वती हूं। मैं चुड़वाउंगी तो बड़े प्यार से। (मां आके पापा का लुंड पकार लेटी है शॉर्ट्स के ऊपर से।) तुम दोनो ने मूड खराब किया है दोनो को साजा मिलेगी। (मां पापा के बटन खोल शॉर्ट्स को आला कर देती है और उनके लुंड को पकाने के जोर से लगती है। पापा के मोह से आह निकल जाती है।
चाचा-मुजे साजा क्यो? ये तो भैया ने किया है।
माँ - मज़ा तुम ने अलग लिया है कभी?
चाचा - नहीं।
माँ - तो सज़ा ही अलग नहीं दोनो को साथ में मिलेगा। आज रात तुम दोनो को कोई चुत नहीं मिलेगी चोदने और ना गांद।
चाचा - क्या?
माँ - हा और ये आधी साज़ा है। पुरी सन लो.
चाचा - भैया आपने मारवा दिया ना।
पापा - सॉरी राजेश। अब हो गया।
माँ - दुसरी ये है की (माँ ने पापा को पूरा नंगा कर दिया) तुम दोनो ऐसे बहार रोड पे जाओगे और वापस तब अपने रूम में।
पापा - बहार नहीं..
चाचा - किसी ने बहार पकार लिया तो पुलिस आ जाएगी नहीं तो हमारी गांद मार दूंगा।
मां - मारवा लेना को। वहा से वापस आकार रूम में सो जाओगे। तब तक ऐसे रहेंगे नंगे जब तक मैं खुद तुम दोनो को कपरे नहीं पहनूंगी। (मां चाचा को भी नंगा कर देती है)
पापा - अगर रस्ते में देव या राज ने देखा तो ?
माँ - तो माँ की चुत के साथ साथ बाप का लुंड भी देख लेगा।
पापा - मजाक मत करो।
माँ - मज़ाक तुम कर रहे हो। तुम लोगो को क्या लगता है घर में ऐसे रहते हैं हमारे बचाओ ने मेरी छुट और तुम्हारे लुंड नहीं देखे होंगे। उन लोगो ने सब देखा है और हमारी छुडाई भी देखी होगी। खुद अपनी मां के देखते थे उस हम जाने में और आज कल के बचाओ से उम्मेद करते हैं वो अपने मां बाप की ना देखे।
चाचा - भैया रेखा सही बोल रही है। सब बच्चे घर में ही देखते हैं पहली छुडाई नहीं तो कह देखेंगे। देखने के लिए घर ही सब से पहले मिलती है सब को। ह ने इतनी खुल के चुदाई की है की वो जरूर देखे होंगे। हमारे बच्चे बड़े हो गए हैं सब समजते हैं। आज कल के मां बाप अपने बच्चों को सिखते हैं सेक्स करना और आप झिंझक रहे हैं। आप टेंशन मत लो मैं हूं।
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